घर का बना अचार सिर्फ खाने का स्वाद नहीं बढ़ाता, बल्कि बचपन की यादों और मां के हाथों का स्वाद भी संजोए रखता है। आम, नींबू, मिर्च या आंवले का अचार हर किसी को पसंद आता है, लेकिन कई बार उस पर फफूंद (खराब) लगने से सारी मेहनत बेकार हो जाती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अचार में फफूंद लगने की मुख्य वजह गलत स्टोरेज, गंदे बर्तन या हाथों का इस्तेमाल और नमक-तेल की कम मात्रा होती है।
अचार में फफूंद लगने की वजहें:
अचार में सिरका या नींबू की कमी से बैक्टीरिया पनपते हैं।
गीले हाथ या गंदे चम्मच से अचार निकालने पर बैक्टीरिया पहुंच जाते हैं।
बार-बार गर्म और ठंडी जगह पर रखने से जार में नमी बनने लगती है, जिससे फफूंद लग जाती है।
अचार को सुरक्षित रखने के उपाय:
पर्याप्त मात्रा में नमक और सरसों का तेल डालें।
अचार को ठंडी और छांव वाली जगह पर रखें।
समय-समय पर अचार की जांच करें और धूप दिखाएं।
अचार को कांच या चीनी मिट्टी के बर्तन में रखें।
कितने दिन तक सुरक्षित रहता है अचार?
नींबू और आम का अचार 1–2 साल तक चलता है।
हरी मिर्च, गाजर और गोभी का अचार 2–3 महीने के भीतर खा लेना चाहिए।
क्या फ्रीज में रखा जा सकता है?
जी हां, फ्रीज में रखने से हरी मिर्च और सब्जियों वाले अचार जल्दी खराब नहीं होते, जबकि आम और नींबू का अचार सूखी व ठंडी जगह पर रखना बेहतर होता है।










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