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Saubhagya Bharat News

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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शुक्रवार, 16 जनवरी 2026

Republic Day 2026: फ्री में फुल ड्रेस रिहर्सल देखने का मौका, बुकिंग शुरू

इस साल 26 जनवरी 2026 को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनायेगा। कर्तव्य पथ पर होने वाली भव्य परेड की तैयारियां जोरों पर हैं, जहां देश की सैन्य ताकत, शौर्य, आधुनिक तकनीक और सांस्कृतिक विविधता की झलक दिखेगी। लेकिन इससे पहले भी आम जनता के लिए एक खास मौका है। दरअसल, गणतंत्र दिवस परेड से पहले होने वाली फुल ड्रेस रिहर्सल को आप बिल्कुल फ्री में देख सकते हैं। नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर 23 जनवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल होगी।



कैसे बुक करें फ्री पास?

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रिहर्सल के फ्री पास आधिकारिक वेबसाइट www.aamantran.mod.gov.in या Aamantran मोबाइल ऐप (Android और iOS दोनों के लिए उपलब्ध) के जरिये बुक किये जा सकते हैं।

कब से कब तक होगी बुकिंग?

15 जनवरी सुबह 9 बजे से 16 जनवरी तक या दैनिक कोटा पूरा होने तक

कौन से डॉक्यूमेंट्स जरूरी?

पास बुकिंग और एंट्री के समय इनमें से कोई एक पहचान पत्र जरूरी होगा

आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट

रिहर्सल के दिन सख्त सुरक्षा जांच होगी, इसलिए हथियार, नुकीली या ज्वलनशील वस्तुयें साथ न ले जाये

बुधवार, 14 जनवरी 2026

नई दिल्ली: कुत्ते के काटने पर मुआवजा अनिवार्य: सुप्रीम कोर्ट का सख्त फैसला, राज्य सरकार देंगी हर्जाना

देशभर में लगातार बढ़ रहे आवारा कुत्तों के हमलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने मंगलवार (13 जनवरी 2026) को सुनवाई के दौरान बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा कि कुत्ते के काटने से घायल या मृत व्यक्तियों को राज्य सरकारों द्वारा मुआवजा दिया जाएगा।

जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकारों को चेतावनी देते हुए कहा कि कुत्तों को खाना खिलाने वाले लोग भी जिम्मेदार होंगे। अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा — “कुत्तों को अपने घर ले जाइए, सड़कों पर छोड़ने से वे लोगों को काटते और डराते हैं।”

यह टिप्पणी उस समय आई जब वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने आवारा कुत्तों के मुद्दे को भावुकता से जोड़ा। इस पर अदालत ने कहा कि “भावुकता केवल कुत्तों के लिए ही नहीं, लोगों की सुरक्षा के लिए भी होनी चाहिए।”



गौरतलब है कि पिछले वर्ष 7 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने सभी शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, बस स्टैंड, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और रेलवे स्टेशनों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दिया था। इसके अलावा, सरकारी और सार्वजनिक स्थलों पर कुत्तों के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई थी।

हाल के महीनों में देशभर में कुत्तों के हमलों से कई बच्चे और बुजुर्ग घायल या मृत हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय को जन स्वास्थ्य और नागरिक सुरक्षा के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।

अब राज्य सरकारों को इस आदेश के अनुपालन के लिए तुरंत कदम उठाने होंगे।

शुक्रवार, 2 जनवरी 2026

नई दिल्ली: डिलीवरी बॉयज के लिए बड़ी खुशखबर, अब मिलेगी पेंशन और होगा बीमा,पंजीकरण होगा, 90 दिन काम करना अनिवार्य

नई दिल्ली। केंद्र सरकार जोमैटो, स्विगी और ब्लिंकिट जैसे प्लेटफॉम्र्स पर काम करने वाले डिलीवरी बॉयज (Delivery boys) को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की तैयारी कर रही है। नए सरकारी प्रस्ताव के अनुसार अब इन श्रमिकों को भी पेंशन, स्वास्थ्य बीमा और अन्य सरकारी लाभ दिए जाएंगे।



इन सुविधाओं के लिए शर्त यह होगी कि संबंधित वर्कर ने साल में कम से कम 90 दिन उस प्लेटफॉर्म के लिए काम किया हो। इस कदम का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के लाखों युवाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। इसके लिए एक अलग फंड बनाने की भी योजना है, जिसमें एग्रीगेटर कंपनियों को योगदान देना होगा।

1 करोड़ डिलेवरी बाय को पार्टनर बनाकर हक हड़पते थे

भारत में वर्तमान में लगभग 80 लाख से 1 करोड़ गिग इकोनॉमी से जुड़े हैं, लेकिन कंपनी इन्हें कर्मचारी न मानकर पार्टनर मानती थी, जिससे वे पीएफ और ईएसआई फंड से वंचित थे। लेकिन अब इन डिलीवरी बाय को पेंशन और बीमा की सुविधा के लिए कंपनियों को अपने सालाना टर्नओवर का एक 1 सें 2 प्रतिशत इस फंड में जमा करना होगा। इसके लिए सभी गिग वर्कर्स को ई-श्रम पोर्टल या सरकारी डेटाबेस पर पंजीकरण अनिवार्य होगा।

मंगलवार, 30 दिसंबर 2025

नई दिल्ली: 30 या 31 दिसंबर, कब है साल की आखिरी एकादशी? जानें सही डेट और पारण का दिन

नई दिल्ली :वैकुंठ एकादशी, भगवान विष्णु को समर्पित साल की सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक मानी जाती है. यह पावन तिथि 30 दिसंबर 2025 को मनाई जाएगी. वैकुंठ एकादशी को पुत्रदा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन का बहुत ही विशेष महत्व है. मान्यता है कि वैकुंठ एकादशी का व्रत और पूजा करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है.



30 या 31 दिसंबर कब है वैकुंठ एकादश: द्रिक पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि की शुरुआत 30 दिसंबर को सुबह 7 बजकर 50 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 31 दिसंबर को सुबह 5 बजे होगा. उदयातिथि के अनुसार, 30 दिसंबर को ही वैकुंठ एकादशी का व्रत रखा जाएगा.

इस एकादशी का पारण 31 दिसंबर को दोपहर 1 बजकर 26 मिनट से लेकर दोपहर 3 बजकर 31 मिनट तक होगा.

वैकुंठ एकादशी की पूजन विधि: वैकुंठ एकादशी के दिन भक्त ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करते हैं और भगवान विष्णु (नारायण) की विधि-विधान से पूजा करते हैं. पूजा में पीले वस्त्र, फूल, चंदन, रोली, अगरबत्ती, दीपक, फल और मिठाई अर्पित की जाती है. शुद्ध गाय के घी का दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा आती है.

तुलसी पूजन और जरूरी सावधानियां: वैकुंठ एकादशी पर तुलसी का पौधा लगाना या उसकी पूजा करना शुभ माना जाता है. तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं, इसलिए पूजा में तुलसी दल जरूर शामिल करें. लेकिन इस दिन तुलसी के पौधे में जल नहीं चढ़ाना चाहिए, क्योंकि मान्यता है कि एकादशी पर माता तुलसी निर्जला व्रत करती हैं.

लक्ष्मी चालीसा पाठ का महत्व: वैकुंठ एकादशी पर लक्ष्मी चालीसा का पाठ करना बहुत फलदायी माना जाता है. यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों को समर्पित होता है. इस दिन विष्णु मंदिरों में विशेष दर्शन होते हैं, जिन्हें ‘वैकुंठ द्वार’ या ‘स्वर्ग का द्वार’ कहा जाता है. मान्यता है कि इससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं.

दान-पुण्य से मिलती है समृद्धि: इस दिन गरीबों, ब्राह्मणों और कन्याओं को भोजन कराना बहुत शुभ माना जाता है. पीले वस्त्र, चना दाल, हल्दी, केसर, फल, मिठाई और भगवद्गीता जैसे पवित्र ग्रंथों का दान करने से धन-संबंधी परेशानियां दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है.

गुरुवार, 25 दिसंबर 2025

न्यू दिल्ली: H-1B वीजा की लॉटरी खत्म, अब हुनर और मोटी सैलरी

न्यू दिल्ली : अमेरिका जाने का सपना संजोये बैठे लाखों भारतीय IT और तकनीकी पेशेवरों के लिये यह खबर चौंकाने वाली है। अमेरिका ने H-1B वीजा की रैंडम लॉटरी प्रणाली को खत्म करने का फैसला कर लिया है। अब किस्मत नहीं, कौशल और वेतन तय करेगा कि किसे अमेरिका में काम करने का मौका मिलेगा। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के इस बड़े फैसले के तहत अब ज्यादा कुशल और ज्यादा वेतन पाने वाले विदेशी पेशेवरों को प्राथमिकता दी जायेगी। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के अनुसार, यह नया नियम 27 फरवरी 2026 से लागू होगा और वित्त वर्ष 2027 के H-1B पंजीकरण में पहली बार इसका इस्तेमाल किया जायेगा।



लॉटरी सिस्टम खत्म, अब ‘वेटेड सिस्टम’

अब तक H-1B वीजा का चयन पूरी तरह रैंडम लॉटरी से होता था। यानी, योग्यता समान होने पर भी किसे वीजा मिलेगा, यह किस्मत पर निर्भर करता था। लेकिन अब तस्वीर बदलेगी। नई ‘वेटेड प्रणाली’ के तहत उच्च कौशल, उच्च वेतन, विशेषज्ञता वाले प्रोफाइल को वीजा मिलने की संभावना ज्यादा होगी। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि पुरानी व्यवस्था का कई कंपनियां दुरुपयोग कर रही थीं और कम वेतन पर विदेशी कर्मचारियों की भर्ती की जा रही थी, जिससे अमेरिकी कामगारों को नुकसान हो रहा था।

भारतीय IT प्रोफेशनल्स पर सीधा असर

H-1B वीजा पर अमेरिका जाने वालों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी भारतीयों की है, खासतौर पर IT, सॉफ्टवेयर, डेटा साइंस और इंजीनियरिंग सेक्टर से जुड़े पेशेवरों की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नये नियमों के बाद कम सैलरी वाले ऑफर, शुरुआती स्तर की नौकरियां अब H-1B पाने में पिछड़ सकती हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे मिड-लेवल भारतीय प्रोफेशनल्स को सबसे ज्यादा चुनौती मिलेगी। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवाएं (USCIS) का कहना है कि नई प्रणाली से वीजा प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी होगी। H-1B कार्यक्रम की विश्वसनीयता बढ़ेगी। अमेरिकी नियोक्ता बेहतर टैलेंट को ज्यादा वेतन पर रखने के लिये प्रेरित होंगे। इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की प्रतिस्पर्धी क्षमता मजबूत होने का दावा किया जा रहा है।

पहले से सख्त हैं नियम

H-1B वीजा को लेकर सख्ती पहले ही बढ़ चुकी है। नये आवेदनों पर 1 लाख डॉलर तक अतिरिक्त शुल्क लगेगा। 15 दिसंबर से H-1B और H-4 वीजा की कड़ी जांच होगी। सोशल मीडिया प्रोफाइल की भी जांच होगी। इन सख्त कदमों का असर भारत में साफ दिख रहा है। कई वीजा इंटरव्यू टल चुके हैं, वीजा स्टैंपिंग के लिये भारत आये लोग महीनों से फंसे हुये हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि “वीजा कोई अधिकार नहीं, बल्कि एक सुविधा है।” हर आवेदन की राष्ट्रीय और सार्वजनिक सुरक्षा के नजरिये से गहन जांच की जा रही है। हर साल अमेरिका 65,000 H-1B वीजा और 20,000 अतिरिक्त वीजा (अमेरिकी यूनिवर्सिटी से उच्च डिग्री वालों के लिये) जारी करता है। लेकिन नये नियम लागू होने के बाद H-1B पाना पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल और प्रतिस्पर्धी होने वाला है। कहने का मतलब साफ है कि अब अमेरिका जाने का रास्ता किस्मत से नहीं बल्कि कौशल, अनुभव और मोटी सैलरी से खुलेगा। भारतीय युवाओं के लिये यह साफ संकेत है कि अगर अमेरिका जाना है, तो खुद को ‘हाई-वैल्यू प्रोफेशनल’ बनाना ही होगा।

बुधवार, 10 दिसंबर 2025

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला,घर के भीतर गाली पर एससी-एसटी कानून लागू नहीं

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी के घर को सार्वजनिक स्थल नहीं माना जा सकता है, इसलिए घर के भीतर दी गई गाली पर एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) कानून लागू नहीं होता। सोमवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के तहत शुरू की गई कार्यवाही को रद्द कर दिया।



कोर्ट ने कहा कि एससी-एसटी कानून की धारा 3(1)(एस) केवल सार्वजनिक स्थलों पर जाति आधारित गाली-गलौज और अत्याचार के लिए लागू होती है। इस मामले में घटना शिकायतकर्ता के घर में हुई थी, जो सार्वजनिक स्थल नहीं माना जा सकता। हालांकि, आरोपियों के खिलाफ आईपीसी के तहत मुकदमे की प्रक्रिया जारी रहेगी।

मंगलवार, 2 दिसंबर 2025

नई दिल्ली: जैविक हथियारों पर मजबूत वैश्विक बायोसेक्योरिटी ढाँचा बनाने की आवश्यकता: विदेश मंत्री…

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोमवार को बायो-सिक्योरिटी को मजबूत करने और जैविक हथियार संधि (BWC) को और प्रभावी बनाने की जरूरत पर जोर दिया। यह संधि इस साल अपने 50 साल पूरे कर रही है।

वे नई दिल्ली में आयोजित सम्मेलन ‘50 Years of the Biological Weapons Convention: Strengthening Biosecurity for the Global South’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीक बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन उसे नियंत्रित करने वाले वैश्विक नियम इतने मजबूत नहीं हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को नए खतरे पैदा हो रहे हैं।

अपने भाषण की शुरुआत में उन्होंने कहा, “BWC के 50 साल पूरे होने पर हम दोबारा याद दिलाना चाहते हैं कि बीमारी को कभी हथियार की तरह इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। बायोलॉजी का उद्देश्य शांति होना चाहिए, नुकसान नहीं।”



जयशंकर ने कहा कि BWC जीवन-विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार और उसके दुरुपयोग के बीच एक सुरक्षा दीवार की तरह है। लेकिन यह सुरक्षा आगे आने वाले 50 वर्षों में कितनी मजबूत रहेगी, यह आज लिए जाने वाले फैसलों पर निर्भर करेगा।

उन्होंने कहा कि बायोटेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है और उन्नत जैविक उपकरण अब पहले से कहीं ज्यादा सस्ते और आसानी से उपलब्ध हैं। इससे प्राकृतिक, दुर्घटनावश या जानबूझकर पैदा होने वाले बायोलॉजिकल खतरों में तेजी से वृद्धि हो सकती है। “ऐसे खतरे सीमाएं नहीं मानते और सिस्टम को जल्दी कमजोर कर सकते हैं,” उन्होंने कहा। उनके अनुसार, पब्लिक हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी गहराई से जुड़े हुए हैं।

विदेश मंत्री ने कहा कि ग्लोबल साउथ में स्वास्थ्य ढांचा, लैब सुविधाएं, निगरानी व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया अभी भी कमजोर हैं। 

उन्होंने इंडिया की वैश्विक हेल्थ लीडरशिप का जिक्र करते हुए बताया कि —

भारत दुनिया के 60% वैक्सीन बनाता है,

दुनिया की 20% जेनेरिक दवाएं भारत से आती हैं,

अफ्रीका की 60% जेनेरिक दवाएं भारत सप्लाई करता है,

भारत में करीब 11,000 बायोटेक स्टार्टअप हैं — जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इकोसिस्टम है।

साथ ही उन्होंने ICMR, DBT लैब्स, BSL-3/4 सुविधाओं, डिजिटल हेल्थ और भारत के बड़े रिसर्च नेटवर्क का उल्लेख किया।

डॉ. जयशंकर ने Vaccine Maitri का जिक्र करते हुए कहा कि कोविड महामारी के दौरान भारत ने करीब 300 मिलियन वैक्सीन डोज और मेडिकल सहायता 100 से अधिक देशों को भेजी। “ऐसे समय में वैश्विक सहयोग ही जीवन बचाता है,” उन्होंने कहा।

उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ समूहों द्वारा बायोलॉजिकल तकनीक का दुरुपयोग एक बड़ा उभरता खतरा है। “बायो-टेररिज़्म गंभीर मुद्दा है, फिर भी BWC के पास आज भी न तो कॉम्प्लायंस सिस्टम है, न स्थायी टेक्निकल बॉडी, और न ही वैज्ञानिक प्रगति पर नज़र रखने की औपचारिक व्यवस्था,” उन्होंने कहा।

जयशंकर ने BWC के आधुनिकीकरण की जरूरत दोहराई और कहा कि भारत हमेशा से मजबूत वेरिफिकेशन सिस्टम, कम्प्लायंस मैकेनिज़्म, और वैज्ञानिक प्रगति की सिस्टमेटिक रिव्यू की मांग करता आया है। उन्होंने भारत के नेशनल इंप्लीमेंटेशन फ्रेमवर्क का भी जिक्र किया, जिसमें हाई-रिस्क एजेंट की पहचान, डुअल-यूज़ रिसर्च की निगरानी, घटना प्रबंधन और लगातार प्रशिक्षण शामिल है।

उन्होंने बताया कि भारत Wassenaar Arrangement, MTCR और Australia Group जैसे वैश्विक नॉन-प्रोलिफरेशन प्लेटफॉर्मों में सक्रिय भूमिका निभाता है, जिनमें से ऑस्ट्रेलिया ग्रुप का बायो-सिक्योरिटी से खास संबंध है।

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा, “नियम तभी टिकते हैं जब देश उन्हें लगातार मजबूत करते रहें… हमें BWC का आधुनिकीकरण करना होगा, विज्ञान की रफ्तार के साथ चलना होगा और दुनिया की क्षमता बढ़ानी होगी ताकि सभी देश बायोलॉजिकल जोखिमों का पता लगा सकें, रोक सकें और समय पर जवाब दे सकें। भारत तैयार है।”

सोमवार, 1 दिसंबर 2025

नयी दिल्ली: 'LPG से लेकर पेंशन तक', आज से बदल गए ये नियम, सीधा पॉकेट पर करेंगे असर

नयी दिल्ली : 1 दिसंबर से देश भर में कई बड़े नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब, बैंकिंग, गाड़ियों, गैस सिलेंडर, और डिजिटल सेवाओं पर पड़ेगा।

महीने की शुरुआत के साथ आने वाले ये परिवर्तन सीधा आपकी पॉकेट पर असर डालेगा।



आइए जानते हैं किन-किन नियमों में बदलाव हुए हैं-

*गैस सिलेंडर के दाम*

हर महीने की पहली तारीख की तरह इस बार भी LPG और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में संशोधन किया गया है। पेट्रोलियम मार्केटिंग करने वाली कंपनियों ने आज 19 किलो वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 10 रुपये घटा दी है, नया दाम आज से लागू भी हो गया है, हालांकि घरेलू सिलेंडर के दामों में कोई चेंज नहीं हुआ है।

*आधार संबंधित नियम*

आज से यानी कि 1 दिसंबर से आधार कार्ड को आसानी से अपडेट किया जा सकेगा, इस पर नाम, पता, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी को ऑनलाइन भरा जा सकता है। इस अपडेट प्रक्रिया के तहत डेटा का सत्यापन पैन कार्ड या पासपोर्ट जैसे सरकारी रिकॉर्ड से किया जा सकता है। यूआईडीएआई ने नया आधार ऐप भी लॉन्च कर दिया है।

*ट्रैफिक और वाहन नियमों में अपडेट*

कई राज्यों ने नए ट्रैफिक नियम लागू किए हैं, ऑनलाइन चालान भुगतान पर अब अतिरिक्त प्रोसेसिंग फीस लग सकती है। PUC प्रमाणपत्र न होने पर भारी जुर्माने का प्रावधान हुआ है।

*EPFO से जुड़ा नया अपडेट*

1 दिसंबर से EPFO ने UAN-KYC लिंकिंग, ई-नॉमिनेशन, और मासिक पेंशन अपडेट के नियमों में बदलाव किए हैं। नॉमिनेशन पूरा न करने वाले कर्मचारियों को क्लेम में दिक्कतें आ सकती हैं।

*ऑनलाइन सर्विस और GST नियमों में बदलाव*

ई-कॉमर्स और छोटे कारोबारियों के लिए GST से जुड़ी शर्तों में संशोधन किए गए है, GSTR-1 और 3B फाइलिंग का नया कैलेंडर लागू। कई डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नई TCS/TDS दरें लागू।

नयी दिल्ली: 'उधार का पैसा बांटकर देश नहीं बनते....', चुनावी रेवड़ियों को लेकर पूर्व RBI गवर्नर ने की सख्त टिप्पणी

नयी दिल्ली : भारत में चुनावों के दौरान बढ़ते फ्रीबी कल्चर यानी मुफ्त सुविधाओं और नकद वादों पर पूर्व रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर दुव्वुरी सुब्बाराव ने गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने अपने एक आर्टिकल में कहा कि इन मुफ्त योजनाओं से भले ही चुनाव जीते जा सकते हैं, लेकिन इससे देश का भविष्य मजबूत नहीं होता.



सुब्बाराव ने कहा कि 'उधार का पैसा बांटना आसान है, लेकिन उससे राष्ट्र नहीं बनते.'

चुनाव में वादों की होड़: सुब्बाराव ने बिहार विधानसभा चुनाव का उदाहरण दिया और कहा कि चुनाव प्रचार 'लोकलुभावन वादों की होड़' में बदल गया. उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने चुनाव प्रचार के दौरान करीब 1.2 करोड़ महिलाओं के खातों में 10,000 रुपये भेजे, जबकि विपक्षी गठबंधन ने उससे बड़े वादे कर दिए- हर महिला को 30,000 रुपये और हर घर में सरकारी नौकरी. उनके अनुसार, चुनाव के दौरान माहौल ऐसा था जैसे राजनीतिक दलों ने आर्थिक जिम्मेदारी और बजट की सीमाओं को पूरी तरह भुला दिया हो.

फ्रीबी खत्म करती है असर और भरोसा: पूर्व गवर्नर का कहना है कि जब चुनावों में हर पार्टी मुफ्त योजनाओं की घोषणा करती है, तो धीरे-धीरे उनका प्रभाव खत्म होता जाता है. लोग यह समझने लगते हैं कि ये वादे केवल चुनाव तक ही सीमित हैं और जरूरी नहीं कि इन्हें पूरा किया जाए. उन्होंने कहा- 'जब वादे हद से ज्यादा हो जाते हैं, लोग भरोसा करना छोड़ देते हैं.'

कई राज्य आर्थिक बोझ में दब रहे हैं: सुब्बाराव के अनुसार, चुनावी वादों को लागू करने के बाद कई राज्यों को अब इस मॉडल की वास्तविक कीमत समझ आने लगी है. उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश की सामाजिक योजनाओं का खर्च अनुमान से कहीं ज्यादा है. तेलंगाना पहले ही भारी वित्तीय दबाव झेल रहा है. महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी अन्य विकास कार्यों के लिए बजट कम पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि जब बजट का बड़ा हिस्सा नकद ट्रांसफर, मुफ्त सुविधाओं और सब्सिडी पर खर्च होता है, तो शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे पर निवेश कम हो जाता है.

उधार लेकर फ्रीबी देना सबसे खतरनाक: सुब्बाराव ने सबसे बड़ी चेतावनी इस बात को लेकर दी कि इन योजनाओं को पूरा करने के लिए सरकारें उधार ले रही हैं. उन्होंने कहा- 'आज का खर्च लोगों के आने वाले कल पर बोझ बन रहा है. आज दिया गया पैसा आने वाली पीढ़ियों को चुकाना होगा.'

राजनीति डर के कारण चुप: पूर्व गवर्नर का कहना है कि भारत में कोई भी राजनीतिक दल फ्रीबी कल्चर का विरोध नहीं करना चाहता क्योंकि उन्हें डर है कि उन्हें 'गरीब विरोधी' कह दिया जाएगा. उनका कहना है कि यह सिर्फ किसी एक दल की समस्या नहीं बल्कि पूरी राजनीतिक व्यवस्था की कमजोरी है.

फ्रीबी को बताया 'राजनीतिक असफलता': सुब्बाराव ने कहा कि मुफ्त योजनाएं एक तरह से यह स्वीकार करना हैं कि सरकार रोजगार, आय और अवसर देने में असफल रही है. उन्होंने कहा, 'लोगों को आज की जरूरतों के लिए पैसे देना आसान है, लेकिन उन्हें आत्मनिर्भर बनाना असली विकास है.'

राष्ट्रीय नियम बनाने की जरूरत: उन्होंने सुझाव दिया कि भारत में एक राष्ट्रीय ढांचा बनाया जाना चाहिए, जिसमें तय हो कि सरकार कितनी राशि मुफ्त योजनाओं पर खर्च कर सकती है. चुनाव से पहले क्या घोषणा की जा सकती है और सबसे महत्वपूर्ण यह कि पैसा कहां से आएगा.

बुधवार, 26 नवंबर 2025

नयी दिल्ली: सावधान! 24 घंटे अहम; 65KM स्पीड से आ रहा चक्रवाती तूफान; इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन में कहा है कि मलेशिया और उससे सटे मलक्का स्ट्रेट के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र लगातार मजबूत होता जा रहा है और धीरे-धीरे बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रहा है।

IMD ने कहा है कि कोमोरिन और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और श्रीलंका के आस-पास के इलाकों में 25 नवंबर के आसपास इसकी वजह से एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों में इसके दक्षिणी अंडमान सागर के ऊपर एक अवदाब में बदलने की बहुत संभावना है। इसके बाद यह सिस्टम 26 नवंबर के आसपास 'चक्रवात सेन्यार' (Cyclone Senyar) का रूप ले सकता है। इसकी वजह से अंडमान से लेकर ओडिशा के तटीय इलाकों तक 25 से 29 नवंबर के बीच भारी बारिश होने की संभावना है।



IMD ने कहा है कि यह निम्न दबाव का क्षेत्र लगातार पश्चिम-उत्तर और उत्तर दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसके अगले 48 घंटों में दक्षिण बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है। विभाग के मुताबिक, इसकी वजह से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 25-29 नवंबर के दौरान भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है, जबकि तमिलनाडु में 25-27 के दौरान, केरल और माहे में 24-26, लक्षद्वीप में 24, तटीय आंध्र प्रदेश में 29 नवंबर को भारी वर्षा होने की बहुत संभावना है और तमिलनाडु में 24 और 28-30 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 30 नवंबर को बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान हवाएं 65 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चल सकती हैं और मूसलाधार बारिश हो सकती है।

*24 घंटों में चक्रवाती तूफान बन जाएगा*

मौसम विभाग ने कहा है कि दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव के क्षेत्र से रविवार को कावेरी डेल्टा, तमिलनाडु के दक्षिणी और दक्षिणी तटीय जिलों में भारी बारिश हुई है और अगले 24 घंटों में यह चक्रवाती तूफान में तब्दील हो जाएगा। IMD ने यह भी कहा है कि मंगलवार से एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की भी संभावना है, जिससे उत्तरी-पूर्वी मानसून की सक्रियता और बढ़ जाएगी। IMD के मुताबिक, दक्षिण-पूर्व अरब सागर में निचले क्षोभमंडल में भी एक ऊपरी साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इसकी वजह से दक्षिण के राज्यों में अगले कुछ दिनों में तेज बारिश होने की उम्मीद है।

*अभी मुख्य भूमि से लगभग 1,000 KM दूर*

आईएमडी की तरफ से जारी ताजा अपडेट के मुताबिक, फिलहाल यह सिस्टम मलक्का जलडमरूमध्य और दक्षिण अंडमान सागर के आसपास सक्रिय है और धीरे-धीरे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रही है। यह सिस्टम अभी मुख्य भूमि से लगभग 1,000 किलोमीटर दूर है, इसलिए इसके सटीक रूट और असर के बारे में साफ जानकारी आज शाम तक मिल सकेगी। चक्रवात से निपटने के लिए भी IMD ने चेतावनी जारी की है और कहा है कि दक्षिण अंडमान सागर में में 27 नवंबर तक मछुआरे न जाएं। वहीं दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में 25 से 28 नवंबर तक मछुआरों के जाने पर चेतावनी जारी करते हुए प्रतिबंध लगाने की सलाह दी है। मन्नार की खाड़ी, तमिलनाडु, पुदुचेरी, और श्रीलंका के तटीय इलाकों में 29 नवंबर तक और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के लिए यह चेतावनी 30 नवंबर तक जारी की गई है।

*Cyclone Senyar नाम का क्या अर्थ*

मौसम वैज्ञानिकों का आंकलन है कि 26 नवंबर के बाद यह तूफान तमिलनाडु-आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ेगा या उत्तर की ओर मुड़कर ओडिशा-बांग्लादेश की तरफ मुड़ सकता है। इसीलिए IMD ने कहा है कि अगला 48 घंटा काफी अहम है। चक्रवात का नाम सेन्यार (Cyclone Senyar) संयुक्त अरब अमीरात ने दिया है, जिसका अर्थ 'शेर' होता है।

रविवार, 23 नवंबर 2025

नयी दिल्ली: पति और उसकी शादीशुदा प्रेमिका को मनाकर ले जा रही थी पत्नी, चलती ट्रेन से कूद गए दोनों

नयी दिल्ली :दिल्ली -मथुरा रेल ट्रैक पर कोसीकलां क्षेत्र में कोटवन स्थित पंचवटी हनुमान मंदिर के पास शनिवार तड़के दौड़ती ब्रह्मपुत्र मेल ट्रेन से प्रेमी युगल कूद गए। घटना में युवक की मौत हो गई, जबकि युवती गंभीर है।

उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। दोनों पहले से शादीशुदा थे और गुरुग्राम में रहे थे। जहां से युवक की पत्नी ने परिजनों के साथ पहुंचकर उन्हें पकड़ लिया और परिजन दोनों को बिहार ले जा रहे थे।



शुक्रवार, 21 नवंबर 2025

नयी दिल्ली: नकली ORS पर कसा शिकंजा, FSSAI ने दिया दुकानों से सभी भ्रामक उत्पादों से हटाने का आदेश

नयी दिल्ली :देशभर में खाद्य सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच FSSAI ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐसे सभी पेय उत्पादों को तत्काल बाजार से हटाने का आदेश जारी किया है, जो ORS नाम का उपयोग तो करते हैं, लेकिन WHO द्वारा निर्धारित मानकों का पालन नहीं करते.


ये उत्पाद दुकानों, सुपरमार्केट, मेडिकल शॉप और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तक पर बेचे जा रहे थे. इस भ्रामक मार्केटिंग को गंभीर उल्लंघन मानते हुए FSSAI ने सभी राज्यों को तत्काल सख्त कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं.

यह निर्देशों का उल्लंघन: FSSAI ने स्पष्ट किया कि किसी भी फल-आधारित पेय, एनर्जी ड्रिंक या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक को 'ORS' नाम से बेचना, जबकि वे WHO-मानक पूरे नहीं करते, खाद्य सुरक्षा अधिनियम का सीधा उल्लंघन है. अक्टूबर में जारी निर्देशों के बावजूद कई ब्रांड इस शब्द का गलत इस्तेमाल कर रहे थे, जिसके बाद यह सख्त आदेश जारी किया गया.

तत्काल प्रभाव से लागू हो आदेश: सभी राज्यों और जिलों के अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि तुरंत निरीक्षण तेज किए जाएं. बाजार में ऐसे सभी उत्पाद चिह्नित किए जाएं जो ORS नाम या लेबल का दुरुपयोग कर रहे हैं. ऐसे उत्पादों को तुरंत बिक्री से हटाकर संबंधित कंपनियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए.

पहचान कर तुरंत हटाए जाएं भ्रामक उत्पाद: FSSAI ने निर्देश दिया है कि फील्ड ऑफिसर दुकानों, गोदामों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक रहे पेय पदार्थों की निगरानी बढ़ाएं. हर गैर-अनुपालन उत्पाद को चिन्हित कर बाजार से हटाया जाएगा. साथ ही, उठाए गए कदमों और की गई कार्रवाई का विस्तृत रिपोर्ट तुरंत मुख्यालय को भेजा जाना अनिवार्य है.

असली ओआरएस को बचाने की मुहीम: FSSAI ने साफ किया है कि यह कार्रवाई केवल फूड प्रोडक्ट्स पर लागू होगी, असली ORS दवाओं पर नहीं. दवाओं के रूप में नोटिफाइड ORS उत्पाद ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के अंतर्गत आते हैं और इनकी बिक्री, वितरण या भंडारण पर कोई रोक नहीं होगी. फील्ड ऑफिसर को सख्त निर्देश हैं कि किसी भी WHO-रिकमेंडेड ORS दवा पर न तो सैंपलिंग की जाएगी, न सीजर.

गुरुवार, 20 नवंबर 2025

नई दिल्ली: गवर्नर की शक्तियों पर सुप्रीम फैसला आज

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को राष्ट्रपति के रेफरेंस पर अपनी राय जारी करेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कोर्ट से पूछा है कि क्या राज्य विधानसभाओं द्वारा पास किए गए बिलों पर कार्रवाई के लिए गवर्नर पर कोई समय सीमा तय की जा सकती है, जब संविधान में ऐसी कोई निश्चित टाइमलाइन न हो।



चीफ जस्टिस बी.आर. गवई की अगुवाई वाली बेंच ने 11 सितंबर को केंद्र और विपक्ष शासित राज्यों की ओर से 10 दिन तक सुनवाई की और अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

यह मामला तमिलनाडु बिल विवाद से शुरू हुआ था। अप्रैल 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने आर्टिकल 142 के तहत तमिलनाडु में 10 बिलों को मंजूरी देने में गवर्नर की देरी को गैर-कानूनी ठहराया था। कोर्ट ने विधानसभा द्वारा पास किए गए बिलों को राष्ट्रपति और गवर्नर के सामने मंजूरी के लिए तीन महीने की डेडलाइन तय की थी।

अब राष्ट्रपति ने आर्टिकल 143 के तहत कोर्ट से यह भी पूछा है कि गवर्नर को बिल पर अपने विकल्प इस्तेमाल करते समय मंत्रिमंडल की सलाह लेना जरूरी है या नहीं। साथ ही यह सवाल भी उठाया गया है कि क्या गवर्नर संवैधानिक विवेक का इस्तेमाल कर सकते हैं, जबकि आर्टिकल 361 के तहत उनके निर्णयों पर ज्यूडिशियल रिव्यू नहीं हो सकता।

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला संविधान, गवर्नर के अधिकार और राष्ट्रपति की एडवाइजरी शक्तियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नई दिल्ली: SS राजामौली पर हिंदू सेना ने किया FIR, वीडियो वायरल, बोले थे- राम नहीं पसंद

नई दिल्ली: SS राजमौली के खिलाफ हाल ही में हिंदू सेना द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके पीछे एक पुराने वीडियो और ट्वीट की वजह से विवाद हुआ है। इस खबर का पूरा विवरण और SEO पैक नीचे दिया गया है। सभी जानकारियां पूरी तरह तथ्यों पर आधारित हैं और किसी भी प्रकार से गलत नहीं हैं.​



हैदराबाद इवेंट में क्या हुआ: 17 नवंबर को हैदराबाद में निर्देशक SS Rajamouli की फिल्म ‘वाराणसी’ के ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान तकनीकी खराबी हुई थी। इस दौरान राजामौली ने मंच पर मजाकिया अंदाज में कहा, "मैं भगवान को नहीं मानता, लेकिन मेरे पिता कहते थे, जब परेशानी आए तो भगवान हनुमान तुम्हारी मदद करेंगे। अब देखना है कि इस बार मेरी पत्नी, जो हनुमान की भक्त हैं, उनके हनुमान मेरी मदद करते हैं या नहीं।" इस बयान को कई सोशल मीडिया यूजर्स ने गलत तरीके से लिया और कुछ ने इसे आस्था के अपमान के तौर पर देखा.​

SS राजामौली पर हिंदू सेना ने किया FIR: वीडियो वायरल, बोले थे- राम नहीं पसंद

SS राजामौली का पुराना ट्वीट

वीडियो और पुराने ट्वीट ने क्यों बढ़ाया विवाद

इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसी के साथ SS Rajamouli का 2011 का ट्वीट भी चर्चा में आया, जिसमें उन्होंने लिखा था कि उन्होंने कभी भगवान राम को पसंद नहीं किया, बल्कि भगवान कृष्ण उनके सबसे पसंदीदा अवतार हैं। इस पुराने ट्वीट को नए विवाद से जोड़कर वायरल किया गया और आलोचनाओं की बाढ़ आ गई.​

हिंदू सेना की शिकायत और मांग: हिंदू सेना के अध्यक्ष ने तुरंत इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखित शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि राजामौली जानबूझकर हिंदू भावनाओं का अपमान कर रहे हैं। संगठन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और जल्द से जल्द राजामौली पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है.​

सोशल मीडिया की प्रतिक्रियाएँ: सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर दो तरह की प्रतिक्रियाएँ सामने आईं कुछ यूजर्स ने राजामौली के बयान को मजाक के तौर पर लिया, जबकि कई लोगों ने इसे हिंदू आस्था का अनादर बताया। ट्विटर पर पुराने ट्वीट को साझा करते हुए राजामौली को ट्रोल किया गया और ‘राम का अपमान’ कहकर आलोचना हुई.

मंगलवार, 18 नवंबर 2025

नई दिल्ली: यूं ही भारत नहीं आ रहे रूसी राष्ट्रपति पुतिन, अमेरिका से चीन तक की बढ़ गई है धड़कन

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अगले महीने होने वाली भारत यात्रा मौजूदा जियोपॉलिटिक्स के लिए सामान्य से कहीं बढ़कर है। भारत-रूस 23वें वार्षिक सम्मेलन से पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर मॉस्को में हैं, तो पुतिन के खास सलाहकार पूर्व रूसी राष्ट्रीय सुरक्षा कलाकार निकोलाई पेत्रुशेव दिल्ली में मुलाकातों के दौर में लगे हैं। जयशंकर जहां अपने समकक्ष सर्गेई लावरोव से मिल चुके हैं, वहीं निकोलाई ने एनएसए अजीत डोभाल, मैरीटाइम सिक्योरिटी कोऑर्डिनेटर वाइस एडमिरल बिस्वजीत दासगुप्ता और बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से मुलाकात की है। ये मुलाकात पुतिन की भारत यात्रा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बातचीत से पहले आपसी रिश्तों को नए आयाम देने के लिए मजबूत आधार तैयार करने के लिए हुई हैं।



पुतिन की भारत यात्रा, दुनिया को बड़ा संदेश: अभी वैश्विक राजनीति जिस मोड़ पर है, इसमें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा यह संदेश देने के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है कि भारत सामरिक, आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर अपनी स्वतंत्र भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत और रूस की ओर से यह साफ संदेश देने का प्रयास है कि अमेरिका या पश्चिमी देशों के साथ रिश्ते अलग हैं, लेकिन भारत के लिए अपने लंबे समय के सहयोगी रूस का साथ छोड़ना कतई मुमकिन नहीं है। वहीं, रूस के लिए यह पश्चिम से अलग एक बड़ी आर्थिक और लोकतांत्रिक शक्ति के साथ अपने ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करने का एक बेहतरीन मौका है। भारत उसके लिए ऐसा मुल्क है, जो भरोसेमंद है और जहां से एक बड़ा रास्ता ग्लोबल साउथ की ओर भी जाता है, जो पश्चिम के अलगाव से निपटने का बड़ा माध्यम साबित हो सकता है।

रक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स क्षेत्र में भी बिग डील: तेल के अस्थिर बाजार में रूस से किफायती दरों पर लंबे समय तक यह हासिल करते रहना भारत के लिए एक बहुत बड़ी वित्तीय जीत है। यह भारत के लिए एक व्यावसायिक जीत तो है ही, दोनों मुल्कों की ओर से दूरगामी भू-राजनीतिक संदेश भी। दोनों देश क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर भी सहयोग कर रहे हैं, यह भारत के स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य के अनुसार भी है और इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण और अत्याधुनिक उद्योगों के लिए आवश्यक भी। पुतिन की इस यात्रा के दौरान इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में जिस बात को लेकर सबसे बड़ी संभावना जताई जा रही है, वह है पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट एसयू-57 को लेकर कोई बड़ा समझौता होने की उम्मीद। भारत, रूस के साथ मिलकर एसयू-57 भी तैयार करना चाहेगा तो उसके मौजूदा उपकरणों के भारत में निर्माण का रास्ता भी निकालने की कोशिश करेगा, ताकि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों को भी बूस्टर डोज मिल सके।

आर्कटिक क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग भी बड़ा मुद्दा: भारत और रूस उन देशों में शामिल हैं, जो आपसी कारोबार के लिए अमेरिकी डॉलर के प्रभुत्व के विकल्प पर विचार करने का भी संकेत देते रहे हैं। कई अन्य देश भी इस तरह की चिंताओं में शामिल हैं। पिछले कुछ महीनों में अमेरिकी राष्ट्रपति ने जिस तरह से भारत समेत अन्य देशों के खिलाफ टैरिफ को हथियार बनाकर इस्तेमाल किया है, उसके पीछे भी अमेरिकी डॉलर के विकल्प पर विचार का खुन्नस भी है। इसी तरह से आर्कटिक क्षेत्र में सहयोग भी भारत और रूस के लिए विचार का एक अहम विषय हो सकता है।

चीन और ग्लोबल साउथ के देशों को भी संदेश: अमेरिका ने भारत पर रूस से दूर होने के लिए दबाव डालने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाकर देख ली। ऐसे समय में पुतिन की भारत यात्रा से यह सीधा संदेश निकलता है कि जब बात भारत के संप्रभुत्व सोच और राष्ट्रहित की बात आती है तो दुनिया की कोई ताकत या आलोचना उसे प्रभावित नहीं कर सकता। पुतिन की यह यात्रा चीन के लिए भी सीधे संदेश की तरह है। उसे भी मालूम होगा कि भारत के लिए अमेरिकी साझेदारी ही सिर्फ मायने नहीं रखती, अन्य वैश्विक शक्तियों के साथ भी यह स्वतंत्र सामरिक संबंध कायम रखने में सक्षम है। इसी तरह ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी यह स्पष्ट संदेश है कि भारत की रणनीतिक साझेदारी आर्थिक, रक्षा और तकनीकी हितों पर आधारित ठोस और दीर्घकालिक सोच पर आधारित है।

कुल मिलाकर व्लादिमीर पुतिन की यह भारत यात्रा प्रतीकात्मक से कहीं ज्यादा होने वाली है। इस दौरान दोनों मित्र राष्ट्रों के बीच बड़े रक्षा, ऊर्जा और व्यापारिक समझौते होने के आसार हैं। जहां इसके जरिए भारत अपनी कूटनीतिक स्वायत्तता को और मजबूती से रख रहा है, वहीं रूस भी अपने मित्र राष्ट्र के साथ संबंधों को और मजबूती देने के लिए उत्साहित है।

सोमवार, 17 नवंबर 2025

नयी दिल्ली: मक्का से मदीना जा रही बस का एक्सीडेंट, हैदराबाद के 42 उमरा तीर्थ यात्रियों की दर्दनाक मौत!

नयी दिल्ली :सऊदी अरब में सोमवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें हैदराबाद के कम से कम 42 उमरा तीर्थयात्रियों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। यह हादसा भारतीय समयानुसार रात 1:30 बजे मक्का से मदीना जा रही एक यात्री बस और डीजल टैंकर की भीषण टक्कर के बाद हुआ।



शुरुआती जानकारी के मुताबिक दुर्घटना मुफरिहत इलाके में हुई। बताया जा रहा है कि बस में करीब 20 महिलाएं और 11 बच्चे सवार थे। हालांकि, अभी मौत का आधिकारिक आंकड़ा कंफर्म नहीं किया गया है। इमरजेंसी टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

रविवार, 16 नवंबर 2025

IND vs SA : ICU में एडमिट हुए कप्तान Shubman Gill, गर्दन में दर्द के बाद कोलकाता टेस्ट से बाहर

नई दिल्ली : भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल की तबीयत शनिवार यानी 15 नवंबर की रात अचानक बिगड़ गई। गर्दन के तेज दर्द की शिकायत बढ़ने पर उन्हें कोलकाता के वुडलैंड्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।




शनिवार, 4 अक्टूबर 2025

अब छठ पूजा में यमुना में नहीं दिखेगा झाग! दिल्ली सरकार का खास प्लान तैयार

दिल्ली सरकार ने यमुना नदी में जमी गाद और अतिक्रमण की समस्या से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक से सर्वे कराने का फैसला किया है।


इस सर्वे के द्वारा 48 किलोमीटर क्षेत्र में गाद की स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही नजफगढ़ ड्रेन का भी सर्वे होगा।


सोमवार, 22 सितंबर 2025

पीएम मोदी का 19 मिनट का राष्ट्र के नाम संबोधन, बोले- GST रिफॉर्म्स से सबका मुंह मीठा होगा

दिल्ली: हर दुकान को स्‍वदेशी से सजाना है, वो सामान खरीदें मेड इन इंडिया हो

दिल्ली :-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने GST 2.0 की नई दरों के लागू होने से पहले देश को संबोधित किया. पीएम मोदी का 19 मिनट का ये 'एड्रेस टू द नेशन' 22 सितबंर से देश में जीएसटी 2.0 की नई दरें लागू होने से पहले हुआ.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन के जरिए लोगों से स्वदेशी अपनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि गर्व से कहो कि मैं स्वदेशी खरीदता हूं. उन्होंने कहा कि स्वदेशी अपनाने से देश का विकास होगा और दुनिया के सामने हमारा सीना गर्व से चौड़ा होगा. पीएम मोदी ने इस संबोधन में GST रिफॉर्म्स को बचत उत्सव करार दिया.

पीएम मोदी बोले - हमें ‘नागरिक देवो भव’ के मंत्र पर चलना होगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, …हम ‘नागरिक देवो भव’ के मंत्र पर चलते हुए आगे बढ़ रहे हैं और इसका असर हमें अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों में भी दिख रहा है. अगर हम आयकर में दी गई छूट और जीएसटी में दी गई छूट को जोड़ दें, तो सिर्फ एक साल में लिए गए फैसलों से देश की जनता को 2.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत होगी। और इसी वजह से मैं कहता हूँ, यह एक बचत महोत्सव है.

देश दर्जनों टैक्स से मुक्त हुआ: देश के नाम संबोधन में बोले पीएम मोदी: पीएम मोदी ने कहा, जब आपने हमें 2014 में सेवा का अवसर दिया तो हमने जनहित में, देशहित में जीएसटी को अपनी प्राथमिकता बनाया. हमने हर स्टेक होल्डर से चर्चा की, हमने हर राज्यों की हर शंका का निवारण किया. हर सवाल का समाधान खोजा. सभी राज्यों को, सबको साथ लेकर आजाद भारत का इतना बड़ा टैक्स रिफॉर्म्स संभव हो पाया. यह केंद्र और राज्यों के प्रयासों का नतीजा था कि आज देश दर्जनों टैक्स से मुक्त हुआ.

ज्‍यादा टैक्‍स का बोझ गरीबों को उठाना पड़ता था: पीएम मोदी: GST लागू होने से पहले लाखों कंपनियों और देश के करोड़ों लोगों को विभिन्न करों के जटिल जाल से काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था. एक शहर से दूसरे शहर सामान भेजने की लागत में जो वृद्धि होती थी, उसका बोझ अंततः गरीबों को उठाना पड़ता था यह लागत ग्राहकों से वसूली जाती थी. देश को इस स्थिति से बाहर निकालना अत्यंत आवश्यक था. इसलिए जब आपने हमें वर्ष 2014 में सेवा का अवसर दिया, तो हमने जनहित और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए जीएसटी को अपनी प्राथमिकता बनाया. हमने प्रत्येक हितधारक से संवाद किया और राज्यों को भी इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाया. सभी को साथ लेकर ही आज़ाद भारत में इतना व्यापक कर सुधार संभव हो सका.

अलग अलग जाल में उलझे थे व्‍यापारी, पीएम मोदी ने सुनाया क‍िस्‍सा: पीएम मोदी ने कहा, देश के व्‍यापारी अलग अलग टैक्‍स के जाल में उलझे हुए थे. एंट्री टैक्‍स, सेल्‍स टैक्‍स, एक्‍साइज, सर्विस टैक्‍स, वैट… न जाने दर्जनों टैक्‍स हमारे व्‍यापार‍ियों पर थे. एक जगह से दूसरे जगह माल भेजना हो तो न जाने क‍ितने फार्म भरने होते थे. क‍ितनी रुकवाटें थीं, जब 2014 में देश ने मुझे ज‍िम्‍मेदारी सौंपी तो उसी वक्‍त एक विदशी अखबार में एक खबर छपी. लिखा था क‍ि अगर एक कंपनी को बेंगलुरु से हैदराबाद अपना सामान भेजना हो तो इतना कठ‍िन था क‍ि वह कंपनी अपना सामान बेंगलुरु से यूरोप भेजे और फ‍िर वही सामान यूरोप से हैदराबाद भेजे. यह तब के हालात थे. यह सिर्फ एक पुराना उदाहरण है. तब ऐसी लाखों कंपन‍ियों को झेलना होता है.






इस फेस्टिव सीजन हर देशवासी का मुंह मीठा होगा...', PM मोदी ने गिनाए GST 2.0 के फायदे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार शाम पांच बजे राष्ट्र को संबोधित किया. उन्होंने गरीबी को हराने, न्यू मिडिल क्लास, लघु, सूक्ष्म और कुटीर उद्योग, स्वदेशी, आत्मनिर्भर भारत और नवरात्रि उत्सव पर चर्चा की. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संबोधन में नवरात्रि के शुभारंभ की घोषणा करते हुए देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं. उन्होंने बताया कि 22 सितंबर से नवरात्रि का प्रथम दिवस है और इसी दिन से नया नेक्स्ट जेनेरेशन जीएटी लागू किया जाएगा. प्रधानमंत्री ने इस अवसर को विशेष बताते हुए कहा कि यह केवल एक त्योहार का समय नहीं, बल्कि आर्थिक विकास और कर प्रणाली में सुधार का भी महत्वपूर्ण फेज है.

उन्होंने कहा कि पिछले 11 साल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले और न्यू मिडिल क्लास में शामिल हुए.  नई जीएसटी दरों से गरीब और मध्यम वर्ग दोनों को लाभ मिलेगा. जीएसटी कम होने से MSMEs को डबल फायदा होगा. 

उन्होंने नागरिकों से मेड इन इंडिया उत्पाद खरीदने और स्वदेशी अपनाने का आह्वान किया है. कल से नवरात्रि के पहले दिन से देश में नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लागू होने जा रहे हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि इस बचत उत्सव से घर बनाना, इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना, स्कूटर या कार लेना और यात्रा करना सब आसान और सस्ता हो जाएगा. जीएसटी कम होने से माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) को भी डबल फायदा होगा. उनकी बिक्री बढ़ेगी और टैक्स की बोझ कम होगा. यही देश की समृद्धि का आधार हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जैसे देश की स्वतंत्रता को स्वदेशी के मंत्र ने ताकत दी, वैसे ही आज देश की समृद्धि को भी स्वदेशी से ही शक्ति मिलेगी. आज हमारी रोज़मर्रा की जिंदगी में कई विदेशी चीजें जुड़ गई हैं. हमें पता तक नहीं है कि हमारे जेब में कंघी विदेशी है या देसी. हमें इनसे मुक्ति पाना होगी और वही सामान खरीदना होगा जो मेड इन इंडिया हो, जिसमें हमारे देश के नौजवानों की मेहनत और हमारे बेटों-बेटियों का पसीना लगा हो.

पीएम मोदी ने नागरिकों से अपील की कि हर घर और हर दुकान को स्वदेशी का प्रतीक बनाना चाहिए. गर्व से कहो – मैं स्वदेशी खरीदता हूं. मैं स्वदेशी सामान बेचता हूं. यह हर भारतीय का मिजाज़ बनना चाहिए. जब ऐसा होगा, भारत तेजी से विकसित होगा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि रिफॉर्म एक निरंतर प्रक्रिया है. समय और जरूरत बदलती है. इसलिए देश की वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लागू किए जा रहे हैं. ये बदलाव सभी के लिए राहत और अवसर लेकर आएंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोगों को गर्व से कहना चाहिए की मैं स्वदेशी खरीदता हूं. हमें मेड इन इंडिया सामान खरीदना चाहिए. इससे छोटे व्यापारियों को लाभ मिलेगा. हमें आत्मनिर्भरता के रास्ते पर चलना ही होगा. जिन चीजों का निर्माण भारत में किया जा सकता है, उसे यहीं करें.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी में किए गए सुधारों से 99 फीसदी चीजें अब 5 फीसदी जीएसटी के दायरे में आ गई है. मध्यम वर्ग के जीवनी में इससे बदलाव आया है. अब ग़रीब को डबल बोनांजा मिल रहा है. पूरे देश के लिए एक जैसी टैक्स व्यवस्था होगी. जीएसटी कम होने से सपने पूरे करने में आसानी होगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बचत उत्सव से हर देशवासी का पैसा बचेगा. कल से देश में जीएसटी बचत उत्सव की शुरुआत हो रही है. कल से हर घर में खुशियां बढ़ेंगी. केंद्र और राज्यों की वजह से ये संभव हो सका है. हर राज्य की शंका समाधान किया गया है. वन नेशन, वन टैक्स का सपना साकार होगा. टैक्स के जाल से परेशानी होती थी, लेकिन जीएसटी रिफॉर्म से सब कुछ आसान बन गया.









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