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Saubhagya Bharat News

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गुरुवार, 8 जनवरी 2026

रेल मुख्यालय हाजीपुर में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक का आयोजन

हाजीपुर: पूर्व मध्य रेल मुख्यालय, हाजीपुर में आज नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की द्वितीय छमाही (संयुक्त) बैठक का आयोजन हुआ. इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए महाप्रबंधक श्री छत्रसाल सिंह ने कहा कि हाजीपुर नगर राजभाषा नियम 1976 के तहत ‘क' क्षेत्र में आता है यानी यह पूर्णतः हिंदी भाषी क्षेत्र है अतः यह स्वभाविक है कि यहाँ शत-प्रतिशत कार्य हिंदी में ही किया जाना अपेक्षित है. इसके लिए हम सभी मिलजुल कर एक ऐसे वातावरण का निर्माण करें जहाँ हमें हिंदी में कार्य करने में कोई झिझक नहीं हो बल्कि हिंदी में कार्य करना रोचक, सुगम एवं स्वभाविक हो.



इस अवसर पर अपने संबोधन में अपर महाप्रबंधक श्री अमरेन्द्र कुमार ने कहा कि राजभाषा का प्रचार-प्रसार प्रेरणा, प्रोत्साहन और पुरस्कार पर आधारित है. हमें उत्साहवर्धक वातावरण का निर्माण करते हुए अपने सभी अधीनस्थ अधिकारियों कर्मचारियों को अपना मूल कार्य हिंदी में करने के लिए प्रेरित करना होगा.

मौके पर उपस्थित मुख्य राजभाषा अधिकारी सह प्रधान मुख्य सामग्री प्रबंधक श्री विजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि महाप्रबंधक महोदय के कुशल मार्गदर्शन में हम राजभाषा के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर सचेष्ट हैं और हमारी कोशिश है कि विभिन्न माध्यमों से सदस्य कार्यालयों के प्रमुख व कर्मचारियों को हिंदी में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए एवं राजभाषा के विकास के लिए स्वस्थ वातावरण का निर्माण किया जाए. 

इस बैठक में कोलकाता से पधारे उप निदेशक (कार्यान्वयन), गृह मंत्रालय डा. विचित्रसेन गुप्त ने कहा कि हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है कि भारत सरकार की राजभाषा नीति कैसे कारगर तरीके से कार्यान्वित हो. अपने संबोधन में उन्होंने राजभाषा कार्यान्वयन के विविध पहलुओं पर गहराई से प्रकाश डाला और उम्मीद व्यक्त की कि हाजीपुर नराकास एक दिन देश के शीर्षस्थ नराकासों में अपना स्थान सुनिश्चित करेगा. 

हाजीपुर नगर स्थित 22 केंद्र सरकार के कार्यालयों के प्रतिनिधि इस बैठक में उपस्थित थे और उन्होंने भी अपने कार्यालयों में राजभाषा के प्रयोग-प्रसार के संबंध में समिति को अवगत कराया.  

इस महत्वपूर्ण बैठक का संचालन करते हुए श्री केशव त्रिपाठी, उप महाप्रबंधक (राजभाषा) ने सभी से आग्रह किया कि वे राजभाषा प्रयोग के सभी प्रावधानों को अपने कार्यालयों में लागू कराने के प्रति निरंतर सजग रहें और अपने कार्यालयी कार्यों को शत-प्रतिशत हिंदी में ही निष्पादित करना सुनिश्चित करें. राजभाषा अधिकारी व सदस्य सचिव श्री अनिल कुमार शर्मा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ ही इस बैठक का समापन हुआ.


सोमवार, 29 दिसंबर 2025

हाजीपुर: पूर्व मध्य रेल के लिए उपलब्धियों से भरा रहा वर्ष 2025

वित्तीय वर्ष 2025-26 के दिसंबर माह तक पूर्व मध्य रेल द्वारा प्राप्त की गयी कुछ मुख्य उपलब्धियाें का विवरण निम्नानुसार है - 


1.मालगाड़ी के परिचालन को और अधिक सुगम बनाने हेतु टोरी से बीराटोली   (6.5 किमी) लाइन के दोहरीकरण कार्य पूर्ण होने के साथ ही शिवपुर-टोरी तीसरी लाइन 41.5 किमी का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया तथा उस पर परिचालन किया जा रहा है। इस लाइन के निर्माण कार्य पूर्ण होने से झारखण्ड स्थित चतरा एवं लातेहार कोल माइन्स से कोयले के लदान में काफी इजाफा हुआ है जो कि देश के विभिन्न पावर प्लान्टों में कोयले की आपूर्ति को अधिक सुगमता प्रदान करता है। इसके फलस्वरूप रेलवे के राजस्व में काफी वृद्धि होगी। 



2. बिहार शरीफ-अस्थावां (12.66 किमी), अस्थावां-बरबीघा (13.5 किमी) एवं बरबीघा-शेखपुरा नई रेल लाईन का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। इसके साथ ही दनियावां से जट डुमरी तक 22 किमी लंबे रेलखंड का कार्य भी पूर्ण हो जाने से 123 किमी लंबे नेउरा-दनियावां-बिहारशरीफ-बरबीघा-शेखपुरा नई लाईन परियोजना का अधिकांश भाग पूर्ण हो चुका है तथा मात्र 20 किमी लंबे जट डुमरी से नेउरा रेलखंड का निर्माण कार्य प्रगति पर है। अब इस परियोजना के तहत शेखपुरा से जटडुमरी तक ट्रेनों का परिचालन प्रारंभ हो गया है । इसके पूर्ण होने से माल ढुलाई एवं पैसेन्जर गाड़ियों के परिचालन में सुगमता होगी जिससे रेलवे की आय में वृद्धि होगी । इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों का भी विकास होगा।

3. सोन नगर-पतरातू (291 किमी) तीसरी लाइन परियोजना के तहत रिचीगुटा-बेंडी-कुमेंडी (27.249 किमी) एवं सिगसिगी-उंटारी रोड-मुहम्मदगंज (22.24 किमी) का कार्य पहले ही पूर्ण कर लिया गया था । इस वर्ष बेंडी-कुमंडी (6.74 किमी) तथा उंटारी-सतबहनी-मोहम्मदगंज (11.77 किमी) का कार्य पूर्ण किया गया । इससे गाड़ियों के परिचालन एवं रेल के राजस्व में वृद्धि एवं समय की बचत हुई है।

4. नवादा-तिलैया खण्ड (17.747 किमी) के दोहरीकरण कार्य पूर्ण होने से किऊल-गया (122.88 किमी) दोहरीकरण परियोजना का कार्य सम्पन्न हो गया है। इस खण्ड में अब रेल का परिचालन निर्बाध रूप से हो रहा है। 

5. गढ़वा आर0 ओ0 आर0 फेज-1 (5.10 किमी) का कार्य मार्च-2025 में पूर्ण किया गया। इसके शुरू हो जाने से चोपन की ओर से आने वाली गाड़ियों का परिचालन गढ़वा रोड स्टेशन में बिना सतही क्रॉसिंग के टोरी की ओर निर्वाध रूप से होने लगा है। इससे समय की काफी बचत हुई है एवं रेल का राजस्व भी बढ़ा है। 

6. सिन्द्री मार्शलिंग यार्ड (3.00 किमी) दोहरीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है । यहाँ पर चार अतिरिक्त लूप लाइन का निर्माण किया गया है तथा यात्रियों के सुविधा हेतु हाई लेवल प्लेटफार्म एवं शेड का निर्माण किया गया है। इस परियोजना के पूर्ण होने से रेल परिचालन में काफी सुगमता होगी। 

7. हजारीबाग-बानाडाग खण्ड में (4.80 किमी) दोहरीकरण कार्य पूर्ण किया गया। इस परियोजना के पूर्ण होने से एन0 टी0 पी0 सी0 खानों से कोयले की आपूर्ति में वृद्धि होगी जिससे रेलवे राजस्व को बढ़ावा मिलेगा। 

8. मुगलसराय मंडल में अवस्थित रेल समपार संख्या 56 पर आर0 ओ0 बी0 के निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। इससे पुसौली पावर ग्रीड एवं इसके आस-पास अवस्थित गाँव तक गया-मुगलसराय जी.टी. रोड से पहुंच सुगम हो गया है। अब इन गाँवों तथा पावर ग्रिड तक जाने के लिए रेल समपार पार कर पहुंचने में होने वाली समय की क्षति में गुणोत्तर सुधार होगा एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी काफी बेहतर होगा।

9. खगड़िया-कुश्शेवरस्थान नई रेल लाईन परियोजना (44 किमी लंबे) के तहत लगभग 19 किमी लंबे खगड़िया-अलौली रेलखंड का कार्य पूर्ण करते हुए इस पर ट्रेनों का परिचालन प्रारंभ कर दिया गया है। 

10. अररिया-सुपौल नई रेल लाईन परियोजना (92 किमी लंबे) के तहत मार्च, 2025 में 22 किमी लंबे सुपौल-पिपरा रेलखंड का तथा इसी वर्ष लगभग 10 किमी लंबे पिपरा-त्रिवेणीगंज रेलखंड का भी निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है।

11. पूर्व मध्य रेलवे में इस वित्तीय वर्ष में 77 रूट किलोमीटर पर कवच का कार्य पूर्ण करते हुए लोको ट्रायल परीक्षण किया जा चुका है । विदित हो कि दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) और प्रधानखूंटा (पीकेए) के बीच कवच का परियोजना 243 करोड़ रुपये की लागत से  417 रूट किलोमीटर रेलखंड शामिल है। इस परियोजना कि निविदा प्रदान कर दी गई है तथा अब तक 253 रूट किलोमीटर का लोको ट्रायल परीक्षण हो चुका है ।

12.   इसके साथ ही इस वर्ष पूर्व मध्य रेलवे के 502 और 607 रूट किलोमीटर रेलवे ट्रैक पर कवच की दो परियोजना 288 करोड़ रुपये और 264 करोड़ रुपये की लागत से कि निविदा प्रदान कर दी गई है, तथा सर्वेक्षण कार्य चल रहा है ।

13.  पूर्व मध्य रेलवे द्वारा इस वर्ष अलग-अलग सेक्शन में 127 किलोमीटर के लिए ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग को सफलतापूर्वक चालू कर दिया है, जिससे लाइन कैपेसिटी बढ़ने से ट्रेनों के समय पालन में मदद मिली है।

14.  वित्तीय वर्ष 2025-26 में 11 रोड ओवर ब्रिज और 04 रोड अंडर ब्रिज का निर्माण कार्य पूर्ण किए गए।

15. साल 2025 में पांच गति शक्ति कार्गो टर्मिनल चालू किए गए -

       (i)  पकड़ी बरवाडीह बनाडाग, हजारीबाग

       (ii) आर.के. ट्रांसपोर्ट एंड कंस्ट्रक्शन लिमिटेड, सिंगरौली

       (iii) लीप एग्री (खगड़िया) लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड, पसराहा

       (iv) सतलुज जल विद्युत निगम (SJVN) थर्मल प्राइवेट लिमिटेड, चौसा

        (v) एनसीएल का निगाही न्यू साइलो, शक्तिनगर

16.  यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर चालू वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 36 नई ट्रेनों का परिचालन प्रारंभ किया गया है । इनमें 02 जोड़ी वंदे भारत, 01 जोड़ी नमो भारत रैपिड रेल तथा 10 जोड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं । इनके साथ ही 05 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनें तथा 18 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का भी परिचालन प्रारंभ किया गया है। 

17. इसके साथ ही यात्रियों की सुविधा के मद्देनजर चालू वित्तीय वर्ष में 11 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों तथा 04 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों सहित कुल 15 जोड़ी ट्रेनों का मार्ग विस्तार भी किया गया है । 

शुक्रवार, 5 दिसंबर 2025

हाजीपुर: केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा अंब्रेला वर्क के तहत् बाकी रूट पर कवच के प्रावधान को मिली मंजूरी

माननीय केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा आज भारतीय रेल के शेष रूट पर कवच के प्रावधान की मंजूरी प्रदान की गयी ।



अम्ब्रेला वर्क 2024-25 के तहत वर्क्स, मशीनरी एवं रॉलिंग स्टॉक प्रोग्राम 2024-25 के अंतर्गत भारतीय रेलवे के बाकी रूट पर कवच के प्रावधान को मंजूरी प्रदान की गयी।अम्ब्रेला वर्क की लागत 27,693 करोड़ रुपये है ।

इसके तहत पूर्व मध्य रेल के लिए 1,822 करोड़ रुपये की लागत से एक सब-अम्ब्रेला वर्क को मंज़ूरी दी गई। सब-अम्ब्रेला के तहत् पूर्व मध्य रेल के बाकी रूट्स पर कवच के प्रावधान (2200 रूट किलोमीटर) का प्रस्ताव किया गया जिसपर 960.66 करोड़ रूपए की लागत आएगी।

शुक्रवार, 28 नवंबर 2025

हाजीपुर: रेल मुख्यालय हाजीपुर में “हरिवंश राय बच्चन” की मनाई गई जयंती

पूर्व मध्य रेल मुख्यालय, हाजीपुर में आज “हरिवंश राय बच्चन” की जयंती मनाई गई. कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्य राजभाषा अधिकारी सह प्रधान मुख्य सामग्री प्रबंधक श्री विजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि “हरिवंश राय बच्चन” हिंदी के वैसे साहित्यकार रहे हैं जिन्होंने हिंदी के प्रचार-प्रसार में अभूतपूर्व योगदान दिया है. 

27 नवंबर, 1907 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के बाबूपट्टी नामक गाँव में इनका जन्म हुआ था और इन्होंने ‘मधुशाला’, ‘बुद्ध और नाच घर’ आदि कई प्रसिद्ध काव्य संग्रहों को रचते हुए हिंदी साहित्य में एक नए वाद जिसे हम हालावाद के नाम से जानते हैं, उसे जन्म दिया. इनकी आत्मकथा “क्या भूलूँ क्या याद करूँ”, “नीड़ का निर्माण फिर”, “बसेरे से दूर” एवं “दशद्वार से सोपान तक” हिंदी साहित्य की अमूल्य धरोहर है. इन आत्मकथाओं में समकालीन साहित्य-संस्कृति के साथ सामाजिक, राजनैतिक संदर्भ हैं जिन्हें हमें जरूर पढ़ना चाहिये. 



मौके पर आमंत्रित वक्ता श्री प्रियदर्शी सुजीत, उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (दावा) ने बचपन की यादों को साझा करते हुए हरिवंश राय बच्चन की कविताओं की मार्मिकता और उसकी व्यापकता को बड़े ही प्रभावी तरीके से श्रोताओं के समक्ष रखा. इसी के साथ अपने वक्तव्य में श्री संतोष कुमार गुप्ता, उप विसमुलेधि (सामान्य) ने बच्चन जी के जीवन और साहित्य पर सारगर्भित व्याख्यान दिया. उन्होंने कहा कि बच्चन जी की कविताएं भारतीय परंपरा की उत्सवधर्मिता को व्यक्त करती हैं. यह उत्सव जीवन जगत के तमाम चुनौतियों से जूझते हुए ही मनाया जा सकता है. 

इस अवसर पर श्री लक्ष्मी प्रसाद सिंह, वरिष्ठ सामग्री प्रबंधक एवं मनीष राज, सामान्य सहायक ने भी ओजपूर्ण ढंग से बच्चन जी के जीवन पर अपना पक्ष रखा. इस सफल एवं सार्थक संगोष्ठी का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन श्री केशव त्रिपाठी, उप महाप्रबंधक (राजभाषा) ने किया. इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे. 


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