झारखंड का प्रसिद्ध मकर पर्व, जिसे टुसू पर्व के नाम से जाना जाता है, 14 जनवरी से पूरे राज्य में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जगह-जगह मेलों का आयोजन हो रहा है, जहां खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य और पारंपरिक आयोजनों की धूम है। हालांकि, कुछ स्थानों पर पर्व की आड़ में अवैध गतिविधियां भी सामने आ रही हैं।
ताजा मामला सरायकेला जिले के कांड्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिकीदौह गांव का है, जहां टुसू मेले में कथित रूप से हब्बा-डब्बा जुआ खुलेआम खेला जा रहा है। बताया जा रहा है कि दूर-दराज से मेला देखने पहुंचे लोग जल्दी पैसा कमाने के लालच में हजारों रुपये दांव पर लगा रहे हैं और कई लोग भारी नुकसान भी झेल चुके हैं।
सामाजिक रूप से आस्था और संस्कृति से जुड़े टुसू पर्व में इस तरह के अवैध जुए का संचालन न केवल सामाजिक बुराई को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि युवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को भी नुकसान पहुंचा रहा है। अब देखना होगा कि पुलिस-प्रशासन इस मामले पर कब संज्ञान लेता है और मेले की पवित्रता बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाता है।


























