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Saubhagya Bharat News

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गुरुवार, 15 जनवरी 2026

सरायकेला: टुसू मेले की आड़ में हब्बा-डब्बा जुआ, सिकीदौह गांव में खुलेआम खेल जारी

झारखंड का प्रसिद्ध मकर पर्व, जिसे टुसू पर्व के नाम से जाना जाता है, 14 जनवरी से पूरे राज्य में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जगह-जगह मेलों का आयोजन हो रहा है, जहां खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य और पारंपरिक आयोजनों की धूम है। हालांकि, कुछ स्थानों पर पर्व की आड़ में अवैध गतिविधियां भी सामने आ रही हैं।

ताजा मामला सरायकेला जिले के कांड्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिकीदौह गांव का है, जहां टुसू मेले में कथित रूप से हब्बा-डब्बा जुआ खुलेआम खेला जा रहा है। बताया जा रहा है कि दूर-दराज से मेला देखने पहुंचे लोग जल्दी पैसा कमाने के लालच में हजारों रुपये दांव पर लगा रहे हैं और कई लोग भारी नुकसान भी झेल चुके हैं।



स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह जुआ खेल मेला कमेटी के संरक्षण में संचालित हो रहा है। छह रंगों की गोटियों के सहारे खेले जाने वाले इस खेल में अधिकतर लोग ठगे जा रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है।

सामाजिक रूप से आस्था और संस्कृति से जुड़े टुसू पर्व में इस तरह के अवैध जुए का संचालन न केवल सामाजिक बुराई को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि युवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को भी नुकसान पहुंचा रहा है। अब देखना होगा कि पुलिस-प्रशासन इस मामले पर कब संज्ञान लेता है और मेले की पवित्रता बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाता है।

चाईबासा: दौड़ के दौरान इंजीनियरिंग छात्र की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित खेल गतिविधि के दौरान चाईबासा इंजीनियरिंग कॉलेज में एक दर्दनाक हादसा हो गया। दौड़ में भाग ले रहे एक छात्र की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाने के क्रम में उसकी मौत हो गई।

मृतक की पहचान 22 वर्षीय विक्रांत टुडू के रूप में हुई है, जो कॉलेज में बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह धनबाद जिले के गोविंदपुर थाना अंतर्गत कोनोटांड़ गांव का निवासी था। उसके पिता नकुल टुडू पारा शिक्षक हैं। तीन बहनों के बाद विक्रांत परिवार का इकलौता पुत्र था।






घटना मंगलवार दोपहर की बताई जा रही है। छात्र की मौत की सूचना मिलने के बाद बुधवार को परिजन चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचे, जहां शव का पोस्टमार्टम कराया गया। परिजनों ने कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की। बुधवार दोपहर तक इस मुद्दे को लेकर परिजनों और कॉलेज प्रशासन के बीच वार्ता चलती रही, लेकिन किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी।

कॉलेज के प्रिंसिपल डी. राहा ने बताया कि कॉलेज में नियमित रूप से खेल गतिविधियां आयोजित होती रहती हैं। यह कोई अनिवार्य प्रतियोगिता नहीं थी। केवल इच्छुक छात्रों ने पंजीकरण कर भाग लिया था। दौड़ के दौरान विक्रांत की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे तत्काल सीपीआर दिया गया और कॉलेज एंबुलेंस से सदर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सक उसे नहीं बचा सके।

परिजनों के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रिंसिपल ने कहा कि कॉलेज प्रशासन ने अपनी ओर से हरसंभव प्रयास किया। उन्होंने यह भी बताया कि छात्र के परिवार को आर्थिक सहायता देने पर प्रबंधन विचार कर रहा है।















सरायकेला: ठाकुराणी दरबार में निशुल्क सेवा शिविर, श्रमदान से बना लकड़ी का पुल

सरायकेला प्रखंड अंतर्गत संजय नदी तट पर स्थित प्रसिद्ध शक्ति पीठ माता ठाकुराणी देवी के दरबार में मकर संक्रांति के अवसर पर जय मां ठाकुराणी सेवा संघ, गोविंदपुर की ओर से एक दिवसीय निशुल्क सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप खीर, खिचड़ी एवं चाय निःशुल्क वितरित की गई। सेवा समिति के कार्यकर्ता पूरे दिन श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर नजर आए।

इस सेवा कार्य में मृत्युंजय पति, राजेन मुर्मू, चित्रसेन मंडल, हेमंत मंडल, रूपबहन मंडल, सुबोध मंडल, विकास मंडल, संजीत मंडल, धनंजय मंडल, संजय मंडल, तापस मंडल, अमित मंडल, रंजीत मंडल, नरेश मंडल, आकाश मंडल, महावीर मंडल, सत्यवान मंडल सहित कई लोगों का सराहनीय सहयोग रहा।




श्रमदान से तैयार हुआ लकड़ी का पुल: संजय नदी में वर्षभर जल प्रवाह बने रहने के कारण श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी होती थी। इस समस्या के समाधान हेतु मुरुप गांव के फॉलोवर डेकोरेशन के संचालक किरण हो के नेतृत्व में युवाओं ने श्रमदान कर एक अस्थायी लकड़ी का पुल तैयार किया, जिससे श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिली। लोगों ने इस पहल की जमकर सराहना की।

बताया गया कि ठाकुराणी दरोह के समीप झारखंड सरकार द्वारा लगभग 8.15 करोड़ रुपये की लागत से स्थायी पुल का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।

लोगों ने जताया आभार: निशुल्क सेवा शिविर एवं श्रमदान से बने पुल को लेकर श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों ने सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। युवा सामाजिक कार्यकर्ता हेमसागर प्रधान सहित कई लोगों ने इस पुनीत कार्य के लिए सभी सेवा भावी युवाओं को धन्यवाद दिया।








मकर संक्रांति पर नटराज कलाकेंद्र ने खेलकूद प्रतियोगिता व सांस्कृतिक संध्या का भव्य आयोजनमकर संक्रांति के पावन

अवसर पर प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी नटराज कलाकेंद्र की ओर से पब्लिक दुर्गा पूजा मैदान, सरायकेला में सुबह से विभिन्न प्रकार की खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसके पश्चात संध्या में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में खेल व कला प्रेमी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सरायकेला के राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव एवं विशिष्ट अतिथि जलेश कबी, भोला महंती, विजया राज एवं रेखा देवी द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।


इस अवसर पर राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि मकर पर्व इस क्षेत्र का सबसे बड़ा पर्व है, जो हमारी पारंपरिक संस्कृति, सामुदायिक सौहार्द, आनंद और आध्यात्मिकता का संगम है। ऐसे आयोजन आने वाली पीढ़ियों को अपनी भाषा और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रेरित करते हैं।

विशिष्ट अतिथि जलेश कबी ने छोटे खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेलकूद शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रत्येक व्यक्ति को नियमित रूप से खेल और व्यायाम करना चाहिए, जिससे स्वस्थ समाज का निर्माण संभव हो सके।


भोला महंती ने आयोजकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि स्वास्थ्य से बड़ा कोई धन नहीं है, लेकिन मोबाइल युग और विलासितापूर्ण जीवनशैली बच्चों को खेल और सांस्कृतिक मूल्यों से दूर कर रही है, जो समाज के लिए चिंता का विषय है।

कार्यक्रम के दौरान कलाकेंद्र के नन्हे कलाकारों ने विभिन्न गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। खेल प्रतियोगिताओं में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम से पूर्व अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया।

मौके पर कलाकेंद्र के संस्थापक सदस्य विजया राज, रेखा देवी, निदेशक समर महंती, पप्पू सामंत, जदूरमई बागची, किरण मंडल सहित खुशी, छाया, कृष्णा, प्रियांशी, पीहू, नीतू, महिमा, शिवानी, सुहानी, ईशानी, रिहानी, प्रीति समेत सैकड़ों महिला-पुरुष एवं खेल-कला प्रेमी उपस्थित थे।












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