मकर संक्रांति के पावन अवसर पर सामाजिक संस्था रोटी बैंक के द्वारा आज 15 जनवरी को नेत्रहीन विद्यालय में दही-चूड़ा एवं तिलकुट का वितरण किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के नेत्रहीन छात्र-छात्राओं के बीच पारंपरिक एवं पौष्टिक भोजन वितरित कर पर्व की खुशियां साझा की गईं।
कार्यक्रम के दौरान रोटी बैंक के संस्थापक जतिन कुमार ने बच्चों के साथ समय बिताया और मकर संक्रांति के महत्व पर प्रकाश डाला। संस्था की ओर से जतिन ने कहा की पर्व समाज को आपसी भाईचारे, सेवा और समर्पण की भावना से जोड़ते हैं। नेत्रहीन बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह देखने लायक था।
रोटी बैंक ने यह संकल्प दोहराया कि भविष्य में भी जरूरतमंदों, विशेषकर दिव्यांग और वंचित वर्ग के लिए इस तरह के सेवा कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे। विद्यालय प्रशासन ने रोटी बैंक के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
यह आयोजन न केवल मकर संक्रांति के पर्व को सार्थक बनाने वाला रहा, बल्कि समाज में सेवा और संवेदना का संदेश भी देने वाला साबित हुआ। इस अवसर पर सहायक अवर निरीक्षक मुन्ना सिंह, समाजसेवी अंकित कुमार गुप्ता, दांत चिकित्सा डॉक्टर श्वेता स्वराज नेत्रहीन विद्यालय के प्रचार है शिवनाथ महतो आदि मौजूद थे








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