राँची: रांची के सिल्ली इलाके में 7 जनवरी की वह शाम आम दिनों जैसी ही थी। सड़क किनारे चाउमिन की दुकान से उठती खुशबू लोगों को खींच रही थी। हराधन महतो रोज की तरह अपनी दुकान पर खड़े ग्राहकों को चाउमिन परोस रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह रोजमर्रा की जिंदगी अचानक खून और साजिश की कहानी में बदलने वाली है।
एक गोली और बदल गई पूरी जिंदगी
शाम के वक्त अचानक गोलियों की आवाज गूंजी। हराधन महतो जमीन पर गिर पड़े। लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही अफरा-तफरी मच गई। खून से लथपथ हराधन को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। दुकान, जो परिवार की रोजी-रोटी थी, उसी जगह अब खामोशी पसरी हुई है।
बीवी बनी सबसे बड़ी कड़ी
पुलिस जब जांच में जुटी तो शक की सुई घर के अंदर ही घूमने लगी। हराधन की पत्नी गंगा देवी के बयानों में बार-बार विरोधाभास सामने आ रहा था। धीरे-धीरे परतें खुलीं और जो सच सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया। जिस पत्नी से हराधन ने जीवन भर साथ निभाने की उम्मीद की थी, वही उसकी जान की दुश्मन बन गई।
प्रेम, लालच और हत्या की योजना
जांच में पता चला कि गंगा देवी का कंचन महतो से प्रेम संबंध था। दोनों ने मिलकर हराधन को रास्ते से हटाने की साजिश रची। चार लाख रुपये में पति की सांसों का सौदा तय हो गया। सुपारी की रकम गंगा देवी ने अपने आशिक कंचन महतो को दे दी। इसके बाद तमाड़ के रहने वाले सुनील और तारकेश्वर महतो को इस काम में शामिल किया गया। पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन हराधन कहां होंगे, कब दुकान पर रहेंगे, इसकी पूरी जानकारी गंगा देवी ने ही आरोपियों को दी थी।
रांची के एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर गठित एसआईटी ने कड़ी पूछताछ की। कंचन महतो ने अपराध स्वीकार किया और पूरी साजिश का खुलासा किया। इसके बाद एक-एक कर सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए। उनके पास से देसी कट्टा और जिंदा गोली भी बरामद हुई।










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