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Saubhagya Bharat News

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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The Saubhagya Bharat

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बुधवार, 10 दिसंबर 2025

झारखंड नेशनल फिल्म फेस्टिवल (JNFF 2025) का दूसरा दिन: फिल्म स्क्रीनिंग और वर्कशॉप का शानदार संगम!

जमशेदपुर: झारखंड नेशनल फिल्म फेस्टिवल (JNFF 2025) का दूसरा दिन स्रीनाथ यूनिवर्सिटी ऑडिटोरियम और माइकल जॉन ऑडिटोरियम, बिष्टुपुर दोनों स्थानों पर फिल्म प्रेमियों के लिए ज्ञान और मनोरंजन का एक शानदार संगम लेकर आया।

दूसरे दिन, स्रीनाथ यूनिवर्सिटी ऑडिटोरियम में ECHOES (इकोज़), THE HOMECOMING (द होमकमिंग), KAARA-A CUSTOM (कारा-ए कस्टम) और PAGAL BANAI DIYE RE (पागल बनाई दिये रे) जैसी बेहद संवेदनशील और प्रभावशाली फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। हर फिल्म ने अपनी कहानी और प्रस्तुति से दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।

इसके साथ ही, माइकल जॉन ऑडिटोरियम, बिष्टुपुर में भी IN HER TIME (इन हर टाइम), VOY (वॉय), BODY (बॉडी), DEAD MAN'S SWITCH (डेड मैन्स स्विच) और AANYA DULAR RE (आन्या दुलार रे) जैसी बेहतरीन फिल्मों की विशेष स्क्रीनिंग ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।


    स्रीनाथ यूनिवर्सिटी में खास फिल्म मेकिंग वर्कशॉप

JNFF 2025 का मुख्य आकर्षण रहा इस कार्यशाला में एक कुशल फिल्म निर्माता टीवी शो 'शक्तिमान' की निर्माण टीम में काम करने का गौरव प्राप्त कर चुके संजय भारती द्वारा फिल्म निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिससे युवा फिल्मकारों और छात्रों को कैमरे के पीछे की बारीकियों को समझने का मौका मिला। वर्कशॉप में मौजूद विशेषज्ञों ने छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए और उनके सवालों का जवाब दिया।

JNFF के फाउंडर संजय सतपथी ने कहा, "फिल्मों के प्रदर्शन के साथ-साथ, हमारा उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को सीखने का मौका देना भी है। यह वर्कशॉप उसी दिशा में एक कदम है।"

दर्शकों और वर्कशॉप में शामिल प्रतिभागियों ने JNFF के इस प्रयास की जमकर सराहना की। इस दोहरे आयोजन ने JNFF 2025 के दूसरे दिन को सफल और प्रेरणादायक बना दिया।

झारखंड: अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

झारखंड मानव अधिकार संघ' जमशेदपुर और नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में दिनांक 10/12/2025 को अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस। के अवसर पर नेताजी विश्वविद्यालय परिसर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। "मानवाधिकार के संरक्षण में 'राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग' की सार्थकता एवं भूमिका" विषय पर झा. मा. अ. सं. के अध्यक्ष श्री मनोज किशोर की अध्यक्षता में इस एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया।

सार्वभौम मानवाधिकार घोषणा (Universal Declaration of Human Rights) (UDHR) को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आज ही के दिन 10 दिसंबर 1948 को अपनाया गया था। तभी से पूरे विश्व में अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस 10 दिसंबर को उत्साहपूर्वक मनाया जाता है.



इस कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि, मृत्युंजय महतो,सेवानिवृत् जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुमका, सम्मानित अतिथि सह मुख्य वक्ता, नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. प्रोफेसर प्रभात कुमार पाणी, विशिष्ट अतिथि बृजमोहन कुमार भूतपूर्व(I.A.S.) भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी, अन्य सम्मानित वक्ताओं के रूप में मनोज कुमार सिंह, सांसद प्रतिनिधि राज्यसभा, अवधेश कुमार गिरी, दिनेश कुमार किनू कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक ग्रुप के छात्र-छात्राओं द्वारा झारखंड के पारंपरिक वेशभूषा में अतिथि वक्ताओं के स्वागत नृत्य के साथ की गई।

इसके पश्चात मुख्य अतिथि एवं सम्मानित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई. तत्पश्चात सांस्कृतिक ग्रुप के छात्राओं द्वारा गणेश वंदना, साईं भजन एवं राष्ट्रीय गान के साथ कार्यशाला की औपचारिक शुरुआत की गई। कार्यशाला के पहले सत्र में प्रोफेसर दीपिका कुमारी ने मुख्य अतिथि, सम्मानित अतिथियों एवं सभागार में उपस्थित विद्यार्थियों तथा संघ के कार्यकर्ताओं का स्वागत करते हुए स्वागत भाषण दिया। संघ के क्रियाकलापों एवं सेमिनार के विषय का विषय प्रवेश श्री मनोज किशोर संघ के अध्यक्ष द्वारा किया गया।

 मनोज किशोर ने संघ की पृष्ठभूमि तथा क्रियाकलापों की विस्तार से जानकारी दिया। उन्होंने कहा *विश्वविद्यालय के परिसर में इस कार्यक्रम का आयोजन करने का उद्देश्य यह है कि विद्यार्थियों के बीच मानव सेवा एवं मानव अधिकार के क्रियान्वयान्वन हेतु अभिरुचि जागृत हो तथा इस क्षेत्र में वे समाज में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके। जन्म से लेकर मृत्यु तक,यहां तक की मां की कोख में भ्रूण अवस्था से ही किसी भी मनुष्य की नैसर्गिक एवं प्रकृति प्रदत्त अधिकारों की रक्षा हेतू अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग का गठन संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा सार्वभौम मानव अधिकार घोषणा (universal declaration of Human Rights) की घोषणा 10 दिसंबर 1948 को किया गया तथा इस तिथि से अपनाया गया तथा लगभग 45 साल के उपरांत मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 को भारत सरकार ने पारित किया तथा इस तिथि से इसे भारत में अपनाया गया. इसमें कल 30 अनुच्छेद हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानव अधिकार की रक्षा पूरे विश्व में करता है।*

*भारत के सभी नागरिक अपने अधिकारों के साथ साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहें- मृत्युंजय महतो*

 मुख्य अतिथि एवं पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश मृत्युंजय महतो ने अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार के सभी अनुच्छेदों के अलावा भारतीय कानून के पहलुओं एवं दृष्टिकोण से मानव अधिकार के कानून के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए कहा *उपरोक्त कानून के अलावा भी भारतीय कानून में आम नागरिकों के हितों के लिए बहुत सारे कानून बने हुए हैं हमें सजगता एवं ईमानदारी पूर्वक उन कानून का अनुपालन करवाना चाहिए। आम नागरिक हो अथवा न्यायिक या प्रशासनिक पदों पर बैठे लोगों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन यदि ईमानदारी पूर्वक किया जाए तो किसी भी मनुष्य की मानवाधिकार का हनन नहीं होगा।*

मुख्य वक्ता प्रख्यात शिक्षाविद् एवं नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के कुलपति ने प्रभावशाली तरीका से उपरोक्त विषय पर प्रकाश डालते हुए भारत में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की सफलता एवं विफलता पर प्रकाश डाला।

पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी, पूर्व कोल्हान आयुक्त और झारखंड में सचिव स्तर के पद पर कार्य कर चुके बृजमोहन कुमार ने उपरोक्त विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा *कोई भी कानून तब तक सार्थक नहीं होगा जब तक आम नागरिक खुद सचेत होकर अपने अधिकार की रक्षा के लिए अपना आवाज बुलंद नहीं करेगा. इस संदर्भ में उन्होंने अपना प्रशासनिक अनुभव को विद्यार्थियों एवं मानवाधिकार के कार्यकर्ताओं के साथ साझा किया।*

कार्यक्रम का सफल संचालन अस्सिटेंट प्रोफेसर दीपिका कुमारी ने किया तथा मानवाधिकार संघ के सहसचिव श्री शेखर सहाय ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एम.एम.सिंह, कुलपति प्रोफेसर प्रभात कुमार पाणी, कुलसचिव नागेंद्र सिंह, विश्वविद्यालय के अन्य प्रशासनिक और एकेडमिक अधिकारियों, सम्मानित अतिथियों, विद्यार्थियों, कार्यकर्ताओं, प्रेस मीडिया के संवाददाताओं का धन्यवाद तथा आभार प्रकट किया।

*अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन*

इस कार्यशाला में नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के एमबीए, मास कॉम और लॉ विभाग के लगभग डेढ़ सौ विद्यार्थी शामिल हुए। इसके अलावा लगभग एक सौ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने भी अपनी सहभागिता सुनिश्चित की।

सभी ढाई सौ प्रतिभागियों के मध्य सर्टिफिकेट एवं अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार से संबंधित अंकित सभी 30 अनुच्छेदों का वर्ष 2026 के कैलेंडर का वितरण किया गया।

कार्यक्रम में निम्नलिखित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे श्री मृत्युंजय महतो पूर्व न्यायाधीश, श्री बृजमोहन कुमार,पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), प्रोफेसर प्रभात कुमार पाणी, कुलपति, नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय, श्री अवधेश गिरी,श्री मनोज किशोर श्री दिनेश कुमार कीनू डॉक्टर वनिता सहाय डॉक्टर एक अखौरी, श्री संतोष सिंह श्री अमित गिरी श्री विक्रम सिंह,श्री सौरव गिरी,श्री नवीन श्रीवास्तव श्री शेखर कुमार सहाय, श्री मनोज सिंह,श्री संतोष पांडे, प्रोफेसर दीपिका पांडे,श्री राजेंद्र यादव, श्री भीष्म सिंह,श्री पन्ना सिंह, श्री संजय कुमार सिंह आदि उपस्थित थे.

बहरागोड़ा:— पशु ऋण योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा हड़पने का आरोप........

बहरागोड़ा संवाददाता 


बहरागोड़ा: बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र के  गुहियापाल पंचायत अंतर्गत बांकदह गांव में पशु ऋण योजना को लेकर कथित धोखाधड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। गांव निवासी द्विजेन राउत ने दो एजेंटों पर ऋण की पूरी राशि हड़प लेने का आरोप लगाया है। आरोप है कि एजेंटों ने ऋण दिलाने के नाम पर फॉर्म भरवाया, उनके घर के पशुओं की तस्वीरें लीं और फिर बैंक से ऋण की पूरी रकम निकाल ली, लेकिन पीड़ित को एक रुपया भी नहीं दिया गया।आरोपियों में गुड़ाबन्दा निवासी विजोलिया हिमांशु बेरा और मनोहर सिंह के नाम सामने आए हैं। पीड़ित का कहना है कि एजेंटों ने भरोसा दिलाया था कि पशु ऋण स्वीकृत होते ही राशि उन्हें दी जाएगी, लेकिन रकम निकलने के बाद दोनों एजेंट गायब हो गए।बुधवार को पीड़ित द्विजेन राउत ने बहरागोड़ा के प्रखंड विकास पदाधिकारी को उपायुक्त के नाम एक लिखित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने बताया कि करीब तीन महीने पहले एजेंटों ने उन्हें झांसे में लेकर सभी औपचारिकताएं पूरी कराईं और पशुओं को दिखाकर बैंक से पूरी राशि निकाल ली। इसके बावजूद अब तक उन्हें कोई पैसा नहीं मिला है।मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब पीड़ित ने अपनी शिकायत सीपीआई(एम) के पार्टी कार्यालय में दर्ज कराई। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए सीपीआई(एम) के राज्य सदस्य स्वपन कुमार महतो और अंचल सचिव चित्त रंजन महतो पीड़ित को लेकर सीधे प्रखंड कार्यालय पहुंचे।नेताओं ने बीडीओ को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की गहन जांच कराने और दोषी एजेंटों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि पशु ऋण जैसी योजनाओं में इस तरह की धोखाधड़ी होती रही, तो आम ग्रामीणों का सरकारी योजनाओं से भरोसा उठ जाएगा।

बहरागोड़ा:-मोधाबेड़ा मध्य विद्यालय में शिक्षक संकट........

बहरागोड़ा संवाददाता 

बहरागोड़ा: बहरागोड़ा प्रखंड क्षेत्र के पाथरी पंचायत अंतर्गत मोधाबेड़ा मध्य विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। केजी से लेकर आठवीं कक्षा तक नामांकित 100 से अधिक विद्यार्थियों की पढ़ाई केवल दो शिक्षकों के सहारे चल रही है। इस हालात ने न सिर्फ स्कूल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर भी खतरा पैदा कर दिया है।विद्यालय में कार्यरत दोनों शिक्षक प्राथमिक कक्षाओं (कक्षा 1 से 5) के लिए नियुक्त हैं। बावजूद इसके, शिक्षक कमी के कारण उन्हें छठी से आठवीं कक्षा तक भी पढ़ाना पड़ रहा है। जबकि इन कक्षाओं में गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों के लिए विषय-विशेषज्ञ शिक्षकों की जरूरत होती है। यह व्यवस्था शिक्षा विभाग के तय मानकों के अनुरूप नहीं है।शिक्षकों की कमी के चलते स्कूल में रोजाना बहुवर्गीय शिक्षण व्यवस्था अपनाई जा रही है। यानी एक ही शिक्षक को एक साथ कई कक्षाओं और अलग-अलग विषयों को पढ़ाना पड़ता है। इसका सीधा असर पढ़ाई की गुणवत्ता पर पड़ रहा है। न तो पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो पा रहा है और न ही बच्चों को विषयों की स्पष्ट समझ मिल पा रही है। स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों ने इस स्थिति पर गहरी नाराजगी और चिंता जताई है। उनका कहना है कि इतनी कम शिक्षक संख्या में बच्चों को सही मार्गदर्शन मिल ही नहीं सकता। ग्रामीणों का कहना है, “बच्चों को न विज्ञान ढंग से पढ़ाया जा रहा है, न गणित समझ में आ रहा है। आगे की पढ़ाई के लिए उनकी नींव कमजोर हो रही है।” लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की है।यह समस्या केवल मोधाबेड़ा मध्य विद्यालय तक सीमित नहीं है। राज्य के कई ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में स्कूल इसी तरह शिक्षक संकट से जूझ रहे हैं। असंतुलित शिक्षक–छात्र अनुपात और प्रशासनिक उदासीनता के कारण हजारों बच्चों का शैक्षणिक भविष्य सवालों के घेरे में है।

राजनगर में लगा आयुष स्वास्थ्य शिविर, 120 लोगों को मिली नि:शुल्क दवा

राजनगर प्रखंड के अंतर्गत मुड़ियापाडा.राजनगर में निशुल्क आयुष चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया मुख्य अतिथि के रूप में मुखिया मेडम राजो टुडू ने फीटा काट कर आयुष स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन किया गया आस-पास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. शिविर में आये महिला-पुरुषों ने आयुष चिकित्सकों को अपनी स्वास्थ्य समस्याएं बतायी. मौके पर डॉ. सविता सिंह और डा. विभूति ने आथोराईटिस बुखार, सिरदर्द, घुटना दर्द, पेट दर्द, दाद – खुजली, कमर दर्द आदि विभिन्न रोगों की जांच कर लगभग 120 लोगों को नि:शुल्क दवा वितरण किया. योग प्रशिक्षक ईश्वर चंद्र महतो ने लोगों को कई महत्वपूर्ण योगासन, प्राणायाम और व्यायामों की जानकारी देकर रोगों से बचाव के उपाय भी बताये. मुखिया मेडम ने बताया कि गांव के लोगों को आयुष पद्धति की दवाओं से उन्हें काफी लाभ मिल रही है, इसलिए वे नियमित रूप से ऐसे शिविरों में भाग लेते हैं. शिविर में सहिया भी उपस्थित थी.






खरसावां: आवासीय फुटबाल प्रशिक्षण केंद्र के तीन खिलाड़ियों का राष्ट्रीय चैंपियन बनने पर भव्य स्वागत

स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के तहत होने वाले अंदर 14 फुटबॉल टूर्नामेंट में आवासीय फुटबाल प्रशिक्षण केंद्र का के तीन खिलाड़ियों का खरसावां पहुंचने पर चांदनी चौक में भव्य स्वागत किया गया. झारखंड की टीम ने पंजाब को फाइनल मैच में 6-5 से पराजित कर नेशनल चैंपियन बनने का खिताब हासिल किया और सबसे बड़ी बात आवासीय फुटबाल प्रशिक्षण केंद्र के शैलेश बड़ा ने मैन ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब भी प्राप्त किया. झारखंड राज्य की टीम में शुभांशु ,शैलेश बेहरा और आकाश मुर्मू की तिगड़ी ने हिमाचल प्रदेश मणिपुर दिल्ली समेत टीमों को खूब नचाया. इन खिलाड़ियों की उपलब्धि पर सरायकेला खरसावां जिला के खेल पदाधिकारी अमित कुमार सरायकेला खरसावां जिला स्पोर्ट्स एसोसिएशन के सचिव मोहम्मद दिलदार पिनाकी रंजन कोच बलराम महतो और संजय सुंडी भावेश मिश्रा , संजय महतो, विजय डिग्गी समिति खेल प्रेमियों ने खिलाड़ियों को माला पहनकर मिठाई खिलाकर और पटाखा फोड़ कर चांदनी चौक में जोरदार स्वागत किया.




बालीगुमा: विजय सेना द्वारा दो दिवसीय निःशुल्क मेगा कैंप का सफल आयोजन

बालीगुमा: "विजय सेना" द्वारा आयोजित एक निःशुल्क दो दिवसीय मेगा कैंप सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। लगातार कई वर्षों से विजय सेना का प्रयास रहा है कि विभिन्न क्षेत्रों में केंद्र व राज्य सरकार की लाभकारी योजनाओं व स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ गरीब व जरूरतमंद परिवारों तक पहुँचे और समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े लोग इन योजनाओं से जुड़ सकें।






बालीगुमा स्थित सुकना बस्ती में आयोजित इस विशेष शिविर के माध्यम से जरूरतमंद लोगों व गरीब परिवारों को राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, हेल्थ कार्ड, ई-श्रम कार्ड जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं से जोड़ा गया, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके।

मेगा कैंप के समापन अवसर पर विजय सेना के अध्यक्ष श्री तहसीन हाशमी (बंटी जी) ने कहा कि हजारों लोग विजय सेना के लगाए गए इस प्रकार के शिविरों से लाभान्वित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी विजय सेना राजनीति, जाति-पाति से ऊपर उठकर, केवल लोगों की सेवा के अपने मूल उद्देश्य पर कार्य करती रहेगी।

इस सफल आयोजन पर विजय सेना के संरक्षक श्री विजय सोय ने सभी सदस्यों व स्वयंसेवकों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि टीम के द्वारा किया गया यह सेवा-कार्य जरूरतमंद परिवारों को वास्तविक राहत और सहयोग प्रदान करेगा।

इस अवसर पर शिविर में श्री डी. मिश्रा जी, श्री सूरज हांसदा जी, श्री सिकंदर सोय sultan ahmad ji irshad जी सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता विशेष रूप से उपस्थित रहे।


खरसावा सीएचसी भवन निर्माण में देरी का मुद्दा सदन में उठा

झारखंड विधानसभा के शून्य काल और तारांकित प्रश्न काल में खरसावा विधायक दशरथ गागराई ने धीमी गति से चल रहे नये सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण कार्य स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे को सरकार के समक्ष उठाया। 


वित्तीय वर्ष 2022-23 में स्वीकृत इस योजना को अब तक पूर्ण हो जाना था परंतु 50 फीसदी भौतिक लक्ष्य भी अब तक हासिल नहीं किया जा सका है। विधायक ने सदन के माध्यम से सरकार से यह मांग की कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरसावा के लिए बन रहे नए भवन के निर्माण कार्य को शीघ्र पूर्ण कराया जाय।









जमशेदपुर: सर्वे भवन्तु सुखिन सर्वे संतु निरामया ही है मानवाधिकार की मूल प्रेरणा -डा ए के झा

मानवाधिकार सिद्धांत एवं व्यवहार विषय पर एल बी एस एम कॉलेज जमशेदपुर के राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय सेमिनार में मुख्य वक्ता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अशोक कुमार झा, वक्ता के रूप में डॉ अजेय वर्मा, डॉ कमलेश कुमार कमलेंदु, डॉ मौसमी पॉल ने अपने वक्तव्य रखे।

वेदों में जन विश से होकर गुजरते हुए भारतीय आदिवासी स्वशासन व्यवस्था जो व्यक्ति मात्र के सम्मान के प्रति सामूहिक चेतना के साथ उत्प्रेरित है। वास्तव में मानवाधिकार की मूल अवधारणा को आकर प्रदान करता है।




 *"सं गच्छध्वम् सं वदध्वम्" "वसुधैव कुटुंकम" के साथ "परोपकार: पुन्याय पापाय परपीड़नम" की अवधारणा ही सम्यक मानवाधिकार का आधार हो सकता है। ये बातें राजनीति विज्ञान विभाग में आयोजित सेमिनार में मुख्य वक्ता डॉ ए के झा ने कही।* 

अतिथियों का स्वागत एवं विषय प्रवेश करते हुए राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष *डॉ* *विनय कुमार गुप्ता ने कहा कि* 

 *आज जिस विषय पर हम विचार-विमर्श के लिए एकत्र हुए हैं — “मानवाधिकार: सिद्धांत एवं व्यवहार” — वह विषय केवल कानून, राजनीति विज्ञान या समाजशास्त्र का विषय नहीं है, बल्कि यह समस्त मानव सभ्यता के नैतिक और बौद्धिक विकास का केंद्रबिंदु है। मानवाधिकार किसी राष्ट्र की देन नहीं हैं, बल्कि वे मनुष्य के जन्मसिद्ध अधिकार हैं, जो उसकी गरिमा, स्वतंत्रता, समानता और सम्मान की रक्षा करते हैं।* 

मानवाधिकारों की अवधारणा इस विचार पर आधारित है कि हर मनुष्य, सिर्फ मनुष्य होने के कारण, कुछ मूलभूत अधिकारों का अधिकारी है। ये अधिकार जाति, धर्म, रंग, भाषा, लिंग, आर्थिक स्थिति या सामाजिक पृष्ठभूमि से परे हैं। मानवाधिकारों का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति अमानवीय व्यवहार, अन्याय, शोषण या भय के वातावरण में जीवन व्यतीत न करे।

ऐतिहासिक दृष्टि से देखें तो मानवाधिकारों का विचार अचानक उत्पन्न नहीं हुआ, बल्कि यह मानव समाज के लंबे संघर्षों, आंदोलनों और अनुभवों का परिणाम है। प्राचीन भारतीय दर्शन में “सर्वे भवन्तु सुखिनः” जैसी अवधारणाएँ, बुद्ध की करुणा, महावीर का अहिंसा सिद्धांत, यूनानी दार्शनिकों की प्राकृतिक न्याय की अवधारणा, मैग्नाकार्टा, फ्रांसीसी क्रांति और अंततः 1948 की संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा — ये सभी मानवाधिकारों के विकास की महत्वपूर्ण कड़ियाँ हैं।

आज के वैश्विक परिदृश्य में मानवाधिकार केवल नैतिक उपदेश नहीं रह गए हैं, बल्कि वे संवैधानिक, कानूनी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सिद्धांत बन चुके हैं।प्रत्येक लोकतांत्रिक देश का यह दायित्व है कि वह अपने नागरिकों की गरिमा की रक्षा करे और उनके अधिकारों को वास्तविक रूप से लागू करे। भारत जैसे देश में, जहाँ सामाजिक विविधता, आर्थिक असमानता और सांस्कृतिक बहुलता है, वहाँ मानवाधिकारों का महत्व और भी बढ़ जाता है। भारत का संविधान मानवाधिकारों का एक सशक्त दस्तावेज है, जो समानता, स्वतंत्रता,धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय की भावना पर आधारित है।

वक्ता के रूप में शामिल *डा अजेय वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट और अंतरराष्ट्रीय न्यायालय द्वारा दिए गए इस संबंध में दिए गए निर्णयों का उल्लेख किया तथा मानवाधिकारों के आयामों में किस प्रकार से विस्तार हुआ उसका वृहत रूप से उल्लेख किया।** 

वक्ता *डॉ कमलेश कुमार कमलेंदु ने कहा कि मानवाधिकार हमें मानव होने के नाते मिला है। अन्य को नहीं मिला है। मानवाधिकार आयोग उसकी रक्षा करता है।* 

समापन एवं ध्यानवाद ज्ञापन करते हुए आईक्यूएसी समन्वयक *डॉ मौसमी पॉल ने कहा कि समकालीन परिदृष्य में मानवाधिकार के साथ साथ मानव अधिकार कर्तव्य के विषय में सचेतन होने की जरूरत है।* 

कार्यक्रम *संचालन राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो विकास मुंडा ने किया।राष्ट्रगान के साथ सेमिनार का समापन हुआ।* इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ *दीपांजय श्रीवास्तव,प्रो पुरुषोत्तम प्रसाद, प्रो संतोष राम, डॉ सुष्मिता धारा, डॉ सुधीर कुमार सहित सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे।*





आईएमएफ ने भारत के यूपीआई को दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम माना…

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) को लेनदेन की मात्रा के आधार पर दुनिया के सबसे बड़े रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम के रूप में मान्यता दी है। यह जानकारी सरकार ने सोमवार को दी।



वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि यह तथ्य आईएमएफ की जून 2025 की रिपोर्ट ‘बढ़ते खुदरा डिजिटल भुगतान (इंटरऑपरेबिलिटी की वैल्यू)’ में दर्ज किया गया है।

यूपीआई वैश्विक सूची में शीर्ष पर

इसके अलावा, एसीआई वर्ल्डवाइड की ‘प्राइम टाइम फॉर रियल-टाइम 2024’ रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक रियल-टाइम भुगतान प्रणाली में 49% हिस्सेदारी और 129.3 अरब लेनदेन के साथ यूपीआई वैश्विक सूची में शीर्ष पर है।

ब्राजील 14% बाजार हिस्सेदारी और 37.4 अरब लेनदेन के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि थाईलैंड 8% हिस्सेदारी और 20.4 अरब लेनदेन के साथ तीसरे स्थान पर है। चीन 6% हिस्सेदारी और 17.2 अरब लेनदेन के साथ चौथे स्थान पर है।

यूपीआई समेत डिजिटल भुगतान प्रणालियों को अपनाने में सहायता प्रदान करने के लिए सरकार, आरबीआई और एनपीसीआई द्वारा समय-समय पर कई पहल की गई

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि छोटे व्यापारियों को यूपीआई समेत डिजिटल भुगतान प्रणालियों को अपनाने में सहायता देने के लिए सरकार, भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा समय-समय पर कई पहल की गई हैं।

भीम-यूपीआई लेनदेन को प्रोत्साहित करने के लिए इंसेंटिव योजना

इन पहलों में कम मूल्य के भीम-यूपीआई लेनदेन को प्रोत्साहित करने के लिए इंसेंटिव योजना और पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (पीआईडीएफ) शामिल हैं। इसके तहत टियर-3 से टियर-6 शहरों में डिजिटल भुगतान अवसंरचना- जैसे पीओएस टर्मिनल और क्यूआर कोड स्थापित करने के लिए बैंकों और फिनटेक कंपनियों को अनुदान दिया जाता है।

पीआईडीएफ के माध्यम से लगभग 5.45 करोड़ डिजिटल टचपॉइंट स्थापित

मंत्री ने बताया कि 31 अक्टूबर 2025 तक टियर-3 से टियर-6 केंद्रों में पीआईडीएफ के माध्यम से लगभग 5.45 करोड़ डिजिटल टचपॉइंट स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2024-25 तक करीब 6.5 करोड़ व्यापारियों के लिए 56.86 करोड़ क्यूआर कोड लगाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार, आरबीआई और एनपीसीआई ने देशभर में सार्वजनिक सेवाओं, परिवहन और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तक में रुपे और यूपीआई आधारित डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं।

झारखंड कैबिनेट की बैठक में 33 अहम प्रस्तावों पर मुहर

सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को झारखंड कैबिनेट की अहम बैठक संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 33 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन प्रस्तावों में शिक्षा, सड़क निर्माण, बांध सुरक्षा, वन्यजीव संरक्षण और प्रशासनिक फैसलों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।

 *कैबिनेट में पारित प्रमुख प्रस्ताव

शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े निर्णय* 



बालूमाथ में डिग्री कॉलेज निर्माण के लिए 38 करोड़ रुपये की मंजूरी।

रिम्स के सरकारी सह प्राध्यापकों को पदोन्नति प्रदान की गई।

गोड्डा सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी को निलंबित करने का निर्णय।

सड़क निर्माण परियोजनाओं को मिली स्वीकृत

गोड्डा में सड़क निर्माण के लिए 127 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति।

साहेबगंज में पथ निर्माण हेतु 61 करोड़ की मंजूरी।

डाल्टेनगंज–चैनपुर पथ पर कोयल नदी पर पुल बनाने का निर्णय।

गुमला के बानो पथ के लिए 140 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति।

अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव


वर्ष 2026 के सरकारी अवकाश कैलेंडर को मंजूरी।

बांध सुरक्षा अधिनियम के तहत राज्य बांध सुरक्षा समिति को स्वीकृति।

गिद्ध प्रजनन के लिए एमओयू पर मोहर।

एजी प्रतिवेदन को कैबिनेट की मंजूरी।

झारखंड सरकार का कहना है कि इन फैसलों से राज्य में आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी तथा वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में भी नई पहल को बढ़ावा मिलेगा।

बिहार: हलवाई के बैंक खाते में अचानक दिखे 600 करोड़, बौराया…

बिहार : बक्सर के हाता थाना क्षेत्र के बरका राजपुर गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक गरीब हलवाई जितेंद्र साह के बैंक खाते में अचानक 600 करोड़ रुपये दिखाई देने लगे। इस घटना ने उसे और बैंक कर्मचारी और गांव वालों को भी हैरान कर दिया। हलवाई जितेंद्र साह जब आम तर्ज पर अपने खाते का बैलेंस चेक कराने गया, तो पासबुक अपडेट पर स्क्रीन पर रकम दिखी ₹ 6,00,00,00,478.20 यानी 600 करोड़ रुपये। वहीं, उसके खाते में वास्तविक राशि मात्र ₹ 478.20 ही थी। इतने चौकाने वाले बैलेंस को देखकर CSP सेंटर पर मौजूद सभी लोग हैरान रह गये और तुरंत रिकॉर्डिंग सुरक्षित कर ली गई। घटना की सूचना मिलते ही बैंक ने सुरक्षा कारणों से उस खाते को फ्रीज कर दिया।वहीं, मामले की सूचना पुलिस और साइबर क्राइम यूनिट को भेजी गई। थानेदार पूजा कुमारी और उनकी टीम ने जांच शुरू कर दी है।



शुरूआती जांच में अब तक पुलिस और बैंक दोनों ही इसे तकनीकी त्रुटि (technical error / system glitch) या साइबर ग्लिच की आशंका जता रहे हैं। आधिकारिक बयान के अनुसार, “कैसे ₹478 वाले खाते में अचानक 600 करोड़ दिखाई दिये, यह जांच का विषय है।” वहीं कहा जा रहा है कि मामला जितना अकल्पनीय है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है, क्योंकि बैंकिंग सिस्टम में इस तरह की गड़बड़ी किसी भी ग्राहक के लिये भारी मुसीबत बन सकती है।यह पहली बार नहीं है कि किसी बैंक खाते में अचानक कई करोड़ रुपये दिखने की खबर सामने आई हो। 2025 में बिहार के कटिहार जिले में दो बच्चों के खातों में करोड़ों रुपये दिखने का मामला सामने आया था, जिसे बाद में ‘सिस्टम ग्लिच’ बताया गया था। देश के अन्य हिस्सों में भी बैंकिंग सिस्टम या साइबर त्रुटि को कारण बताते हुये इसी तरह के “गलत जमा- गलत बैलेंस” मामलों की खबर मिलती रही है।

आगे की कार्रवाई

बैंक और साइबर क्राइम यूनिट ने इस घटना को गंभीर मामला माना है और फुल तकनीकी ऑडिट + लॉग जांच शुरू कर दी है। खाते को फ्रीज किया गया है, अभी तक कोई पैसा निकल नहीं पाया है। अगर यह गड़बड़ी साबित हुई, तो यह न सिर्फ इस व्यक्ति के लिये बल्कि बैंकिंग सिस्टम की विश्वसनीयता के लिये चिंता का विषय बनेगी।

दुमका: 80 हजार में बेच दी गई थी ये लड़की…

झारखंड: दुमका के सरैयाहाट थाना क्षेत्र के एक शांत से गांव में उस वक्त हलचल मच गई जब 14 साल की एक नाबालिग लड़की अचानक लापता हो गई। दादी की आंखों से नींद उड़ गई, घर वालों की आवाज बैठ गई, “सिलाई सीखने निकली थी, वापस नहीं लौटी।” किसे पता था कि मासूम को बहला-फुसलाकर बिहार के मोतीहारी में 80 हजार रुपये में बेच दिया गया है। लेकिन पुलिस ने फौरी कार्रवाई कर अंधेरे में छिपे सफेदपोश सौदागरों का चेहरा उजागर कर दिया। बीते 6 दिसंबर को गुमशुदगी की सनहा दर्ज होते ही थानेदार राजेंद्र यादव हरकत में आये। अनुसंधान ने संकेत दिया कि लड़की मुजफ्फरपुर में है। 



टीम रवाना ही हुई थी कि दादी रोती-रोती थाने पहुंचीं, “बेटी को बेच दिया है 80 हजार में, मोतिहारी के सगहरी गांव में अरुण सिंह के पास।” इसके बाद पुलिस टीम सीधे मोतीहारी पहुंची, अरुण सिंह के घर छापेमारी हुई और वहां से नाबालिग को सही-सलामत खोज निकाला गया। अरुण सिंह को वहीं से गिरफ्तार कर दुमका लाया गया। इधर, दूसरी पुलिस टीम ने मरकुंडा, बाबुडीह, गोड्डा के बक्सरा गांव में दबिश देकर तीन महिला आरोपियों चुड़की देवी, पार्वती देवी, पिंकी देवी उर्फ प्रियंका को गिरफ्तार कर लिया। चारों को आज सोमवार को जेल भेज दिया गया। थानेदार राजेंद्र यादव ने मीडिया से कहा कि “मानव तस्करी की जानकारी मिलते ही बिना देरी कार्रवाई की गई। लड़की को सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया गया है। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। यह मामला पूरी तरह उजागर हो चुका है।”

PUMA छोड़ विराट कोहली ने लगाया 40 करोड़ का निवेश…

भारतीय क्रिकेट के सुपरस्टार विराट कोहली ने आज एक बड़ा बिजनेस कदम उठाते हुये भारतीय स्पोर्ट्सवियर स्टार्टअप Agilitas Sports के साथ अपनी नई साझेदारी का ऐलान किया। साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2-1 से वनडे सीरीज जीतने और ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ बनने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया वीडियो के जरिये इस नई शुरुआत की पुष्टि की।कोहली ने इस साल की शुरुआत में जर्मन स्पोर्ट्सवियर कंपनी PUMA के साथ 2017 में हुई लगभग 110 करोड़ रुपये की अपनी लंबी साझेदारी खत्म कर दी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक PUMA ने कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल के लिये करीब 300 करोड़ रुपये की पेशकश भी की थी, लेकिन कोहली ने इसे ठुकरा दिया और भारतीय स्टार्टअप Agilitas को चुना। Agilitas Sports एक फुल-लाइफसाइकल स्पोर्ट्सवियर कंपनी के रूप में मजबूत इकोसिस्टम तैयार कर रही है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग से लेकर रिटेल तक सब कुछ एक ही प्लेटफॉर्म पर होगा। कोहली जैसे ग्लोबल आइकन की एंट्री से ब्रांड को विश्वसनीयता और युवाओं में व्यापक पहुंच मिलने की उम्मीद है।



क्यों चुना Agilitas Sports?

Agilitas Sports की स्थापना अभिषेक गांगुली ने की है, जो PUMA इंडिया और साउथ ईस्ट एशिया के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर रह चुके हैं। कोहली के मुताबिक उन्हें कंपनी की मजबूत मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, इंडस्ट्री की गहरी समझ, कुशल और अनुभवी टीम ने प्रभावित किया। कोहली ने कहा, “यह सिर्फ एक बिजनेस डील नहीं, बल्कि ऐसा मंच है जो लोगों को अपना सर्वश्रेष्ठ हासिल करने के लिये प्रेरित करता है। यह हमारे लोगों द्वारा बनाया गया है और भारत में ही निर्मित है।”

ब्रांड एंबेसडर नहीं, अब को-क्रिएटर

रेगुलेटरी फाइलिंग्स के अनुसार कोहली ने कंपनी में लगभग 40 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जिससे उन्हें 1.94% हिस्सेदारी मिली है। इस साझेदारी के साथ उनकी भूमिका सिर्फ ब्रांड एंबेसडर की नहीं, बल्कि को-क्रिएटर और स्टेकहोल्डर की होगी। वह ब्रांड की रणनीति और दिशा तय करने में अहम भूमिका निभायेंगे।

One8 को मिलेगा नया रूप

कोहली का लोकप्रिय लाइफस्टाइल ब्रांड One8, जो पहले PUMA के साथ जुड़ा था, अब Agilitas के बिजनेस मॉडल के तहत आगे बढ़ेगा। योजना के मुताबिक, One8 की नई ब्रांड आइडेंटिटी तैयार होगी, नये फुटवियर और अपैरल कलेक्शन लॉन्च होंगे, रिटेल नेटवर्क को तेजी से विस्तार दिया जायेगा, ब्रांड को ग्लोबल स्तर पर ले जाने का लक्ष्य है।

बिहार: RJD नेता के घर फा’यरिंग मामले में एक्शन…

बिहार: भदईया पंचायत के रमैया गांव में RJD नेता अमरेश राय के घर फायरिंग, रोड़ेबाजी और गाली-गलौज के मामले में पुलिस ने एक आरोपी मनीष कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी घटना के बाद फरार था और उसी गांव का रहने वाला है।

पुलिस ने आरोपी की पहचान फायरिंग का वीडियो और घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों के आधार पर की। अब पुलिस मनीष कुमार के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है ताकि हथियार बरामद किया जा सके। इससे पहले इस मामले में तेज नारायण और उनके पुत्र सतीश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।



जानकारी के अनुसार, इस साल 19 अगस्त की रात कुछ लोगों ने अमरेश राय के घर पर धावा बोलकर गाली-गलौज की और फायरिंग की। घर के कैंपस में खड़ी स्कॉर्पियो पर पत्थर मारकर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस मामले में पुलिस ने मनीष कुमार समेत 20-25 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया था। घटना के पीछे रंगदारी और पारिवारिक विवाद को मुख्य कारण बताया जा रहा है। इस मामले में मारपीट समेत अन्य आरोपों के तहत 178/25 का मामला दर्ज किया गया है।

राँची: दोस्ती से प्लानिंग तक हुई जेल में, बाहर निकल ताबड़तोड़ किया कांड

राँची: रातू और आसपास के बाजारों में लगातार चोरी हो रही मोटरसाइकिलों के पीछे की कहानी जितनी साधारण दिखती थी, असल में उतनी थी नहीं। पुलिस की ताजा कार्रवाई ने एक ऐसे गिरोह का राज खोला है, जिसकी नींव किसी अंधेरी गली में नहीं, बल्कि जेल की ऊंची दीवारों के भीतर पड़ी थी। वहीं बनी दोस्ती, वहीं बना प्लान और बाहर आते ही एक के बाद एक वारदातें शुरू।



जेल से निकलते ही बन गया पूरा गैंग

8 दिसंबर को मिली गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने जब पंडरा ओपी क्षेत्र से पहले जेल जा चुके राजहंस सिंह उर्फ कारू सिंह को पकड़ा, तो शुरुआत में लगा यह एक साधारण चोरी का मामला है। लेकिन पूछताछ आगे बढ़ी तो कहानी खुली। कारू ने बताया कि जेल में उसकी मुलाकात रंजन महतो, रामू सिंह और घुरन प्रधान से हुई थी। चारों ने वहीं तय किया था कि बाहर निकलते ही साथ काम करेंगे। काम कोई व्यवसाय नहीं, बल्कि चोरी था।

रातू की सड़कों पर निशाना, बाजारों पर नजर

कारू की निशानदेही पर पुलिस ने दो मोटरसाइकिलें बरामद की। इसके बाद बिजुलिया चौक पर वाहन जांच में तीन और बाइक मिल गईं। गिरोह रातू और आसपास के बाजारों की रेकी करता था। मौका मिलते ही बाइक गायब कर देते थे। बरामद वाहनों में वह होंडा साइन भी मिली, जिसे 6 दिसंबर को दलादली सब्जी बाजार से चुराया गया था।

जेल में मुलाकात, बाहर आकर अपराध का गठजोड़

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि चारों आरोपी अलग-अलग मामलों में जेल गए थे। कोई जमीन कब्जा मामले में, कोई हत्या के आरोप में, कोई दुर्घटना के मामले में और कोई चोरी-लूट में। अलग-अलग दुनिया के ये चार लोग जेल में रोज मिलते थे। वहीं उनकी बातचीत अपराध की ओर मुड़ती गई और धीरे-धीरे एक प्लान बन गया। जेल से निकलने के बाद सबने अपना ठिकाना बदल लिया, लेकिन संपर्क नहीं टूटा। रातू और पंडरा क्षेत्र को उन्होंने आसान निशाना चुना। भीड़, बाजार और शाम की अफरा-तफरी उनके लिए सही मौका बन जाती थी।

कारू के धराते ही खुली पूरी कहानी

जब पुलिस ने कारू को पकड़ा, तो उसने बाकी तीन साथियों के नाम भी उगल दिए। इसके बाद बिजुलिया चौक पर चल रही जांच में तीन आरोपी बाइक सहित दबोच लिए गए। सभी ने चोरी की बात स्वीकार की। कारू सिंह के खिलाफ चौपारण और पंडरा ओपी में चोरी और हथियार रखने के मामले दर्ज हैं। रंजन महतो जमीन कब्जा मामले में आरोपी है। रामू सिंह पर हत्या और दुर्घटना से जुड़े गंभीर केस हैं। घुरन प्रधान बीएनएस की धाराओं में नामजद है। यह सिर्फ चोरी का गैंग नहीं, बल्कि ऐसे अपराधियों का समूह था जो खुद को फिर से सक्रिय बनाने की कोशिश में था। चारों अभी पुलिस के शिकंजे में हैं।

ये गाड़ियां हुई बरामद

बरामद बाइकें इस प्रकार हैं:

हीरो होंडा स्प्लेंडर (JH02K-0321)

पल्सर (JH01DJ-8489)

पल्सर (JH05AF-3251)

पल्सर (JH01ATT-0753)

होंडा साइन (JH01CF-9142)

रंग लाई इनकी मेहनत

पूरी कार्रवाई रुरल एसपी पिरवीण पुष्कर के नेतृत्व में डीएसपी अरविंद कुमार के देखरेख में की गई। रातू थानेदार राम नारायण सिंह के अलावा एसआई संतोष यादव, अनुरंजन कुमार, छोटू कुमार, विशेश्वर कुमार, महेश प्रसाद कुशवाहा, एएसआई जुल्फीकार अली, सुनील कुमार सिंह और सशस्त्र बल के जवानों की भूमिका सराहनीय रही।

पटना: डीए बढ़ा, नई योजनाओं को मंजूरी… जानें नीतीश कैबिनेट के 19 अहम फैसले

पटना में मंगलवार को हुई नीतीश कैबिनेट बैठक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत लेकर आई। सरकार ने महंगाई भत्ता 5 प्रतिशत बढ़ाने का फैसला किया है। यह बढ़ी हुई दर 1 जुलाई 2025 से लागू होगी। अब षष्ठम वेतनमान वाले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 252 प्रतिशत की जगह 257 प्रतिशत DA मिलेगा, जबकि पंचम वेतनमान वालों का DA 466 प्रतिशत से बढ़कर 474 प्रतिशत हो जाएगा। बढ़ा हुआ DA जल्द जारी होने की उम्मीद है। इससे लाखों परिवारों को सीधा आर्थिक फायदा मिलेगा।


तीन नए विभागों का गठन

अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि सरकार ने तीन नए विभाग बनाने की मंजूरी दी है। अब राज्य में कुल 48 विभाग हो जाएंगे।

नए विभाग इस प्रकार हैं:

• युवा रोजगार और कौशल विकास विभाग

• उच्च शिक्षा विभाग

• सिविल विमानन विभाग


इसके साथ कुछ मौजूदा विभागों के नाम भी बदले गए

• पशु और मत्स्य संसाधन विभाग अब डेयरी मत्स्य और पशु संसाधन विभाग कहलाएगा।

• श्रम संसाधन विभाग अब श्रम संसाधन और प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग बनेगा।

• कला संस्कृति और युवा विभाग का नाम बदलकर कला और संस्कृति विभाग किया गया है।

सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ा लाभ

बैठक में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत देते हुए डीए में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई।

• षष्ठम वेतनमान वाले कर्मचारियों और पेंशनरों को अब 252 की जगह 257 प्रतिशत डीए मिलेगा।

• पंचम वेतनमान वाले कर्मचारियों को 466 की जगह 474 प्रतिशत डीए मिलेगा।

यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2025 से लागू होगी।


युवाओं के कौशल विकास से जुड़ा एमओयू

कैबिनेट ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ एमओयू की स्वीकृति भी दी है। इसके तहत युवाओं के लिए विद्यार्थी कौशल कार्यक्रम चलाया जाएगा।


नगर निकायों के बिजली बकाया के लिए राशि मंजूर

राज्य के नगर निकायों की पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों के बकाया भुगतान के लिए 400 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई।


एक अधिकारी को सेवा से बर्खास्त करने की मंजूरी

राज्य खाद्य निगम के पूर्व जिला प्रबंधक सुधीर कुमार को सेवा से बर्खास्त करने का फैसला भी कैबिनेट ने लिया।

वन्यजीव संरक्षण और जैविक उद्यान से जुड़े फैसले

• वाल्मीकि व्याघ्र फाउंडेशन और न्यास के लिए 15 करोड़ रुपये की कॉर्प्स फंड राशि स्वीकृत।

• संजय गांधी जैविक उद्यान के लिए एक नई प्रबंधन तथा विकास समिति और इसका निबंधन कराने की मंजूरी।

राज्य में रोजगार और उद्योग को बढ़ावा देने पर जोर

पहले कैबिनेट की बैठक में सरकार एक करोड़ नौकरी देने की दिशा में कई कदमों की स्वीकृति दे चुकी है। बिहार को टेक्नोलॉजी हब बनाने, डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर पार्क जैसे बड़े प्रोजेक्टों पर काम के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है।

चीनी मिलों को फिर से शुरू करने का फैसला

बिहार में बंद पड़ी 25 चीनी मिलों को दोबारा खोलने की दिशा में भी काम शुरू हो चुका है। इसके लिए भी एक उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है।

न्यू एज इकोनॉमी और सैटलाइट टाउनशिप योजना आगे बढ़ी

राज्य को न्यू एज इकोनॉमी के तहत एक ग्लोबल बैंकिंग और वर्कप्लेस हब बनाने के लिए शीर्ष समिति के गठन पर भी मंजूरी दी गई। इसके साथ राज्य में 11 सैटलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना को भी कैबिनेट ने सहमति दी है।

बिहार सरकार ने बनाए 3 नए विभाग, रोजगार बढ़ाने की बड़ी तैयारी

पटना में मंगलवार शाम हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बिहार सरकार ने तीन नए विभागों के गठन पर मुहर लगा दी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में युवाओं को रोजगार देने, पढ़ाई को बेहतर बनाने और विमानन सेवाओं का विस्तार करने पर जोर दिया गया।



कौन से नए विभाग बने

सरकार ने युवा रोजगार और कौशल विकास विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और सिविल विमानन विभाग बनाने का निर्णय लिया। इन विभागों के जरिए युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और नौकरी से जुड़े अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही राज्य में एयर कनेक्टिविटी और विमानन सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा।


चुनावी वादे की दिशा में कदम

सरकार का कहना है कि इन नए विभागों का गठन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस वादे का हिस्सा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगले पांच साल में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार दिया जाएगा। नए विभाग इस लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेंगे।


क्यों जरूरी थे ये नए विभाग

अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि अभी 45 विभाग काम कर रहे हैं, लेकिन बढ़ती सरकारी योजनाओं और जिम्मेदारियों को देखते हुए तीन नए विभाग बनाना जरूरी हो गया था। इन विभागों की मदद से काम तेजी से होगा और योजनाओं में प्रभाव बढ़ेगा।


तीन मौजूदा विभागों के नाम भी बदले

कैबिनेट ने कुछ विभागों के नाम भी बदले हैं।


पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग अब डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग कहलाएगा।

श्रम संसाधन विभाग का नाम बदलकर श्रम संसाधन और प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग कराया गया है।

कला, संस्कृति और युवा विभाग का नाम अब कला और संस्कृति विभाग हो गया है।

सरकार का दावा

सरकार का कहना है कि यह प्रशासनिक बदलाव रोजगार, शिक्षा और विमानन सेवाओं के विकास में बड़ी भूमिका निभाएंगे। इससे राज्य में प्रशासन अधिक व्यवस्थित होगा और युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे।

राँची: सीएम हेमंत थपथपा गये U-14 चैंपियंस की पीठ

राँची : झारखंड की अंडर-14 बालक फुटबॉल टीम मंगलवार को विधानसभा पहुंची, जहां खिलाड़ियों ने सीएम हेमंत सोरेन से भेंट की। सीएम ने सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और सहयोगी टीम को जीत की बधाई देते हुए कहा कि राज्य के युवा खेल के क्षेत्र में लगातार नई पहचान बना रहे हैं।





सीएम ने खिलाड़ियों के जज्बे की सराहना की

सीएम ने बातचीत के दौरान कहा कि झारखंड में खेल के लिए बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं और सरकार कोशिश कर रही है कि हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी को सही मार्गदर्शन और सुविधाएँ मिलें। उन्होंने यह भी कहा कि युवा खिलाड़ी राज्य का गौरव बढ़ा रहे हैं और उनकी मेहनत आने वाले समय में और बड़ी सफलताओं का रास्ता खोलेगी।

SGFI चैंपियनशिप में झारखंड का शानदार प्रदर्शन

यह मुलाकात मध्य प्रदेश के उमरिया में 1 से 6 दिसंबर 2025 तक आयोजित SGFI राष्ट्रीय स्कूली फुटबॉल चैंपियनशिप में झारखंड की जीत के बाद हुई। फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। मैच बराबरी पर छूटने के बाद निर्णय पेनल्टी शूटआउट से हुआ, जहाँ झारखंड ने पंजाब को 6-5 से हराकर खिताब अपने नाम किया। खिलाड़ियों ने बताया कि यह जीत टीम भावना और लगातार अभ्यास की वजह से मिली।

इंडिगो पर DGCA का कड़ा एक्शन, CEO बोले- हमें माफ कर दो

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने इंडिगो एयरलाइन के संचालन पर कड़ा कदम उठाया है। इंडिगो हर दिन लगभग 2,200 उड़ानें चलाती है, जिनमें से अब करीब 110 उड़ानें कम करनी होंगी। DGCA ने एयरलाइन से 10 दिसंबर तक नया संशोधित शेड्यूल जमा करने को कहा है।



विंटर शेड्यूल के मुकाबले कम उड़ानें चलीं

नवंबर 2025 के लिए इंडिगो को प्रति सप्ताह 15,014 प्रस्थान और कुल 64,346 उड़ानों की मंजूरी दी गई थी। लेकिन एयरलाइन केवल 59,438 उड़ानें ही संचालित कर सकी। नवंबर में 951 उड़ानें रद्द की गईं।

इसके अलावा, 403 विमानों के उपयोग की अनुमति के बावजूद इंडिगो अक्टूबर में 339 और नवंबर में 344 विमानों से ही काम कर पाई।

DGCA का निर्देश क्या है

DGCA ने कहा है कि इंडिगो विशेष रूप से अधिक मांग और व्यस्त रूटों पर उड़ानों की संख्या कम करे। किसी रूट पर चल रही एकमात्र उड़ान को बंद करने से बचने का निर्देश दिया गया है।

इंडिगो CEO ने यात्रियों से मांगी माफी

एयरलाइन के CEO पीटर एल्बर्स ने वीडियो संदेश में कहा कि एयरलाइन कठिन समय से गुजर रही है और इसके कारण यात्रियों को परेशानी हुई है।

उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर रिफंड दिए जा रहे हैं और यात्रियों का सामान घर तक पहुंचाया जा रहा है। एयरलाइन ने भरोसा दिलाया कि टीम पूरी क्षमता से स्थिति सुधारने में लगी है।

इंडिगो का आकार और उसका महत्व

इंडिगो देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है। इसके पास 434 विमान हैं और 920 से अधिक नए विमानों का ऑर्डर है। यह रोज 2,200 से अधिक उड़ानें चलाती है और 3.2 लाख से ज्यादा यात्रियों को यात्रा कराती है।

संकट कब और कैसे शुरू हुआ

इंडिगो की समय पर उड़ान (ओटीपी) पिछले कुछ दिनों में तेजी से गिर गई।

1 दिसंबर को ओटीपी 50%

2 दिसंबर को 35%

3 दिसंबर को 19.7%

4 दिसंबर को 8.5% रह गई

इसके पीछे क्रू की कमी और नए FDTL नियम लागू होना बड़ी वजह बताई जा रही है।

इंडिगो पर इसका असर ज्यादा क्यों पड़ा

इंडिगो लो-कॉस्ट मॉडल और उच्च उपयोग के साथ काम करती है।

अधिक उड़ानें

रात की उड़ानों की बड़ी संख्या

कम स्टाफ का मॉडल

इन कारणों से नई परिस्थितियों का सबसे ज्यादा प्रभाव इसी एयरलाइन पर पड़ा।

भारत में बनने जा रहा कच्ची सड़क पर उतरने वाला ‘सुपर विमान’,

अमेरिका की एयरोस्पेस कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने घोषणा की है कि वह भारत में C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान बनाने की योजना पर काम कर रही है। यह दुनिया का पहला ऐसा हब होगा जहां अमेरिका के बाहर इन विमानों का सह-उत्पादन किया जाएगा। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब भारतीय वायुसेना अपने पुराने सोवियत विमानों को बदलने की तैयारी कर रही है।



भारत को ग्लोबल हब क्यों चुना गया

कंपनी के उपाध्यक्ष रॉबर्ट टोथ ने बताया कि भारत उनकी प्राथमिकता है और यही पहला देश है जहां वे अमेरिकी सीमा के बाहर को-प्रोडक्शन सुविधा शुरू करेंगे। यह कदम भारत अमेरिका के बढ़ते रक्षा संबंधों को मजबूत करता है।

C-130J की खासियत और ताकत

C-130J एक बहुउद्देश्यीय सैन्य विमान है जो कच्चे रनवे, पहाड़ी इलाकों और कठिन परिस्थितियों में भी आसानी से उड़ान भर और लैंड कर सकता है।

यह 20 टन तक का भारी पेलोड उठा सकता है।

स्पेशल ऑपरेशंस के लिए बहुत उपयोगी है।

2013 में इस विमान को दौलत बेग ओल्डी पर लैंड कराकर भारत ने अपनी क्षमता दिखाई थी।

C-130J और C-17 का अंतर

C-130J टैक्टिकल मिशन के लिए इस्तेमाल होता है जबकि C-17 स्ट्रैटेजिक लिफ्ट के लिए।

C-130J छोटे रनवे पर उतर सकता है।

C-17 भारी टैंक और बड़े सामान को लंबी दूरी पर ले जाता है।

IAF के पास मौजूद ट्रांसपोर्ट विमान

वायुसेना अभी C-17, IL-76, AN-32, C-295 और डॉर्नियर जैसे विमान इस्तेमाल करती है। पुराने विमानों को हटाने के लिए नए टैक्टिकल एयरलिफ्टर की जरूरत है।

IAF की 80 नए विमानों की जरूरत और मुकाबला

C-130J के साथ ब्राजील का KC-390 और यूरोप का A-400M भी इस रेस में शामिल हैं। ये सभी विमान IAF के ‘मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट’ की दौड़ में हैं।

टाटा के साथ मेंटेनेंस हब का निर्माण

लॉकहीड मार्टिन सिर्फ विमान बनाने ही नहीं, बल्कि भारत में ही उनका मेंटेनेंस हब भी विकसित कर रही है। टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स बेंगलुरु में एक MRO सुविधा बना रही है, जो 2026 तक तैयार होगी। इससे सेवा और मरम्मत का काम भारत में ही हो सकेगा, जिससे लागत और समय दोनों की बचत होगी।

दिल्ली :-दो दोस्तों ने मिलकर बनाई थी Indigo, 2021 में राकेश गंगवाल ने छोड़ा साथ, क्या थी राहुल भाटिया से नाराजगी की वजह

इंडिगो संकट से देश में एविएशन सेक्टर की रफ्तार मानो थम सी गई। पिछले दिनों फ्लाइट्स के लगातार कैंसिल होने से अलग-अलग एयरपोर्ट पर लाखों यात्री फंस गए। इस पूरे घटनाक्रम ने कंपनी के ऑपरेशन से जुड़ी विफलताओं को सामने ला दिया। क्या आप जानते हैं इंडिगो एयरलाइन की शुरुआत 2005 में दो खास दोस्त, राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल ने मिलकर की थी, दोनों की पार्टनरशिप से देश की यह बड़ी एयरलाइन कंपनी बनी। लेकिन, कुछ साल बाद विवाद और मतभेद के चलते राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल की राहें अलग-अलग हो गईं।kदरअसल, 2019 में कंपनी के ऑपरेशन से जुड़े मतभेदों के चलते राकेश गंगवाल ने राहुल भाटिया के खिलाफ आवाज उठाई और सेबी में इसकी शिकायत की। वहीं, राहुल भाटिया ने भी राकेश गंगवाल पर मुकदमा दायर कर दिया।



*क्यों अलग हुए राहुल और राकेश*

राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल ने 2005 में पार्टनरशिप के साथ इंडिगो एयरलाइन शुरू की। जहां राहुल भाटिया के पास लोकल बिजनेस स्किल और एविएशन सर्विसेज का अनुभव था, वहीं राकेश गंगवाल के पास ग्लोबल एयरलाइन से जुड़ी विशेषज्ञता थी, क्योंकि वे पहले यूएस एयरवेज़ में सीईओ रह चुके थे और यूनाइटेड एयरलाइंस में सीनियर पोस्ट पर काम किया था, इसलिए दोनों ने मिलकर एविएशन सेक्टर में कुछ बड़ा करने के लिए इंडिगो एयरलाइन की शुरुआत की।राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल की अगुवाई में इंडिगो कुछ सालों के अंदर ही देश की नंबर वन प्राइवेट एयरलाइन कंपनी बन गई। लेकिन, साल 2019 में दोनों के बीच कायम साझेदारी और आपसी भरोसा टूट गया। राकेश गंगवाल ने इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज के ज़रिए इंडिगो पर राहुल भाटिया के कंट्रोल पर सवाल उठाना शुरू कर दिया, खासकर रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन और बोर्ड की स्वतंत्रता के मामले को लेकर,k राकेश गंगवाल ने कहा कि इस मुद्दे पर पारदर्शिता को लेकर समझौता नहीं किया जा सकता था।

राकेश गंगवाल का मानना था कि कंपनी के मालिक का कंट्रोल गवर्नेंस पर हावी नहीं होना चाहिए, खासकर इंडिगो जैसे बड़े और प्रभावशाली सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध संस्थान में। 2019 में गंगवाल ने शिकायत के साथ सेबी का रुख किया और बाद में भाटिया द्वारा गंगवाल पर मुकदमा दायर करने के बाद, लंदन में मध्यस्थता का रुख किया।

*धीरे-धीरे बेची हिस्सेदारी*

इंडिगो एयरलाइन से राकेश गंगवाल का जाना सिद्धांतों से प्रेरित था। उनका मानना था कि कंपनियों के विस्तार के साथ-साथ प्रशासन के मानकों में भी बदलाव आना चाहिए। राकेश गंगवाल की असहमति केंद्रित नियंत्रण, कथित हितों के टकराव और बोर्ड की स्वतंत्रता के मुद्दों से उपजी थी। वे असमान शक्ति संतुलन से सहमत नहीं थे इसलिए उन्होंने कंपनी से अलग होने का फैसला किया।फरवरी 2022 में राकेश गंगवाल ने बोर्ड से इस्तीफा दे दिया और ऐलान किया कि वह अगले 5 वर्षों में धीरे-धीरे कंपनी से बाहर निकलेंगे। इसलिए उन्होंने इंडिगो में अपनी हिस्सेदारी बेचना शुरू कर दी।

धनबाद लोकसभा क्षेत्र के लिए बहुउद्देशीय खेल स्टेडियम पर सांसद ढुलू महतो द्वारा उठाया गया महत्वपूर्ण प्रश्न — केंद्र सरकार ने दिया जवाब…

धनबाद: धनबाद के लोकसभा सांसद ढुलू महतो ने संसद में धनबाद के युवाओं के खेल भविष्य और क्षेत्र में उच्च स्तरीय खेल अवसंरचना के विकास को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। सांसद ढुलू महतो ने धनबाद में एक आधुनिक एवं बहुउद्देशीय खेल स्टेडियम के निर्माण को लेकर केंद्र सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने कहा कि, धनबाद खेल प्रतिभा से समृद्ध क्षेत्र है, जहाँ क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, एथलेटिक्स सहित अनेक क्षेत्रों में युवा अपनी क्षमता साबित कर रहे हैं, इसलिए एक बड़े स्तर के खेल परिसर की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।



सांसद महतो ने सरकार से यह जानना चाहा कि क्या इस प्रकार के स्टेडियम के निर्माण के लिए कोई प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा गया है और यदि भेजा गया है, तो उसके संबंध में क्या कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या मंत्रालय इस परियोजना को किसी योजना के अंतर्गत स्वीकृति देने की दिशा में विचार कर रहा है तथा क्या प्रस्तावित स्टेडियम में इंडोर हॉल, जिम, कोचिंग सेंटर, हॉस्टल जैसी मल्टी-सुविधाओं को शामिल करने की योजना है।

इसके जवाब में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने सदन को बताया कि मंत्रालय को अभी तक धनबाद में ऐसे किसी बहुउद्देशीय खेल स्टेडियम के निर्माण हेतु कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। इसलिए इस विषय पर आगे की कार्रवाई भी नहीं हो पाई है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि खेल अवसंरचना का विकास मुख्यतः राज्य सरकार के अधीन विषय है, जबकि केंद्र सरकार केवल ‘खेलो इंडिया’ एवं ‘नेशनल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट फंड’ जैसी योजनाओं के माध्यम से राज्यों के प्रयासों को मजबूत करती है। उन्होंने यह भी बताया कि देशभर की स्वीकृत खेल परियोजनाओं का विस्तृत विवरण और प्रगति से संबंधित सभी जानकारियाँ मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइटों पर उपलब्ध हैं।

सांसद ढुलू महतो ने इस उत्तर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि धनबाद के युवा खेल के क्षेत्र में असाधारण क्षमता रखते हैं, लेकिन उचित संसाधन और विश्वस्तरीय सुविधाओं के अभाव में वे अपनी प्रतिभा को पूरी तरह विकसित नहीं कर पाते। उन्होंने राज्य सरकार से मांग किया कि धनबाद के लिए बहुउद्देशीय खेल स्टेडियम का प्रस्ताव जल्द से जल्द तैयार कर केंद्र को भेजा जाए, ताकि क्षेत्र में खेलों का माहौल और रोजगार के अवसरों का विस्तार हो सके। उन्होंने कहा कि वे धनबाद के विकास और युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दों को आगे भी मजबूती से संसद में उठाते रहेंगे।

गिरिडीह: नितेश कुमार हत्याकांड: एक सप्ताह बाद भी नहीं हुआ खुलासा, ग्रामीणों में आक्रोश—इचाक बंद की चेतावनी

गिरिडीह: नितेश कुमार हत्याकांड में अब तक नही हुआ खुलासा,ग्रामीण हुए गोलबंद पुलिस हत्यारोपी को जल्द गिरफ्तार नही करेगी तो संपूर्ण इचाक करेंगे चक्का जाम - मृतिका की पत्नी(पुजा)



नितेश कुमार का हत्या हुए सप्ताह बीत गया,लेकिन सभी आरोपी गिरफ्त से बाहर है । इसी आक्रोश में जमूआरी गांव के ग्रामीण गोलबंद होकर बैठक किया ।नितेश के पिता इन्द्रनाथ महतो ने बैठक में पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि मेरा पुत्र के हत्या होने के बाद इचाक पुलिस ने दो तीन दिन के अंदर सभी हत्यारा को गिरफ्तार करने की बात कही थी ।लेकिन इचाक पुलिस हमलोगों को मुलाकात करने से भी कतरा रही ।इचाक थाना में दिनांक 2/12/2025 को कांड संख्या /25 के तहत केस दर्ज किया गया था,उसके बाद पुलिस को हत्या में संलिप्त सभी आरोपी का नाम,पता व मोबाइल न भी मौखिक रूप से दिया गया था ,उसके बावजुद भी पुलिस कोई कदम नहीं उठा रही ।मृतिका की पत्नी पुजा कुमारी ने कही की अगर इचाक पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नही करती तो मैं पुलिस अधीक्षक व डीजीपी के पास शिकायत दर्ज करूंगी ।मेरा दो छोटे छोटे बच्चे है मैं उनलोगो का भरण पोषण कैसे करूंगी।जब तक मेरा पति का हत्यारा गिरफ्तार नही होता तब तक हम शांत बैठने वाले नही है ।ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस एक दो दिन के अंदर हत्यारा को गिरफ्तार नही करती तो हमलोग संपूर्ण इचाक बंद करने का आह्वाहन करेंगे ।बैठक में मंगूरा, मोक्तमा, फुरुका, जमुआरी गांव के दर्जनों लोग मौजुद थे ।

चाईबासा: प्राइवेट डॉक्टरों के लिए वेक्टर बोर्न डिजीज पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन

चाईबासा में पश्चिम सिंहभूम के सिविल सर्जन डॉ. भारती मिंज की अध्यक्षता में प्राइवेट डॉक्टरों के लिए वेक्टर बोर्न डिजीज पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें वेक्टर से होने वाले बिमारियों और उनके बचाव के व्यक्तिगत और सामूहिक उपायों पर चर्चा की गई। 



डॉ. मीना कलुन्डिया ने वेक्टर कंट्रोल मैथड के बारे में बताया, जबकि डॉ. एल.एन. गागराई ने आदिवासी समुदाय में जागरूकता की कमी के कारण बीमारी के गंभीर रूप लेने की बात कही।











नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला,घर के भीतर गाली पर एससी-एसटी कानून लागू नहीं

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी के घर को सार्वजनिक स्थल नहीं माना जा सकता है, इसलिए घर के भीतर दी गई गाली पर एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) कानून लागू नहीं होता। सोमवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के तहत शुरू की गई कार्यवाही को रद्द कर दिया।



कोर्ट ने कहा कि एससी-एसटी कानून की धारा 3(1)(एस) केवल सार्वजनिक स्थलों पर जाति आधारित गाली-गलौज और अत्याचार के लिए लागू होती है। इस मामले में घटना शिकायतकर्ता के घर में हुई थी, जो सार्वजनिक स्थल नहीं माना जा सकता। हालांकि, आरोपियों के खिलाफ आईपीसी के तहत मुकदमे की प्रक्रिया जारी रहेगी।

बोकारो: सड़क दुर्घटना में पुलिस जवान की मौत

बोकारो पुलिस मेंस एसोसिएशन के केंद्रीय सदस्य गोविंदपुर के रामपुर निवासी राकेश महतो का सड़क दुर्घटना में आकस्मिक निधन हो गया. 

जानकारी के अनुसार राकेश बोकारो पुलिस लाइन से अपने गाड़ी का इंश्योरेंस करने के लिए धनबाद के धनसार पहुंचे थे, रामपुर घर जाकर माँ से मुलाकात करने के बाद वह वापस ड्यूटी के लिए राजगंज के रास्ते बोकारो जा रहे थे.



इसी बीच जमुआटांड से काको मोड़ के बीच रात्रि 8:30 बजे हाइवा और उनकी बाइक की टक्कर हो गई, इस दौरान घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई. 

पुलिस ने दोनों गाड़ी को जप्त कर लिया है वही राकेश का पोस्टमार्टम के लिए धनबाद SNMMCH लाया गया है.

ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें. विनम्र श्रद्धांजलि

आसनसोल: राष्ट्रीय राजमार्ग पर धू-धू कर जला कोयला लदा ट्रक, चालक ने कूदकर बचाई जान

आसनसोल : जामुड़िया इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक फैक्ट्री से कोयला लेकर जा रहा ट्रक राष्ट्रीय राजमार्ग पर अचानक धू-धू कर जल उठा। ट्रक में लगी भीषण आग को देखकर चालक ने तुरंत कूदकर अपनी जान बचाई और घटना की सूचना पुलिस व ट्रक मालिक को दी।


चालक के अनुसार, चलते ट्रक में अचानक किसी चीज के टूटने की आवाज आई। शक होने पर उसने ट्रक को सड़क किनारे रोकना चाहा, लेकिन जैसे ही वह नीचे उतरा, ट्रक से लपटें उठनी शुरू हो गईं। वह तुरंत सुरक्षित दूरी पर जाकर लोगों से मदद मांगने लगा और नजदीकी थाने में फोन कर घटना की जानकारी दी।

सूचना मिलते ही दमकल विभाग की एक इंजन मौके पर पहुंची। आग इतनी तेज थी कि उसे पूरी तरह काबू करने में दो से तीन घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ।

गिरिडीह न्यूज::ट्रेन से कट कर युवक की हुई मौत

गिरिडीह : पचम्बा थाना क्षेत्र के हरीचक में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक घटना हुई। गिरिडीह–कोडरमा रेलखंड पर एक युवक ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान प्रकाश दास, उम्र लगभग 30 वर्ष, के रूप में हुई। सुबह के समय ग्रामीणों ने पटरी के पास एक शव देखा और इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पचम्बा थाना पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि युवक ने चलती ट्रेन के सामने कूदकर जान दी है। शव पटरी के किनारे बुरी तरह से क्षतिग्रस्त स्थिति में पड़ा था।



परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

घटना की खबर जैसे ही घर पहुंची, प्रकाश के पिता टूपलाल दास, पत्नी और बच्चे भी घटनास्थल पर पहुंचे। वहां उन्होंने प्रकाश को पटरी पर पड़ा देखा तो परिजन फफक पड़े। पूरे परिवार में मातम छा गया है।

कारणों की तलाश में जुटी पुलिस

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। जांच में यह बात सामने आ रही है कि घर में संपत्ति बंटवारे को लेकर कुछ विवाद चल रहा था। आशंका है कि मनमुटाव से परेशान होकर प्रकाश ने यह कदम उठाया हो। हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। लोग परिवार के दर्द को देखकर स्तब्ध हैं। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।

रांची: झारखंड विधानसभा में 7721.25 करोड़ का अनुपूरक बजट पास, बीजेपी ने किया वॉकआउट

रांची: झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन सदन में ध्वनिमत से 7721.25 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट पारित किया गया। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के जवाब शुरू होते ही बीजेपी विधायकों ने वॉकआउट कर दिया।

राजस्व और व्यय का ब्यौरा:

वित्त मंत्री ने बताया कि एक अप्रैल से 30 नवंबर 2025 तक राज्य को 67,696.37 करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति हुई, जिसमें से 66,871 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं — यानी कुल 98.8% खर्च।

राज्य करों (State Tax) से 41,600 करोड़ का लक्ष्य था, जिसमें 23,897 करोड़ की प्राप्ति हुई है। वहीं अन्य राज्य करों से 19,456 करोड़ की वसूली के मुकाबले अब तक 8,565.63 करोड़ रुपए मिले हैं।

केंद्र पर बकाया राशि का आरोप:

वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार से 28,863.64 करोड़ रुपए नहीं मिले हैं। केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के 47,040 करोड़ में से 30,971 करोड़ ही मिले हैं, जबकि केंद्रीय अनुदान के 17,057 करोड़ में से सिर्फ 4,261.70 करोड़ मिले हैं।

450 रुपए में गैस सिलेंडर देने की बात:

किशोर ने कहा, “अगर केंद्र से पैसा मिलता तो राज्य सरकार 450 रुपए में गैस सिलेंडर दे सकती थी। उज्जवला योजना के तहत 65 लाख लाभुक हैं, जिन्हें 12 महीनों में गैस सिलेंडर देने पर 2100 करोड़ रुपए की लागत आती है।”

केंद्र पर सौतेले व्यवहार का आरोप:

उन्होंने कहा कि झारखंड में बीजेपी की सरकार नहीं होने के कारण केंद्र सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है।

जल जीवन मिशन का 6300 करोड़ रुपए नहीं मिला।

समाज कल्याण विभाग का 890 करोड़ रुपए लंबित है।

पेंशन का 132 करोड़ रुपए भी नहीं मिला।

राज्य के वित्तीय हालात पर बयान:

वित्त मंत्री ने कहा कि किसी विभाग में पैसे की कमी नहीं है। एफआरबीएम की सीमा 2.2% है। राज्य आंतरिक संसाधन (Internal Resource) को मजबूत कर रहा है और विकास के लिए 16,800 करोड़ रुपए का ऋण लिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि ‘मंईयां सम्मान योजना’ के लिए 13,500 करोड़ रुपए, और सामान्य योजनाओं के लिए 78,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राज्य के कर्मचारियों को समय पर वेतन मिला है, कानून व्यवस्था नियंत्रित है, और भ्रष्टाचार में शामिल लोग जेल में हैं।

नक्सल पर नियंत्रण का दावा:

किशोर ने कहा कि नक्सलवाद “नियंत्रित हुआ है, खत्म नहीं हुआ।” भारत सरकार ने SIR फंड बंद कर दिया है, लेकिन पिछले दो वर्षों में नक्सल अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है।

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