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Saubhagya Bharat News

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सोमवार, 29 दिसंबर 2025

लखनऊ: न्यू ईयर के जश्न से पहले टूटा भरोसा, इकाना स्टेडियम के नाम पर बड़ा फ्रॉड

लखनऊ : 31 दिसंबर की रात… साल के आखिरी दिन को खास बनाने की चाह हर किसी के दिल में होती है। लखनऊ में भी हजारों लोग न्यू ईयर पार्टी की तैयारी में थे। सोशल मीडिया और टिकट प्लेटफॉर्म पर इकाना स्टेडियम में होने वाली भव्य न्यू ईयर पार्टी के पोस्टर दिख रहे थे। बड़े नाम, लाइव म्यूजिक और जश्न का वादा किया जा रहा था। लोगों ने भरोसा किया। किसी ने दोस्तों के साथ पार्टी की योजना बनाई, तो किसी ने परिवार के लिए टिकट बुक किए। लेकिन यह जश्न शुरू होने से पहले ही एक फ्रॉड की कहानी बन गया।

जब एक कंपनी ने नाम के भरोसे हाथ मिलाया

ethersoftech कंपनी के मालिक लक्ष्मण मौर्य के लिए यह सिर्फ एक इवेंट नहीं था, बल्कि कंपनी की साख का सवाल था। Elite crew कंपनी के मालिक राज सोनी से 31 दिसंबर को इकाना स्टेडियम में न्यू ईयर पार्टी कराने का अनुबंध हुआ। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लगा।लक्ष्मण मौर्य बताते हैं कि उनकी टीम ने पूरे भरोसे के साथ इवेंट की ब्रांडिंग शुरू की। पोस्टर बने, प्रचार हुआ और टिकट बिक्री शुरू हुई। लेकिन अंदर ही अंदर कुछ ऐसा चल रहा था जिसकी भनक किसी को नहीं थी।



सच सामने आया तो हिल गई जमीन

कुछ जानकारियों ने कंपनी को चौकन्ना किया। जब इकाना स्टेडियम से सीधे जानकारी ली गई तो पता चला कि वहां ऐसा कोई कार्यक्रम तय ही नहीं है। न अनुमति थी और न ही कोई बुकिंग। यह वह पल था जब जश्न का सपना टूट गया। लक्ष्मण मौर्य के सामने दो रास्ते थे। या तो चुप रहकर आगे बढ़ जाएं या जनता को सच्चाई बताएं। उन्होंने दूसरा रास्ता चुना।

कंपनी ने उठाया जिम्मेदारी का बोझ

ethersoftech कंपनी ने तुरंत कार्यक्रम रद्द करने का फैसला लिया। BookMyShow के जरिए बिके सभी टिकटों का पैसा वापस कराया गया। टिकट की कीमत 1499 रुपये से लेकर 8999 रुपये तक थी। कंपनी का कहना है कि नुकसान भले ही उन्हें उठाना पड़ा, लेकिन लोगों का भरोसा टूटने नहीं दिया गया। यही वह फैसला था जिसने इस कहानी को एक फ्रॉड से आगे एक मानवीय मिसाल बना दिया।

कलाकार भी बने इस धोखे का शिकार

इस इवेंट में अवध के प्रसिद्ध गायक अनुराग पंडित को आमंत्रित किया गया था। वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे। उनके लिए भी यह सिर्फ एक शो नहीं था, बल्कि अपने श्रोताओं से जुड़ने का मौका था। इसके अलावा यूट्यूबर एलविश यादव के नाम का भी प्रचार किया गया था। बाद में साफ हुआ कि कलाकारों के साथ भी बिना जानकारी के उनके नाम का इस्तेमाल किया गया।

जनता से अपील और प्रशासन से न्याय की मांग

ethersoftech कंपनी ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत थाने और पुलिस कमिश्नर को दी है। कंपनी ने साफ कहा है कि 31 दिसंबर या 1 जनवरी को इकाना स्टेडियम में कोई न्यू ईयर कार्यक्रम नहीं होने वाला है। कंपनी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के भ्रामक प्रचार से सावधान रहें और बिना पुष्टि के टिकट न खरीदें।

मंगलवार, 23 दिसंबर 2025

लखनऊ: पत्नी के इश्क की बलि चढ़ा पति, घर की दहलीज पर मिली खौफनाक मौत

(UP) : लखनऊ के पारा इलाके की उस गली में अब सन्नाटा है। वही गली, जहां शनिवार देर रात तक चीखें गूंजती रहीं। लोग दरवाजे बंद कर सहमे रहे और एक पत्नी अपने पति की हत्या को आंखों से देखती रही। शिव प्रकाश रावत अब इस दुनिया में नहीं है। उसकी मौत सिर्फ एक हत्या नहीं, भरोसे, परिवार और बच्चों के भविष्य का टूटना है।




मेहनत की जिंदगी, साधारण सपने: 32 साल का शिव प्रकाश एक मिस्त्री था। दिनभर मेहनत करता, शाम को घर लौटता। दो छोटे बेटे, नीतीश और रौनक, उसके इंतजार में दरवाजे की ओर देखते रहते थे। वह चाहता था कि बच्चे पढ़ें, आगे बढ़ें, उस जैसी कठिन जिंदगी न जिएं। लेकिन उसे क्या पता था कि घर के भीतर ही एक साजिश पल रही है।

शक, विरोध और दर्ज हुई एफआईआर: शिव प्रकाश को पत्नी सविता और पड़ोसी ऑटो चालक सतीश गौतम के बीच नजदीकियों की भनक लग चुकी थी। उसने इसे नजरअंदाज नहीं किया। विरोध किया, समझाया और जब बात हद से बाहर गई तो जुलाई में पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई। आरोपी पर शांतिभंग की कार्रवाई हुई, लेकिन यह कार्रवाई शिव प्रकाश की जान नहीं बचा सकी।

रात जिसने सब कुछ बदल दिया: शनिवार रात करीब एक बजे सतीश गौतम शिव प्रकाश के घर के बाहर पहुंचा। गालियां दीं, शोर मचाया। शिव प्रकाश गर की दहलीज पर आया तो लोहे की रॉड से उसपर हमला कर दिया गया। खून से लथपथ शिव प्रकाश को बाल पकड़कर घसीटा गया। फिर उसकी पत्नी सविता के सामने ही बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। उस पल सविता सिर्फ एक पत्नी नहीं थी, बल्कि एक गवाह थी। ऐसी गवाह, जिस पर अब हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप है।

कॉल डिटेल ने खोले राज: पुलिस जांच में सविता का मोबाइल फोन अहम सबूत बना। घंटों बातचीत, बार-बार की कॉल और घटना वाले दिन शाम छह बजे की आखिरी बातचीत ने कहानी साफ कर दी। पुलिस ने आरोपी सतीश को गिरफ्तार कर लिया है और वारदात में प्रयुक्त लोहे की रॉड बरामद कर ली गई है। पूछताछ के दौरान सतीश ने स्वीकार किया कि उसका मृतक शिवप्रकाश की पत्नी सविता के साथ प्रेम संबंध था। इसकी जानकारी शिवप्रकाश को हो गई थी। इसी बात को लेकर सतीश और सविता ने मिलकर शिवप्रकाश के सिर पर लोहे की पाइप से हमला कर उसकी हत्या कर दी। मामले में पुलिस ने सविता को भी हिरासत में ले लिया है।

पुलिस के शिकंजे में आरोपी सतीश

पिता का दर्द और बच्चों का भविष्य: शिव प्रकाश के पिता शिवदीन अब हर सवाल पर चुप हो जाते हैं। उनका कहना है, “अगर समय रहते सख्त कार्रवाई होती, तो मेरा बेटा आज जिंदा होता।” सबसे बड़ा सवाल उन दो मासूम बच्चों का है, जिन्होंने न सिर्फ पिता खोया, बल्कि मां भी जेल में है।

सोमवार, 8 दिसंबर 2025

लखनऊ: सीएम योगी का बड़ा ऐलान- अब हर थाने में होगा…

लखनऊ : होमगार्ड संगठन के 63वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि होमगार्ड प्रदेश पुलिस का मजबूत सहायक बल है। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के सभी थानों में होमगार्ड स्वयंसेवकों के लिए अलग कक्ष आरक्षित किए जाएंगे। साथ ही जवानों को कैशलेस इलाज देने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए।



सेवा, अनुशासन और राष्ट्रहित को बताया मूल मंत्र

सीएम योगी ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि सेवा को सम्मान, अनुशासन को पहचान और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देना ही होमगार्ड की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने बताया कि 1963 से होमगार्ड लगातार पुलिस के साथ मिलकर कानून व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहा है।

बड़े आयोजनों में होमगार्ड की भूमिका

उन्होंने कहा कि चुनाव, यातायात, जेल सुरक्षा, डायल 112, आपदा नियंत्रण और परीक्षाओं जैसे कार्यक्रमों में होमगार्ड की सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण है। कोरोना काल का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि किस तरह जवानों ने जान जोखिम में डालकर प्रवासी कामगारों को घर पहुंचाने में मदद की।

दिवंगत जवानों के परिवारों को मदद

सीएम ने बताया कि ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर हर जवान के परिवार को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जा रही है। अब तक 2,871 जवानों के आश्रितों को 143 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है। विभागीय भत्तों में भी बढ़ोतरी की गई है।

कार्यालय और आवास निर्माण को मिल रही गति

उन्होंने बताया कि 44 कार्यालय अपनी इमारतों से संचालित हो रहे हैं, जबकि नौ नए भवनों का निर्माण चल रहा है। मुख्यालय में कर्मचारियों के लिए जी प्लस इलेवन आवास का निर्माण भी जारी है।

बीमा सहायता बढ़ाई, डिजिटल व्यवस्था लागू

जवानों के लिए 35 से 40 लाख रुपये तक की बीमा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। विभाग की वेबसाइट और ‘होमगार्ड मित्र’ एप के माध्यम से उपस्थिति और भत्ते अब डिजिटल और पारदर्शी तरीके से दर्ज हो रहे हैं।

आपदा मित्रों का प्रशिक्षण जारी

विभाग ने आपदा प्रबंधन विभाग के साथ मिलकर चार हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया है, जिससे भविष्य में आपदाओं से निपटने में मदद मिलेगी।

गुरुवार, 4 दिसंबर 2025

लखनऊ: नहीं किया यह काम तो रुक जायेगा राज्य कर्मियों का प्रमोशन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रमोशन पाने के लिए अपनी चल और अचल संपत्तियों का पूरा ब्योरा समय पर देना होगा। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने इस संबंध में सभी विभागों को निर्देश जारी किए हैं।

31 जनवरी 2026 तक देना होगा पूरा विवरण: सरकार ने बताया कि कर्मचारी 31 दिसंबर 2025 तक अर्जित की गई सभी संपत्तियों का ब्योरा 31 जनवरी 2026 तक मानव संपदा पोर्टल पर अनिवार्य रूप से भरें। इसके लिए पोर्टल 1 जनवरी 2026 से सक्रिय किया जाएगा।



नहीं दिया ब्योरा तो नहीं होगी पदोन्नति: मुख्य सचिव ने कहा कि तय तिथि तक विवरण न देने वाले कर्मचारियों के नाम 1 फरवरी से शुरू होने वाले प्रमोशन प्रक्रिया में शामिल नहीं किए जाएंगे। इतना ही नहीं, सेवा नियमावली के अनुसार उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।

8 लाख से अधिक कर्मचारियों पर प्रभाव: प्रदेश में आठ लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी कार्यरत हैं। सरकार का कहना है कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद कई कर्मचारी अपनी संपत्तियों की जानकारी पोर्टल पर अपडेट नहीं कर रहे हैं, इसलिए अब सख्त कदम उठाना जरूरी हो गया है।

जिन्हें छूट थी, उनके लिए सुविधा जारी: जिन कर्मचारियों को संपत्ति विवरण देने से छूट मिली हुई है, उन्हें अभी अगले आदेश तक पहले जैसी सुविधा मिलती रहेगी। राज्य सरकार का मानना है कि इससे कर्मचारियों की संपत्तियों का अद्यतित रिकॉर्ड बनेगा और सेवा नियमों में पारदर्शिता बढ़ेगी।

मंगलवार, 2 दिसंबर 2025

लखनऊ में मास्टरमाइंड डॉक्टर शाहीन के घर NIA का छापा, पिता और भाई से पूछताछ

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास विस्फोटकी सहआरोपी लखनऊ की डॉक्टर शाहीन के घर सोमवार दिन में काफी हलचल बढ़ गई। डॉक्टर शाहीन के घर एनआईए की टीम के पहुंचने से आसपास के लोग भी चौकन्ने हो गए।



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