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Saubhagya Bharat News

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सोमवार, 5 जनवरी 2026

ढाका: बांग्लादेशी छात्र नेता ने थाने में बैठकर कबूली हिंदू पुलिस अफसर की हत्या की बात, बघारी शेखी

ढाका: बांग्लादेश से एक आए वीडियो ने मोहम्मद यूनुस के राज में चरमपंथियों को मिली खुली छूट की पोल खोल दी है। इस वीडियो में बांग्लादेश का एक युवा नेता एक हिंदू पुलिस अधिकारी की हत्या के बारे में खुलेआम शेखी बघारते देखा जा सकता है। यह वीडियो खोजी पत्रकार और लेखकर शाहिदुल हसन खोकन ने X पर शेयर किया है। उन्होंने बोलने वाले युवा नेता की पहचान हबीगंज जिले के छात्र कोऑर्डिनेटर के रूप में की है। वीडियो में वह एक पुलिस स्टेशन के अंदर बैठकर ऑफिसर इन-चार्ज को धमका रहा है और कहता है कि स्टेशन को जला देगा।



हिंदू पुलिस अफसर की हत्या का कबूलनामा

वह खुलेआम कहता है कि जुलाई आंदोलन (2024) के दौरान उसने बनियाचोंग पुलिस स्टेशन में आग लगा दी थी। वह इतने पर ही नहीं रुकता और कहता है कि ‘हमने हिंदू अफसर SI संतोष को जला दिया था।’ इस वीडियो ने मोहम्मद यूनुस के राज में कानून व्यवस्था की कलई खोल दी है। जहां एक पुलिस स्टेशन को जलाने और पुलिस अफसर को मारने का आरोपी पुलिस स्टेशन के अंदर बैठकर पुलिस को ही धमकी दे रहा है।

हालांकि, वीडियो की सच्चाई और बोलने वाले की पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इन दावों ने सब इंस्पेक्टर संतोष भाभू की हत्या पर फिर से ध्यान खींचा है। हबीगंज जिले के बनियाचोंग पुलिस स्टेशन में तैनात संतोष भाभू 5 अगस्त 2024 को भीड़ के हाथों मारे गए थे।

संतोष भाभू के बारे में क्या पता है?

न्यूज 18 की रिपोर्ट में बांग्लादेशी अखबार देश रूपांतर में छपी रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि उस दिन राजनीतिक अशांति के बीच एक भीड़ ने बनियाचोंग पुलिस स्टेशन पर हमला कर दिया। यह घटना तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफा देने के कुछ घंटे पहले हुई थी। आत्मरक्षा बताते हुए संतोष भाभू और अन्य पुलिसकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गोलियां चलाईं जिससे मौके पर ही तीन लोगों की मौत हो गई। कई लोग घायल हुए थे, जिसमें एक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

उसी रात लगभग 1 बजे भीड़ वापस लौटी और पुलिस स्टेशन को घेर लिया। बाद में जब सेना के जवान मौके पर पहुंचे तो भीड़ ने कथित तौर पर संतोष भाभू के बदले सभी पुलिस अधिकारियों को जाने देने पर सहमति जताई। रिपोर्ट के अनुसार, संतोष भाभू को लगभग 2.15 बजे पीट-पीटकर मार डाला गया। उनके शव को अगले दिन तक सड़क पर छोड़ दिया गया और उसे अपमानित किया गया।

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