घाटशिला:- संवाददाता
घाटशिला:-झारखंड के घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में चुनावी सरगर्मी तेज हो चुकी है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी तथा गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने महागठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार सोमेश चंद्र सोरेन के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया।घाटशिला उपचुनाव : झामुमो प्रत्याशी सोमेश चंद्र सोरेन के समर्थन में सीएम हेमंत सोरेन की जनसभा, किया विपक्ष पर तीखा प्रहार जनसभा में सीएम ने रखे अपने विचार
घाटशिला में आयोजित चुनावी रैली में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह वर्ष झामुमो और झारखंड के आदिवासी समुदाय के लिए बेहद दुखद रहा है, क्योंकि गुरुजी शिबू सोरेन और मंत्री रामदास सोरेन का निधन हो गया। उन्होंने रामदास सोरेन को घाटशिला का सच्चा सपूत बताया, जिन्हें तीन बार जनता ने विधायक चुना।
सीएम ने कहा कि झारखंड राज्य बनने के बाद काफी संघर्ष जारी रहा। राज्य की सत्ता उन लोगों के हाथ में चली गई जिन्हें ‘झारखंडी’ नाम से भी प्रेम नहीं रहा। लेकिन झामुमो सरकार ने ग्रामीणों के द्वार तक प्रशासनिक सेवाएं पहुँचाने का संकल्प लिया है।
आने वाले वर्ष में बनेगा नया कानून
हेमंत सोरेन ने घोषणा की कि आने वाले वर्ष में एक नया कानून बनाया जाएगा, जिसके तहत BDO और CO सीधे जनता के घर पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ इलाकों में सड़कों की बदहाली के कारण लोगों ने मतदान बहिष्कार का ऐलान किया है, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करेगी, चाहे वे वोट दें या नहीं।
केंद्र सरकार पर निशाना, और जनकल्याण योजनाओं का उल्लेख
सीएम ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि वह लाभप्रद सरकारी संस्थानों को बंद कर अपने उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचा रही है। वहीं, झारखंड में महिलाओं की आर्थिक मुश्किलों को दूर करने के लिए मंईयां सम्मान योजना शुरू की गई है, जिसका सकारात्मक असर दिख रहा है।
हेमंत सोरेन ने यह भी कहा कि उन्हें आदिवासियों की आवाज़ उठाने के कारण जेल भेजा गया, लेकिन झारखंड की जनता के आशीर्वाद से वे जल्द ही बाहर आ गए। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि वर्षों से लंबित बिजली बिलों को एक झटके में माफ कर दिया गया है और सरकार आगे भी झारखंडी हित में काम करती रहेगी।
अंत में सीएम ने कहा कि झारखंड के संसाधनों पर पहला हक राज्यवासियों का है। उन्होंने जाति प्रमाणपत्र बनाने में आ रही समस्याओं को जल्द दूर करने का भरोसा दिलाया, ताकि किसी भी समुदाय को अपने अधिकारों से वंचित न रहना पड़े।










