खरसावां: वर्ष 1948 के ऐतिहासिक खरसावां गोलीकांड में शहीद हुए वीर आदिवासियों को पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने खरसावां शहीद स्थल पहुंचकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उनके नेतृत्व में खिलारी साई से शहीद स्थल तक एक विशाल श्रद्धांजलि रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
रैली खरसावां के मुख्य बाजार क्षेत्र से होते हुए शहीद स्थल पहुंची, जहां उपस्थित जनसमूह ने पुष्प अर्पित कर वीर शहीदों को नमन किया। पूरे क्षेत्र में “शहीदों अमर रहें” के नारों से वातावरण गूंज उठा।
इस मौके पर अर्जुन मुंडा ने कहा कि एक जनवरी 1948 को इसी स्थान पर सैकड़ों लोगों ने स्वतंत्रता की पहली वर्षगांठ पर अपने प्राणों की आहुति देकर इतिहास रचा था। उन्होंने कहा कि आज भी दूर-दराज से लोग यहां श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं, जो इस ऐतिहासिक बलिदान की महत्ता को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1995 से इस स्थल की गरिमा बनाए रखने के उद्देश्य से यहां से साप्ताहिक हाट को हटाया गया, ताकि शहीदों की स्मृति अक्षुण्ण बनी रहे। साथ ही उन्होंने कहा कि खरसावां की यह धरती न केवल श्रद्धा का केंद्र है, बल्कि झारखंड और देश के विभिन्न हिस्सों में सामाजिक चेतना और संकल्प की प्रेरणा भी दे रही है।
अर्जुन मुंडा ने कहा कि इस हृदयविदारक घटना को घटित हुए करीब 77 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक खरसावां गोलीकांड के सभी शहीदों की पहचान नहीं हो पाई है। उन्होंने राज्य सरकार से इस विषय पर संवेदनशीलता दिखाने और ठोस पहल करने की मांग की।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाजपा नेत्री मीरा मुंडा, पूर्व विधायक मंगल सिंह सोय, जेबो तुबिद, जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, भाजपा जिला अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह देव, पूर्व जिला अध्यक्ष विजय महतो, जिला परिषद सदस्य सावित्री बानरा सहित भाजपा के अनेक वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।