झारखंड : BCCI की प्रतिष्ठित सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी के पाकुड़ आगमन पर रानी ज्योतिर्मय स्टेडियम में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह मौका झारखंड की ऐतिहासिक जीत को नजदीक से देखने और महसूस करने का था। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी, खेल संघ के पदाधिकारी, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी मौजूद रहे।
डीसी ने जीत को बताया गौरव का क्षण
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीसी मनीष कुमार ने सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सैयद मुश्ताक अली टी20 टूर्नामेंट जीतकर झारखंड ने घरेलू क्रिकेट के इतिहास में नया अध्याय लिखा है। यह केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।
डेढ़ साल पहले देखा गया सपना हुआ साकार
डीसी ने कहा कि इस ट्रॉफी को जीतने की योजना लगभग डेढ़ वर्ष पहले बनाई गई थी, जिसे झारखंड की टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन से सच कर दिखाया। उन्होंने बताया कि महेंद्र सिंह धोनी ने झारखंड क्रिकेट को देश में पहचान दिलाई और उसके बाद ईशान किशन, शाहबाज नदीम, सौरभ तिवारी, विराट सिंह जैसे कई खिलाड़ी सामने आए।
ट्रॉफी देखकर खिलाड़ियों में जगती है नई ऊर्जा
डीसी ने झारखंड राज्य क्रिकेट संघ की सराहना करते हुए कहा कि ट्रॉफी को राज्य के अलग अलग जिलों में ले जाना एक सराहनीय पहल है। इससे युवा खिलाड़ियों में आत्मविश्वास बढ़ता है। जब खिलाड़ी ट्रॉफी को सामने देखते हैं, तो उनके भीतर आगे बढ़ने की इच्छा और मजबूत होती है।
पाकुड़ के खिलाड़ियों से भी बड़ी उम्मीद
उन्होंने कहा कि अगर पाकुड़ जिले के खिलाड़ी राज्य या राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करते हैं, तो वे आने वाली पीढ़ी के लिए मिसाल बनेंगे। उन्होंने साफ कहा कि सफलता का कोई आसान रास्ता नहीं होता। सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसे खिलाड़ी सालों की मेहनत, अनुशासन और फिटनेस से इस मुकाम तक पहुंचे हैं।
फिटनेस, अनुशासन और मेहनत पर दिया जोर
डीसी ने खिलाड़ियों से अपने खानपान, फिटनेस, मानसिक मजबूती और अनुशासन पर ध्यान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि लगातार मेहनत ही सफलता की असली कुंजी है।
ट्रॉफी भ्रमण का उद्देश्य युवाओं को प्रेरित करना
जिला क्रीड़ा पदाधिकारी राहुल कुमार ने बताया कि सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी को राज्य के सभी जिलों में ले जाने का मकसद युवाओं को खेल के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने जानकारी दी कि यह टी20 टूर्नामेंट पिछले 16 वर्षों से आयोजित हो रहा है, जिसमें एलीट और प्लेट ग्रुप मिलाकर कुल 36 टीमें हिस्सा लेती हैं।
झारखंड की जीत का सफर
उन्होंने बताया कि झारखंड ने वर्ष 2009-10 में पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी जीती थी, जिसकी कप्तानी सौरभ तिवारी ने की थी। इसके बाद पहली बार झारखंड ने सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी जीतकर हरियाणा जैसी मजबूत टीम को फाइनल में हराया। टूर्नामेंट में झारखंड ने 10 में से 9 मैच जीते और फाइनल में एकतरफा जीत दर्ज की।
बड़ी संख्या में खिलाड़ी और पदाधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला क्रिकेट संघ के सचिव प्रणय तिवारी, संयुक्त सचिव गणपत, रानू सिंह, अर्जुन सिंह, अमित सिंह, अकादमी के प्रशिक्षक, क्रिकेट संघ से जुड़े पदाधिकारी और बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।














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