पाकुड: साल बदला है, कैलेंडर के पन्ने पलटे हैं, लेकिन सर्द हवा में वही सवाल है, यह नया साल लोगों के लिए कितना सुरक्षित, संवेदनशील और बेहतर होगा। इसी सोच के साथ नववर्ष 2026 की सुबह पाकुड़ के डीसी मनीष कुमार ने जिलेवासियों के नाम एक ऐसा संदेश दिया, जिसमें औपचारिकता कम और मानवीय सरोकार ज्यादा दिखा।
शुभकामनाओं के साथ संवेदना की बात
डीसी ने जिले के हर घर के लिए सुख, शांति और स्वास्थ्य की कामना की। उनके शब्दों में सिर्फ बधाई नहीं थी, बल्कि यह अहसास भी था कि प्रशासन सिर्फ नियमों की किताब नहीं, बल्कि आम आदमी की चिंता से जुड़ा हुआ तंत्र है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नववर्ष परिवार और अपनों के साथ सौहार्द के माहौल में मनाएं और उन लोगों को याद रखें, जो जीवन की राह आसान बनाते हैं।
पर्यटन की खुशी, सुरक्षा की जिम्मेदारी
नववर्ष पर घूमने निकलने की उत्सुकता स्वाभाविक है। डीसी ने इस खुशी के बीच सुरक्षा की अहमियत भी याद दिलाई। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों पर लापरवाही कभी भी भारी पड़ सकती है। इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। यह अपील आदेश जैसी नहीं, बल्कि अपनेपन से भरी सलाह की तरह थी।
ठंड में अलाव और भरोसे का एहसास
शीतलहर और कड़ाके की ठंड के बीच प्रशासन ने अलाव और जरूरी इंतजाम किए हैं। डीसी ने बताया कि ये व्यवस्थाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सड़क पर ठिठुरते लोगों के लिए एक भरोसा हैं। फिर भी उन्होंने लोगों से खुद का ख्याल रखने और एक-दूसरे का सहारा बनने की अपील की।
नशे से दूरी, सुरक्षित जीवन की ओर कदम
डीसी का संदेश यहीं नहीं रुका। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नशा न सिर्फ शरीर को, बल्कि परिवार और समाज को भी नुकसान पहुंचाता है। नववर्ष को उन्होंने एक नए संकल्प के तौर पर देखने की बात कही, जहां लोग नशे से दूर रहकर सुरक्षित ड्राइविंग और यातायात नियमों का पालन करें।
जनसहयोग के साथ विकास का सपना
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के मार्गदर्शन में जिले को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का संकल्प भी संदेश का अहम हिस्सा रहा। खासकर शिक्षा में शुरू की गई पहल को डीसी ने भविष्य की मजबूत नींव बताया और इसमें आम लोगों की भागीदारी को जरूरी माना।
डिजिटल दुनिया में सतर्कता की जरूरत
नए साल में मोबाइल स्क्रीन पर आने वाली फाइलें भी एक चुनौती बन चुकी हैं। डीसी ने APK और PIC फाइलों को लेकर लोगों को आगाह किया। उन्होंने कहा कि एक गलत क्लिक न सिर्फ फोन, बल्कि पूरी जिंदगी की निजता खतरे में डाल सकता है। भरोसेमंद स्रोत की जांच को उन्होंने आज की जरूरत बताया।
नए साल का सार : अनुशासन और संवेदना
अपने संदेश के अंत में डीसी मनीष कुमार ने कहा कि नववर्ष 2026 तभी सार्थक होगा, जब लोग जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ आगे बढ़ें। उनके शब्दों में उम्मीद थी कि यह साल पाकुड़ के लिए सिर्फ तारीखों का बदलाव नहीं, बल्कि सोच और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा।













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