नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के अंतर्गत नेताजी सुभाष इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी ने एक और उपलब्धि हासिल की है। *फार्मास्यूटिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI), नई दिल्ली* ने शैक्षणिक सत्र *2025-26* के लिए संस्थान में *एम.फार्मेसी (M.Pharmacy)* पाठ्यक्रम को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
बताते चले कि फार्मेसी की पढ़ाई विश्वविद्यालय में सन 2019 से चल रही है। शुरुआत स्नातक और डिप्लोमा कोर्सेस से हुई थी। आज के बढ़ते आधुनिकता और डिजिटल दुनिया में फार्मा कंपनी भी काफी आगे बढ़ रही है और प्रतिस्पर्धा भी है। लगभग सभी छात्रों को प्लेसमेंट भी मिला है और देश भर के विभिन्न कंपनियों में कार्यरत भी हैं। मॉडर्न टेक्नोलॉजी पर आधारित लैब भी संस्थान के छात्रों को प्रैक्टिकल मानदंडों से अवगत करते रहते हैं।
अब संस्थान में एम.फार्मेसी की तीनों विशेषताओं को मान्यता प्राप्त हो गई है:
* *फार्मास्यूटिक्स (Pharmaceutics): 15 सीटें*
* *फार्माकोलॉजी (Pharmacology): 15 सीटें*
* *फार्माकॉग्नोसी (Pharmacognosy): 15 सीटें*
इन पाठ्यक्रमों की अवधि *दो वर्ष (चार सेमेस्टर)* होगी तथा कुल शुल्क *₹2,40,000* निर्धारित है।
विशेष उल्लेखनीय है कि संस्थान में पहले से एम.फार्मा के दो कोर्स संचालित थे और अब *फार्माकॉग्नोसी* विषय को भी PCI की आधिकारिक मान्यता मिल चुकी है। इस प्रकार अब तीनों विशेषताओं में अध्ययन और अनुसंधान का अवसर छात्रों को उपलब्ध होगा।
संस्थान के प्रबंधन ने इस सफलता को शिक्षा की गुणवत्ता और अनुभवी संकाय की मेहनत का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से छात्रों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर फार्मेसी शिक्षा और रिसर्च में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
*यह मान्यता नेताजी सुभाष इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी की उच्च शैक्षणिक प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट अधोसंरचना का प्रमाण है.