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Saubhagya Bharat News

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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शुक्रवार, 29 अगस्त 2025

नेताजी सुभाष इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी को एम.फार्मेसी के सभी विषयों में PCI की मान्यता

 


नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के अंतर्गत नेताजी सुभाष इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी ने एक और उपलब्धि हासिल की है। *फार्मास्यूटिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI), नई दिल्ली* ने शैक्षणिक सत्र *2025-26* के लिए संस्थान में *एम.फार्मेसी (M.Pharmacy)* पाठ्यक्रम को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

बताते चले कि फार्मेसी की पढ़ाई विश्वविद्यालय में सन 2019 से चल रही है। शुरुआत स्नातक और डिप्लोमा कोर्सेस से हुई थी। आज के बढ़ते आधुनिकता और डिजिटल दुनिया में फार्मा कंपनी भी काफी आगे बढ़ रही है और प्रतिस्पर्धा भी है। लगभग सभी छात्रों को प्लेसमेंट भी मिला है और देश भर के विभिन्न कंपनियों में कार्यरत भी हैं। मॉडर्न टेक्नोलॉजी पर आधारित लैब भी संस्थान के छात्रों को प्रैक्टिकल मानदंडों से अवगत करते रहते हैं। 

अब संस्थान में एम.फार्मेसी की तीनों विशेषताओं को मान्यता प्राप्त हो गई है:

* *फार्मास्यूटिक्स (Pharmaceutics): 15 सीटें*

* *फार्माकोलॉजी (Pharmacology): 15 सीटें*

* *फार्माकॉग्नोसी (Pharmacognosy): 15 सीटें*


इन पाठ्यक्रमों की अवधि *दो वर्ष (चार सेमेस्टर)* होगी तथा कुल शुल्क *₹2,40,000* निर्धारित है।


विशेष उल्लेखनीय है कि संस्थान में पहले से एम.फार्मा के दो कोर्स संचालित थे और अब *फार्माकॉग्नोसी* विषय को भी PCI की आधिकारिक मान्यता मिल चुकी है। इस प्रकार अब तीनों विशेषताओं में अध्ययन और अनुसंधान का अवसर छात्रों को उपलब्ध होगा।

संस्थान के प्रबंधन ने इस सफलता को शिक्षा की गुणवत्ता और अनुभवी संकाय की मेहनत का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से छात्रों को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर फार्मेसी शिक्षा और रिसर्च में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

*यह मान्यता नेताजी सुभाष इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी की उच्च शैक्षणिक प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट अधोसंरचना का प्रमाण है.

आदित्यपुर वार्ड 21 में श्मशान भूमि बाउंड्री विवाद पर हंगामा, थाना पहुँचे दोनों पक्ष | दोनों पक्षों में जोरदार टक्टर


आदित्यपुर। वार्ड नंबर 21 स्थित श्मशान भूमि में चल रहे बाउंड्री निर्माण कार्य को लेकर शुक्रवार को जोरदार विवाद और हंगामा देखने को मिला। जमीन दलालों द्वारा कार्य में बार-बार बाधा डालने के आरोप के बीच भाजपा वरिष्ठ नेत्री एवं आदिवासी कल्याण समिति की सदस्य डिंपल लमाय ने आदित्यपुर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। अपनी शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें धमकी दी गई है, जिसमें झामुमो युवा मोर्चा नेता भोगलू सोरेन उर्फ डब्बा सोरेन का नाम लिया गया है


घटना के दौरान डब्बा सोरेन भी थाना पहुँचे, जहाँ दोनों पक्षों में तू-तू, मैं-मैं और जमकर हंगामा हुआ। पुलिस ने हस्तक्षेप कर किसी तरह स्थिति को शांत कराया। इस बीच ग्रामीण आदिवासियों ने डिंपल लमाय को पूर्ण समर्थन देते हुए विरोध-प्रदर्शन किया। भीड़ ने डब्बा सोरेन के आवास के बाहर नारेबाजी की— "डब्बा सोरेन मुर्दाबाद" "डब्बा सोरेन गुंडागर्दी छोड़ो"


प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह *श्मशान भूमि उनकी पारंपरिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी है* और इसमें किसी भी प्रकार की बाधा देना पूरे समुदाय का अपमान है।

उधर, झामुमो युवा जिला अध्यक्ष भोगलू (डब्बा) सोरेन ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया । उन्होंने कहा कि बाउंड्री निर्माण मनमर्जी और बिना उचित प्रक्रिया के किया जा रहा है, जिसका आदिवासी समाज विरोध कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल गलत तरीके से हो रहे कार्य का विरोध कर रहे हैं।


फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस प्रशासन ने मौके पर निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

बहरागोड़ा:-बहरागोड़ा बाजार में जाम की स्थिति को देखते हुए थाना प्रभारी ने चलाया अतिक्रमण हटाओ अभियान........

बहरागोड़ा संवाददाता


 बहरागोड़ा थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा ने बहरागोड़ा बाजार में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया है.अभियान के तहत,उन्होंने दुकानदारों को अपनी दुकानों के बाहर सड़क पर रखा सामान हटाने का निर्देश दिया.यह अभियान बहरागोड़ा बाजार में हो रही जाम की स्थिती न बनने के लिए अतिक्रमण हटाया जा रहा है.यह अभियान इसलिए चलाया गया ताकि सड़कों पर यातायात पैदल चलने वालों को भी कोई परेशानी न हो. थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा ने पहले भी कई महत्वपूर्ण विभिन्न मुद्दों पर काम किया है, जैसे कि नशा मुक्ति अभियान,वाहन चेकिंग अभियान व साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता अभियान।

खेल अब सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रहा खेल के क्षेत्र में बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है- मनोज चौधरी

 

सरायकेला नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष, एवेंजर कल्ब अध्यक्ष ,क्षेत्र के सक्रिय समाजसेवी मनोज कुमार चौधरी ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिले में प्रतिभाओं की कमी नहीं, प्रतिभाओं को प्रोत्साहन एवं सुविधाएं मिलेगी तो निश्चित तौर पर जिले का नाम विश्व में रोशन होता रहेगा. खेल अब सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं रहा खेल के क्षेत्र में बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है. जिले में खेल की असीम संभावनाएं है. उन्होंने कहा कि हमने ऐसे जिले में जन्म लिया, जहां कला, खेल और संस्कृति से जुड़े नामचीन हस्तियां का सानिध्य प्राप्त है जिले की प्रतिभाओं को राष्ट्र स्तर पर सराहा गया जिले को आठ पद्मश्री, कला एवं खेल के क्षेत्रों में सैकड़ो सम्मान मिले है जिले में दीपिका कुमारी जैसी अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतिभा है खेल के माध्यम से सैकड़ो खिलाड़ियों ने जिले का नाम रोशन किया है जिले के विभिन्न प्रखंडों में कई मैदान है लेकिन बुनियादी सुविधाएं नहीं है जिला मुख्यालय की बात करें तो एक समय जिले के बड़े मैदान में शुमार सरायकेला फुटबॉल मैदान (SFC ग्राउंड) वर्तमान भगवान बिरसा मुंडा मैदान सरायकेला में एक से बढ़कर एक बेहतरीन खिलाड़ी निकले इस ऐतिहासिक मैदान में राष्ट्रीय स्तर की मोहन बागान वेस्ट बंगाल जैसी टीमों ने खेला है मगर अब खिलाड़ियों के लिए उर्वर मैदान को वर्तमान में इवेंट मैदान बना कर रख दिया गया है । खिलाड़ियों के बेहतरी और विकास के लिए राष्ट्र से संबंद्धित (AFFILIATED) संस्थाएं (भारतीय तीरंदाज़ी संघ को छोड़कर) यहां सक्रिय नहीं है ।भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) भारतीय एथलेटिक्स महासंघ, भारतीय बैडमिंटन संघ, बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, भारतीय बास्केट बॉल संघ, भारतीय क्रिकेट संघ जैसे दर्जनों संगठनों में सरायकेला को स्थान प्राप्त नहीं है जिससे संबंधित खेल संघों में उनकी सक्रियता या उपलब्धि न के बराबर है जिसका प्रतिकूल असर खेल खिलाड़ी और प्रतिभाओं पर पड़ रहा है ।सीमित संसाधन एवं निष्क्रिय खेल संघों के बावजूद सरायकेला-खरसावां जिले की माटी (मिट्टी) खेल व खिलाड़ियों के लिए काफी उर्वर साबित हो रही है. यहां की प्रतिभाओं ने हर खेल में स्वयं को स्थापित किया है. फुटबॉल, हॉकी, तैराकी व एथलेटिक्स में भी जिला की प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर पर परचम लहरा रही हैं.

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 पिछले दो दशक में कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्पर्द्धाओं में जिले के खिलाड़ियों ने झारखंड के साथ देश का नाम रौशन किया है. तीरंदाजी के क्षेत्र में शोहरत के साथ रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो रहे हैं. यदि बुनियादी ढाँचा को दुरुस्त करते हुए, जिला प्रशासन प्रभावी तंत्रों का इस्तेमाल करते हुए संवेदनशीलता के साथ काम करें एवं प्रभावी व्यक्तियों खेल संगठनों को दायित्व दिया जाए तो निश्चित तौर पर खेल एवं खिलाड़ियों का सर्वांगीण विकास के मार्ग प्रशस्त होंगे।