Advertisement

Advertisement

Advertisement

Saubhagya Bharat News

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Saubhagya Bharat News

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Saubhagya Bharat News

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

Saubhagya Bharat News

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

The Saubhagya Bharat

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

America लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
America लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मंगलवार, 13 जनवरी 2026

ट्रंप ने फिर दोहराई ग्रीनलैंड पर कब्जे की बात, NATO को लेकर क्या बोल गए अमेरिकी राष्ट्रपति?

ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को हासिल करने की बात कही है। डेनमार्क की भूमिका को खारिज करते हुए उन्होंने चेतावनी दी है कि आर्कटिक द्वीप पर रूस या चीन का प्रभाव हो सकता है।



शुक्रवार, 9 जनवरी 2026

वेनेजुएला के बाद US के निशाने पर भारत-चीन, 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने वाले बिल को ट्रंप ने दी मंजूरी

ट्रंप प्रशासन ने भारत और चीन पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने की योजना को मंजूरी दी है। वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई के बाद अब ट्रंप का आक्रामक रुख इन दोनों देशों की ओर है। इस नए बिल के तहत, भारत और चीन को अमेरिकी निर्यात पर भारी कर चुकाना होगा।



अमेरिकी: ट्रंप का भारत विरोधी रवैया में एक और कदम..दुनिया को एकजुट हो कर लगाम लगाना जरूरी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए एक मेमोरंडम पर हस्ताक्षर किया है, जिससे अमेरिका उन 60 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय संगठनों और संस्थाओं से अलग हो जाएगा, जो अमेरिका के हितों के खिलाफ काम करते हैं। इसमें भारत की अगुआई वाला इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) भी शामिल है।

ट्रंप प्रशासन ने इंटरनेशनल सोलर अलायंस और 65 अन्य एजेंसियों को अमेरिका विरोधी, बेकार या फिजूलखर्ची वाले अंतरराष्ट्रीय संगठन बताया है। वॉइट हाउस ने कहा कि ये संगठन कट्टरपंथी जलवायु नीतियों, ग्लोबल गवर्नेंस और वैचारिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देते हैं, जो अमेरिकी संप्रभुता और आर्थिक ताकत के साथ टकराव में हैं।


वॉइट हाउस ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने 35 गैर-संयुक्त राष्ट्रीय निकायों और 31 संयुक्त राष्ट्र से जुड़े संगठनों से अमेरिका को बाहर निकालने का आदेश देने वाली घोषणा पर हस्ताक्षर किए हैं। बयान में कहा गया है कि यह कदम उन सभी अंतरराष्ट्रीय संगठनों, संधियों और समझौतों की समीक्षा के बाद लिया गया है, जिनमें अमेरिका सदस्य या पक्षकार है।

बुधवार, 7 जनवरी 2026

ट्रंप की ऑपरेशन वेनेजुएला: चीन-तेल-खेल से गनबोट डिप्लोमेसी से अब तक क्या-क्या हुआ?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला पर नियंत्रण का ऐलान करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी की घोषणा की। उन्हें ब्रुकलिन जेल में रखा गया है। 10 बिंदुओं में समझिए घटनाक्रम में अब तक क्या-क्या हुआ?



रविवार, 4 जनवरी 2026

अमेरिका ने इस देश के राष्ट्रपति को बनाया बंधक, बस ड्राइवर से

अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर शनिवार की सुबह जबरदस्त एयरस्ट्राइक कर दी। सोशल मीडिया पर सामने आये वीडियो में भीषण विस्फोट, धुयें के गुबार और आसमान में उठती आग की लपटें साफ दिखाई दीं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सनसनीखेज दावा किया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी बलों ने पकड़ लिया है। दोनों को देश से बाहर भेज दिया गया है। हालांकि उन्हें कहां रखा गया है, यह अब भी रहस्य बना हुआ है। अब अमेरिका ने दावा किया है कि नशीली दवाओं के ठिकानों पर दर्जनों हमले किये गये। डेल्टा फोर्स ने मादुरो को पकड़ने के लिये सीधा ऑपरेशन चलाया ट्रंप प्रशासन मादुरो को राष्ट्रपति नहीं, “नार्को-क्रिमिनल” मानता है। मादुरो और उनकी पत्नी हिरासत में हैं।



अमेरिका के इस कदम से दुनियाभर में चिंता और बेचैनी फैल गई है। निकोलस मादुरो कभी काराकास की सड़कों पर बस चलाते थे। यहीं से उनकी जिंदगी ने राजनीति की पटरी पकड़ी। बस ड्राइवरों की यूनियन के नेता बने, आंदोलनों में कूदे और वामपंथी नेता के तौर पर पहचान बनाई। राजनीति में एंट्री के वक्त बड़े नेता उनकी बस ड्राइवर पृष्ठभूमि का मजाक उड़ाते थे, लेकिन मादुरो ने इसे ही अपनी ताकत बना लिया, “मैं आम आदमी हूं” की छवि गढ़ी। 1992 में जब ह्यूगो शावेज की तख्तापलट की कोशिश नाकाम हुई और वे जेल पहुंचे, तो मादुरो ने सड़क से संसद तक आंदोलन खड़ा कर दिया। शावेज की रिहाई के बाद मादुरो उनके सबसे भरोसेमंद साथी बने। दोनों ने मिलकर फिफ्थ रिपब्लिक मूवमेंट खड़ा किया और फिर सत्ता की नींव रखी।

राष्ट्रपति बनते ही अमेरिका से टकराव: सितंबर 2013 में मादुरो राष्ट्रपति बने और तभी से अमेरिका उनकी आंखों का कांटा बन गया। अमेरिकी राजनयिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया गया, बिजली ग्रिड फेल करने का आरोप लगा। 2014 के छात्र आंदोलनों में विदेशी साजिश का दावा किया गया। कई विदेशी मीडिया चैनलों पर पाबंदी लगा दी गई। 2015 में अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई में आर्थिक प्रतिबंधों की झड़ी लगा दी। साल 2018 में मादुरो की चुनावी जीत को अमेरिका ने धोखाधड़ी बताया। सैन्य परेड के दौरान ड्रोन अटैक हुये, मादुरो बाल-बाल बचे। तख्तापलट की चर्चायें तेज हुईं। साल 2019 अमेरिकी समर्थित हुआन गाइदो ने खुद को राष्ट्रपति घोषित किया। ट्रंप प्रशासन ने गाइदो को मान्यता दी। मादुरो ने अमेरिकी राजनयिकों को 24 घंटे में देश छोड़ने को कहा। साल 2020 में दो अमेरिकी नागरिकों की गिरफ्तारी हुई। उनपर तख्तापलट की साजिश का आरोप लगा। 20 साल की सजा हुई। ट्रंप के जाने के बाद भी प्रतिबंध बने रहे, हालांकि 2023 में चुनावी सुधारों के वादे पर कुछ ढील दी गई। जनवरी 2025 में सत्ता में लौटते ही ट्रंप ने मादुरो पर ड्रग तस्करी, नार्को-आतंकवाद, अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क चलाने जैसे गंभीर आरोप लगाये। इसके बाद वेनेजुएला की नावों पर हमले किये गये, इसमें 100 से ज्यादा मौतें हुई। CIA को खुली छूट दी गई। युद्धपोत और हजारों सैनिक तैनात कर दिये गये। तेल टैंकरों की घेराबंदी कर वेनेजुएला की कमर तोड़ने की रणनीति अपनाई गई।

सोमवार, 1 दिसंबर 2025

'मेरी पार्टनर आधी भारतीय है', एलन मस्क ने ऐसा क्यों कहा? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मीम्स

एलन मस्क ने हाल ही में खुलासा किया कि उनकी पार्टनर शिवॉन जिलिस आधी भारतीय हैं। उन्होंने बताया कि उनके एक बेटे का मिडिल नाम भारतीय वैज्ञानिक सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर से प्रेरित 'शेखर' है।



अमेरिका: क्या US को H-1B वीजा खत्म कर देना चाहिए? एलन मस्क ने क्या कहा; भारतीय एंटरप्रेन्योर्स को दी ये सलाह

टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने H-1B वीजा कार्यक्रम पर अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि अमेरिका को प्रतिभाशाली लोगों को आकर्षित करने पर ध्यान देना चाहिए।



शनिवार, 4 अक्टूबर 2025

अमेरिका: ट्रंप की टैरिफ और गलत आर्थिक नीतियों के कारण अमेरिका शट डाउन झेलने को मजबूर

अमेरिका इस समय शटडाउन से गुजर रहा है। इसकी वजह से ट्रंप के देश को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। द गार्डियन की एक रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप सरकार में काम कर रहे सीनीयर अधिकारियों का कहना है कि अगर शटडाउन खत्म नहीं हुआ तो इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था (US GDP Loss) को नुकसान पहुंचा सकता है। विश्लेषकों के अनुसार, यह नुकसान हर हफ्ते अरबों डॉलर का हो सकता है। इस नुकसान की भरपाई ट्रंप टैरिफ से भी नहीं की जा सकती।

अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, “सरकार को बंद करके और GDP को कम करके बातचीत करने का यह सही तरीका नहीं है। इससे जीडीपी, विकास और कामकाजी अमेरिका पर असर पड़ सकता है।”

कंसल्टिंग फर्म EY-Parthenon ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा, “हमारा अनुमान है कि शटडाउन के प्रत्येक सप्ताह से चौथी तिमाही में (वार्षिक आधार पर) अमेरिकी जीडीपी वृद्धि में 0.1 प्रतिशत अंकों की कमी आएगी। इससे अर्थव्यवस्था को 7 बिलियन डॉलर का साप्ताहिक नुकसान होगा।”

7 बिलियन डॉलर का साप्ताहिक नुकसान का मतलब हर दिन लगभग ₹8800 करोड़ का नुकसान और हर घंटे लगभग ₹3698650000 का नुकसान अमेरिका की अर्थव्यवस्था

शनिवार, 6 सितंबर 2025

ट्रंप के करीबी के 'ब्राह्मण मुनाफाखोर' वाली टिप्पणी पर भड़का विदेश मंत्रालय, सुनाई खरी-खरी

विदेश मंत्रालय ने व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो की टिप्पणियों को गलत बताते हुए खारिज कर दिया है।

मंत्रालय ने कहा कि भारत अमेरिका के साथ संबंधों को आपसी सम्मान और हितों के आधार पर आगे बढ़ाना चाहता है।





Breaking