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Saubhagya Bharat News

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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The Saubhagya Bharat

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शनिवार, 10 जनवरी 2026

तमिलनाडु: यह तमिलनाडु के ब्लैंकिट के डिलीवरी मैन है

एक महिला ने इनसे रात में चूहा मारने की दवा का आर्डर किया फिर यह जो डिलीवरी देने जा रहे थे और जब देखे की एक महिला ने मंगाया है वह भी रात के टाइम में मंगाया है तब इन्हें शक हो गया इन्होंने डिलीवरी नहीं दी और पुलिस को सूचना दिया पुलिस ने महिला की काउंसलिंग की तो यह बात सच साबित हुई कि वह महिला ने आत्महत्या करने के इरादे से मंगाई थी 


अगर समाज में हर वर्ग जागरूक हो तो कई अपराध रोके जा सकते हैं , अभी मैं अखबारों में पढ़ रहा हूं डिजिटल अरेस्ट के कई केस में बैंक कर्मचारियों की जागरूकता से सैकड़ो मामले रोक दिए 

कई बुजुर्ग लोग बैंक में गए कोई अपनी एफ़डी तुड़वाने गया कोई अपनी जमा पूंजी में से बहुत बड़ी रकम दूसरे प्रदेश में एनईएफटी करने गया बैंक मैनेजर को शक हुआ बैंक मैनेजर ने पूछताछ किया फिर पता चला कि बुजुर्ग लोग तो डिजिटल अरेस्ट है।

क्या हम और आप जागरूक हैं?

खुद से सोचिये।

अगर नहीं तो जागरूक बनिये।

राँची: हेमंत कैबिनेट @09.01.26 : सड़क, शिक्षा, सुरक्षा और संवेदनशील शासन का रोडमैप

राँची: राज्य के समग्र विकास को नई गति देने की दिशा में सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में अवसंरचना, शिक्षा, कानून-व्यवस्था, सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण एवं प्रशासनिक सुधार से जुड़े दूरगामी और जनहितकारी निर्णयों को स्वीकृति दी गई। इन फैसलों के माध्यम से जहां एक ओर सड़कों, पुलों और सिंचाई परियोजनाओं के जरिये आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर सेवा नियमितीकरण, पेंशन लाभ, स्वास्थ्य बीमा एवं सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ कर सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की प्रतिबद्धता को दोहराया गया है। यह कैबिनेट निर्णय राज्य को विकास, न्याय और विश्वास के मजबूत पथ पर आगे ले जाने की स्पष्ट झलक प्रस्तुत करता है।



पलामू जिले में डाल्टनगंज–राजहरा रेलखंड पर ROB निर्माण हेतु ₹101.38 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई, जिसमें ₹19.53 करोड़ राज्यांश होगा।

जैना मोड़ से फुसरो (MDR-077) सड़क को 2 लेन पेव्ड सोल्डर में चौड़ा व मजबूत करने के लिए ₹157.89 करोड़ स्वीकृत।

झारखण्ड सेवा नियमितीकरण नियमावली, 2015 के तहत हजारीबाग बंदोबस्त कार्यालय के 3 कर्मियों की सेवा नियमित की गई।

झारखण्ड राज्य विधि आयोग की अवधि 14.11.2025 से 13.11.2027 तक बढ़ाई गई।

अजीत कुमार देव एवं जयदेव प्रसाद सिंह की दैनिक वेतन अवधि जोड़कर पेंशन लाभ देने हेतु पूर्व संकल्प में संशोधन स्वीकृत।

गोड्डा जिले की सैदापुर वीयर योजना के लिए ₹38.73 करोड़ के पुनरीक्षित प्राक्कलन को मंजूरी दी गई।

चौपारण–चतरा पथ (MDR-68) की राइडिंग क्वालिटी सुधार के लिए ₹35.43 करोड़ स्वीकृत।

नावाडीह–घुटवे हिरक रोड (22.757 किमी) के चौड़ीकरण/पुनर्निर्माण हेतु ₹81.36 करोड़ स्वीकृत।

जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन की मंजूरी।

झारखण्ड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय, रांची में भी पदों के पुनर्गठन को स्वीकृति।

डॉ. रागिनी सिंह की सेवा से बर्खास्तगी का आदेश सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार निरस्त किया गया।

मिशन शक्ति के तहत नारी अदालत योजना के कार्यान्वयन को मंजूरी।

श्री रूक्मकेश मिश्र के विरुद्ध सेवा से बर्खास्तगी की सजा को यथावत रखने की स्वीकृति।

छठी झारखण्ड विधानसभा का पंचम (बजट) सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक आहूत करने की मंजूरी।

पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय, जमशेदपुर के संचालन हेतु नए पद सृजित किए गए।

सहदेव राम सहित 10 सेवानिवृत्त कर्मियों को दैनिक वेतन अवधि जोड़कर पेंशन लाभ स्वीकृत।

छह सेवानिवृत्त पदचरों की सेवा नियमित कर उन्हें वित्तीय लाभ देने की मंजूरी।

केन्द्रीय GST कानून में संशोधन के अनुरूप झारखण्ड GST अधिनियम में संशोधन हेतु अध्यादेश को स्वीकृति।

सरायकेला-खरसावाँ के तितिरबिला में 50 TLPD डेयरी प्लांट स्थापित करने और परियोजना अवधि 2026-27 तक बढ़ाने की मंजूरी।

वित्तीय वर्ष 2025-26 की द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी को स्वीकृति।

झारखण्ड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक का कार्यकाल 31.12.2026 तक बढ़ाया गया।

बरलंगा–नेमरा–कसमार पथ परियोजना के लिए क्षतिपूरक वन भूमि हस्तांतरण की स्वीकृति।

राज्य कर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना में संशोधन को मंजूरी।

“कम्बल एवं वस्त्र वितरण योजना” के तहत कम्बल की गुणवत्ता में संशोधन की स्वीकृति।

जल संसाधन विभाग की ₹50 लाख से ₹2.50 करोड़ तक की योजनाओं की निविदा दो-लिफाफा प्रणाली से करने की मंजूरी।

झारखण्ड कोषागार संहिता, 2016 के नियम 261 में संशोधन की स्वीकृति।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 (दावोस) व लंदन यात्रा की मंजूरी।

डीजीपी चयन एवं नियुक्ति नियमावली, 2025 में संशोधन को घटनोत्तर स्वीकृति।

राज्य के 606 थानों में 8854 CCTV कैमरे लगाने हेतु ₹134 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति।

नेतरहाट आवासीय विद्यालय के प्रबंधन हेतु नई नियमावली, 2026 के गठन की मंजूरी।

अयोध्या धाम में नॉनवेज बिक्री पर लगा प्रतिबंध..शासन आदेश जारी

अयोध्या: अयोध्या धाम में नॉनवेज की बिक्री और परोसने पर सख्त रोक लगा दी गई है. सहायक खाद्य आयुक्त ने आदेश जारी करते हुए होटल, ढाबा, होम-स्टे और परिक्रमा मार्ग में नॉनवेज बेचने व परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है. इसके साथ ही ऑनलाइन माध्यम से नॉनवेज बिक्री पर भी पाबंदी रहेगी. आदेश के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित प्रतिष्ठान का लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है। प्रशासन ने नियमित मॉनिटरिंग और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह नया प्रतिबंध 8 जनवरी से प्रभावी हो गया है.



पश्चिम बंगाल: क्या ईडी पर कार्रवाई कर सकती है बंगाल पुलिस, ममता बनर्जी ने दर्ज करवाई है

पश्चिम बंगाल में पार्टी के आईटी सेल प्रमुख के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के बाद तृणमूल कांग्रेस ने दिल्ली से कोलकाता तक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. यह मामला तब और ज्यादा बढ़ गया जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी के अधिकारियों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज करा दी और कोलकाता में एक विरोध मार्च को लीड किया. इसी बीच आइए जानते हैं कि क्या बंगाल पुलिस सच में ईडी के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है या नहीं.कानूनी तौर पर राज्य पुलिस ईडी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है. लेकिन इसकी कुछ खास शर्ते हैं. अगर किसी ईडी अधिकारी पर भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी या फिर आधिकारिक ड्यूटी से संबंधित अपराधिक दुराचार का आरोप है तो राज्य पुलिस या फिर सीबीआई जैसी एजेंसियां मामला दर्ज और उन्हें गिरफ्तार कर सकती हैं.



क्या ईडी अधिकारियों को कानूनी सुरक्षा मिली है: ईडी अधिकारियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 197 के तहत सुरक्षा मिली हुई है. यह प्रावधान कहता है कि आधिकारिक ड्यूटी के दौरान किए गए कृतियों के लिए किसी भी सरकारी अधिकारी पर मुकदमा चलाने से पहले केंद्र सरकार से पूर्व अनुमति की जरूरत है. लेकिन यह सुरक्षा तभी लागू होती है जब वह काम सीधे आधिकारिक जिम्मेदारी से जुड़ा हो. यदि कथित कार्य वैध कर्तव्य के दायरे से बाहर आता है, जैसे की जबरदस्ती वसूली या फिर व्यक्तिगत दुराचार तो यह सुरक्षा लागू नहीं होती.

हालांकि बंगाल पुलिस कानूनी तौर पर एफआईआर दर्ज कर सकती है लेकिन प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई कोर्ट की मंजूरी और केंद्र सरकार के इजाजत पर ही निर्भर करेगी. लेकिन यह तभी होगा जब कथित काम आधिकारिक ड्यूटी से जुड़ा हो. 

ईडी की शक्तियां हुई सीमित :बीते कुछ सालों में ईडी की न्यायिक जांच बढ़ी है. 2025 और 2026 के बीच अदालतों ने कुछ बातें साफ की. सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया की ईडी मनमानी ढंग से गिरफ्तारियां नहीं कर सकती और उन्हें ठोस सबूत भी दिखाने होंगे. मद्रास हाई कोर्ट ने 2025 में दोहराया था कि ईडी कोई सुपर कॉप नहीं है और वह तभी कार्रवाई कर सकती है जब किसी दूसरी एजेंसी ने पहले ही कोई अपराध दर्ज किया हो.

आधी रात सुलग उठा ईरान : खामनेई के खिलाफ विद्रोह, जेन जी ने जमाया कब्जा

नयी दिल्ली :ईरान एक बार फिर इतिहास के ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां सड़कों पर गूंजते नारे सिर्फ महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि 47 साल पुराने इस्लामिक शासन की वैधता को सीधी चुनौती दे रहे हैं। बीते 11 दिनों से जारी जन-आंदोलन ने यह साफ कर दिया है कि यह केवल रोटी-रोज़गार का सवाल नहीं रहा, बल्कि सत्ता परिवर्तन की आहट बन चुका है। 



हिंसा की आग में जल रहे सभी प्रांत

28 दिसंबर 2025 को तेहरान के बाज़ारों से उठी असंतोष की चिंगारी देखते-देखते पूरे देश में आग बनकर फैल गई। ईरानी मुद्रा रियाल ऐतिहासिक निचले स्तर पर है, महंगाई 40 प्रतिशत के पार जा चुकी है, और युवाओं में बेरोज़गारी 25 प्रतिशत के आसपास मंडरा रही है। जनता का गुस्सा स्वाभाविक था, लेकिन शासन की सख्ती ने इस असंतोष को विद्रोह में बदल दिया।

 अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन HRANA के अनुसार, आंदोलन ईरान के सभी 31 प्रांतों के 111 शहरों तक फैल चुका है। अब तक कम से कम 34 प्रदर्शनकारी और चार सुरक्षाकर्मी मारे जा चुके हैं, जबकि 2,200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कई जगहों पर हिंसक झड़पों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं, जो शासन की घबराहट और जनता के आक्रोश दोनों को उजागर करते हैं।

माता आकर्षणी दरबार में 12 जनवरी को होगी बुरु मांगे पूजा, तैयारी को लेकर हुई अहम बैठक

सरायकेला-खरसावां : जिले के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता आकर्षणी दरबार परिसर में मुख्य पुजारी सह आकर्षणी पूजा एवं मेला संचालन समिति के अध्यक्ष नारायण सरदार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।



बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 12 जनवरी 2026 को बुरु मांगे पूजा विधि-विधान पूर्वक संपन्न कराई जाएगी। मुख्य पुजारी नारायण सरदार ने बताया कि इस अवसर पर मंत्री, सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, आदिवासी समाज के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में पुरुष व महिला श्रद्धालु पूजा में शामिल होंगे।

उन्होंने बताया कि पूजा के दिन समिति की ओर से सभी श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क चाय की व्यवस्था की जाएगी। वहीं 15 जनवरी को आयोजित होने वाले मेला के दौरान विधि-व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी वॉलंटियर्स को आई-कार्ड के साथ ड्यूटी पर रहने का निर्देश दिया गया है।

बैठक में मुख्य रूप से पूर्व विधायक मंगल सिंह सोय, रामजी सिंह देव, मुखिया सविता मुंडारी, ब्रज किशोर कुंवर, गोविंद सरदार, जितेंद्र प्रधान, मनोज कुमार माझी, प्रवीर प्रताप सिंह देव, दीपक माझी, हर मोहन महतो, सुभाष कालिंदी, मंगल सिंह हाईबुरु, डॉ. जे.पी. महतो सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

बैठक में पूजा और मेला को शांतिपूर्ण व सफल बनाने के लिए विभिन्न जिम्मेदारियों का भी वितरण किया गया।

वरुण साहू के दोबारा रांची महानगर भाजपा अध्यक्ष बनने पर धुर्वा के कार्यकर्ताओं ने दी बधाई

रांची : वरुण साहू को पुनः भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) रांची महानगर का अध्यक्ष बनाए जाने पर आज धुर्वा क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलकर उन्हें शुभकामनाएं दीं।

कार्यकर्ताओं ने अध्यक्ष वरुण साहू को फूलों का गुलदस्ता देकर बधाई दी और उनके नेतृत्व में संगठन को और मजबूत करने की उम्मीद जताई। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने कहा कि वरुण साहू के नेतृत्व में पार्टी को महानगर क्षेत्र में लगातार मजबूती मिली है और आगे भी संगठन विस्तार की दिशा में बेहतर कार्य होगा।



बधाई देने वालों में प्रमुख रूप से दीपक सिंह राठौड़, अभय झा, शैलेश कुमार सिंह सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे। सभी ने नवनियुक्त अध्यक्ष को शुभकामनाएं देते हुए संगठन के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

बी एस एस आर यूनियन ने मेडिकल एवं सेल्स प्रमोशन कर्मचारीयों की समस्यायों को लेकर उपश्रमायुक्त से की मुलाक़ात

 जमशेदपुर: बी एस एस आर यूनियन जो मेडिकल एवं सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों का एक मात्र संगठन है, ने कंपनियों के प्रबंधन द्वारा किए जा रहें मजदूर विरोधी रवैया एवं अत्याचार, के खिलाफ अपनी विभिन्न मांगो को लेकर माननीय उपश्श्रमायुक्त, जमशेदपुर से मुलाक़ात की। इस दौरान कर्मचारियों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

यूनियन ने बताया की कई कंपनीयों द्वारा नुन्यतम मज़दूरी भुगतान नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है तथा वेतन भुगतान भी रेका जा रहा है। गैरकानूनी तबादलों एवं बर्खास्तगी से मेडिकल तथा सेल्स रेप्रेजेंटेटिव परेशान एवं शोषित हो रहे है। प्रबंधन द्वारा लागू किया गया नया डिजिटल रेपोर्टिंग सिस्टम कर्मचारियों को दंडित करने का माध्यम बन गया है।

यूनियन ने यह भी आरोप लगाया की प्रतिकूल परिस्थितियों में कर्मचारियों का कार्यक्षेत्र को सीमित किया जा रहा है। MGM अस्पताल मे मेडिकल एवं सेल्स प्रतिनीधियों के प्रवेश बाधित किया गया है, जब की झारखंड सरकार गजट अधिसूचना के माध्यम से मेडिकल प्रतनिधियों के लिए प्रतिदिन 8 घंटे का कार्यसमय निर्धारित किया है। भारत सरकार के " ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीस (ऑब्जेक्शनेबल एडवर्टाइजमेंट) एक्ट 1954 के अनुसार मेडिकल प्रतिनिधियों को अस्पताल, डिस्पेन्सरी, मेडिकल एवं शोध संस्थानों में कार्य करने का कानूनी अधिकार प्राप्त है।

इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए यूनियन के पदाधिकारीयों ने माननीय श्री अरविंद कुमार, उपश्रमायुक्त, जमशेदपुर से MGM अस्पताल तथा मेडिकल एवं सेल्स प्रतिनीधियों के कार्यस्थलयों में कार्यकाल बहाल कराने हेतु हस्तक्षेप के लिए अनुरोध किया। साथ ही लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए उनका आभार ब्यक्त किया गया। विशेष रूप से JAWA Pharma बनाम प्रदीप सरकार, मज़दूरी भुगतान मामले के निस्तारण को सरहानिय बताया गया ।

इस अवसर पर उपश्रमायुक्त महोदय को उनके कार्यालय मे सम्मानित किया गया। बी एस एस आर यूनियन के ओर से के डी प्रताप, सुब्रतो बिस्वास, पी आर गुप्ता, यशवंत मौली, देवी प्रसाद, विनय कुमार, दीप सेन आदि अपस्थित थे।

जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में बी.एड., एम.एड. एवं बी.पी.एड. छात्राओं के लिए इंडक्शन प्रोग्राम आयोजित

जमशेदपुर, 10 जनवरी 2026बिष्टुपुर स्थित जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के परिसर में नवीन शैक्षणिक सत्र 2025. 2027 के अंतर्गत बी.एड., एम.एड. एवं बी.पी.एड. पाठ्यक्रमों में नामांकित छात्राओं के लिए इंडक्शन प्रोग्राम (दीक्षारंभ समारोह) का आयोजन स्मार्ट डिजिटल हॉल में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय की डीएसडब्ल्यू एवं डीन डॉ. किश्वर आरा तथा शिक्षा विभाग की समन्वयक डॉ. कामिनी कुमारी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने नवप्रवेशी छात्राओं को संबोधित करते हुए शिक्षा तथा खेलकूद के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़नेl

आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य प्राप्त करने तथा अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का स्वागत भाषण विभागाध्यक्ष डॉ. संजय भुईयां एवं डॉ. सजित महतो द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अरुणिमा कुमारी एवं डॉ. सौरभ मंडल ने किया।इस दौरान छात्राओं द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम. योगा तथा एरोबिक्स डांस की प्रस्तुतियाँ दी गईं। सांस्कृतिक कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. सुधा सिंह दीप एवं गोपाल चक्रवर्ती की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही बी.एड., एम.एड. एवं बी.पी.एड. पाठ्यक्रमों की शैक्षणिक संरचना तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. त्रिपुरा झा एवं डॉ. हेमंत कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया. जिसके साथ समारोह का समापन हुआ। इस अवसर पर बी.एड., एम.एड. एवं बी.पी.एड. के सभी सम्मानित व्याख्याता. शिक्षकेतर कर्मचारी. पत्रकार बंधु तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।


सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर रामगढ़ में प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला-2026 का आयोजन

 




प्रखंड अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में शनिवार को प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला-2026 का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि जिला परिषद उपाध्यक्ष सुधीर मंडल व प्रखंड प्रमुख बाबूलाल मुर्मू तथा चिकित्सा प्रभारी रामप्रसाद द्वारा संयुक्त रुप से विधिवत दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया।

प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी रामप्रसाद ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए बताया कि प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला का उद्देश्य गरीब, असहाय व ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सम्बन्धी लाभ पहुंचाना है। प्रखंड प्रमुख बाबूलाल मुर्मू ने कहा कि    कार्यक्रम का उद्देश्य सभी लोगों को जागरुक करते हुए बीमारी को जड़ से समाप्त करना है। उन्होंने मुख्य रूप से जलसहीयाओं का आभार प्रकट किया है। जिप सदस्य सुधीर मंडल ने कहा कि झारखंड में राज्य स्वास्थ्य मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जहां तक कोई पहुंच नहीं पाते हो, स्वास्थ्य मेला का आयोजन कर आप सभी को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों तक कोई भी लाभुक अथवा मरीज स्वास्थ्य के किसी भी लाभ से वंचित नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि 108 एंबुलेंस की जो शिकायत होती है उस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस की सेवा को जल्द से जल्द बहाल किया जाए। मरीजों की जान बचाना चिकित्सकों का सबसे बड़ा धर्म है। उन्होंने चिकित्सा प्रभारी का भी आभार प्रकट करते हुए कहा कि रामगढ़ में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 24*7 खुला रहता है। कहा की हमारा प्रयास है, एक-एक पंचायत में स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण हो।

प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला में मुख्य रूप से आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड  काउंटर, आयोडीन जांच काउंटर, आयुष काउंटर, अंधापन ईएनटी काउंटर, गैर संचारी रोग व गैर संचारी रोग एमसीडी एनसीडी काउंटर, परिवार नियोजन काउंटर, मलेरिया कालाजार फाइलेरिया काउंटर, टीबी कुष्ठ काउंटर, किशोरी स्वास्थ्य काउंटर, मातृत्व /शिशु स्वास्थ्य काउंटर, लैब जांच,दवा वितरण काउंटर,बाह्य चिकित्सा पुरुष/महिला, आईईसी सूचना शिक्षा संचार काउंटर, पुरुष महिला निबंधन काउंटर लगाए गए थे। जिप सदस्य ने एक-एक कर सभी काउंटर का बारीकी से निरीक्षण भी किया।स्वास्थ्य मेला में प्रखंड प्रमुख बाबूलाल मुर्मू सहित सभी अतिथियों ने अपना हेल्थ चेकअप भी करवाया। कार्यक्रम मे शिवलाल मरांडी, प्रखंड सचिव नन्दलाल राऊत, प्रभारी चिकित्सक रामप्रसाद, डॉ संदीप कुमार मण्डल, डॉ सीसली प्रभा, डॉ मोनिका, एएनएम, ज़ीएनएम, जलसहिया, सभी स्वास्थ्यकर्मी के अलावे जेएमएम कार्यकर्त्ताओं सुरेश सोरेन, रिंकू मंडल, राजेश गुप्ता, जनसन मंडल, कमलाकांत मंडल, नलिन मंडल सहित स्वास्थ्य मेला का लाभ ले रहे भारी संख्या में लाभुक मौजूद रहे। 



एलगेन किआ मानगो शोरूम में ऑल-न्यू किआ सेल्टोस का भव्य लॉन्च

 

जमशेदपुर – स्टाइल, टेक्नोलॉजी और परफॉर्मेंस का नया बेंचमार्क किआ इंडिया की सबसे लोकप्रिय एस इउ वी, किआ सेल्टोस, का शनिवार को  एलगेन किआ में भव्य लॉन्चिंग किया गया। नए और आकर्षक डिज़ाइन, एडवांस टेक्नोलॉजी और दमदार परफॉर्मेंस के साथ न्यू सेल्टोस  प्रीमियम मिड-साइज एस इउ वी सेगमेंट में नए मानक स्थापित करने के लिए तैयार है। यह कार बोल्ड एक्सटीरियर, सिग्नेचर स्टार-मैप एल इ डी लाइटिंग, बड़ा पैनोरमिक डिस्प्ले, लेवल-2 एड्स सेफ्टी फीचर्स, कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी और शक्तिशाली इंजन विकल्प दिए गए हैं, जो ड्राइविंग अनुभव को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और रोमांचक बनाते हैं। अवसर पर एलगेन किआ  के अधिकारी ने कहा, सेल्टोस केवल एक एस इउ वी नहीं, बल्कि आधुनिक ग्राहकों की बदलती जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई एक प्रीमियम पेशकश है। हमें गर्व है कि हम जमशेदपुर के ग्राहकों के लिए इस शानदार कार को शोरूम में लेकर आए हैं। लॉन्च इवेंट के दौरान ग्राहकों और ऑटोमोबाइल प्रेमियों को कार के फीचर्स का लाइव डेमोंस्ट्रेशन, टेस्ट ड्राइव और एक्सक्लूसिव लॉन्च ऑफर्स की जानकारी भी दी गई। 


एलगेन किआ अपने ग्राहकों को बेहतरीन सेल्स, और आफ्टर-सेल्स अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। सेल्टोस अब शोरूम में उपलब्ध है और बुकिंग्स शुरू हो चुकी हैं। अधिक जानकारी, टेस्ट ड्राइव और बुकिंग के लिए ग्राहक शोरूम से संपर्क कर सकते हैं। मौके पर चीफ गेस्ट श्री मानव केडिआ प्रेसिडेंट सिंघभूम चैम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स, गेस्ट ऑफ़ हॉनर फॉरएवर मिसेस इंडिया 2025 श्रीमती अंजलि सिन्हा, चैम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स के वाईस प्रेसिडेंट हर्ष बाकरेवाल ने द्वीप प्रज्वलित कर नयी गाड़ी का आन बॉक्सिंग कर लांच किया, मौके पर शोरूम के डायरेक्टर मनीष जैन, रवि जग्गी, अभिषेक शर्मा, ओम प्रकाश जग्गी, राजन शर्मा, जवाहर विग, हरीश विग सहित भारी संख्या में बैंक के अधिकारी, और शहर के गणमान्य उद्योगपति, शोरूम के कर्मचारी और ग्राहक मौजूद रहें





जनता दल (यूनाइटेड) आज़ादनगर थाना समिति की बैठक सम्पन्न

 

जमशेदपुर। जनता दल (यूनाइटेड) आज़ादनगर थाना समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक जवाहरनगर रोड नंबर–12 में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता थाना समिति अध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने की।

बैठक में संगठन को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से आज़ादनगर थाना समिति का विस्तार किया गया। इसमें मो. फरहान अख्तर को उपाध्यक्ष, गौस रज़ा ख़ान और मो. शहबाज़ुद्दीन को महामंत्री, मो. अबूबकर सिद्दीकी को मंत्री नियुक्त किया गया, जबकि मो. मुशर्रफ अली और रज़ियुल इस्लाम को सोशल मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई।


बैठक में आगामी 15 जनवरी को मानगो नगर निगम कार्यालय के घेराव को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि आज़ादनगर क्षेत्र से अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ता घेराव कार्यक्रम में शामिल होकर जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे।

बैठक में मुख्य रूप से जनता दल (यूनाइटेड) के जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव, कुलविंदर सिंह पन्नू, अजय कुमार, विकास साहनी, आकाश शाह, संजीव सिंह, अशोक सिंह, मो. फरहान अख्तर, गौस रज़ा ख़ान, मो. शहबाज़ुद्दीन, मो. अबूबकर सिद्दीकी, मो. मुशर्रफ अली और रज़ियुल इस्लाम सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। 



मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 'भारत रत्न' देने की मांग, जेडीयू नेता केसी त्यागी ने लिखा पत्र

जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुक्रवार को पत्र लिखकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को देश का सर्वोच्च सम्मान देने की मांग की। केसी त्यागी ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि समाजवादी आंदोलन के बचे अनमोल रत्न नीतीश कुमार 'भारत रत्न' के योग्य हैं। उन्हें इस सम्मान से नवाजा जाए। केसी त्यागी ने पत्र में लिखा, ''30 मार्च 2024 हमारे पुरखों के सम्मान का दिन है। आपके प्रयासों से उन्हें 'भारत रत्न' के सर्वोच्च सम्मान से अलंकृत किया गया था। स्व. चौधरी चरण सिंह एवं स्व. कर्पूरी ठाकुर द्वारा किए गए जनहित एवं कृषक, हाशिए पर गए लोगों को संगठित कर उन्हें सम्मान दिलाने का सार्थक प्रयास किया गया था।''

पत्र में आगे लिखा है, ''आपके इन्हीं प्रयासों से अभिभूत होकर निवेदन है कि समाजवादी आंदोलन के बचे अनमोल रत्न नीतीश कुमार भी इस सम्मान के योग्य हैं। पहले भी जीवित रहते हुए कई नायकों को यह सम्मान मिल चुका है। करोड़ों जनमानस की ओर से आपसे आशा एवं निवेदन है कि प्रिय नेता नीतीश कुमार को इस सम्मान से नवाजा जाए ताकि इतिहास आपके प्रयासों को देर तक सराहे।''

हालांकि, यह कोई पहला मौका नहीं है, जब नीतीश कुमार के लिए 'भारत रत्न' की मांग उठी हो। इससे पहले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी नीतीश कुमार के साथ-साथ ओडिशा के पूर्व सीएम नवीन पटनायक के लिए 'भारत रत्न' की मांग कर चुके हैं।

दिसंबर 2024 में गिरिराज सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि नीतीश कुमार ने राज्य के विकास के लिए काम किया है। नवीन पटनायक ने भी वर्षों तक ओडिशा की सेवा की है। ऐसे लोगों को भारत रत्न जैसे पुरस्कारों से सम्मानित किया जाना चाहिए।

मौजूदा समय में नीतीश कुमार दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यभार संभाल रहे हैं। हालांकि, ऐसे बहुत कम लोग ही हैं, जिन्हें जीवित रहते देश के सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया हो।

धनबाद में मीट कारोबारियों पर सख्ती, 14 दिनों में मानकों का पालन अनिवार्य

धनबाद, 9 जनवरी 2026: जिले में मीट एवं मुर्गा दुकानों के संचालन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत जिले के सभी मीट कारोबारियों को निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। इस संबंध में खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजा कुमार ने सभी दुकानदारों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

जारी निर्देशों के अनुसार, मीट दुकानों का पंजीकरण या लाइसेंस भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) एवं झारखंड खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण से प्राप्त करना अनिवार्य होगा। दुकानों में स्वच्छता, साफ-सफाई, नॉन-स्लिप फ्लोर, उचित ड्रेनेज व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, स्टेनलेस स्टील के उपकरणों का उपयोग, उचित तापमान पर मांस का भंडारण तथा वेस्ट डिस्पोजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

इसके अलावा धार्मिक स्थलों के पास निर्धारित दूरी के नियमों का पालन, दुकान में स्पष्ट साइन बोर्ड लगाना, कर्मचारियों का वार्षिक स्वास्थ्य प्रमाण पत्र तथा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सभी मानकों का कड़ाई से अनुपालन करना भी आवश्यक होगा।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सभी मीट एवं मुर्गा दुकानदारों को 14 दिनों के भीतर इन नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा। निर्धारित अवधि के बाद यदि किसी भी दुकान में नियमों का उल्लंघन पाया गया तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।

रायपुर–बिलासपुर रूट की कई ट्रेनें रद्द

ट्रैन कैंसिललेशन लिस्ट : रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। 11 जनवरी से रायपुर-बिलासपुर से गुजरने वाली कई ट्रेनें रद्द रहेंगी। दरअसल, रेलवे प्रशासन द्वारा अधोसंरचना विकास के कार्यों को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

ऐसे में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के अंतर्गत हथबंद-तिल्दा नेवरा सेक्शन के बीच किमी 785/23-25 पर लेवल क्रॉसिंग संख्या 394 के स्थान पर रोड अंडर ब्रिज के निर्माण के लिए बॉक्स पुशिंग की सुविधा के लिए रिलीविंग गर्डरों को डी-लॉन्चिग कार्य के लिए ट्रैफिक कम पावर ब्लॉक लिया जाएगा। इस कार्य के चलते कुछ ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा।

कौन सी ट्रेनें रद्द रहेंगी

दिनांक 11 जनवरी 2026 को गाडी संख्या 68728 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी.

दिनांक 11 जनवरी, 2026 को गाडी संख्या 68719 बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी.

दिनांक 11 जनवरी, 2026 को गाडी संख्या 68733 गेवरा रोड -बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी.

दिनांक 11 जनवरी, 2026 को गाडी संख्या 68734 बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी.

दिनांक 11 जनवरी, 2026 को गाडी संख्या 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर रद्द रहेगी.

दिनांक 11 जनवरी, 2026 को को गाडी संख्या 58205 रायपुर- नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) पैसेंजर रद्द रहेगी.

दिनांक 12 जनवरी, 2026 को गाडी संख्या 58206 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-रायपुर पैसेंजर रद्द रहेगी.

दिनांक 12 जनवरी, 2026 को गाडी संख्या 58202 रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी.

बीच में समाप्त होने वाली ट्रेनें

दिनांक 11 जनवरी, 2026 को झारसुगुड़ा से चलने वाली 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू पैसेंजर को बिलासपुर में ही समाप्त होगी. यह गाड़ी बिलासपुर एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.

इसके अलावा दिनांक 11 जनवरी, 2026 को 68861 गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू पैसेंजर गोंदिया के स्थान यह गाड़ी बिलासपुर से ही झारसुगुड़ा के लिए रवाना होगी. इसलिए यह गाड़ी गोंदिया एवं बिलासपुर के बीच रद्द रहेगी।

गुजरात के राजकोट में भूकंप के झटके, 11 घंटे में 7 बार डोली धरती; स्कूलों में छुट्टी

गुजरात के राजकोट में 11 घंटे में भूकंप के सात झटके लगे। दहशत में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। स्कूलं में छुट्टी घोषित की गई है।


26 लाख में 4 करोड़ की जमीन, तीन दिन में नौकरी: ‘लैंड फॉर जॉब’ घोटाले की परत-दर-परत कहानी

दिल्ली की राउज एवेन्यू सीबीआई अदालत ने 'लैंड फॉर जॉब' मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती और हेमा यादव सहित 41 आरोपियों पर आरोप तय किए हैं। अदालत ने इसे एक संगठित आपराधिक साजिश बताया, जिसमें लालू परिवार ने रेलवे में नौकरी के बदले कौड़ियों के भाव जमीनें हासिल कीं।


देश को मिला एक और सुरक्षा कवच, NSG के बम डेटा सेंटर में अब होगी IED ब्लास्ट की सटीक जांच

 केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एनएसजी मानेसर में नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (NIDMS) का वर्चुअल शुभारंभ किया। यह सिस्टम आतंकवादी घटनाओं और आईईडी विस्फोटों से जुड़े डेटा का वैज्ञानिक विश्लेषण करेगा, जिससे जांच तेज और सटीक होगी।



कोर्ट कॉरिडोर में टकराईं दो परछाइयां: तेजस्वी का इशारा, तेजप्रताप का गुस्सा और खामोश रहा लालू परिवार

 दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में जमीन के बदले नौकरी घोटाले की सुनवाई के दौरान लालू परिवार की अंदरूनी कलह सामने आई। तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव का आमना-सामना हुआ।


DU में छिड़ा नया विवाद, ‘वॉल ऑफ डेमोक्रेसी’ गायब होने पर भड़के छात्र; क्या है इतिहास और अहम भूमिका

 दिल्ली विश्वविद्यालय से 'वॉल ऑफ डेमोक्रेसी' हटाए जाने पर छात्र संगठनों में नाराजगी है। यह दीवार छात्रों के लिए अपनी बात रखने का महत्वपूर्ण मंच थी, खासकर छात्र संघ चुनावों के दौरान। प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के इसे हटा दिया, जिससे लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति पर सवाल उठ रहे हैं।


उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह को जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे मनोज कुमार चौधरी

 नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष एवं सक्रिय समाजसेवी मनोज कुमार चौधरी ने उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह को गीता दैनन्दिनी भेंट कर जन्मदिन की बधाई दी

सरायकेला नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष सह सामाजिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी रखने वाले मनोज कुमार चौधरी ने आज उपायुक्त, सरायकेला, श्री नीतीश कुमार सिंह से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने श्री सिंह को पवित्र पुस्तक गीता दैनन्दिनी भेंट कर उनके जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

भेंट के दौरान श्री चौधरी ने कहा, “श्री नीतीश कुमार सिंह ने अल्प समय में अपनी सूझबूझ, गंभीर चिंतन और मृदुभाषी स्वभाव से प्रशासनिक पदाधिकारी के रूप में जिले में एक विशेष पहचान स्थापित की है।

उपायुक्त श्री सिंह ने इस सम्मान के लिए मनोज कुमार चौधरी का आभार व्यक्त किया

क्यों खास है इस बार का वर्ल्ड बुक फेयर? 9 प्वाइंट्स में किताबों के फेस्टिवल की खासियत

इस बार का विश्व पुस्तक मेला, जो 10 से 18 जनवरी तक भारत मंडपम में आयोजित होगा, कई मायनों में खास है। पहली बार प्रवेश निःशुल्क है, जिससे सभी आयु वर्ग के पाठक इसका लाभ उठा सकेंगे। इसमें 35 से अधिक देशों के प्रकाशक, सैन्य इतिहास पर विशेष मंडप, लेखकों से संवाद के अवसर और बच्चों के लिए खास गतिविधियां शामिल हैं। यह किताबों, संस्कृति और तकनीक का अनूठा संगम है।


ड्यूटी से ऐसी दीवानगी! घर की छत पर खड़ी कर दी HRTC 'बस'; चंबा के चालक श्रीधर ने पेश की मिसाल*म

 चंबा के बस चालक श्रीधर ने अपने काम के प्रति अनोखा प्रेम दिखाया है। उन्होंने अपने घर की छत पर लकड़ी और टीन से एचआरटीसी बस का हूबहू मॉडल बनाया है।


सिरमौर बस हादसे के कारण आए सामने, 12 लोगों की दर्दनाक मौत का जिम्मेदार

सिरमौर के हरिपुरधार में हुए बस हादसे ने सड़क सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है। यह कोई पहला हादसा नहीं है; पिछले दो दशकों में कई बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।


ओडिशा समाज के प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता विभूति दास का निधन, शोक की लहर

 गोलमुरी उत्कल समाज के भूतपूर्व उपाध्यक्ष तथा उत्कल सम्मिलनी के कार्यकारी सदस्य विभूति दास निधन कल टाटा मेन हस्पताल में हुई। वे बहुत दिनों से बीमार चल रहे थे। उनका आकस्मिक निधन से जमशेदपुर ओडिआ समाज के एक सामाजिक कार्यकर्ता को खो दिया। गोलमुरी उत्कल समाज की कॉलेज के निर्माण में उनका महत्वपूर्ण योगदान था अपना पूरी जिंदगी समाज सेवा में लगा दिया था। उन्होंने अपने पीछे दो पुत्र पुत्रवधू तथा पोता पोती छोड़े गए हैं । उनके आकस्मिक निधन से उत्कल सम्मेलन के अध्यक्ष श्री रविंद्र नाथ सतपति , उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार दास सचिव प्रदीप कुमार दास , पर्यवेक्षक जयराम दासपात्रा, सदस्य बसंत श्रीचंदन तथा उत्कल एसोसिएशन साकची के महामंत्री श्री तरुण कुमार महंती ने शोक व्यक्त किया। उनका अंतिम सुवर्णरेखा संस्कार शवदाह गृह में कर दिया गया।



60% हैंडीकैप इंसान हूं, यह जॉब मेरे...'; कोर्ट के अहलमद ने मरने से पहले सुसाइड नोट में बयां किया दर्द

राजधानी दिल्ली के साकेत कोर्ट में अहलमद हरीश सिंह महार ने इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें मृतक ने काम के दबाव और 60% दिव्यांगता के कारण हो रही परेशानी को आत्महत्या का कारण बताया है।


लालू से 8 महीने बाद म‍िले तेज प्रताप; दही-चूड़ा भोज का द‍िया न्‍योता; तेजस्‍वी को देखकर भी क‍ि‍या इग्‍नोर

 लैंड फॉर जॉब केस में आरोप तय होने के बाद, तेज प्रताप यादव ने आठ महीने बाद अपने पिता लालू यादव और बहनों से मुलाकात की। उन्होंने मीसा भारती के आवास पर लालू को 14 जनवरी को पटना में आयोजित दही-चूड़ा भोज का निमंत्रण दिया।


पूरे दिल्ली NCR का प्रदूषण होगा खत्म, हरियाणा से बड़ा प्रोजेक्ट शुरू; प्रकृति से जुड़ेंगे बच्चे-महिलाएं और बुजुर्ग

हरियाणा सरकार ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए 'इको-वन' परियोजना शुरू की है। फरीदाबाद से शुरू हुई इस पहल में अनुपयोगी भूमि को मिनी फॉरेस्ट में बदला जा रहा है।


20 की पानी बोतल 55 रुपये में, उपभोक्ता आयोग पहुंचे ग्राहक; रेस्टोरेंट को अब देना होगा इतना मुआवजा

 चंडीगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग ने सेक्टर-17 के गजल रेस्टोरेंट को मिनरल वाटर पर एमआरपी से अधिक शुल्क लेने का दोषी पाया है। रेस्टोरेंट ने 20 रुपये की बोतल 55 रुपये में बेची और उस पर जीएसटी भी लगाया।


MI W vs RCB W: बेंगलुरु ने जीत के साथ किया चौथे सीजन का आगाज

 महिला प्रीमियर लीग (WPL) के चौथे सीजन का आगाज शुक्रवार को भव्य अंदाज में हुआ। नादिन डी क्लार्क की फिफ्टी के चलते रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने मुंबई इंडियंस को पहले मैच में 3 विकेट से हराया। क्‍लार्क ने 44 गेंदों पर 63 रन की नाबाद पारी खेली। प्रेमा रावत ने उनका साथ दिया।


खांसी की एक और दवाई पर लगा प्रतिबंध, सरकार ने खरीद-बिक्री पर लगाई रोक; सेवन करने से जा सकती है जान

हरियाणा में बच्चों की खांसी की एक और दवाई पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसमें निर्धारित सीमा से अधिक एथिलीन ग्लाइकोल पाया गया, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।


दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर उड़ानों की रफ्तार थमी: इंडिगो शेड्यूल, रनवे क्लोजर या कुछ और?

 


दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGIA) पर 2025 में यात्री यातायात में ठहराव देखा गया, जो 2024 के स्तर पर रहा। यह COVID-19 और 2008 की मंदी के बाद तीसरी बार है जब IGIA में वृद्धि नहीं हुई। मुख्य रनवे बंद होने, पाकिस्तानी एयरस्पेस प्रतिबंधों, एयर इंडिया दुर्घटना और इंडिगो की शेड्यूल गड़बड़ी जैसे कारणों से हवाई अड्डे की क्षमता प्रभावित हुई, जिससे यात्रियों की संख्या स्थिर रही।_

फिल्मी स्टाइल में ले गई फाइल; अब ममता को ले डूबेगा ED का 'ब्रह्मास्त्र

पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय की ताज़ातरीन कार्रवाई ने न केवल चुनावी सूबे, बल्कि समूचे देश में हड़कंप मचा दिया है। I-PAC के निर्देशक प्रतीक जैन के घर और दफ्तर पर बीते कल यानी गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) छापेमारी के लिए पहुंची।

लेकिन इसके कुछ देर बाद ही राज्य की सीएम ममता बनर्जी का काफिला I-PAC के ऑफिस पहुंचा। जहां से वह फाइल्स और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस अपने साथ ले गईं।

इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। ईडी ने कार्रवाई में दखल देने और सुबूतों को चुराने का आरोप लगाया तो ममता बनर्जी ने ED पर चुनावी रणनीति और इलेक्शन डेटा चुराने का आरोप लगाया। दोनों ही पक्षों ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जहां आज हंगामे के चलते सुनवाई 14 जनवरी तक के लिए टाल दी गई।

ED एक्शन के बीच उमड़े कई सवाल

इस सियासी और दुनियावी बखेड़े की बीच सभी के जेहन में कुछ सवाल उमड़ रहे हैं। उनमें सबसे अव्वल यह है कि ED क्या है और कैसे काम करती है? यह केन्द्रीय एजेंसी इतनी ताकतवर कैसे है? वो कानून कौन से हैं जो इसे अथाह शक्तियां प्रदान करते हैं? सबसे अहम और आखिरी सवाल कि इस मामले में ममता बनर्जी के साथ क्या होगा

कब और क्यों किया गया ED का गठन

प्रवर्तन निदेशालय (ED) का इतिहास भारत की आजादी के पहले दशक से जुड़ा है। इसका गठन 1 मई, 1956 को किया गया था। उस समय इसे ‘प्रवर्तन इकाई’ (Enforcement Unit) के नाम से जाना जाता था। इसकी स्थापना वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के तहत की गई थी। एक साल बाद 1957 में इसका नाम बदलकर प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) कर दिया गया।

उस दौर में इसका मुख्य काम ‘विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1947’ (FERA – फेरा) के तहत विनिमय नियंत्रण कानूनों के उल्लंघन को रोकना था। आसान शब्दों में कहें तो, इसका काम यह देखना था कि देश से विदेशी मुद्रा बाहर न जाए और विदेशी मुद्रा से जुड़े कानूनों का पालन हो। तब तक ED को इतना गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था।कैसे दो शहरों से देशभर में फैला जाल...

शुरुआत में बॉम्बे और कलकत्ता (अब मुंबई और कोलकाता) में ही इसके दफ्तर थे। लेकिन आज इसका जाल पूरे देश में फैल चुका है। साल 1960 में इसके प्रशासनिक नियंत्रण को आर्थिक मामलों के विभाग से राजस्व विभाग में स्थानांतरित कर दिया गया, और तब से यह इसी विभाग का हिस्सा है। यहां से इसकी शक्तियों में थोड़ा सा इजाफा हो गया।

अटल सरकार ने ED को दिया ब्रह्मास्त्र

साल 1999 की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम 1999 (FEMA) पारित किया। इस कानून ने ED के आधार को और मजूबत किया। लेकिन अब भी वह इतनी पॉवरफुल नहीं थी कि सियासी रसूखदारों पर सीधी कार्रवाई कर सके। लेकिन 3 साल बाद ही सरकार ने ‘धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA)’ पारित करते हुए ED को ‘ब्रह्मास्त्र’ दे दिया।

PMLA क्यों बनाता ED को सुपरपॉवर

ED के सामने इकबालिया बयान: यह ED की सबसे बड़ी ताकत है। सामान्य पुलिस केस में, पुलिस के सामने दिया गया आरोपी का बयान कोर्ट में सबूत नहीं माना जाता। लेकिन PMLA की धारा 50 के तहत, ED अधिकारी के सामने दिया गया बयान कोर्ट में सबूत (Admissible Evidence) माना जाता है। यानी, अगर आरोपी ने पूछताछ में गुनाह कबूल कर लिया, तो वह कोर्ट में उसके खिलाफ इस्तेमाल होगा।

संपत्ति जब्त करने का अधिकार: ED के पास किसी भी ऐसी संपत्ति को अटैच (कुर्क) करने का अधिकार है, जिसके बारे में उसे संदेह है कि वह अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) से बनाई गई है। खास बात यह है कि संपत्ति जब्त करने के लिए ED को कोर्ट में दोष साबित होने का इंतजार नहीं करना पड़ता। जांच के दौरान ही संपत्ति जब्त की जा सकती है।

गिरफ्तारी का अधिकार और जमानत

PMLA के तहत ED को गिरफ्तारी के व्यापक अधिकार मिले हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि PMLA के मामलों में जमानत मिलना बेहद मुश्किल होता है। इसमें दो शर्तें लागू होती हैं। पहली यह कि पब्लिक प्रॉसिक्यूटर को जमानत का विरोध करने का मौका मिलना चाहिए। दूसरी यह कि कोर्ट को यह विश्वास होना चाहिए कि आरोपी निर्दोष है और जमानत पर रिहा होकर वह अपराध नहीं करेगा।

आपने कई बार यह देखा होगा कि ED अधिकारियों के शिकंजे में फंसे बड़े-बड़े मंत्री और नेता महीनों ही नहीं, बल्कि सालों तक जेल में रहते हैं। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंदे केजरीवाल को आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन यानी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ED ने 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया था। तमाम कानूनी दांवपेंच के बावजूद उन्हें 12 जुलाई को इस मामले में जमानत मिल सकती थी।

आरोपी के ऊपर सबूत का बोझ: आम* आम आपराधिक मामलों में ‘निर्दोष जब तक कि दोषी साबित न हो’ (Innocent until proven guilty) का सिद्धांत चलता है और जांच एजेंसी को दोष साबित करना होता है। लेकिन PMLA के कुछ मामलों में ‘बर्डन ऑफ प्रूफ’ आरोपी पर होता है। यानी आरोपी को यह साबित करना पड़ता है कि उसका पैसा या संपत्ति वैध (White Money) है, न कि अवैध।

प्रवर्तन निदेशालय की शक्ति का विकास (इन्फोग्राफिक- AI)

2018 में मिल गई एक और बड़ी ताकत

साल 2018 में केंद्र की मोदी सरकार ने एक और कानून ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 (FEOA) पारित किया। जिसका उद्देश आर्थिक अपराधियों को देश से भागने से रोकना था। इस कानून के तहत भगोड़े आर्थिक अपराधियों की संपत्तियों को जब्त करने की शक्ति भी मिल गई।

खुफिया एजेंसी की तरह करती है काम*म

ED एक खुफिया एजेंसी की तरह भी काम करती है और एक जांच एजेंसी की तरह भी। इसके काम करने का तरीका पुलिस या सीबीआई से थोड़ा अलग है। यह खुद सीधे तौर पर कोई FIR नहीं दर्ज करती है। लेकिन पुलिस या सीबीआई अगर कोई भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी या तस्करी का केस दर्ज करती है तो ED उस मामले का संज्ञान लेते हुए अपनी रिपोर्ट खुद दर्ज करती है। इस रिपोर्ट को ECIR (Enforcement Case Information Report) कहा जाता है।

CBI से ख़तरनाक क्यों है ED?



के तहत विनिमय नियंत्रण कानूनों के उल्लंघन को रोकना था। आसान शब्दों में कहें तो, इसका काम यह देखना था कि देश से विदेशी मुद्रा बाहर न जाए और विदेशी मुद्रा से जुड़े कानूनों का पालन हो। तब तक ED को इतना गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था।


कैसे दो शहरों से देशभर में फैला जाल?


शुरुआत में बॉम्बे और कलकत्ता (अब मुंबई और कोलकाता) में ही इसके दफ्तर थे। लेकिन आज इसका जाल पूरे देश में फैल चुका है। साल 1960 में इसके प्रशासनिक नियंत्रण को आर्थिक मामलों के विभाग से राजस्व विभाग में स्थानांतरित कर दिया गया, और तब से यह इसी विभाग का हिस्सा है। यहां से इसकी शक्तियों में थोड़ा सा इजाफा हो गया।


अटल सरकार ने ED को दिया ब्रह्मास्त्र


साल 1999 की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम 1999 (FEMA) पारित किया। इस कानून ने ED के आधार को और मजूबत किया। लेकिन अब भी वह इतनी पॉवरफुल नहीं थी कि सियासी रसूखदारों पर सीधी कार्रवाई कर सके। लेकिन 3 साल बाद ही सरकार ने ‘धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA)’ पारित करते हुए ED को ‘ब्रह्मास्त्र’ दे दिया।


PMLA क्यों बनाता ED को सुपरपॉवर?


ED के सामने इकबालिया बयान: यह ED की सबसे बड़ी ताकत है। सामान्य पुलिस केस में, पुलिस के सामने दिया गया आरोपी का बयान कोर्ट में सबूत नहीं माना जाता। लेकिन PMLA की धारा 50 के तहत, ED अधिकारी के सामने दिया गया बयान कोर्ट में सबूत (Admissible Evidence) माना जाता है। यानी, अगर आरोपी ने पूछताछ में गुनाह कबूल कर लिया, तो वह कोर्ट में उसके खिलाफ इस्तेमाल होगा।

संपत्ति जब्त करने का अधिकार: ED के पास किसी भी ऐसी संपत्ति को अटैच (कुर्क) करने का अधिकार है, जिसके बारे में उसे संदेह है कि वह अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) से बनाई गई है। खास बात यह है कि संपत्ति जब्त करने के लिए ED को कोर्ट में दोष साबित होने का इंतजार नहीं करना पड़ता। जांच के दौरान ही संपत्ति जब्त की जा सकती है।

गिरफ्तारी का अधिकार और जमानत: PMLA के तहत ED को गिरफ्तारी के व्यापक अधिकार मिले हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि PMLA के मामलों में जमानत मिलना बेहद मुश्किल होता है। इसमें दो शर्तें लागू होती हैं। पहली यह कि पब्लिक प्रॉसिक्यूटर को जमानत का विरोध करने का मौका मिलना चाहिए। दूसरी यह कि कोर्ट को यह विश्वास होना चाहिए कि आरोपी निर्दोष है और जमानत पर रिहा होकर वह अपराध नहीं करेगा।

आपने कई बार यह देखा होगा कि ED अधिकारियों के शिकंजे में फंसे बड़े-बड़े मंत्री और नेता महीनों ही नहीं, बल्कि सालों तक जेल में रहते हैं। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंदे केजरीवाल को आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन यानी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में ED ने 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया था। तमाम कानूनी दांवपेंच के बावजूद उन्हें 12 जुलाई को इस मामले में जमानत मिल सकती थी।


आरोपी के ऊपर सबूत का बोझ: आम आपराधिक मामलों में ‘निर्दोष जब तक कि दोषी साबित न हो’ (Innocent until proven guilty) का सिद्धांत चलता है और जांच एजेंसी को दोष साबित करना होता है। लेकिन PMLA के कुछ मामलों में ‘बर्डन ऑफ प्रूफ’ आरोपी पर होता है। यानी आरोपी को यह साबित करना पड़ता है कि उसका पैसा या संपत्ति वैध (White Money) है, न कि अवैध।

 

प्रवर्तन निदेशालय की शक्ति का विकास (इन्फोग्राफिक- AI)


2018 में मिल गई एक और बड़ी ताकत


साल 2018 में केंद्र की मोदी सरकार ने एक और कानून ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 (FEOA) पारित किया। जिसका उद्देश आर्थिक अपराधियों को देश से भागने से रोकना था। इस कानून के तहत भगोड़े आर्थिक अपराधियों की संपत्तियों को जब्त करने की शक्ति भी मिल गई।


*खुफिया एजेंसी की तरह करती है काम*


ED एक खुफिया एजेंसी की तरह भी काम करती है और एक जांच एजेंसी की तरह भी। इसके काम करने का तरीका पुलिस या सीबीआई से थोड़ा अलग है। यह खुद सीधे तौर पर कोई FIR नहीं दर्ज करती है। लेकिन पुलिस या सीबीआई अगर कोई भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी या तस्करी का केस दर्ज करती है तो ED उस मामले का संज्ञान लेते हुए अपनी रिपोर्ट खुद दर्ज करती है। इस रिपोर्ट को ECIR (Enforcement Case Information Report) कहा जाता है।


*CBI से ख़तरनाक क्यों है ED?*



रिपोर्ट दर्ज करने के बाद ED मनी ट्रेल की तलाश करती है। दूसरी पुलिस या CBI भ्रष्टाचार की जांच करती है। जबकि ED उस भ्रष्टाचार से बनाई गई काली कमाई को कहां छिपाया गया, उसे ‘व्हाइट मनी’ कैसे बनाया गया इसकी खोज करती है। इसी तलाश के लिए वह छापेमारी और पूछताछ भी करती है।


*मुश्किल में फंसेंगी सीएम ममता बनर्जी?*


बात करें ED की कार्रवाई के बीच से सीएम ममता बनर्जी द्वारा फाइलों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस को लेकर जाने के मामले की तो यह ममता बनर्जी पर भारी पड़ सकता है। हालांकि अब यह मामला कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंच चुका है। दोनों ही तरफ से याचिकाएं दायर की गई हैं।



कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बात अब पूरी तरह अदालत पर निर्भर करती है कि वह क्या कुछ फैसला देती है। क्योंकि ममता बनर्जी ने भी ED पर चुनावी रणनीति और दस्तावेज जब्त करने का आरोप लगाया है। ऐसे में ममता को अदालत में यह साबित करना होगा कि जो दस्तावेज वो लेकर आई हैं वो चुनाव से जुड़े हैं। जबकि, ED को भी अदालत को भरोसा दिलाना होगा कि ममता बनर्जी जो फाइल्स लेकर गई हैं उनमें मनी ट्रेल के सुबूत हैं।

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