नई दिल्ली, 9 जनवरी: आज फातिमा शेख का जन्मदिन है, जिन्हें भारत की पहली मुस्लिम महिला शिक्षक के रूप में जाना जाता है। उन्होंने जियोती राव फूल और सावित्रीबाई फूल के साथ मिलकर 150 साल पहले लड़कियों के लिए शिक्षा की मशाल जलाई थी।
फातिमा शेख का जन्म 9 जनवरी 1831 को हुआ था। उन्होंने अपने भाई उस्मान शेख के साथ मिलकर लड़कियों की शिक्षा के लिए काम किया। उस समय लड़कियों की शिक्षा को समाज में अच्छा नहीं माना जाता था, लेकिन फातिमा शेख ने हार नहीं मानी और लड़कियों को पढ़ाने का काम जारी रखा।
फातिमा शेख ने सावित्रीबाई फूल के साथ मिलकर कई स्कूलों में पढ़ाया और लड़कियों को शिक्षा दिलाने के लिए काम किया। उन्होंने घर-घर जाकर लोगों को शिक्षा की महत्ता समझाई और उन्हें अपनी लड़कियों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया।
फातिमा शेख की सेवाएं न केवल लड़कियों की शिक्षा के लिए बल्कि समाज में बदलाव लाने के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने दिखाया कि एक महिला भी समाज में बदलाव ला सकती है और लोगों को शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूक कर सकती है।
आज फातिमा शेख के जन्मदिन पर हम उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और उनके काम को याद करते हैं। उनकी कहानी हमें प्रेरित करती है कि हम भी समाज में बदलाव लाने के लिए काम करें और लड़कियों की शिक्षा के लिए आवाज उठाएं।








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