एक महिला ने इनसे रात में चूहा मारने की दवा का आर्डर किया फिर यह जो डिलीवरी देने जा रहे थे और जब देखे की एक महिला ने मंगाया है वह भी रात के टाइम में मंगाया है तब इन्हें शक हो गया इन्होंने डिलीवरी नहीं दी और पुलिस को सूचना दिया पुलिस ने महिला की काउंसलिंग की तो यह बात सच साबित हुई कि वह महिला ने आत्महत्या करने के इरादे से मंगाई थी
अगर समाज में हर वर्ग जागरूक हो तो कई अपराध रोके जा सकते हैं , अभी मैं अखबारों में पढ़ रहा हूं डिजिटल अरेस्ट के कई केस में बैंक कर्मचारियों की जागरूकता से सैकड़ो मामले रोक दिए
कई बुजुर्ग लोग बैंक में गए कोई अपनी एफ़डी तुड़वाने गया कोई अपनी जमा पूंजी में से बहुत बड़ी रकम दूसरे प्रदेश में एनईएफटी करने गया बैंक मैनेजर को शक हुआ बैंक मैनेजर ने पूछताछ किया फिर पता चला कि बुजुर्ग लोग तो डिजिटल अरेस्ट है।
क्या हम और आप जागरूक हैं?
खुद से सोचिये।
अगर नहीं तो जागरूक बनिये।







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