सरायकेला प्रखंड अंतर्गत मुरुप स्थित दैवीस्थल माता ठाकुरानी दरह परिसर में रविवार को क्षेत्रीय गौड़ समाज (महालिमोरुप) द्वारा वार्षिक वनभोज सह मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्रीय गौड़ समाज एवं गौड़ सेवा संघ के पदाधिकारियों ने माता ठाकुरानी देवी की पूजा-अर्चना कर समाज व परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की।
वनभोज सह मिलन समारोह के दौरान सामाजिक गतिविधियों पर विस्तृत परिचर्चा करते हुए विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में आगामी 23 जनवरी को आदित्यपुर के आसंगी में आयोजित गौड़ सेवा संघ के 35वें संकल्प दिवस को सफल बनाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं की बराबर भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया तथा समाज के लोगों से सपरिवार कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की गई।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित गौड़ सेवा संघ के केंद्रीय अध्यक्ष पितोवास प्रधान ने कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास के लिए उच्च शिक्षा और आपसी एकजुटता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सामाजिक चेतना से ही समाज में एकता आती है और इसी उद्देश्य से गौड़ सेवा संघ लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है। हाल ही में आयोजित गौड़ जनजागरण रथ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए उन्होंने समाज के लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आरक्षण रोस्टर की स्थिति के कारण विधायक, सांसद या मुखिया बनना संभव नहीं हो पा रहा है, लेकिन सत्ता और प्रशासन के शिखर तक पहुंचने के लिए समाज को अपने बच्चों को उच्च शिक्षा देकर आईएएस, आईपीएस एवं अन्य उच्च पदों तक पहुंचाने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।
क्षेत्रीय गौड़ सेवा संघ के अध्यक्ष नागेश्वर प्रधान ने कहा कि समाज के समग्र विकास के लिए सभी को एक मंच पर आकर एकजुट होने की आवश्यकता है। कार्यक्रम को केंद्रीय उपाध्यक्ष हेमसागर प्रधान, अभिमन्यु गोप एवं नागेश्वर प्रधान ने भी संबोधित किया।
समारोह का संचालन जिला सचिव मुरली प्रधान ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन केंद्रीय प्रवक्ता उमाकांत प्रधान ने किया। कार्यक्रम के अंत में समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से भोजन ग्रहण कर वनभोज का आनंद लिया।
मौके पर नागेश्वर प्रधान, परमेश्वर प्रधान, जगन्नाथ प्रधान, प्रह्लाद गोप, हेमसागर प्रधान, उमाकांत प्रधान, यशवंत प्रधान, मुरली प्रधान, पंचु प्रधान, आकाश प्रधान, सूर्य प्रधान, अर्जुन प्रधान, भैरव प्रधान, तीर्थो प्रधान, सीतानाथ प्रधान, दीनबंधु प्रधान, शैलेंद्र प्रधान, जगदीश प्रधान समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।





























































