ईरान आज अपने इतिहास के सबसे स्याह दौर से गुजर रहा है। बीते दो हफ्तों से ज्यादा समय से जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने पूरे मुल्क की नींव हिला दी है। मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक अब तक 2,572 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें बड़ी संख्या में आम नागरिक और प्रदर्शनकारी शामिल हैं। ईरान की फिजा में इस वक्त केवल खौफ और बेचैनी तैर रही है। हालात की गंभीरता को देखते हुये भारत सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। विदेश मंत्रालय ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों को तुरंत ईरान छोड़ने की सलाह दी है। इसको लेकर एडवाइजरी जारी कर दी गई है।
एडवाइजरी में कहा गया है कि उपलब्ध सभी साधनों से देश छोड़ें, खासतौर पर कमर्शियल फ्लाइट्स का इस्तेमाल करें। प्रदर्शन स्थलों और संवेदनशील इलाकों से दूर रहें। हर वक्त सतर्क रहें। अपने यात्रा दस्तावेज साथ रखें। ईरान के शीर्ष न्यायिक अधिकारियों द्वारा त्वरित सुनवाई और फांसी की सजा के संकेत ने हालात को और ज्यादा भयावह बना दिया है। इंटरनेट बंद है, जिसके चलते सच तक पहुंच मुश्किल हो गया है। संचार सेवायें ठप है। इंटरनेट पर सख्त पाबंदी है। भारत सरकार ने आश्वासन दिया है कि जरूरत पड़ने पर तेहरान स्थित भारतीय दूतावास हरसंभव मदद के लिए तैयार है।







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