लोहरदगा-रांची: झारखंड में रविवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। लोहरदगा–रांची रेलखंड पर कोयल नदी पर बने रेलवे पुल के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी समय रहते मिल जाने से रेलवे प्रशासन ने सतर्कता दिखाते हुए मेमू ट्रेन को पुल से पहले ही रोक दिया। इस कारण सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई।
मिली जानकारी के अनुसार, रांची से चंदवा-टोरी जा रही मेमू ट्रेन संख्या 68027 रविवार सुबह करीब 9 बजे रांची से रवाना हुई थी। सामान्य दिनों की तुलना में आज ट्रेन में यात्रियों की संख्या काफी अधिक थी। ट्रेन लोहरदगा स्टेशन पहुंचने से कुछ ही मिनट पहले रेलवे कर्मियों को सूचना मिली कि कोयल नदी पर बने रेलवे पुल के पांच नंबर पिलर में गंभीर क्षति आई है।
सूचना मिलते ही रेलवे कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए ट्रेन को पुल के पास पहुंचते ही रोक दिया। ट्रेन के रुकते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को संभालते हुए रेलवे कर्मचारियों ने यात्रियों को सुरक्षित तरीके से ट्रेन से उतारा। इसके बाद सभी यात्रियों को रेलवे ट्रैक के सहारे पैदल पुल पार कर स्टेशन तक पहुंचाया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पुल की स्थिति का निरीक्षण किया। फिलहाल पुल पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया है और तकनीकी टीम द्वारा क्षति का आकलन किया जा रहा है। रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि समय रहते पुल की क्षति की जानकारी मिल जाने से एक बड़ा हादसा टल गया। यात्रियों ने भी रेलवे कर्मचारियों की तत्परता की सराहना की है। वहीं, इस घटना के बाद लोहरदगा–रांची रेलखंड पर सुरक्षा व्यवस्था और पुलों की नियमित जांच को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।