राजनगर प्रखंड के ग्राम छेलकानी में मां अन्नपूर्णा पूजा कमेटी की ओर से भक्ति एवं आस्था के साथ मां अन्नपूर्णा पूजा आज रविवार को समापन हुआ। मंदिर में विधि विधान के साथ शिव पार्वती की मूर्ति स्थापित कर पुजारी ने मंत्र उच्चारण कर भक्तों ने परंपरागत ढंग से पूजा अर्चना की। पूजा करने के लिए सैकड़ो भक्तों की भीड़ उमड़ी ,भक्तों ने श्रद्धापूर्वक पूजा अर्चना कर जीवन के रोग मुक्त एवं खुशहाली की कामना की। तीन दिनों तक खीर , खिचड़ी एवं महाप्रसाद सभी भक्तों को दिया गया।
आलोक कुमार पति ने कहा कि वर्ष 1994 से अन्नपूर्णा पूजा का स्थापना किया गया, प्रत्येक साल अन्नपूर्णा पूजा धूमधाम से किया जाता है। दूरदराज ,आसपास एवं बिहार, बंगाल, उड़ीसा से हजारों श्रद्धालुओं पूजा अर्चना एवं अन्नपूर्णा देवी को दर्शन करने पहुंचते हैं । तीन दिनों तक कमिटी की ओर से खिचड़ी , खीर एवं महाप्रसाद वितरण किया जाता है।
आलोक कुमार पति कहा कि पुराण के अनुसार जब पृथ्वी पर पानी खत्म होने लगा , तब लोगों ने हाहाकार मच गया , इसी के कारण सभी ब्रह्मा , विष्णु , भगवान की आराधना की और अपनी समस्या कहीं , तब दोनों भगवानों ने शिवजी को योग निद्रा में जगाया गया और संपूर्ण समस्या से अवगत कराया , समस्या की गंभीरता को जाने इसके निवारण के लिए स्वयं शिव पृथ्वी का निरीक्षण किया , उसे समय माता पार्वती ने अन्नपूर्णा देवी रूप लिया। इस प्रकार शिव जी ने अन्नपूर्णा देवी से चावल भिक्षा में मांगे और उन्हें भूखे पीड़ित लोगों के मध्य वितरण किया है। इसी दिन से पृथ्वी पर अन्नपूर्णा पर्व मनाया जाता है। जिस घर में मां अन्नपूर्णा के आशीर्वाद रहता है वह किसी प्रकार का अभाव नहीं रहता है। अन्नपूर्णा देवी की कृपा से भंडार भरे रहते हैं।
पूजा को सफल बनाने में अन्नपूर्णा पूजा कमेटी एवं सभी ग्रामवासी का सहरनीय योगदान रहा।











0 Comments:
एक टिप्पणी भेजें