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Saubhagya Bharat News

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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The Saubhagya Bharat

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मंगलवार, 13 जनवरी 2026

दिल्ली-यूपी-राजस्थान में शीतलहर, उत्तराखंड और हिमाचल में बर्फबारी; घने कोहरे में ही मनेगी लोहड़ी-मकर संक्रांति

मैदानी इलाकों के जन-जीवन के लिए अगला दो-तीन दिन मुश्किल भरा रह सकता है। पहाड़ों से उतर रही तेज और सूखी उत्तरी हवाओं के कारण दिन में धूप निकलने के बावजूद ठंड से फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं।


कभी चेन स्मोकर थे 'टीवी के राम', फैन की डांट से छोड़ी बुरी लत, पढ़िए अरुण गोविल की कहानी

 टीवी के राम अरुण गोविल उन चंद कलाकारों में से एक हैं जिनके एक किरदार ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। रामायण में प्रभु श्रीराम का किरदार निभाकर वो घर-घर में मशहूर हुए लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक बार वो सिगरेट पीते हुए पकड़े गए थे, जिसके बाद उनके फैन ने जमकर उनकी फटकार लगाई थी।_


दिल्ली-NCR भीषण शीतलहर की चपेट में, टूटा दशकों का रिकॉर्ड; अगले कुछ दिनों तक ऐसे रहेंगे हालात

दिल्ली-एनसीआर भीषण शीतलहर की चपेट में है, जहां कई जगहों पर दशकों के रिकॉर्ड टूट गए हैं। गुरुग्राम में 60 साल का रिकॉर्ड टूटा, जबकि दिल्ली में न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अगले दो दिनों तक ऐसे ही हालात रहेंगे।_


ऑनलाइन बुकिंग, 13 हजार किराया: वंदे भारत स्लीपर की लॉन्चिंग से पहले रूट से लेकर टिकट समेत पूरी जानकारी

 _17 जनवरी को पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लॉन्च होगी, जिसे पीएम मोदी हरी झंडी दिखाएंगे। इसमें आरएसी या वेटिंग टिकट नहीं मिलेगा, और किराया एयरलाइन की तरह निर्धारित किया गया है। ट्रेन में महिलाओं, दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए कोटा होगा।_


राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर रक्तदान शिविर का आयोजन

 राष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर भारतीय रेडक्रॉस समिति धनबाद में रक्तदान शिविर आयोजन किया गया। शिविर का उद्घाटन अनुमंडल पदाधिकारी सह समिति के पदेन उपाध्यक्ष श्री लोकेश बारंगे ने किया। भारतीय रेडक्रॉस समिति धनबाद के चेयरमैन श्री कौशलेंद्र कुमार सिंह के पुष्पगुच्छ भेंट कर अनुमंडल पदाधिकारी का स्वागत किया।

शिविर में समिति के सचिव सह कार्यपालक दंडाधिकारी श्री रविंद्र नाथ ठाकुर ने भी रक्तदान किया। शिविर में 19 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। जिसे शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) को दिया गया।

इस अवसर पर समिति के संयुक्त सचिव श्री दिलीप सिंह, कोषाध्यक्ष श्वेतांबर पाठक, नोडल ब्लड डोनेशन बेनजीर परवीन, नोडल स्वास्थ्य डॉ जिमी अभिषेक, वाईस पैट्रन सदस्य राजेश्वर प्रसाद सिंह, आजीवन सदस्य रंजीत जायसवाल, तबस्सुम परवीन, लीला माजी, संजीव रंजन, उज्जवल नायक, डॉ यूके शाह, अभिजीत बैनर्जी, सूरज कुमार, जगदीश प्रसाद, डॉ बालेश्वर प्रसाद, ललित सिंह एवं अन्य लोग उपस्थित रहे। जबकि रक्त संग्रह करने में संजीव पुरी, विष्णु कुंभकार, राजा महतो, शंभू साहनी, आयशा कुमारी, इस्मत जहान का सराहनीय योगदान रहा।

रांची से लापता हुए इन बहन-भाई को देश के 17 हजार थानों में क्यों ढूंढ रही पुलिस

 झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा क्षेत्र से लापता भाई-बहन, अंश और अंशिका की खोज अब राष्ट्रीय स्तर पर तेज कर दी गई है. स्थानीय पुलिस के बाद अब देश भर की पुलिस इन मासूमों की तलाश में जुटेगी

सीआईडी (CID) के एडीजी मनोज कौशिक ने इस संबंध में एक आधिकारिक नोटिस जारी कर देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सहयोग मांगा है.

देशव्यापी स्तर पर चलाया जाएगा सर्च ऑपरेशन

सीआईडी एडीजी द्वारा जारी किए गए इस नोटिस के बाद अब देश के लगभग 17,130 थानों की पुलिस अंश और अंशिका को ढूंढने के लिए सक्रिय हो जाएगी. यह कदम तब उठाया गया है जब स्थानीय स्तर पर काफी खोजबीन के बाद भी बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल पाया.

इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजा गया नोटिस*

प्रमुख राज्य: बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, महाराष्ट्र, यूपी, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, और अन्य.

केंद्र शासित प्रदेश: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान और निकोबार, दादरा नगर हवेली, दमन और दीव, और लक्षद्वीप

सूचना देने वाले को मिलेगा दो लाख रुपये का इनाम*

झारखंड पुलिस ने जनता से भी इस खोज में मदद करने की अपील की है. विभाग ने घोषणा की है कि जो कोई भी इन बच्चों के बारे में सटीक जानकारी देगा या उन्हें ढूंढने में मदद करेगा, उसे दो लाख पुरस्कार राशि दी जाएगी. सीआईडी ने सभी राज्यों के डीजीपी और पुलिस कमिश्नरों को बच्चों की पूरी जानकारी और फोटो साझा की है. यदि इन बच्चों से संबंधित कोई भी इनपुट मिलता है, तो संबंधित राज्य की पुलिस तुरंत झारखंड पुलिस को सूचित करेगी."


*मामले की पृष्ठभूमि*


रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से अंश और अंशिका संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे. परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था, लेकिन अब जांच का दायरा बढ़ाकर इसे अंतर्राज्यीय (Inter-state) स्तर पर ले जाया गया है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके और बच्चों को सुरक्षित घर वापस लाया जा सके

ममता बनर्जी के खिलाफ FIR का आदेश देगा सुप्रीम कोर्ट? ED की याचिका

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार और कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है।

यह मांग आई-पैक (Indian Political Action Committee) के दफ्तर और उसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर की गई छापेमारी के दौरान जांच में बाधा डालने, सबूतों से छेड़छाड़ और नष्ट करने के आरोपों पर आधारित है। ईडी ने सोमवार को दो अलग-अलग याचिकाएं लगाई हैं। इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक यह साफ नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सारी याचिकाओं की सुनवाई कब करेगी।

ED ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में दो याचिकाएं दायर कीं, जिनमें कहा गया है कि कानून के संरक्षक खुद गंभीर संज्ञेय अपराध में शामिल हो गए। एजेंसी का आरोप है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, DGP राजीव कुमार और पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा ने ED अधिकारियों को धमकाया, धमकी दी और जांच के दौरान महत्वपूर्ण फाइलों तथा इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को जब्त कर लिया, जिसमें आपत्तिजनक सामग्री थी। ED ने दावा किया कि 8 जनवरी को कोलकाता में आई-पैक के दफ्तर (सेक्टर V, साल्ट लेक) और प्रतीक जैन के आवास पर मनी लॉन्ड्रिंग के एक बहु-राज्य मामले की जांच के दौरान राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में भौतिक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जबरन ले जाए गए।

यह मामला कोयला तस्करी से जुड़े लगभग 2,742 करोड़ रुपये के घोटाले से संबंधित है, जिसमें आई-पैक पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। ED ने कहा कि राज्य सरकार ने जांच को बाधित किया, जिससे न्याय की प्रक्रिया प्रभावित हुई। एजेंसी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में CBI जांच की मांग की थी, लेकिन मुख्यमंत्री और उनके समर्थकों के प्रभाव से कोर्ट में हंगामा हुआ और सुनवाई स्थगित करनी पड़ी।मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि ED उनकी पार्टी के आगामी विधानसभा चुनावों (2026) के संभावित उम्मीदवारों की सूची, चुनावी रणनीति और योजनाओं को चुराने की कोशिश कर रहा था। शुक्रवार को हाजरा क्रॉसिंग पर पार्टी समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "मैंने कुछ गलत नहीं किया। आप मेरे दफ्तर से सारे डेटा चुराने की कोशिश कर रहे थे।"

इस घटना ने राजनीतिक विवाद को हवा दी है। विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने रविवार को दक्षिण कोलकाता में एक जनसभा में ममता बनर्जी, DGP राजीव कुमार और पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा, "हम ममता बनर्जी, DGP राजीव कुमार और पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा को सरकारी कामकाज और छापेमारी में बाधा डालने के लिए जेल में देखना चाहते हैं।"

आई-पैक एक प्रमुख राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म है, जिसने नरेंद्र मोदी और BJP के साथ-साथ कांग्रेस, DMK और AAP के लिए भी काम किया है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के साथ इसका गहरा संबंध रहा है। मुख्यमंत्री का प्रतीक जैन के आवास और आई-पैक दफ्तर पर पहुंचना चुनाव पूर्व राजनीतिक जंग का केंद्र बन गया है।

अनिल अंबानी पर कार्रवाई की रोक के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे तीन सरकारी बैंक, सिंगल बेंच के आदेश को दी चुनौ

उद्योगपति अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस के खातों को फ्रॉड घोषित करने पर लगी रोक के खिलाफ तीन सरकारी बैंकों ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है। बैंकों ने दिसंबर 2025 में आए सिंगल बेंच के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें अनिल अंबानी और उनकी कंपनी को अंतरिम राहत दी गई थी। उस आदेश में अदालत ने कहा था कि बैंकों ने आरबीआई के अनिवार्य नियमों का पालन नहीं किया और कई साल बाद अचानक कार्रवाई शुरू की, जो गहरी नींद से जागने जैसा मामला है।


लल्लन टाॅप के सौरभ द्विवेदी का कॉलेज में शुरू हुआ प्यार, जाति की दीवार तोड़ रचाई शादी, कुछ ऐसी है उनकी लवस्टोरी

लल्लनटॉप छोड़ा है, वह सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं। उनके चाहनेवाले इंस्टाग्राम और ट्विटर पर उनकी नई पारी के बारे में सवाल कर रहे हैं।

साथ ही, उनकी निजी जिंदगी, पत्नी और लव स्टोरी भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है। गिरिजा ओक के साथ किए लंबे इंटरव्यू में उन्होंने पत्नी गुंजन के साथ अपने रिश्ते और प्यार की कहानी डिटेल में शेयर की थी। इसमें उन्होंने कहा था कि उनकी वाइफ ही सबसे अच्छी दोस्त और आलोचक हैं।

सौरभ द्विवेदी की लव स्टोरी टू स्टेट्स फिल्म की कहानी की तरह है। कॉलेज में साथ पढ़ते हुए प्यार हुआ और फिर जाति और दूसरी संस्कृति की सीमाओं के बंधन आखिरकार टूट ही गए। प्रवीण कुमार के साथ अपने इंटरव्यू में सौरभ ने कहा था कि उनकी पत्नी रोहतक की हैं और जाट हैं। अलग जाति की होने की वजह से उनके रिश्ते के लिए परिवार को मनाने में मुश्किल आई थी।

*कॉलेज में हुई दोस्ती, जल्द डूबे प्यार में*

गिरिजा ओक के साथ इंटरव्यू में सौरभ द्विवेदी ने बताया कि उनकी पत्नी गुंजन उनके साथ दिल्ली के आईआईएमसी में पढ़ती थीं। दोनों एक ही बैच में थे और यहीं दोस्ती हुई। इसके बाद यह दोस्ती जल्द प्यार में बदल गई। गुंजन और सौरभ दोनों के परिवार के लिए यह रिश्ता स्वीकार करना शुरू में मुश्किल था। गुंजन एक सैन्य परिवार से आती हैं और मूल रूप से हरियाणा की हैं, जबकि सौरभ का परिवार बुंदेलखंड का रहनेवाला है। हालांकि, 2010 में दोनों ने परिवार की रजामंदी के साथ शादी कर ली। सौरभ और गुंजन दोनों ने जेएनयू से भी पढ़ाई की है।

*पत्नी को मानते हैं अपना सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्टम*

सोशल मीडिया पर और अपने इंटरव्यू में भी सौरभ द्विवेदी कई बार कह चुके हैं कि उनकी पत्नी गुंजन ही उनका सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्टम हैं। दोनों एक-दूसरे के सबसे अच्छे दोस्त और गाइड भी हैं। गुंजन ने शुरुआती कुछ सा पत्रकारिता की नौकरी की और फिर जेएनयू से एमए और एमफिल किया। फिलहाल वह कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन की फील्ड में काम करती हैं।

सौरभ और गुंजन के रिश्ते में शुरुआत में भले ही कठिनाई आई हो, लेकिन वक्त के साथ यह पहले से मजबूत होता गया। लल्लनटॉप से अलग होने के बाद अब उनकी नई पारी को लेकर अटकलों का दौर जारी है। कहा जा रहा है कि वह जल्द फिल्मी दुनिया में स्क्रिप्ट राइटर और डॉयलॉग रायटर के तौर पर अपनी पारी शुरू कर सकते हैं

*जल्द शुरू कर सकते हैं नई पारी*

पत्रकारिता से ब्रेक लेने के बाद सौरभ सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं। इंस्टाग्राम पर वह अपनी तस्वीरें डालते रहते हैं और वहां भी उनके प्रशंसक एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि आगे कहां से अपनी पारी शुरू करने वाले हैं। सौरभ दिवाली या ऐसे दूसरे खास मौकों पर अपनी पत्नी के साथ तस्वीरें शेयर करते हैं।

दरभंगा राजघराने की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी का हुआ निधन,96 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, मिथिला की विरासत पर गम का साया

 दरभंगा : दरभंगा की सियासत, समाज और सांस्कृतिक तहज़ीब से जुड़ी एक अहम शख़्सियत आज खामोशी से इस संसार को विदा हो गई। दरभंगा राजघराने की अंतिम महारानी, स्वर्गीय महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह की धर्मपत्नी महारानी कामसुंदरी देवी ने 96 वर्ष की उम्र में इस नश्वर दुनिया को अलविदा कह दिया।

सोमवार को उन्होंने राज परिसर स्थित कल्याणी निवास में आख़िरी सांस ली। लंबे अरसे से बीमार रहने के कारण वे बिस्तर पर ही थीं। उनके निधन की ख़बर फैलते ही दरभंगा ही नहीं, बल्कि पूरे मिथिला क्षेत्र में मातम पसर गया।

महारानी कामसुंदरी देवी दरभंगा राजवंश की उस परंपरा की आख़िरी कड़ी थीं, जिसने कभी राजनीति, समाज और सत्ता की धुरी को दिशा दी थी। वे दरभंगा के अंतिम महाराजा कामेश्वर सिंह की तीसरी और अंतिम पत्नी थीं। दोनों का निकाह 1940 के दशक में हुआ था। महाराजा की पहली दो पत्नियां महारानी राजलक्ष्मी और महारानी कामेश्वरी प्रिया पहले ही दुनिया से रुख़्सत हो चुकी थीं। ऐसे में महारानी कामसुंदरी देवी राजपरिवार की सबसे वरिष्ठ और केंद्रीय शख़्सियत बनकर सामने आईं।

राजसी ठाठ बाट के बावजूद उनकी पहचान सिर्फ़ महल तक सीमित नहीं रही। वे सामाजिक सरोकार, परोपकार और ख़िदमत-ए-ख़ल्क़ के लिए जानी जाती थीं। अपने शौहर महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह की याद में उन्होंने 'महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन' की बुनियाद रखी। इस फाउंडेशन के ज़रिए तालीम, सेहत और समाजसेवा के कई काम अंजाम दिए गए, जिसने उन्हें जनता के दिलों में खास मक़ाम दिलाया।


उनके निधन को मिथिला की सामाजिक राजनीतिक विरासत के एक अहम दौर के ख़ात्मे के तौर पर देखा जा रहा है। राजशाही भले ही इतिहास के पन्नों में सिमट चुकी हो, लेकिन महारानी कामसुंदरी देवी जैसी शख़्सियतें आज भी जनमानस में इज़्ज़त और आदर के साथ याद की जाती हैं।

फिलहाल दरभंगा महाराज के वंशज और ट्रस्टी कपिलेश्वर सिंह दिल्ली में हैं। उनके दरभंगा पहुंचने के बाद महारानी का अंतिम संस्कार प्रसिद्ध श्यामा माई कैंपस में पूरे राजकीय और पारंपरिक सम्मान के साथ किया जाएगा। महारानी के निधन से मिथिला की राजनीति और समाज के एक युग का ख़ामोश अंत हो गया है

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