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Saubhagya Bharat News

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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गुरुवार, 15 जनवरी 2026

Republic Day 2026: अब फ्री में देख सकते हैं परेड की फुल ड्रेस रिहर्सल, पढ़ें कैसे कर सकते हैं बुकिंग

_गणतंत्र दिवस लोकतंत्र का पर्व है, जिसे हर साल 26 जनवरी को बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस दिन कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन होता है। इस मुख्य परेड से पहले फुल ड्रेस रिहर्सल की जाती है, जिसके लिए सरकार फ्री पास जारी कर रही है। आइए जानें आप कैसे ये पास बुक कर सकते हैं।_


बिहार में अब घर बैठे ऑनलाइन बनवाएं फार्मर ID, मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ

_किसानों को सरकारी कृषि योजनाओं का सीधा लाभ सुनिश्चित करने के लिए फार्मर आईडी अभियान तेज किया गया है। अब किसान 21 जनवरी तक विशेष कैंप के अलावा ऑनलाइन पोर्टल या सीएससी/वसुधा केंद्र पर भी अपनी आईडी बनवा सकते हैं।_


प्रयागराज माघ मेला में लगातार दूसरे दिन आग लगी, आधा दर्जन टेंट चपेट में आए

_माघ मेला के सेक्टर 4 तुलसी मार्ग स्थित बड़े ब्रह्म छोटे ब्रह्म आश्रम में बुधवार की शाम अज्ञात कारणों से आग लग गई। जिसमें आधे दर्जन टेंट जलकर राख हो गए। इसमें गृहस्ती का सामान व 20000 रुपये नकदी रखा था।_


जुबीन गर्ग की हत्या नहीं हुई, उन्होंने लाइफ जैकेट....', कोर्ट में सिंगापुर पुलिस का बयान

 _जुबीन गर्ग मौत मामले में सिंगापुर पुलिस का बड़ा बयान सामने आया है। पुलिस ने सिंगापुर की कोरोनर कोर्ट में बताया कि जुबीन गर्ग की हत्या नहीं हुई थी, उन्होंने लाइफ जैकेट लेने से मना कर दिया था।_


चंडीगढ़ में गायों के शव मिलने से हड़कंप, तीन दिन से नहीं हुआ संस्कार; प्रशासक ने पोस्टमार्टम के दिए आदेश

 चंड़ीगढ़ के रायपुर कलां स्थित गोशाला के पास भारी संख्या में मृत गायों के मिलने से हड़कंप मच गया है। एक एनिमल संस्था ने वहां पहुंचकर इसका खुलासा किया और पुलिस को इसकी जानकारी दी। इस मामले में पुलिस की तरफ से बताया गया कि गोशाला के पास ही गायों के संस्कार के लिए 'एनिमल कराकस इंसीनरेटर प्लांट' लगाई गई है, जो पिछले कई दिनों से खराब है।


आर्मी चीफ को खत और बदल गया इतिहास: कौन हैं लेडी कैडेट 001 प्रिया झिंगन, जिन्होंने महिलाओं के लिए खोले सेना के द्वार?

 यह कहानी है मेजर प्रिया झिंगन की, जिन्होंने 1992 में भारतीय सेना की पहली महिला कैडेट (नंबर 001) बनकर इतिहास रचा।_


कैसी है इमरान हाशमी की तस्करी- रिव्यू

अभिनेता इमरान हाशमी की मोस्ट अवेटेड वेब सीरीज तस्करी- द स्मगलर्स वेब को ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज कर दिया गया है। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस सीरीज का रिव्यू क्या कहता है।_


IND vs NZ 2nd ODI: केएल राहुल के शतक पर डैरिल मिचेल ने फेरा पानी, न्‍यूजीलैंड ने जीत के साथ सीरीज में की वापसी

_भारत ने पहले बल्‍लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 284 रन का स्कोर खड़ा किया था। जवाब में न्‍यूजीलैंड टीम ने डैरिल मिचेल के शतक की बदौलत 47.3 ओवर में टारगेट चेज कर 7 विकेट से मुकाबला अपने नाम किया। अब 3 मैचों की सीरीज 1-1 की बराबरी पर आ गई है। सीरीज का निर्णायक मुकाबला रविवार को खेला जाएगा।_


कंपकंपाती ठंड और 12 रातें, पुआल पर सोते रहे मासूम अंश और अंशिका

रांची के धुर्वा इलाके से लापता हुए अंश और अंशिका के चेहरे पर मुस्कान लौटने में पूरे 12 दिन लगे। इन 12 दिनों में न जाने कितनी रातें ऐसी रहीं, जब दोनों मासूम पुआल के बिस्तर पर एक दूसरे से सटकर सोते रहे। उन्हें शायद यह भी ठीक से समझ नहीं था कि वे अपने घर से इतनी दूर कैसे आ गए। झारखंड पुलिस उन्हें ढूंढने के लिए कई राज्यों में छापेमारी कर रही थी। हर थाने, हर चौकी में उनकी तस्वीरें पहुंच चुकी थीं। इस बीच दो छोटे बच्चे रामगढ़ के एक स्लम इलाके में ऐसे रह रहे थे, जैसे किसी और की दुनिया में आ गए हों।

मम्मी पापा कहने की मजबूरी

सूर्या और उसकी पत्नी सोनम उर्फ सोनी बच्चों के साथ ऐसे घुलमिल गए थे कि अंश और अंशिका उन्हें मम्मी पापा कहने लगे। यह शब्द उनके मुंह से मजबूरी में निकले या आदत में, यह अब भी सवाल है। आसपास के लोगों को कभी शक नहीं हुआ, क्योंकि बच्चों की हंसी और खेल सब कुछ सामान्य दिख रहा था। जब दंपत्ति काम पर निकलता, तो दोनों बच्चे मकान मालकिन रोशन आरा के घर में खेलते रहते। रोशन आरा के लिए वे सिर्फ दो मासूम बच्चे थे, जिन्हें घर की छत मिली हुई थी।

हजार रुपये किराया और एक झूठी कहानी

रोशन आरा बताती हैं कि सूर्या ने खुद को बिहार के औरंगाबाद का निवासी बताया था। कहा था कि अतिक्रमण अभियान में घर टूट गया, सिर छुपाने की कोई जगह नहीं बची। बच्चों का चेहरा देखकर उन्होंने ज्यादा सवाल नहीं किए। हजार रुपये महीने के किराए पर कमरा दे दिया। उन्हें क्या पता था कि यह कमरा किसी और के बच्चों की कैदगाह बन जाएगा।

कमरे के अंदर छुपा एक और सच

जब रामगढ़ एसपी अजय कुमार पुलिस टीम के साथ उस कमरे में पहुंचे, तो तस्वीर बदल गई। पुआल बिछा हुआ था, वहीं बच्चे सोते थे। एक कोने में रखा सूटकेस खुला तो उसमें बच्ची के कपड़ों के साथ कई आधार कार्ड मिले। अलग अलग नाम, अलग पहचान। उस एक सूटकेस ने कहानी को और गहरा बना दिया।

मासूमियत बनाम साजिश

अंश और अंशिका को शायद इन कागजों, इन झूठी पहचान और इस भागदौड़ की कोई समझ नहीं थी। उनके लिए दुनिया वहीं थी, जहां शाम को सूर्या लौटता था और सोनम उन्हें गोद में उठा लेती थी। लेकिन पुलिस के लिए यह बच्चों को छुपाने की एक सोची समझी साजिश थी।

अब सुरक्षित हैं, पर सवाल बाकी हैं

आज अंश और अंशिका सुरक्षित हैं। पुलिस की निगरानी में हैं और धीरे धीरे अपने असली घर की ओर लौट रहे हैं। लेकिन कई सवाल अब भी हवा में हैं। इतने आधार कार्ड क्यों थे, बच्चों को क्यों छुपाया गया, और इस कहानी में कौन कौन शामिल था। इन सवालों के जवाब जांच में मिल जाएंगे। फिलहाल राहत सिर्फ इतनी है कि दो मासूम अब पुआल के बिस्तर पर नहीं, बल्कि सुरक्षा की छांव में सो रहे हैं।

पत्नी ने चार लाख में तय किया था पति की सांसों का सौदा, आशिक को दी थी सुपारी

राँची: रांची के सिल्ली इलाके में 7 जनवरी की वह शाम आम दिनों जैसी ही थी। सड़क किनारे चाउमिन की दुकान से उठती खुशबू लोगों को खींच रही थी। हराधन महतो रोज की तरह अपनी दुकान पर खड़े ग्राहकों को चाउमिन परोस रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि यह रोजमर्रा की जिंदगी अचानक खून और साजिश की कहानी में बदलने वाली है।

एक गोली और बदल गई पूरी जिंदगी

शाम के वक्त अचानक गोलियों की आवाज गूंजी। हराधन महतो जमीन पर गिर पड़े। लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही अफरा-तफरी मच गई। खून से लथपथ हराधन को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। दुकान, जो परिवार की रोजी-रोटी थी, उसी जगह अब खामोशी पसरी हुई है।

बीवी बनी सबसे बड़ी कड़ी

पुलिस जब जांच में जुटी तो शक की सुई घर के अंदर ही घूमने लगी। हराधन की पत्नी गंगा देवी के बयानों में बार-बार विरोधाभास सामने आ रहा था। धीरे-धीरे परतें खुलीं और जो सच सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया। जिस पत्नी से हराधन ने जीवन भर साथ निभाने की उम्मीद की थी, वही उसकी जान की दुश्मन बन गई।

प्रेम, लालच और हत्या की योजना

जांच में पता चला कि गंगा देवी का कंचन महतो से प्रेम संबंध था। दोनों ने मिलकर हराधन को रास्ते से हटाने की साजिश रची। चार लाख रुपये में पति की सांसों का सौदा तय हो गया। सुपारी की रकम गंगा देवी ने अपने आशिक कंचन महतो को दे दी। इसके बाद तमाड़ के रहने वाले सुनील और तारकेश्वर महतो को इस काम में शामिल किया गया। पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन हराधन कहां होंगे, कब दुकान पर रहेंगे, इसकी पूरी जानकारी गंगा देवी ने ही आरोपियों को दी थी।

पुलिस जांच ने खोले कई राज

रांची के एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर गठित एसआईटी ने कड़ी पूछताछ की। कंचन महतो ने अपराध स्वीकार किया और पूरी साजिश का खुलासा किया। इसके बाद एक-एक कर सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए। उनके पास से देसी कट्टा और जिंदा गोली भी बरामद हुई।

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