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सोमवार, 19 जनवरी 2026

बहरागोड़ा:-शिक्षा और साहित्य जगत को गहरा आघात: वरिष्ठ शिक्षक व कवि बासुदेव घोष का निधन.....

बहरागोड़ा संवाददाता 

बहरागोड़ा:- बहरागोड़ा क्षेत्र के सेवानिबृत शिक्षक बासुदेब घोष का सोमवार 19 जनवरी 2026 की सुबह आकस्मिक निधन हो गया। उनका जन्म 16 नवम्बर 1955 को हुआ था और वे 70 वर्ष के थे। स्व. बासुदेव घोष का जीवन शिक्षा के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने बेंदा मौदा मध्य विद्यालय में अध्यापन करते हुए कई वर्षों तक सेवा दी और 2015 में सेवानिवृत्त हुए। सरल स्वभाव और ज्ञान बांटने की लगन के कारण वे सभी के प्रिय शिक्षक थे। स्व घोष एक समर्पित कवि भी थे। वे बंगाली भाषा के साथ-साथ बाहारागोड़ा–झारग्राम–मयूरभंज क्षेत्र की लोकभाषा ‘देर्गुजरी’ में भी रचनाएँ किया करते थे। उनकी कविताओं में हमारी लोक संस्कृति की भावनाएँ और सादगी छलकती थीं। उनकी लेखनी ने कई लोगों के दिलों को छुआ और हमारी संस्कृति को समृद्ध किया। उनके द्वारा रचित रचनाएँ हमें हमेशा प्रेरित करती रहेंगी। उनके जाने से हम सभी के लिए एक अपूरणीय क्षति हुई है। उनकी शिक्षाएँ और आदर्श हम सभी को सदैव मार्गदर्शित करते रहेंगे। इस कठिन समय में हम दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हैं और उनके परिवार के साथ खड़े हैं। उनके सुपुत्र बिप्लब घोष (जो कोलकाता में बैंकिंग क्षेत्र में कार्यरत हैं) को यह दुःख सहने की शक्ति मिले, ऐसी हम प्रार्थना करते हैं। ईश्वर उन्हें अपने चरणों में स्थान दें और उनके परिवार को यह गहरा सदमा सहने की हिम्मत दे। हम सब बासुदेब घोष को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनकी यादें और रचनाएँ हमेशा हमारे साथ रहेंगी।

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