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Saubhagya Bharat News

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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The Saubhagya Bharat

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सोमवार, 8 दिसंबर 2025

बिहार: सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान- बिहार में शुरू होंगे 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट

पटना : बिहार में न्यायिक व्यवस्था को तेज और आसान बनाने के लिए सरकार 100 फास्ट ट्रैक अदालतें शुरू करने जा रही है। उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन अदालतों का मकसद लंबित मामलों का जल्द निपटारा करना है, ताकि अदालतों पर बढ़ते बोझ को कम किया जा सके।



18 लाख से ज्यादा मामले लंबित, इसलिए जरूरी कदम

राज्य में फिलहाल 18 लाख से अधिक मामले लंबित हैं। सरकार का मानना है कि नई अदालतें बनने से लोगों को समय पर न्याय मिल सकेगा। लंबित मामलों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

किन जिलों में कितनी फास्ट ट्रैक अदालतें बनेंगी

घोषणा के अनुसार पटना में आठ फास्ट ट्रैक अदालतें प्रस्तावित हैं। गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर में चार–चार अदालतें बनाई जाएंगी। नालंदा, रोहतास, सारण, बेगूसराय, वैशाली, पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर और मधुबनी में तीन–तीन अदालतें स्थापित होंगी। इसके अलावा पश्चिम चंपारण, सहरसा, पूर्णिया, मुंगेर, नवादा, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, कैमूर, बक्सर, भोजपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, सीवान, गोपालगंज, सुपौल, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, कटिहार, बांका, जमुई, शेखपुरा, लखीसराय और खगड़िया में दो–दो अदालतें शुरू की जाएंगी। नवगछिया और बगहा उप-मंडलीय न्यायालय में एक–एक फास्ट ट्रैक अदालत का प्रस्ताव है।

नियुक्ति भी होगी बड़े पैमाने पर

इन अदालतों में कामकाज के लिए कुल 900 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इनमें बेंच क्लर्क, कार्यालय लिपिक, स्टेनोग्राफर, डेटा एंट्री ऑपरेटर, ड्राइवर, प्रोसेस सर्वर और चपरासी शामिल होंगे।

शस्त्र अधिनियम मामलों के लिए 79 एक्ट कोर्ट

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि शस्त्र अधिनियम से जुड़े लंबित मामलों को तेजी से हल करने के लिए 79 अदालतों को एक्ट कोर्ट के रूप में नामित किया जाएगा। उनका कहना है कि ऐसे मामलों का जल्द निपटारा राज्य की कानून व्यवस्था को मजबूत करेगा।

सरकार की प्राथमिकता- समय पर न्याय

सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार न्यायिक प्रक्रिया को तेज और सुगम बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। 100 फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना इसी लक्ष्य का हिस्सा है।

BHU में 55 टीचिंग पदों पर वैकेंसी, सैलरी 78,800 रुपये तक

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ने स्कूल टीचिंग पदों पर भर्ती की अधिसूचना 2025 जारी कर दी है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार प्रिंसिपल, पीजीटी, टीजीटी और पीआरटी के कुल 55 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार BHU की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।



महत्वपूर्ण तिथियां

ऑनलाइन आवेदन और शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि: 5 जनवरी 2026

हार्ड कॉपी जमा करने की अंतिम तिथि: 10 जनवरी 2026

रिक्तियों का विवरण

प्रिंसिपल: 3 पद

पीजीटी (स्नातकोत्तर शिक्षक): 9 पद

टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक): 36 पद

पीआरटी (प्राथमिक शिक्षक): 7 पद

योग्यता

प्रिंसिपल:

मास्टर डिग्री में 50% अंक

बी.एड डिग्री

सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपल/वाइस-प्रिंसिपल/पीजीटी का अनुभव

पीजीटी:

संबंधित विषय में 50% अंकों के साथ मास्टर डिग्री

या

आरसीई से एकीकृत M.Sc.-B.Ed

टीजीटी:

संबंधित विषय में स्नातक (50%) या आरसीई

बी.एड अनिवार्य

सीटीईटी उत्तीर्ण

पीआरटी:

12वीं में न्यूनतम 50% अंक

D.El.Ed/B.El.Ed/विशेष शिक्षा में डिप्लोमा

सीटीईटी पास

आयु सीमा

प्रिंसिपल: 35 से 55 वर्ष

पीजीटी: अधिकतम 40 वर्ष

टीजीटी: अधिकतम 35 वर्ष

पीआरटी: अधिकतम 30 वर्ष

आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को भारत सरकार के नियमों के अनुसार आयु में छूट मिलेगी।

चयन प्रक्रिया

योग्यता और आवेदन की समीक्षा

आवश्यकता होने पर लिखित परीक्षा (सिलेबस बाद में जारी होगा)

प्रस्तुति और साक्षात्कार


दस्तावेज सत्यापन के बाद अंतिम चयन


वेतनमान

चयनित उम्मीदवारों को 7वें वेतन आयोग के अनुसार वेतन दिया जाएगा।


प्रिंसिपल: ₹78,800 (स्तर-12)


पीजीटी: ₹47,600 (स्तर-8)


टीजीटी: ₹44,900 (स्तर-7)


पीआरटी: ₹35,400 (स्तर-6)

साथ ही नियमों के अनुसार भत्ते भी प्रदान किए जाएंगे।


आवेदन कैसे करें?

आधिकारिक वेबसाइट bhu.ac.in/rac पर जाएं।


पहले पंजीकरण करें और फिर लॉग इन कर आवेदन फॉर्म भरें।


फोटो, हस्ताक्षर और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।


UR/EWS/OBC उम्मीदवार आवेदन शुल्क ऑनलाइन जमा करें।


फॉर्म सबमिट कर उसकी प्रिंट कॉपी निकालें।


आवेदन की हार्ड कॉपी और स्व-सत्यापित दस्तावेज निम्न पते पर भेजें:


Registrar, Recruitment & Assessment Cell,

Holkar House, BHU, Varanasi – 221005

गोरखपुर: जब ‘बेटा’ निकला मौत का सौदागर…

UP : गोरखपुर के शाहपुर का घोषीपुरवा बीते 23 नवंबर की रात इस मोहल्ले ने एक ऐसा मंजर देखा, जिसने हर दिल में सिहरन भर दी। विमला और उनकी मां शांति देवी और रजत एक साथ रहते थे। वही रजत, लालच और बुरी संगत में ऐसा डूबा कि रिश्तों की पवित्रता को ही चकनाचूर कर दिया। कहते हैं कि तीनों अक्सर साथ बैठकर बातें करते, खाना खाते, कभी-कभार शराब भी पी लेते थे। रजत इसी नजदीकी का फायदा उठाकर घर में रखे पैसे और गहनों पर नजर टिकाये बैठा था। एक महीने से मौका ढूंढ रहा था, लेकिन हर बार उसकी मंशा किसी न किसी वजह से धरी रह जाती थी। उस रात वह रम की बोतल लेकर पहुंचा। कोशिश थी कि मां-बेटी को नशे में अचेत कर दे और चुपचाप चोरी कर ले। मगर किस्मत का पहिया वहीं अटक गया। विमला पर शराब का असर ना हुआ। योजनायें बिखर गईं और बिखरने के साथ ही रजत का जंगलीपन जाग उठा। गुस्से और लालच में वह तैश में आया और पास रखा हथौड़ा उठाकर विमला पर लगातार वार करता चला गया। उनके कमरे में चीख-चीत्कार सुन बाहर खड़ी शांति देवी घबराकर चीखी “अरे विमला, क्या हुआ?” इसके बाद पकड़े जाने के डर से रजत ने शांति देवी को भी मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद रजत घर में रखे कैश, ज्वेलरी, ब्रेसलेट, अंगूठी… सब समेटते हुये वहां से भाग निकला। वही रजत मोहल्ले में घूमता रहा, लोगों के सामने रोया भी, अंतिम संस्कार तक में शामिल हुआ। शक के आधार पर पुलिस ने रजत को उठा लिया। उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। रजत के पास से सोने के गहने, मोबाइल, पचास हजार नकद और वही खून से सना हथौड़ा बरामद हुआ।



धनबाद: कतरास–चंद्रपुरा मुख्य मार्ग पर जलजमाव से जनजीवन अस्त-व्यस्त, जनप्रतिनिधि बेखबर, पथ निर्माण विभाग पर उठे गंभीर सवाल

कतरास: बाघमारा विधानसभा क्षेत्र इन दिनों बदहाल व्यवस्था और अनदेखी का दंश झेल रहा है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि क्षेत्र की समस्याओं से पूरी तरह बेपरवाह हो चुके हैं। इसका ताजा उदाहरण कतरास राहुल चौक के समीप कतरास–चंद्रपुरा मुख्य सड़क पर बने लगातार जलजमाव ने सामने रखा है।

लगातार कई दिनों से सड़क पर पानी भरने से स्थिति बेहद खराब हो गई है। इस मार्ग से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं, लेकिन जलजमाव के कारण वाहन चालक भारी परेशान हैं। राहगीरों के कपड़ों पर कीचड़ और गंदे पानी के छींटे पड़ रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों तक को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिससे अभिभावकों में चिंता बढ़ती जा रही है।



स्थानीय लोगों का कहना है कि पथ निर्माण विभाग ने लाखों रुपये खर्च कर सड़क किनारे नाली का निर्माण कराया था ताकि जल निकासी सुचारू हो सके। लेकिन नाली बेअसर साबित हो रही है। पानी नाली में जाने के बजाय पूरी सड़क पर फैल रहा है। इससे न केवल नाली निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि विभागीय लापरवाही भी उजागर हो रही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की चुप्पी निराशाजनक है। क्षेत्रवासियों ने सड़क से जलजमाव हटाने और नाली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की है, ताकि लोगों को इस दैनिक संकट से राहत मिल सके।

इंडिगो के CEO को DGCA का शोकॉज, 24 घंटे में जवाब तलब

देश में लगातार पांच दिनों से इंडिगो की उड़ानें देरी और रद्द होने के बाद स्थिति बिगड़ गई। इसे गंभीर चूक मानते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय DGCA ने इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स को कारण बताओ नोटिस भेजा है। DGCA ने कहा कि 24 घंटे में कारण बताएं कि नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई क्यों न की जाए। समय पर जवाब नहीं मिलने पर एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।



सरकार और एयरलाइन की बैठक में कड़ा रुख

लगातार बढ़ रही शिकायतों के बाद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो के CEO के साथ लंबी बैठक की। इसमें फ्लाइट देरी, रद्दीकरण, यात्रियों की फंसी बुकिंग, रिफंड और एयरलाइन की जिम्मेदारियों पर चर्चा हुई। सरकार ने साफ कहा कि यात्रियों को तत्काल रिफंड दिया जाए और उड़ानें जल्द सामान्य की जाएं।

DGCA ने जांच समिति बनाई

उड़ानों में हुई गड़बड़ी को देखते हुए DGCA ने चार सदस्यीय जांच समिति बनाई है। यह समिति तकनीकी समस्या, स्टाफ की कमी, प्रबंधन की गलती या किसी और कारण को खोजेगी। समिति यह भी बताएगी कि ऐसी स्थिति दुबारा न हो, इसके लिए क्या कदम जरूरी हैं।

यात्रियों की परेशानी पर सरकार की चिंता

देश के कई हवाई अड्डों पर यात्रियों को रात भर रुकना पड़ा। कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने से बच्चों और बुजुर्गों को भी बड़ी परेशानी हुई। सरकार ने एयरलाइन को निर्देश दिए कि यात्रियों को बिना देर किए रिफंड, होटल सुविधा और पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

एयरलाइन की दिन-प्रतिदिन की रिपोर्ट सरकार को

अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल प्राथमिकता है कि उड़ान सेवाएं जल्द पटरी पर लौटें। प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी। इंडिगो को रोज की स्थिति सरकार को लिखित रूप में देनी होगी।

देशभर के एयरपोर्ट पर हालात सामान्य

स्टाफ की कमी की वजह से इंडिगो ने इस सप्ताह कई उड़ानें रद्द की थीं। शुक्रवार को 1600 और शनिवार को 800 से ज्यादा फ्लाइटें रद्द हो गईं, जिससे हजारों यात्री फंस गए। अब देश के लगभग सभी एयरपोर्ट पर चेक-इन और सुविधाएं सामान्य हो रही हैं।

मुंबई एयरपोर्ट की विशेष व्यवस्था

मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने 25 ग्राउंडेड इंडिगो विमानों के लिए अतिरिक्त पार्किंग बनाई है। वहीं यात्रियों के लिए नई कुर्सियां, मुफ्त रिफ्रेशमेंट, अतिरिक्त कस्टमर सर्विस स्टाफ और 24 घंटे हेल्पडेस्क लगाई गई है। बैगेज लौटाने के लिए भी एक विशेष टीम बनाई गई है।

लखनऊ: सीएम योगी का बड़ा ऐलान- अब हर थाने में होगा…

लखनऊ : होमगार्ड संगठन के 63वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि होमगार्ड प्रदेश पुलिस का मजबूत सहायक बल है। उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश के सभी थानों में होमगार्ड स्वयंसेवकों के लिए अलग कक्ष आरक्षित किए जाएंगे। साथ ही जवानों को कैशलेस इलाज देने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए।



सेवा, अनुशासन और राष्ट्रहित को बताया मूल मंत्र

सीएम योगी ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि सेवा को सम्मान, अनुशासन को पहचान और राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देना ही होमगार्ड की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने बताया कि 1963 से होमगार्ड लगातार पुलिस के साथ मिलकर कानून व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रहा है।

बड़े आयोजनों में होमगार्ड की भूमिका

उन्होंने कहा कि चुनाव, यातायात, जेल सुरक्षा, डायल 112, आपदा नियंत्रण और परीक्षाओं जैसे कार्यक्रमों में होमगार्ड की सहभागिता बेहद महत्वपूर्ण है। कोरोना काल का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि किस तरह जवानों ने जान जोखिम में डालकर प्रवासी कामगारों को घर पहुंचाने में मदद की।

दिवंगत जवानों के परिवारों को मदद

सीएम ने बताया कि ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर हर जवान के परिवार को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जा रही है। अब तक 2,871 जवानों के आश्रितों को 143 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है। विभागीय भत्तों में भी बढ़ोतरी की गई है।

कार्यालय और आवास निर्माण को मिल रही गति

उन्होंने बताया कि 44 कार्यालय अपनी इमारतों से संचालित हो रहे हैं, जबकि नौ नए भवनों का निर्माण चल रहा है। मुख्यालय में कर्मचारियों के लिए जी प्लस इलेवन आवास का निर्माण भी जारी है।

बीमा सहायता बढ़ाई, डिजिटल व्यवस्था लागू

जवानों के लिए 35 से 40 लाख रुपये तक की बीमा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। विभाग की वेबसाइट और ‘होमगार्ड मित्र’ एप के माध्यम से उपस्थिति और भत्ते अब डिजिटल और पारदर्शी तरीके से दर्ज हो रहे हैं।

आपदा मित्रों का प्रशिक्षण जारी

विभाग ने आपदा प्रबंधन विभाग के साथ मिलकर चार हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया है, जिससे भविष्य में आपदाओं से निपटने में मदद मिलेगी।

पटना: राजधानी की इन जगहों पर पार्क की गाड़ियां, तो उठा ले जाएगी पुलिस

पटना की सड़कों पर बढ़ते जाम से छुटकारा दिलाने के लिए ट्रैफिक पुलिस अब सख्त मोड में आ गई है। खासकर इनकम टैक्स गोलम्बर से डाकबंगला चौराहा तक वाहनों के दबाव को कम करने के लिए यातायात विभाग ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। ट्रैफिक एसपी द्वारा जारी निर्देशों के बाद इस पूरे मार्ग की ट्रैफिक व्यवस्था नए रूप में दिखने लगी है।



ताज़ा आदेश के मुताबिक, नेहरू पथ पर इनकम टैक्स गोलम्बर से डाकबंगला चौराहा तक तीन और चार पहिया वाहनों की पार्किंग अब बिल्कुल बंद होगी। इसी तरह बुद्ध मार्ग से लेकर जीपीओ गोलम्बर के नीचे तक भी किसी वाहन को सड़क किनारे पार्क करने की अनुमति नहीं होगी। पुलिस ने साफ कर दिया है कि नियम तोड़ने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

इस्कॉन मंदिर और बुद्ध मार्ग की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए भी नई व्यवस्था तय की गई है। अब कोई भी चार पहिया वाहन मंदिर के आसपास या सड़क किनारे नहीं खड़ा किया जा सकेगा। इसके लिए तारामंडल के सामने बनी स्मार्ट मल्टी लेवल पार्किंग को निर्धारित स्थल बनाया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा उद्घाटन की गई इस पार्किंग में 96 गाड़ियाँ खड़ी की जा सकती हैं। यहाँ तीन पहिया वाहनों की पार्किंग भी संभव है। मौर्यालोक जाने वाले लोग भी अपनी गाड़ी मौर्यालोक परिसर में स्थित स्मार्ट मल्टी लेवल पार्किंग में ही लगा सकेंगे।

यातायात विभाग का कहना है कि इनकम टैक्स से डाकबंगला और इस्कॉन मंदिर–बुद्ध मार्ग क्षेत्र में अब सड़क किनारे पार्किंग पूरी तरह से समाप्त कर दी जाएगी। नई व्यवस्था 7 दिसंबर 2025 से लागू होगी और इसका उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बिहार: पछुआ हवा तेजी से गिरा रहा पारा, धुंध ने कम की विजिबिलिटी

बिहार में सर्दी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पछुआ हवा ने तापमान को एकदम नीचे ला दिया है, जिससे राज्य के ज़्यादातर जिलों में ठिठुरन बढ़ गई है। पिछले 24 घंटों में भागलपुर के सबौर ने सबसे ठंडा स्थान बनकर रिकॉर्ड कायम किया, जहाँ पारा 8.3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।


मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम से आ रही सर्द हवाएँ लगातार तापमान कम कर रही हैं। हवा की रफ्तार भी सामान्य दिनों से ज्यादा है, जिसके कारण रात और सुबह की ठंड असहनीय हो गई है। हालांकि फिलहाल शीतलहर की स्थिति नहीं बनी है, लेकिन तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी रहेगा। सुबह के वक्त हल्का कोहरा छाने की पूरी संभावना है।

राज्य भर में सर्दी का असर साफ दिख रहा है कहीं लोग अलाव तलाश रहे हैं, तो कहीं कोहरा सुबह की गतिविधियों को धीमा कर रहा है। गोपालगंज में लोग अलाव के पास गर्माहट ले रहे हैं, बेतिया में कोहरे ने सुबह को ढक लिया, जबकि बेगूसराय में चाय की दुकानों पर भीड़ उमड़ रही है।

अगले कुछ दिनों में उत्तरी और मध्य बिहार में ठंड और बढ़ने के आसार हैं। घने कोहरे से विजिबिलिटी कम होगी, जिसका सीधा असर सड़क और रेल यातायात पर पड़ेगा। पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और दरभंगा में सुबह-सुबह वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।

कम विजिबिलिटी का असर ट्रेनों पर भी दिखा। 9 ट्रेनें देरी से चलीं, जबकि हावड़ा जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को एक घंटे तक देर से रवाना किया गया। पटना जंक्शन से सुबह 8 बजे खुलने वाली यह ट्रेन अब 9 बजे रवाना हुई।

राजधानी पटना में भी पारा लगातार गिर रहा है। आने वाले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान 9 से 10 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। दिन का तापमान भी सामान्य से करीब 2 डिग्री कम रह सकता है। ठंडी हवाएँ सुबह और शाम के समय सर्दी को और बढ़ा देंगी।

पटना: ‘प्रोफेसर साहब’ को उठा ले गयी विजिलेंस की टीम…

पटना : “सर, पैसा दो वरना मेस बंद करा दूंगा” – यही धौंस दिखा-दिखा कर गुलजारबाग पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्रोफेसर सह हॉस्टल सुपरिंटेंडेंट मिथिलेश कुमार हर महीने मेस ठेकेदार से मोटी रकम वसूल रहे थे। आखिरकार शनिवार को लालच ने उन्हें ले डूबा। 1.5 लाख रुपये रिश्वत लेते ही विजिलेंस की टीम ने उन्हें बॉयज हॉस्टल के दफ्तर से रंगे हाथों धर दबोचा।



क्या है पूरा मामला

हॉस्टल में करीब 450 लड़के रहते हैं। मेस ठेकेदार संदीप कुमार दुबे उर्फ रौनक चलाते हैं। प्रोफेसर साहब ने नियम बना रखा था – “हर 9 बच्चों के हिसाब से हर महीने कमीशन दो”। पैसे नहीं देने पर बिजली-पानी बंद कराना, सामान जब्त करना, तरह-तरह की धमकी देना शुरू कर देते थे। रौनक ने तंग आकर निगरानी विभाग में शिकायत ठोंक दी। शनिवार को ट्रैप लगा। जैसे ही रौनक ने 1.5 लाख रुपये दिए, सादे कपड़ों में छुपी विजिलेंस टीम ने मिथिलेश कुमार को पकड़ लिया।

घर में 40 लाख का सूटकेस बताए, फिर…

पकड़े जाने के बाद प्रोफेसर साहब घबरा गए। पूछताछ में बता दिया – “कुम्हरार के बजरंगपुरी में मेरे फ्लैट (301-302) में एक सूटकेस में 30-40 लाख रुपये रखे हैं।” फिर विजिलेंस डीएसपी अरुणोदय पांडेय की टीम रात में ही फ्लैट पर पहुंच गई। उस वक्त प्रोफेसर की पत्नी और कांग्रेस नेत्री मोना पासवान रिश्तेदार की शादी में गई थीं। फोन गया तो देवर और बेटी के साथ लौटीं। पूरा फ्लैट छान मारा गया – बाथरूम, किचन, अलमारी, बेड के नीचे… हर कोने में सूटकेस ढूंढा। मिथिलेश को फोन पर बार-बार पूछा गया, “कहां रखा है?” वो कभी बाथरूम बताते, कभी किचन, कभी बेडरूम। आखिर में 5 घंटे की मशक्कत के बाद विजिलेंस की टीम खाली हाथ लौट आई। सूटकेस का नामोनिशान तक नहीं मिला।

कौन हैं मिथिलेश कुमार? 

मिथिलेश कुमार नालंदा के रहने वाले हैं। उनके छोटे भाई पुलिस विभाग में दारोगा के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्नी मोना पासवान कांग्रेस की सक्रिय सदस्य हैं और राजगीर विधानसभा से चुनाव भी लड़ चुकी हैं। साथ ही वे नालंदा के चंडी क्षेत्र से जिला परिषद सदस्य भी रह चुकी हैं। मिथिलेश के एक बेटा और एक बेटी हैं, जो मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे हैं। फिलहाल प्रोफेसर साहब विजिलेंस की गिरफ्त में है और जांच जारी है।

वाहन फिटनेस फीस पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला…

देशभर में सड़क सुरक्षा और प्रदूषण रोकथाम को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब वाहन की उम्र के हिसाब से फिटनेस टेस्ट फीस तय होगी। पहले यह नियम 15 साल बाद लागू होता था, लेकिन अब 10 साल पूरा करते ही गाड़ी महंगी फिटनेस श्रेणी में चली जायेगी। सरकार ने उम्र के आधार पर नई कैटेगरी बनाई है, 10–15 वर्ष, 15–20 वर्ष, 20 वर्ष से अधिक हर श्रेणी में जैसे-जैसे वाहन पुराना होगा, फिटनेस शुल्क बढ़ता जायेगा। 10 साल से कम पुरानी गाड़ियों की भी फीस बढ़ा दी गई है। मोटरसाइकिल 400 रुपये, हल्का वाहन (LMV) 600 रुपये, मध्यम/भारी कमर्शियल वाहन 1,000 रुपये।



20 साल पुराने वाहनों पर तो ‘फीस का पहाड़’

सरकार ने सबसे बड़ा झटका उन वाहनों को दिया है जो 20 साल से ज्यादा पुरानी हैं, पुराना ट्रक/बस 25,000 रुपये (पहले 2,500), मध्यम कमर्शियल वाहन 20,000 रुपये (पहले 1,800), पुराना LMV 15,000 रुपये, थ्री-व्हीलर 7,000 रुपये, दोपहिया 2,000 रुपये (पहले 600) यानी कई श्रेणियों में फीस 10 गुना तक बढ़ गई है।

सरकार का तर्क 

सरकार का कहना है कि इसके पीछे दो बड़े मकसद हैं, पुराने और असुरक्षित वाहनों को सड़क से हटाना और प्रदूषण नियंत्रण को मजबूत करना, लेकिन इस फैसले का सबसे ज्यादा असर भारी कमर्शियल वाहनों के मालिकों पर पड़ेगा, जहां फिटनेस फीस अब बड़ा खर्च बन चुकी है।

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