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Saubhagya Bharat News

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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सोमवार, 29 दिसंबर 2025

राष्ट्रपति मुर्मू ने की ऐतिहासिक पनडुब्बी यात्रा

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज पश्चिमी समुद्री क्षेत्र में भारतीय नौसेना की स्वदेशी अग्रिम पंक्ति की पनडुब्बी INS वाघशीर में सवार होकर समुद्र के भीतर यात्रा पर निकलीं। इस तरह वह पनडुब्बी में यात्रा करने वाली देश की दूसरी राष्ट्रपति बन गईं। इससे पहले यह गौरव फरवरी 2006 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को मिला था, जब उन्होंने INS सिंधु रक्षक में यात्रा की थी। अधिकारियों के अनुसार, कर्नाटक के करवार नौसैनिक अड्डे से कलवरी श्रेणी की इस पनडुब्बी यात्रा के दौरान नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी भी राष्ट्रपति मुर्मू के साथ मौजूद थे। राष्ट्रपति, जो सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर भी हैं, ने इस यात्रा के जरिये नौसेना के मनोबल को नई ऊंचाई दी।



पनडुब्बी में प्रवेश से पहले नौसैनिक वर्दी में सजी राष्ट्रपति मुर्मू ने वहां तैनात जवानों से मुलाकात की। उन्होंने INS वाघशीर के चालक दल से बातचीत कर उनके समर्पण और अनुशासन की खुले दिल से सराहना की। राष्ट्रपति ने कहा कि यह पनडुब्बी भारतीय नौसेना की पेशेवर उत्कृष्टता और युद्ध तत्परता का जीवंत प्रमाण है। राष्ट्रपति सचिवालय के अनुसार, राष्ट्रपति को पनडुब्बी के भीतर भारत की समुद्री रणनीति, पनडुब्बी बेड़े की भूमिका, परिचालन क्षमताओं और राष्ट्रीय समुद्री हितों की रक्षा में इसके योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। गौरतलब है कि इससे पहले अक्तूबर में राष्ट्रपति मुर्मू ने अंबाला से राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी। अप्रैल 2023 में असम के तेजपुर से सुखोई-30 MKI में उड़ान ली थी। इस तरह वह वायुसेना के दो अलग-अलग लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति भी हैं।

राँची: CM हेमंत सोरेन से मिले कांग्रेस के दिग्गज नेता

राँची : राजधानी रांची में आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय एक सियासी सौहार्द का गवाह बना। CM हेमंत सोरेन से झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी के. राजू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और विधायक राजेश कच्छप ने औपचारिक मुलाकात की। मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेताओं ने पेसा नियमावली को राज्य मंत्रिपरिषद से स्वीकृति मिलने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को हार्दिक बधाई दी।


नेताओं ने इसे आदिवासी और ग्राम स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया। इस अवसर पर नववर्ष–2026 के आगमन को लेकर मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेताओं के बीच एक-दूसरे को बधाई और शुभकामनायें दी गईं।

देवघर: पुल पर एक खतरा करीब से गुजर गया, ट्रेन रूट ठप

देवघर : जसीडीह-झाझा मुख्य रेलखंड पर आसनसोल से झाझा जा रही अपलाइन मालगाड़ी अचानक बरुआ नदी पुल के पास पटरी से उतर गई। हादसा इतना भयानक था कि मालगाड़ी के 17 डिब्बे डिरेल हो गये। 10 डिब्बे रेलवे ब्रिज पर ही पलट गये। 3 डिब्बे सीधे बरुआ नदी में जा गिरे। बाकी डिब्बे ट्रैक के इर्द-गिर्द बिखर गये। नतीजा, पूरा रेलखंड जाम, ट्रेनों की रफ्तार थम गई। यह हादसा बीती रात 11.40 बजे के करीब हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो हादसे से करीब आधे घंटे पहले इसी पटरी से गोरखपुर से कोलकाता जा रही पूर्वांचल एक्सप्रेस गुजर चुकी थी। जैसे ही मालगाड़ी डिरेल हुई, तेज धमाके जैसी आवाज गूंजी और आसपास तहलका मच गया। हादसे के बाद से जसीडीह-किऊल रेलखंड पर अप और डाउन दोनों लाइनें ठप हैं। 13 घंटे से अधिक समय से परिचालन बाधित है। 



कई ट्रेनें जसीडीह, सिमुलतला समेत आसपास के स्टेशनों पर रोक दी गईं है। पटना-हावड़ा का प्रमुख रेल रूट प्रभावित हुआ, इसका असर हावड़ा-पटना और हावड़ा-मुजफ्फरपुर लाइन तक है। जसीडीह स्टेशन पर उत्तर बिहार के सैकड़ों यात्री पूरी रात फंसे रहे, चेहरों पर थकान और आंखों में चिंता साफ दिखी। रेलवे ने सुरक्षा कारणों से कई ट्रेनों को रद्द या डायवर्ट किया है। आसनसोल मंडल की PRO विपुला बौरी ने मीडिया को बताया कि सूचना मिलते ही राहत और बहाली की विशेष टीमें मौके पर भेज दी गईं। उन्होंने कहा कि हादसे से अप और डाउन दोनों रूट प्रभावित हैं। डिब्बे हटाने और ट्रैक दुरुस्त करने में 10 से 12 घंटे लग सकते हैं। यात्रियों को लगातार सूचना दी जा रही है।

UP: लाइक्स एंड शेयर’ का पागलपन, दोस्त ने मा’री गोली

UP : रील बनाने की सनक ने दोस्ती को लहूलुहान कर दिया। लाइक और शेयर की भूख इतनी बढ़ गई कि 17 साल के फहीम पर उसके ही दोस्त ने गोली चला दी। फहीम जान बचाने के लिये इधर-उधर भागता रहा, हाथ जोड़कर मना करता रहा, लेकिन आरोपी पर जैसे पागलपन सवार था और ट्रिगर दबा दिया। सरधना नगर के मोहल्ला घोसियान निवासी फहीम अपने दोस्तों के साथ था। योजना बनी थी कि रील बनेगी, तमंचे से सिर्फ हवाई फायर होगी। लेकिन रील बनते-बनते हवाई फायर की हद टूट गई। आरोपी ने अचानक नाबालिग फहीम की ओर पिस्तौल तान दी और गोली चला दी। 



गोली फहीम की बायीं हथेली में जा लगी, वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। घटना के बाद फहीम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। शनिवार को पिस्तौल के साथ फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद इलाके में तहलका मच गया और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों का कहना है कि बच्चा नाबालिग है, उस पर जानलेवा हमला हुआ। फिर भी न पिस्तौल बरामद हुई, न आरोपी पकड़ा गया। पुलिस का कहना है कि यह वारदात रील पर ज्यादा लाइक और शेयर पाने की होड़ में अंजाम दी गई। केस दर्ज कर लिया गया है। यह दिल दहला देने वाली वारदात मेरठ के सरधना नगर के मोहल्ला घोसियान में हुई।

बॉक्स ऑफिस की बाहुबली बनी ‘धुरंधर’, दमदार कमाई

चुनिंदा फिल्मों की फेहरिस्त में अब ‘धुरंधर’ का नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो चुका है। रिलीज के चौथे हफ्ते में भी फिल्म की कमाई देखकर दर्शक भी हैरान हैं। आमतौर पर बड़े बजट की फिल्मों की रफ्तार दूसरे या तीसरे हफ्ते में धीमी पड़ने लगती है, लेकिन ‘धुरंधर’ ने इस चलन को पूरी तरह पलट दिया। पहले शनिवार को शानदार ओपनिंग, फिर लगातार चार शनिवार तगड़ा कलेक्शन और हर हफ्ते यह संदेश कि फिल्म का जादू अभी बाकी है। चौथे हफ्ते के शनिवार को फिल्म ने 20 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर सबको चौंका दिया। भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 700 करोड़ का आंकड़ा पार कर गया।



इस साल ऐसा करने वाली यह पहली फिल्म है। फिल्म की कामयाबी का सबसे बड़ा राज दमदार कंटेंट है। मजबूत कहानी, सधा हुआ निर्देशन, कलाकारों का असरदार अभिनय, एक्शन, ड्रामा और इमोशन्स का संतुलन, यही वजह है कि रिलीज के कई हफ्तों बाद भी शो हाउसफुल जा रहे हैं और दर्शक बार-बार सिनेमाघर का रुख कर रहे हैं।

चतरा में TSPC के पूर्व टॉप कमांडर समेत दो की गोली मारकर हत्या, दो गंभीर घायल, इलाका पुलिस छावनी में तब्दील

चतरा जिले के कुंदा थाना क्षेत्र अंतर्गत गेंद्रा गांव में रविवार देर रात आपसी विवाद के दौरान हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से इलाके में सनसनी फैल गई। इस घटना में प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीएसपीसी के पूर्व टॉप कमांडर देवेंद्र गंझू और उसके साथी चुरामन गंझू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि श्याम भोक्ता और उसका साला गोपाल भोक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार की देर रात देवेंद्र गंझू अपने कुछ साथियों के साथ गेंद्रा गांव स्थित श्याम भोक्ता के घर पहुंचा था। बताया जा रहा है कि किसी पुराने विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई। विवाद इतना बढ़ गया कि घर के भीतर ही गोलीबारी शुरू हो गई। इस दौरान चली गोलियों में देवेंद्र गंझू और चुरामन गंझू की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि श्याम भोक्ता और गोपाल भोक्ता गंभीर रूप से जख्मी हो गए।

घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को पहले प्रतापपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें डाल्टनगंज भेजा गया। हालत गंभीर होने पर श्याम भोक्ता को बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर कर दिया गया, जबकि गोपाल भोक्ता को मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भी प्राथमिक उपचार दिया गया।

मृतक देवेंद्र गंझू टीएसपीसी का पूर्व टॉप कमांडर रह चुका था। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ झारखंड के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हत्या, रंगदारी, लेवी वसूली सहित 36 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। वहीं घायल श्याम भोक्ता भी पहले टीएसपीसी संगठन से जुड़ा रहा है और उस पर दर्ज एक मामले की जांच वर्तमान में एनआईए द्वारा की जा रही है। बताया जा रहा है कि वह हाल ही में जेल से बाहर आया था।

ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि बीते दिनों पलामू जिले के पांकी इलाके में टीएसपीसी के हथियार फैक्ट्री मामले का खुलासा हुआ था, जिसकी जांच एनआईए कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि अफीम की अवैध कमाई और पूर्व में ली गई लेवी की रकम के बंटवारे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव चल रहा था, जो अंततः इस खूनी संघर्ष में बदल गया।

घटना की सूचना मिलते ही कुंदा थाना प्रभारी प्रिंस कुमार सिंह, इंस्पेक्टर सनोज कुमार चौधरी सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर साक्ष्य एकत्र किए और पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। सुरक्षा के मद्देनज़र क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

चतरा के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला आपसी विवाद का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि हर बिंदु पर गहन जांच की जा रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।

राँची: झारखंड में पारा लुढ़का, पड़ा पाला, कबतक रहेगा ऐसा

राँची : झारखंड में ठंड ने अचानक तेवर तीखे कर लिये हैं। राजधानी रांची समेत कई जिलों में शीतलहर का असर साफ दिख रहा है। रांची का न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री कम है। हालात ऐसे हैं कि राज्य के कई हिस्सों में 14 दिनों का न्यूनतम पारा 10 डिग्री से नीचे चला गया है। दिन में भी ठंड से सुकून नहीं मिला, रांची का अधिकतम तापमान 22.2 डिग्री रहा, यानी धूप के बावजूद हल्की ठंडक बनी रही और मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। रांची के मौसम केंद्र के अनुसार, रांची के बाद सबसे ठंडा गुमला रहा। वहीं बोकारो, देवघर और कोडरमा में न्यूनतम तापमान 5 से 8 डिग्री के बीच रहा, जो सामान्य से नीचे है और कोल्ड वेव की स्थिति बनी हुई है।



खूंटी, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, सरायकेला समेत अन्य इलाकों में रात का तापमान 3 से 7 डिग्री के बीच रिकॉर्ड हुआ। खुले खेतों और बाहरी इलाकों में पाला पड़ने की खबरें हैं, जिससे ठंड का असर और तीखा महसूस हो रहा है। मौसम विभाग के दैनिक बुलेटिन के अनुसार, अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री तक और गिर सकता है। इसके बाद अगले 3 दिनों में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी संभव है। अचानक गिरे तापमान और कोल्ड वेव को देखते हुये बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

बिहार: अनंत सिंह के बेटे मिले CM नीतीश कुमार से, आगे क्या

बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल है, और इसकी धड़कन सीधे मोकामा से आ रही है। बाहुबली विधायक अनंत सिंह से जुड़ी एक अहम सियासी तस्वीर सामने आई है। मोकामा के मौजूदा विधायक और ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर अनंत सिंह की पूर्व विधायक पत्नी नीलम देवी, अपने दोनों बेटों के साथ CM नीतीश कुमार से मिलने पहुंची। इस मुलाकात के पीछे कोई बड़ा सियासी संकेत छिपा है, इसी सवाल ने मोकामा की राजनीति को गरमा दिया है। दरअसल, अनंत सिंह इन दिनों जेल की सलाखों के पीछे हैं। चुनाव के बीच पटना पुलिस ने उन्हें एक हत्याकांड में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया था। मामला अदालत में विचाराधीन है। इधर, मोकामा और आसपास के इलाकों में उनके समर्थक आज भी उसी उम्मीद के साथ बैठे हैं कि फैसला उनके नेता के हक में आयेगा और ‘छोटे सरकार’ फिर से पुराने रौब के साथ जनता के बीच लौटेंगे। फिलहाल, सबकी निगाहें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।



लेकिन इन सबके बीच मोकामा की राजनीति में जो नया रंग उभर रहा है, वह चौंकाने वाला है। सवाल उठ रहा है, क्या ‘छोटे सरकार’ की विरासत अब अगली पीढ़ी संभालने जा रही है? इन दिनों अनंत सिंह के दोनों बेटे, अंकित और अभिषेक, इलाके में खासे एक्टिव नजर आ रहे हैं। करीब 50 गाड़ियों के काफिले के साथ वे मोकामा विधानसभा क्षेत्र के गांव-गांव पहुंच रहे हैं। लोगों से मिलना, हालचाल पूछना, सुख-दुख बांटना और आशीर्वाद लेना, यह सब कुछ बिल्कुल उसी अंदाज में हो रहा है, जैसा सालों से अनंत सिंह करते आये हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों भाइयों का ठाठ, ठसक और आत्मविश्वास हूबहू अपने पिता जैसा दिख रहा है। यही वजह है कि मोकामा की गलियों में अब नारे भी बदलने लगे हैं। जहां कभी “छोटे सरकार जिंदाबाद” गूंजता था, वहीं अब “अंकित भैया जिंदाबाद” और “अभिषेक भैया जिंदाबाद” की आवाजें सुनाई देने लगी हैं।


इतना ही नहीं, अनंत सिंह के पुराने सिपहसालार, समर्थक और रणनीतिकार भी अब इन्हीं दोनों भाइयों के साथ कदमताल करते दिख रहे हैं। जहां-जहां उनका काफिला पहुंचता है, वहां भीड़, जोश और चर्चा—सब कुछ पुराने दिनों की याद दिला देता है। स्थानीय नेताओं से मुलाकात, कार्यकर्ताओं के साथ बैठक और आम जनता से सीधा संवाद, यह साफ इशारा कर रहा है कि अंकित और अभिषेक का राजनीति से रिश्ता अब सिर्फ नाम का नहीं रहा। गौर करने वाली बात यह भी है कि पिछले विधानसभा चुनाव में जब अनंत सिंह से उनके बेटों के राजनीतिक भविष्य पर सवाल पूछा गया था, तो बेबाक ‘छोटे सरकार’ उस वक्त गंभीर हो गये थे। उन्होंने कहा था,“अभी लड़कवा के उमर नय हय, अगिला बेरी हो जतय त लड़तय।”

यानी संकेत साफ था, आज नहीं, लेकिन कल जरूर।

राँची: राष्ट्रपति की सुरक्षा में चूक पर ट्रैफिक SP ये बोल गये

राँची : झारखंड की राजधानी रांची में उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई। रांची एयरपोर्ट से निकलने के बाद जैसे ही राष्ट्रपति का काफिला किशोरगंज चौक से गुजरा, तभी एक स्कूटी सवार अचानक सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुये काफिले के अंदर दाखिल हो गया। हालांकि, मौके पर तैनात सतर्क पुलिसकर्मियों ने फौरन हरकत में आते हुये स्कूटी सवार को काफिले से बाहर निकाला और हिरासत में ले लिया। इस दौरान राष्ट्रपति का काफिला बिना रुके आगे बढ़ता रहा, लेकिन घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं। तीन दिवसीय झारखंड दौरे पर आईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन को लेकर रांची एयरपोर्ट से लेकर लोक भवन तक के सभी रास्ते पूरी तरह सील थे। जगह-जगह बैरिकेडिंग, भारी पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी निगरानी के बावजूद स्कूटी सवार का काफिले में प्रवेश कर जाना, सुरक्षा चूक की कहानी खुद बयां कर रहा है। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि राष्ट्रपति का वाहन गुजरने के बाद काफिले की पांच-छह गाड़ियां निकल चुकी थीं। इसी बीच अचानक एक स्कूटी सवार काफिले के बीच आ जाता है। किशोरगंज चौक से पहले ही एक सुरक्षा कर्मी ने उसे रोक लिया और सड़क के किनारे ले जाकर हिरासत में ले लिया।


कुछ न्यूज चैनल और सोशल मीडिया पर रांची में माननीय राष्ट्रपति की सुरक्षा में चूक और उनके कारकेड के बीच एक स्कूटी सवार के घुसने की खबर चलाई जा रही है| रांची पुलिस यह स्पष्ट करना चाहती है कि इस तरह की बात आधारहीन है. वीडियो में साफ तौर पर देखा जा रहा है, कि जब राष्ट्रपति महोदया, महामहिम राज्यपाल और माननीय मुख्यमंत्री का कारकेड काफी दूर निकल चुका था तथा उसके बाद एयरपोर्ट पर प्रतिनियुक्त पदाधिकारी अपनी ड्यूटी से वापस लौट रहे थे तब पीछे पीछे एक स्कूटी सवार भी सड़क पर दिखता है जिसे प्रतिनियुक्त पुलिस कर्मी द्वारा एहतियातन रोका गया। जाँचोपरांत यह पाया गया कि वह विशेष शाखा का पुलिस कर्मी था जो आसूचना संकलन हेतु एयरपोर्ट पर प्रतिनियुक्त था तथा वो भी अन्य पदाधिकारियों की भांति अपने गंतव्य तक जा रहा था। यह पुनः स्पष्ट किया जाता है की वो गाड़िया किसी भी कारकेड का हिस्सा नहीं था. इसी को लेकर कुछ लोगों को संभवतः संशय हुआ कि काफिले की सुरक्षा में चूक हुई। रांची पुलिस के सभी कर्मी अपनी ड्यूटी हेतु सजग एवं प्रतिबद्ध हैं।


राँची: 85 हजार रुपये के चलते दोस्त बना कातिल, क्या बोले SP

खूंटी : जमीन की खरीद-बिक्री में हिस्सेदारी के 85 हजार रुपये को लेकर उपजा विवाद दोस्ती पर इस कदर भारी पड़ा कि मामला खून-खराबे तक पहुंच गया। खूंटी के कर्रा थाना क्षेत्र के गुयू गांव में कांग्रेस नेता सुमित तिग्गा की हत्या की गुत्थी को खूंटी पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल मृतक के दो दोस्तों संजय बालमुचू और दशरथ मुंडा को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी गुयू गांव के ही निवासी हैं। खूंटी SP मनीष टोप्पो ने मामले का खुलासा करते हुये बताया कि बीते 22 दिसंबर की शाम सुमित तिग्गा की गांव के पास जंगल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद से पुलिस लगातार सुराग की तलाश में जुटी थी। इसी क्रम में शनिवार को गुप्त सूचना मिली कि दोनों आरोपी अपने-अपने घरों में छिपे हुये हैं।



सूचना के आधार पर तोरपा ASP ख्रिस्टोफर केरकेट्टा के नेतृत्व में गठित छापेमारी दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुये दोनों आरोपियों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि जमीन बिक्री से मिले पैसों में सुमित तिग्गा ने उन्हें 85 हजार रुपये नहीं दिये थे। इसी रंजिश में उन्होंने हत्या की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देसी पिस्तौल, एक जिंदा गोली और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है। वहीं, खूंटी पुलिस ने रनिया थाना क्षेत्र में हुई एक अन्य हत्या की गुत्थी भी सुलझा ली है। कोयल नदी के डोंगा घाट से 23 दिसंबर को बरामद अज्ञात शव की पहचान सिमडेगा जिले के रोमजोल गांव निवासी बीबीएल मड़की के रूप में की गई है। SP मनीष टोप्पो ने बताया कि जांच में सामने आया कि बीबीएल की हत्या उसी के परिचित नितिर मड़की उर्फ नितिन ने की थी। दोनों नदी पार कर रहे थे, इसी दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर नितिर ने बीबीएल को नदी के बीच जोर से धक्का दे दिया। धक्का लगने से बीबीएल पास की चट्टान से टकरा गया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसने भी अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।

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