सरायकेला-खरसावां : झामुमो व्यवसाय मोर्चा जिला अध्यक्ष हरिहर लोहार के नेतृत्व में दिशूम गुरु झारखंड के सर्वमान्य नेता शिबू सोरेन की 82वीं एवं पूर्व सांसद वीर शहीद सुनील महतो की 60वीं जयंती के पावन अवसर पर बिरसा चौक, हरिहर मॉल हॉल में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने दोनों महान नेताओं के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष हरिहर लोहार ने कहा कि 11 जनवरी 1944 को गोला प्रखंड के नेमरा में जन्मे शिबू सोरेन झामुमो के संस्थापक, कई बार केंद्रीय अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्री एवं मुख्यमंत्री रह चुके थे। वे आदिवासी-मूलवासी, गरीब-गुरबा, किसान-मजदूरों के मसीहा थे और अलग राज्य आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाकर झारखंड राज्य निर्माण में उनका ऐतिहासिक योगदान रहा।
जिला उपाध्यक्ष भोला महंती ने कहा कि गुरुजी के आंदोलन से प्रेरित होकर सुनील महतो भी संघर्ष के पथ पर चले और पूरे झारखंड में पार्टी को मजबूत किया। वे गरीब-गुरबा की आवाज बनकर उनके हक-अधिकार के लिए लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
नगर अध्यक्ष शम्भू आचार्य ने कहा कि दोनों नेताओं ने झारखंडियों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया और आज भी वे लोगों के दिलों में जीवित हैं। साहित्य-संस्कृति मोर्चा के जिला अध्यक्ष अविनाश कबी ने कहा कि भाषा, साहित्य, कला और संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन के लिए दोनों नेता सदैव तत्पर रहते थे।
युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष उमेश भोल ने युवाओं से अपील की कि वे दोनों नेताओं के संघर्ष और विचारों को जानें तथा उनके बताए मार्ग पर चलकर बेहतर झारखंड निर्माण में योगदान दें। जिला सह सचिव सोमा पूर्ति ने कहा कि गुरुजी हमेशा झारखंडियों को नशे से दूर रहकर सामाजिक उत्थान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे।
श्रद्धांजलि सभा के उपरांत सभी नेताओं ने बिरसा चौक स्थित भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया। कार्यक्रम के दौरान करीब 200 जरूरतमंदों के बीच कंबल का वितरण भी किया गया।
इस अवसर पर प्रखंड अध्यक्ष सुरेश हेमब्रम, नगर सचिव तपन कामिला, गणेश गागराई, श्रीधर सिंहदेव, विजय महतो, अमूल्य महतो, हरिपदो मुर्मू, राजेश मुंडरी, सामु किस्कू, निरेन सोरेन, हेमंत सिंह, जगबंधु आचार्य, अजय नंदी, कृष्णा राणा, रिकी पति, सूरज दास, आशीष सरदार, दलको डांगो, लखन देवगम, सुनील साहू, सुनील जामुदा, जितेन गोप, अनिरुद्ध परामानिक, विक्रम परामानिक, पापुन राना, राकेश कामिला सहित कई कार्यकर्ता एवं सैकड़ों महिला-पुरुष उपस्थित थे।