सरायकेला-खरसावां : आज दिनांक 11 जनवरी 2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सरायकेला-खरसावां के आदेशानुसार PLV दिनेश कुम्भकार एवं हरी कुम्भकार द्वारा नालसा डॉन स्कीम 2025 के तहत रीडिंगदा गांव में नशा मुक्ति अभियान एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को नशे से होने वाले दुष्परिणामों की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि वर्तमान समय में नशा समाज के लिए एक गंभीर समस्या बन चुका है। शराब, सिगरेट, तंबाकू, गांजा और अफीम जैसे नशीले पदार्थ न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को भी प्रभावित करते हैं।
PLV द्वारा बताया गया कि नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को कमजोर कर देती है और उसे गलत रास्ते पर ले जाती है। कई बार गरीब और युवा वर्ग अपनी कठिनाइयों से बचने के लिए नशे को सहारा मान लेते हैं। इसके पीछे सामाजिक तनाव, आर्थिक अस्थिरता, गरीबी, शहरीकरण, औद्योगीकरण, संयुक्त परिवारों का विघटन और अकेलापन जैसे कारण प्रमुख हैं। बदलती सामाजिक व्यवस्था और बढ़ती आकांक्षाएं भी नशे की प्रवृत्ति को बढ़ावा देती हैं।
ग्रामीणों को नशा छोड़ने के लाभों के बारे में भी जागरूक किया गया, जिसमें प्रमुख रूप से —
परिवार में रिश्तों का सुधरना और विश्वास की वापसी,
समाज में सम्मान और जिम्मेदार नागरिक के रूप में पहचान,
आर्थिक स्थिति में सुधार, क्योंकि नशे पर होने वाला खर्च बचता है —
जैसे महत्वपूर्ण लाभ बताए गए।
कार्यक्रम में रीडिंगदा गांव के बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और सभी से नशे से दूर रहने व दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की गई।










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