पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा संताल परगना दुमका की ओर से झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, झामुमो के संस्थापक एवं झारखंड राज्य के प्रणेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जयंती बड़े श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। केंद्रीय अध्यक्ष असीम कुमार मंडल की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन दुमका के बन्दरजोरी चौक स्थित कार्यालय में किया गया।
इस अवसर पर केंद्रीय अध्यक्ष असीम कुमार मंडल ने कहा कि झारखंड राज्य के प्रणेता गुरु जी ने आदिवासी, पिछड़े और वंचित समाज के अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। उनके आंदोलन और विचारों के कारण ही झारखंड अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है और हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय प्रधान महासचिव डॉ. अमरेन्द्र कुमार यादव ने कहा कि झारखंड राज्य के प्रणेता ने सामाजिक न्याय, समानता और स्वाभिमान की लड़ाई को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जाए और सामाजिक एकता को मजबूत किया जाए, ताकि उनके सपनों का झारखंड बनाया जा सके।
महासचिव रंजीत जायसवाल ने कहा कि झारखंड राज्य के प्रणेता का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा उनके विचारों और संघर्षों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य करता रहेगा और सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूती से जारी रखेगा। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में अशोक मंडल, कुणाल कुमार, रविंद्र मांझी, मुकेश मंडल, बसंत बैध, सुधाकर मंडल सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।








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