हजारीबाग: बड़कागांव के शांत गांव गोंदुलपारा में इन दिनों एक ही नाम चर्चा में है… प्रदीप यादव। घर-परिवार और गांव के लोग उसे देखते हैं तो चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। वजह साफ है। प्रदीप को अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड में सीनियर टेक्नीशियन के पद पर मौका मिला है। यह सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि उस सपने की शुरुआत है जो उसने खेतों के बीच चलते हुए, गांव की गलियों में बड़े होते हुए देखा था।
गांव के युवाओं के लिए उम्मीद की नई सुबह
बड़कागांव प्रखंड में कुछ दिन पहले हुए जॉब फेयर में 200 से ज्यादा युवाओं ने भाग लिया था। इन्हीं में एक था प्रदीप। साधारण परिवार से आने वाले प्रदीप को शायद खुद भी नहीं लगा होगा कि यही दिन उसकी जिंदगी बदल देगा। ऑफर लेटर हाथ में आते ही उसके घर में जैसे त्योहार का माहौल बन गया। उसे आकर्षक वेतन के साथ भविष्य निधि, ग्रैच्युटी, बोनस, बीमा, वार्षिक मेडिकल जांच, सस्ता भोजन और आवास जैसी सुविधाएं मिलेंगी। एक ग्रामीण परिवार के लिए यह सुविधाएं सिर्फ कागज पर लिखी लाइनें नहीं, बल्कि सुरक्षा, स्थिरता और उम्मीद का नाम हैं।
“हमारे जैसे गांव के लड़के भी आगे बढ़ सकते हैं”
प्रदीप इसे अपनी नहीं, पूरे इलाके की जीत मानता है। वह कहता है, “जॉब फेयर ने हमें ऐसा प्लेटफॉर्म दिया जिसकी कल्पना नहीं थी। आज यहां से निकल कर बड़े प्रोजेक्ट में काम करना भरोसा देता है कि गांव के लड़के भी आगे बढ़ सकते हैं।” उसकी खुशी में गोंदुलपारा ही नहीं, आसपास के गांवों के लोग भी शामिल हुए। कहीं शुभकामनाएं दी गईं, तो कहीं यह उम्मीद जताई गई कि आने वाले समय में और भी युवाओं को ऐसा अवसर मिलेगा।
गाली गांव के पांच युवाओं को भी मिली नौकरी
जॉब फेयर सिर्फ प्रदीप की कहानी पर नहीं रुका। गाली गांव के पांच युवाओं को सुरक्षा गार्ड की नौकरी मिली है। वे अब कंपनी की विभिन्न परियोजनाओं में काम कर रहे हैं। यह उनके परिवारों के लिए भी एक बड़ा सहारा साबित हुआ है।
इलाके में शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास की नई तैयारी
अदाणी फाउंडेशन सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं। जल्द ही यहां स्कूल, अस्पताल और स्किल ट्रेनिंग सेंटर खोलने की योजना है। इससे स्थानीय लोगों को शिक्षा, इलाज और हुनर सीखने के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
पुराने बायोडाटा की शॉर्टलिस्टिंग भी जारी है। अधिकारियों के अनुसार योग्य युवाओं को आगे और भी अवसर दिए जाएंगे।
सीएसआर गतिविधियों से बदलते जीवन
सालों से अदाणी फाउंडेशन की सीएसआर गतिविधियां इस इलाके में बड़ा बदलाव ला रही हैं। फ्री एम्बुलेंस, टीबी मरीजों को पोषण किट, नेत्र और स्वास्थ्य जांच शिविर, छात्रवृत्ति और शैक्षणिक सहयोग, इन सेवाओं से हजारों लोग लाभान्वित हुए हैं।







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