पटना को व्यवस्थित और जाम मुक्त शहर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अब पूरी तरह से कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रमंडलीय आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था, अतिक्रमण हटाने और पार्किंग सुधार पर कड़े निर्देश दिए गए। बैठक में जिला मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नगर आयुक्त, यातायात पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में आयुक्त पराशर ने कहा कि शहर की सड़कों पर अव्यवस्थित गैराज और जर्जर खड़ी गाड़ियां जाम और सुरक्षा के लिए खतरा हैं। सभी पुराने वाहन और गैराज 30 नवंबर तक हटाने के निर्देश दिए गए हैं। 1 दिसंबर के बाद सड़क किनारे किसी भी प्रकार की मरम्मत या गैराज गतिविधि की अनुमति नहीं होगी।
इसके अलावा, पार्किंग स्थलों में बिक्री के लिए खड़ी वाहनों की पहचान कर उन्हें 1 दिसंबर तक हटाने का आदेश दिया गया है। इसके बाद किसी भी अवैध रूप से खड़ी गाड़ी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला परिवहन अधिकारी को सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों की रात में वीडियोग्राफी कर सूची तैयार करने का भी निर्देश दिया गया है।
यातायात सुधार के लिए प्रशासन ने शहर में अनावश्यक सड़क कट बंद करने, प्रमुख चौराहों पर जेब्रा क्रॉसिंग बनाने और फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, ऑटो और ई-रिक्शा को निर्धारित रूट और स्टैंड पर नियंत्रित किया जाएगा।
आयुक्त पराशर ने कहा कि शहर में चल रही परियोजनाओं जैसे फुट ओवरब्रिज, अंडरपास, सड़क चौड़ीकरण और मेट्रो नेटवर्क को तेजी से पूरा किया जाएगा और संबंधित विभाग समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करेंगे।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और यातायात पुलिस का सहयोग करें ताकि पटना जाममुक्त और सुरक्षित शहर बन सके।







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