पाकुड : महेशपुर अंबेडकर चौक से करीब दो सौ मीटर दूर स्थित जीवनदीप फार्मा जांच केंद्र पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगा है। धर्मखापड़ा गांव के रिपॉन शेख के पांच वर्षीय बेटे आजमी शेख की तबीयत इलाज के बाद बिगड़ गई। बच्चे के पूरे शरीर में लकवे जैसे लक्षण दिखने लगे। इसके बाद परिजन महेशपुर थाना पहुंचे और जीवनदीप फार्मा के संचालक मेहबूब आलम के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए जोरदार विरोध किया। घटना के बाद से ही केंद्र का शटर बंद है और संचालक मेहबूब आलम फरार बताए जा रहे हैं।
क्या है मामला
जानकारी के अनुसार, आजमी शेख को पिछले माह 28 तारीख को तेज बुखार हुआ था। परिजन इलाज के लिए उसे महेशपुर अंबेडकर चौक के पास स्थित जीवनदीप फार्मा लेकर पहुंचे। केंद्र के संचालक मेहबूब आलम खुद को डॉक्टर बताते हुए बच्चे का इलाज करने लगे। परिजनों के अनुसार, दो दिनों तक दिए गए उपचार के बाद आजमी की तबीयत और बिगड़ गई। बच्चे के शरीर में अचानक लकवे जैसे लक्षण दिखने लगे तो हड़बड़ाहट में उसे रामपुरहाट अस्पताल रेफर किया गया। वहां इलाज के बाद भी बच्चे की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इसी से नाराज होकर परिजन शुक्रवार को महेशपुर थाना पहुंचे और संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
जांच होगी, कार्रवाई भी
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आया है। सिविल सर्जन ने कहा कि जीवनदीप फार्मा की जांच कराई जाएगी। परिजन आवेदन देंगे तो मेडिकल लापरवाही को लेकर एफआईआर दर्ज की जाएगी और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल महेशपुर में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग बिना पंजीकरण वाले निजी जांच और इलाज केंद्रों पर सवाल उठा रहे हैं।







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