धनबाद, 9 जनवरी 2026: जिले में मीट एवं मुर्गा दुकानों के संचालन को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत जिले के सभी मीट कारोबारियों को निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। इस संबंध में खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजा कुमार ने सभी दुकानदारों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जारी निर्देशों के अनुसार, मीट दुकानों का पंजीकरण या लाइसेंस भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) एवं झारखंड खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण से प्राप्त करना अनिवार्य होगा। दुकानों में स्वच्छता, साफ-सफाई, नॉन-स्लिप फ्लोर, उचित ड्रेनेज व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, स्टेनलेस स्टील के उपकरणों का उपयोग, उचित तापमान पर मांस का भंडारण तथा वेस्ट डिस्पोजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
इसके अलावा धार्मिक स्थलों के पास निर्धारित दूरी के नियमों का पालन, दुकान में स्पष्ट साइन बोर्ड लगाना, कर्मचारियों का वार्षिक स्वास्थ्य प्रमाण पत्र तथा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सभी मानकों का कड़ाई से अनुपालन करना भी आवश्यक होगा।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सभी मीट एवं मुर्गा दुकानदारों को 14 दिनों के भीतर इन नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा। निर्धारित अवधि के बाद यदि किसी भी दुकान में नियमों का उल्लंघन पाया गया तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।

























