उपराजधानी दुमका के रेलवे स्टेशन पर बने कोयला डंपिग यार्ड हटाने की मांग को लेकर विगत पांच वर्षों से चल रहा आंदोलन पच्चीस जनवरी से उग्र होगा। उक्त जानकारी रविवार को स्टेशन परिसर के निकट धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे रवि शंकर मंडल दी। उन्होंने कहा कि सिर्फ रसिक पुर और आस पास के लोगों के लिए ही नहीं बल्कि संपूर्ण दुमका वासियों के लिए परेशानी का सबब बन चूकी इस समस्या को लेकर कोई गंभीर नहीं है। वहीं धरना प्रदर्शन कर रहे वरिष्ठ स्थानीय निवासी जगन्नाथ पंडित ने कहा कि उन लोगों की सिर्फ एक ही मांग है कि रेलवे प्रशासन और केंद्र सरकार अविलंब पहल करते हुए यहां से कोयला डंपिग यार्ड को स्थांतरित किया जाए। यहां बताते चलें कि कोयला साइडिंग के कारण पूरा दुमका रेलवे स्टेशन कोयले के मोटे डस्ट के कारण काला पड़ चूका है। जिससे कि सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि आस पास दर्जनों की संख्या में शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे हजारों की संख्या में छात्र छात्राओं के सेहत पर क्या असर डाल रहा होगा। साथ ही यात्रियों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां बताते चलें कि रेलवे क्वाटर भी कोयला के डस्ट से भरा रहता है। इसलिए रेलवे स्टेशन पर कोयला रैक को हटाना जरूरी है। धरना प्रदर्शन में रवि मंडल के साथ अभय गुप्ता, संजय मंडल, मंजू गुप्ता , जगन्नाथ पंडित,मनोज कुमार, एन एन कुमार,सुमन मंडल,के साथ अन्य उपस्थित थे।









































