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गुरुवार, 15 जनवरी 2026

चाईबासा: दौड़ के दौरान इंजीनियरिंग छात्र की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित खेल गतिविधि के दौरान चाईबासा इंजीनियरिंग कॉलेज में एक दर्दनाक हादसा हो गया। दौड़ में भाग ले रहे एक छात्र की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाने के क्रम में उसकी मौत हो गई।

मृतक की पहचान 22 वर्षीय विक्रांत टुडू के रूप में हुई है, जो कॉलेज में बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह धनबाद जिले के गोविंदपुर थाना अंतर्गत कोनोटांड़ गांव का निवासी था। उसके पिता नकुल टुडू पारा शिक्षक हैं। तीन बहनों के बाद विक्रांत परिवार का इकलौता पुत्र था।






घटना मंगलवार दोपहर की बताई जा रही है। छात्र की मौत की सूचना मिलने के बाद बुधवार को परिजन चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचे, जहां शव का पोस्टमार्टम कराया गया। परिजनों ने कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की। बुधवार दोपहर तक इस मुद्दे को लेकर परिजनों और कॉलेज प्रशासन के बीच वार्ता चलती रही, लेकिन किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी।

कॉलेज के प्रिंसिपल डी. राहा ने बताया कि कॉलेज में नियमित रूप से खेल गतिविधियां आयोजित होती रहती हैं। यह कोई अनिवार्य प्रतियोगिता नहीं थी। केवल इच्छुक छात्रों ने पंजीकरण कर भाग लिया था। दौड़ के दौरान विक्रांत की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे तत्काल सीपीआर दिया गया और कॉलेज एंबुलेंस से सदर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सक उसे नहीं बचा सके।

परिजनों के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रिंसिपल ने कहा कि कॉलेज प्रशासन ने अपनी ओर से हरसंभव प्रयास किया। उन्होंने यह भी बताया कि छात्र के परिवार को आर्थिक सहायता देने पर प्रबंधन विचार कर रहा है।















सरायकेला: ठाकुराणी दरबार में निशुल्क सेवा शिविर, श्रमदान से बना लकड़ी का पुल

सरायकेला प्रखंड अंतर्गत संजय नदी तट पर स्थित प्रसिद्ध शक्ति पीठ माता ठाकुराणी देवी के दरबार में मकर संक्रांति के अवसर पर जय मां ठाकुराणी सेवा संघ, गोविंदपुर की ओर से एक दिवसीय निशुल्क सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप खीर, खिचड़ी एवं चाय निःशुल्क वितरित की गई। सेवा समिति के कार्यकर्ता पूरे दिन श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर नजर आए।

इस सेवा कार्य में मृत्युंजय पति, राजेन मुर्मू, चित्रसेन मंडल, हेमंत मंडल, रूपबहन मंडल, सुबोध मंडल, विकास मंडल, संजीत मंडल, धनंजय मंडल, संजय मंडल, तापस मंडल, अमित मंडल, रंजीत मंडल, नरेश मंडल, आकाश मंडल, महावीर मंडल, सत्यवान मंडल सहित कई लोगों का सराहनीय सहयोग रहा।




श्रमदान से तैयार हुआ लकड़ी का पुल: संजय नदी में वर्षभर जल प्रवाह बने रहने के कारण श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी होती थी। इस समस्या के समाधान हेतु मुरुप गांव के फॉलोवर डेकोरेशन के संचालक किरण हो के नेतृत्व में युवाओं ने श्रमदान कर एक अस्थायी लकड़ी का पुल तैयार किया, जिससे श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिली। लोगों ने इस पहल की जमकर सराहना की।

बताया गया कि ठाकुराणी दरोह के समीप झारखंड सरकार द्वारा लगभग 8.15 करोड़ रुपये की लागत से स्थायी पुल का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।

लोगों ने जताया आभार: निशुल्क सेवा शिविर एवं श्रमदान से बने पुल को लेकर श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों ने सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। युवा सामाजिक कार्यकर्ता हेमसागर प्रधान सहित कई लोगों ने इस पुनीत कार्य के लिए सभी सेवा भावी युवाओं को धन्यवाद दिया।








मकर संक्रांति पर नटराज कलाकेंद्र ने खेलकूद प्रतियोगिता व सांस्कृतिक संध्या का भव्य आयोजनमकर संक्रांति के पावन

अवसर पर प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी नटराज कलाकेंद्र की ओर से पब्लिक दुर्गा पूजा मैदान, सरायकेला में सुबह से विभिन्न प्रकार की खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसके पश्चात संध्या में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में खेल व कला प्रेमी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सरायकेला के राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव एवं विशिष्ट अतिथि जलेश कबी, भोला महंती, विजया राज एवं रेखा देवी द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।


इस अवसर पर राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि मकर पर्व इस क्षेत्र का सबसे बड़ा पर्व है, जो हमारी पारंपरिक संस्कृति, सामुदायिक सौहार्द, आनंद और आध्यात्मिकता का संगम है। ऐसे आयोजन आने वाली पीढ़ियों को अपनी भाषा और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रेरित करते हैं।

विशिष्ट अतिथि जलेश कबी ने छोटे खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेलकूद शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रत्येक व्यक्ति को नियमित रूप से खेल और व्यायाम करना चाहिए, जिससे स्वस्थ समाज का निर्माण संभव हो सके।


भोला महंती ने आयोजकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि स्वास्थ्य से बड़ा कोई धन नहीं है, लेकिन मोबाइल युग और विलासितापूर्ण जीवनशैली बच्चों को खेल और सांस्कृतिक मूल्यों से दूर कर रही है, जो समाज के लिए चिंता का विषय है।

कार्यक्रम के दौरान कलाकेंद्र के नन्हे कलाकारों ने विभिन्न गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। खेल प्रतियोगिताओं में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम से पूर्व अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया।

मौके पर कलाकेंद्र के संस्थापक सदस्य विजया राज, रेखा देवी, निदेशक समर महंती, पप्पू सामंत, जदूरमई बागची, किरण मंडल सहित खुशी, छाया, कृष्णा, प्रियांशी, पीहू, नीतू, महिमा, शिवानी, सुहानी, ईशानी, रिहानी, प्रीति समेत सैकड़ों महिला-पुरुष एवं खेल-कला प्रेमी उपस्थित थे।












बुधवार, 14 जनवरी 2026

मकर संक्रांति पर एकादशी का संयोग, कब बनेगी खिचड़ी 14 या 15?

14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति का पावन पर्व इस बार विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन षटतिला एकादशी का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, कई वर्षों बाद ऐसा संयोग बना है, जिससे इस दिन किये गये दान-पुण्य, स्नान और पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। मकर संक्रांति को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का पर्व माना जाता है। इस दिन सूर्यदेव की उपासना, पवित्र नदियों में स्नान और दान करने की परंपरा है। लेकिन इस वर्ष एकादशी का संयोग होने के कारण कुछ नियमों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस साल षटतिला एकादशी के कारण मकर संक्रांति पर खिचड़ी का सेवन और चावल का दान वर्जित रहेगा, क्योंकि एकादशी पर चावल नहीं खाये जाते। ऐसे में खिचड़ी का दान और सेवन 15 जनवरी (द्वादशी) को करना शुभ माना गया है। हालांकि 14 जनवरी को तिल-गुड़ का सेवन और दान पूरी तरह शुभ रहेगा।



पुण्य काल व योग

सूर्य का मकर राशि में प्रवेश: दोपहर 3:13 बजे

महापुण्य काल: 3:13 से 5:20 बजे

एकादशी तिथि: सूर्योदय से शाम 5:52 बजे तक

सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 7:15 से दोपहर 3:03

अमृत सिद्धि योग: सुबह 7:15 से 3:03

स्नान मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:51 से 5:44

इस दिन गंगा स्नान, सूर्यदेव को अर्घ्य, विष्णु पूजा और दान-पुण्य से विशेष फल की प्राप्ति मानी गई है।

राँची: दावोस में झारखंड की आवाज बनेंगी कल्पना सोरेन

राँची : विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 में झारखंड पहली बार मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है। झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष और विधायक कल्पना सोरेन दावोस और यूनाइटेड किंगडम में महिला नेतृत्व, लैंगिक समानता और समावेशी विकास पर राज्य का पक्ष रखेंगी। उनका फोकस साफ है कि जब महिलायें नेतृत्व में होती हैं, तो विकास टिकाऊ और समाज अधिक मजबूत बनता है। कल्पना सोरेन BRICS महिला सशक्तिकरण पैनल, ET महिला सशक्तिकरण संवाद, ‘वी लीड’ मंच और भारत पवेलियन समेत कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झारखंड की नीतियों और उपलब्धियों को प्रस्तुत करेंगी। वे आदिवासी, ग्रामीण और वंचित समुदायों की महिलाओं की भागीदारी को राज्य के सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की असली ताकत बतायेंगी। 



झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) से जुड़ी 35 लाख से अधिक महिलाओं और 2.80 लाख स्वयं सहायता समूहों की कहानी भी दुनिया के सामने रखी जायेगी। हाल के वर्षों में ₹5000 करोड़ से अधिक ऋण, ‘लखपति दीदी’, ‘पलाश’, ‘जोहार’, ‘अदिवा’ जैसे कार्यक्रमों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार दी है। ‘पलाश’ ब्रांड का कारोबार 2026 तक ₹45 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं ‘मंईयां सम्मान योजना’ से महिलाओं को सालाना ₹17 हजार करोड़ की सहायता मिल रही है। दावोस के बाद कल्पना सोरेन यूके में शिक्षा, कौशल विकास, जलवायु परिवर्तन और सांस्कृतिक विरासत पर बैठकों में भाग लेंगी और मरांग गोमके स्कॉलरशिप के तहत पढ़ रहे झारखंडी छात्रों से मुलाकात करेंगी। यह दौरा भारत–यूके सहयोग को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

मोदी सरकार की नई योजना से 1.5 लाख का कैशलेस इलाज तुरंत

सड़क पर एक पल की चूक अब जिंदगी और मौत के बीच असहाय खड़ा नहीं करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई पहल अब सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को तुरंत इलाज और सीधी राहत देगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस योजना की जानकारी देते हुये कहा कि सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को 7 दिनों के भीतर 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। मकसद साफ है समय पर इलाज, कम मौतें।गडकरी ने कहा कि सड़क हादसों में मौत का बड़ा कारण इलाज में देरी और पैसों की चिंता होती है। अब अस्पताल ढूंढने की भागदौड़ नहीं रहेगी, पहले पैसे जमा करने की मजबूरी नहीं होगी, बिना कैश के तुरंत इलाज मिलेगा। इस योजना से हजारों जिंदगियां बचाने की उम्मीद है। 



इस योजना का पायलट 14 मार्च 2024 को चंडीगढ़ में शुरू किया गया था।अब तक के आंकड़े बताते हैं कि 5,480 लोग लाभान्वित हुये। 6,833 आवेदन प्राप्त हुये, 80% मामलों में तुरंत इलाज संभव है। ₹73.88 लाख का भुगतान हुआ। सबसे अहम बात यह योजना दोपहिया, चारपहिया, भारी वाहन, हर तरह की सड़क दुर्घटना पर लागू होगी। राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से घायलों को नजदीकी अस्पताल में तुरंत भर्ती कराया जायेगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से गंभीर चोटों का खतरा घटेगा। सड़क दुर्घटना में मौतों में कमी आयेगी। गरीब और मध्यम वर्ग को आर्थिक राहत मिलेगी।

BREAKING : मिल गए लापता अंश-अंशिका, कहां से

राँची: लापता भाई-बहन अंश और अंशिका का सुराग मिल गया है। पुलिस को मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार दोनों बच्चे रामगढ़ जिले के चितरपुर इलाके में सुरक्षित पाए गए हैं। इस खबर के बाद परिजनों और पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है।



मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची के पुलिस अधीक्षक स्वयं बच्चों को लेने के लिए रामगढ़ रवाना हो चुके हैं। पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर बच्चों की सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।

पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन्हीं लोगों की भूमिका बच्चों के लापता होने के मामले से जुड़ी हुई है। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम और इसके पीछे की वजह का खुलासा किया जा सके।

बताया जा रहा है कि बच्चों की हालत ठीक है और उन्हें किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। मेडिकल जांच और काउंसलिंग के बाद दोनों को परिजनों के हवाले किया जाएगा।

इस पूरे मामले में पुलिस की सक्रियता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

झारखंड: मशहूर उद्योगपति देवान गांधी का बेटा लापता, NH-33 पर लावारिस मिली कार

सराईकेला : आदित्यपुर के प्रसिद्ध उद्योगपति और आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के उपाध्यक्ष देवान गांधी के बेटे कैरव गांधी के अचानक लापता होने से शहर में हड़कंप मच गया है। परिवार और उद्योग जगत के लोग इस घटना से बेहद चिंतित हैं।

एनएच 33 पर सड़क किनारे मिली लावारिस कार: मंगलवार देर शाम कैरव गांधी की कार एनएच 33 पर कांदरबेड़ा के पास सड़क किनारे लावारिस हालत में मिली। कार मिलने की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और तुरंत बिष्टुपुर थाना को इसकी जानकारी दी गई।



देर रात तक नहीं लौटे थे घर: परिजनों के अनुसार कैरव गांधी मंगलवार को घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। जब उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई तो मोबाइल फोन भी बंद मिला। इसके बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई।

पुलिस ने शुरू की जांच: सूचना मिलने के बाद बिष्टुपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और कार की जांच की। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है और आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

हाल ही में जमशेदपुर लौटे थे कैरव: कैरव गांधी ने मुंबई से एमबीए की पढ़ाई पूरी की थी। करीब छह महीने पहले ही वे जमशेदपुर लौटे थे और इसके बाद परिवार के व्यवसाय में सक्रिय रूप से काम कर रहे थे। देवान गांधी की आदित्यपुर में एम्पायर ऑटो प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी है। पूरा परिवार बिष्टुपुर के सर्किट हाउस एरिया में रहता है।

शहर में चिंता का माहौल: घटना के बाद शहर के उद्योग जगत और परिचितों में चिंता का माहौल है। परिजन कैरव गांधी की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच तेजी से चल रही है और जल्द ही कोई अहम जानकारी सामने आ सकती है।

धनबाद: आवासीय क्षेत्र में खुले बिजली तार के मकड़जाल से जल्द छुटकारा, निर्वाध बिजली के लिए आवासीय क्षेत्र में केबल आधारित तार बिछाए जा रहे है

निरसा(धनबाद): डीवीसी के मैथन स्थित आवासीय क्षेत्र में अब खुले हुए बिजली तार के मकड़ जाल से जल्द छुटकारा मिलने वाला है। इसके लिए डीवीसी प्रबंधन में पूरे आवासीय क्षेत्र में केबल आधारित बिजली तारों को लगाने का काम शुरू कर दिया है। इससे क्षेत्र में निर्वाध बिजली आपूर्ति होने का अनुमान लगाया जा रहा है ‌ इसके लिए पूरे आवासीय क्षेत्र में नए बिजली पोल गाडकर केबलिंग का काम शुरू कर दिया गया है जो अगले एक-दो महीने के अंदर ही पूरे आवासीय क्षेत्र को खुले हुए बिजली तारों से मुक्ति मिल जाएगी।



केलियासोल प्रखंड के 183 आंगनबाड़ी केंद्र अब स्कूलों में संचालित होंगे, कनिय अभियंता एवं महिला पर्यवेक्षक ने विद्यालयों का सर्वेक्षण किया

निरसा(धनबाद): जिले के निरसा , एग्यारकुंड एवं केलियासोल प्रखंड के अंतर्गत आने वाले 183 आंगनबाड़ी केंद्रों को अब नजदीक के विद्यालयों में स्थानांतरित किया जाएगा। जिससे कि बच्चों प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।



इसे लेकर प्रखंड के कनिय अभियंता शिक्षा विभाग एवं महिला पर्यवेक्षक की टीम तीनों प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों के नजदीक के विद्यालयों में स्थानांतरण के लिए सर्वेक्षण का काम शुरू कर दिया है। इसकी जानकारी देते हुए निरसा के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी यानी

सीडीपीओ: सविता कुमारी ने बताया कि निरसा, एग्यारकुंड एवं केलियसोल प्रखंड के अंतर्गत कुल 441 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं जिसमें से 183 आंगनबाड़ी केंद्र या तो किराए के भाव में चल रहे हैं या उनका अपना भवन नहीं है। इसलिए उच्च पदाधिकारी के निर्देश पर उन्हें पास के विद्यालयों में स्थानांतरित किया जाएंगे ।

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