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Saubhagya Bharat News

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गुरुवार, 15 जनवरी 2026

सरायकेला में सड़क हादसे का कहर: बाइक सवार युवक की मौत, बच्चा घायल

 सरायकेला: कांड्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत चार्डी मोड़ से पहले एक भीषण सड़क दुर्घटना में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक पर सवार एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा उस समय हुआ जब सरायकेला की ओर से आ रही बाइक संख्या JH 05EB 2808 सड़क किनारे खड़े ट्रक JH 06R 9122 से पीछे से जा टकराई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रक का टायर बदला जा रहा था और वाहन सड़क पर ही खड़ा था। अंधेरा होने तथा ट्रक पर पर्याप्त संकेतक या रिफ्लेक्टर नहीं लगे होने के कारण बाइक सवार को खड़े ट्रक का अंदाजा नहीं हो सका और जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक चला रहे व्यक्ति की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।हादसे में घायल बच्चे को मौके पर पहुंचे संजय हांसदा, कालीचरण किस्कू और शिवचरण किस्कू ने तत्परता दिखाते हुए पीसीआर वाहन से इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया।मृतक की पहचान करनो कुंभकार, निवासी ग्राम आदरडीह (नीमडीह थाना क्षेत्र) के रूप में हुई है। वह वर्तमान में बीरबांस में रहकर रामकृष्णा फॉर्जिंग में कार्यरत था।

घटना की सूचना मिलते ही कांड्रा थाना पुलिस के साथ सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा पूरे मामले की जांच में जुट गई है। इस हादसे के बाद क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

सरायकेला: मुरुप फुटबॉल प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, विजेता हुए सम्मानित

मकर संक्रांति के अवसर पर सरायकेला प्रखंड अंतर्गत मुरुप गांव की खेल विकास समिति की ओर से एक दिवसीय पुरुष फुटबॉल प्रतियोगिता–2026 का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 12 टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन मुरुप पंचायत समिति सदस्य अनिता प्रधान के प्रतिनिधि अजीत प्रधान एवं झामुमो प्रखंड सचिव गोराचांद हो ने संयुक्त रूप से किया।

फाइनल मुकाबले में स्टूडेंट क्लब कोयलाडुंगरी ने अनिल फ्रेंड क्लब को टाई-ब्रेकर में एक गोल से हराकर खिताब अपने नाम किया। रोमांचक मुकाबले को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक मैदान पर मौजूद रहे।



मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। पहले हाफ में कई बार गोल के अवसर बने, लेकिन मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपरों के शानदार प्रदर्शन के कारण कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। पहला हाफ गोलरहित बराबरी पर समाप्त हुआ। दूसरे हाफ में भी दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला, लेकिन निर्धारित समय तक स्कोर बराबर रहा। इसके बाद मुकाबले का फैसला टाई-ब्रेकर से हुआ, जिसमें कोयलाडुंगरी टीम के खिलाड़ी ने निर्णायक गोल दागकर टीम को जीत दिलाई।

मुख्य अतिथि मुरुप ग्राम प्रधान जीतमोहन महतो ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि खेल शारीरिक एवं मानसिक विकास के साथ-साथ युवाओं में अनुशासन, एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करता है।

स्थानीय युवा सामाजिक कार्यकर्ता हेमसागर प्रधान ने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं युवाओं की प्रतिभा निखारने और समाज को सकारात्मक दिशा देने में सहायक होती हैं।

फुटबॉल प्रतियोगिता के अलावा महिलाओं, पुरुषों एवं बच्चों के लिए भी विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। सभी विजेता एवं उपविजेताओं को अतिथियों के हाथों आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष कुशल महतो, हेमसागर प्रधान, अजीत प्रधान, गोराचांद हो, सपन महतो, प्रदीप महतो, हराधन महतो, सिनु हो, किरण हो, मनोरंजन प्रधान, प्रेमचंद प्रधान, पिंटू प्रमाणिक, भरत महतो, हेमंत महतो सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

राजनगर में यंग स्टार ग्रुप द्वारा तड़का दहन व सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन

राजनगर: यंग स्टार ग्रुप बुरुडीह विक्रमपुर की ओर से मकर संक्रांति के अवसर पर तड़का दहन, खेलकूद प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डुमरडीहा पंचायत के मुखिया निमाई सोरेन एवं विशिष्ट अतिथि पंचायत समिति सदस्य नारायण महतो उपस्थित रहे।

अतिथियों द्वारा लगभग 80 फीट ऊंचे तड़कासुर पुतले का दहन किया गया। तड़का दहन देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों समेत दूर-दराज से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना रहा।

मुख्य अतिथि निमाई सोरेन ने ताड़का वध की कथा बताते हुए कहा कि ताड़का एक राक्षसी थी, जो ऋषि-मुनियों को परेशान करती थी। विश्वामित्र मुनि के निर्देश पर भगवान राम ने ताड़का का वध कर लोगों को उसके आतंक से मुक्त कराया। यह घटना असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है।




कार्यक्रम के अंतर्गत बालिका एवं बालक वर्ग में विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। बालिका वर्ग में मैजिक बॉल, चेयर रेस, सामान्य ज्ञान एवं बैलेंस बॉल प्रतियोगिताओं में निशा दास, सुमित्रा महतो, लक्ष्मी महतो और वर्षा केसरी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

वहीं बालक वर्ग में मैजिक बॉल, म्यूजिक चेयर, सामान्य ज्ञान एवं बंदर पूंछ बचाओ प्रतियोगिता में करण महाराणा, विवेक कैर्वत, समीर सरदार, जीत कैर्वत एवं आदित्य कैर्वत विजेता रहे।

कार्यक्रम के अंतर्गत बालिका एवं बालक वर्ग में विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। बालिका वर्ग में मैजिक बॉल, चेयर रेस, सामान्य ज्ञान एवं बैलेंस बॉल प्रतियोगिताओं में निशा दास, सुमित्रा महतो, लक्ष्मी महतो और वर्षा केसरी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।


वहीं बालक वर्ग में मैजिक बॉल, म्यूजिक चेयर, सामान्य ज्ञान एवं बंदर पूंछ बचाओ प्रतियोगिता में करण महाराणा, विवेक कैर्वत, समीर सरदार, जीत कैर्वत एवं आदित्य कैर्वत विजेता रहे।

नृत्य प्रतियोगिता में रितिका तांती ने प्रथम, स्वीटी मिश्रा ने द्वितीय एवं निशा मुखी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सांत्वना पुरस्कार खुशबू मंडल, निशा दास, पूजा ग्रुप, लवली कैर्वत एवं नीतिका दास को प्रदान किया गया। सभी विजेताओं को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की सफलता में समिति अध्यक्ष नकुल चंद्र दास, सचिव सोमनाथ पति, कोषाध्यक्ष संदीप सरदार, उपकोषाध्यक्ष मुकेश पति सहित सभी सदस्यों एवं ग्राम प्रधानों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता एवं युवा उपस्थित रहे।








सरायकेला: टुसू मेले की आड़ में हब्बा-डब्बा जुआ, सिकीदौह गांव में खुलेआम खेल जारी

झारखंड का प्रसिद्ध मकर पर्व, जिसे टुसू पर्व के नाम से जाना जाता है, 14 जनवरी से पूरे राज्य में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जगह-जगह मेलों का आयोजन हो रहा है, जहां खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य और पारंपरिक आयोजनों की धूम है। हालांकि, कुछ स्थानों पर पर्व की आड़ में अवैध गतिविधियां भी सामने आ रही हैं।

ताजा मामला सरायकेला जिले के कांड्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिकीदौह गांव का है, जहां टुसू मेले में कथित रूप से हब्बा-डब्बा जुआ खुलेआम खेला जा रहा है। बताया जा रहा है कि दूर-दराज से मेला देखने पहुंचे लोग जल्दी पैसा कमाने के लालच में हजारों रुपये दांव पर लगा रहे हैं और कई लोग भारी नुकसान भी झेल चुके हैं।



स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह जुआ खेल मेला कमेटी के संरक्षण में संचालित हो रहा है। छह रंगों की गोटियों के सहारे खेले जाने वाले इस खेल में अधिकतर लोग ठगे जा रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई है।

सामाजिक रूप से आस्था और संस्कृति से जुड़े टुसू पर्व में इस तरह के अवैध जुए का संचालन न केवल सामाजिक बुराई को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि युवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को भी नुकसान पहुंचा रहा है। अब देखना होगा कि पुलिस-प्रशासन इस मामले पर कब संज्ञान लेता है और मेले की पवित्रता बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाता है।

चाईबासा: दौड़ के दौरान इंजीनियरिंग छात्र की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित खेल गतिविधि के दौरान चाईबासा इंजीनियरिंग कॉलेज में एक दर्दनाक हादसा हो गया। दौड़ में भाग ले रहे एक छात्र की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाने के क्रम में उसकी मौत हो गई।

मृतक की पहचान 22 वर्षीय विक्रांत टुडू के रूप में हुई है, जो कॉलेज में बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह धनबाद जिले के गोविंदपुर थाना अंतर्गत कोनोटांड़ गांव का निवासी था। उसके पिता नकुल टुडू पारा शिक्षक हैं। तीन बहनों के बाद विक्रांत परिवार का इकलौता पुत्र था।






घटना मंगलवार दोपहर की बताई जा रही है। छात्र की मौत की सूचना मिलने के बाद बुधवार को परिजन चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचे, जहां शव का पोस्टमार्टम कराया गया। परिजनों ने कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग की। बुधवार दोपहर तक इस मुद्दे को लेकर परिजनों और कॉलेज प्रशासन के बीच वार्ता चलती रही, लेकिन किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी।

कॉलेज के प्रिंसिपल डी. राहा ने बताया कि कॉलेज में नियमित रूप से खेल गतिविधियां आयोजित होती रहती हैं। यह कोई अनिवार्य प्रतियोगिता नहीं थी। केवल इच्छुक छात्रों ने पंजीकरण कर भाग लिया था। दौड़ के दौरान विक्रांत की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उसे तत्काल सीपीआर दिया गया और कॉलेज एंबुलेंस से सदर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सक उसे नहीं बचा सके।

परिजनों के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रिंसिपल ने कहा कि कॉलेज प्रशासन ने अपनी ओर से हरसंभव प्रयास किया। उन्होंने यह भी बताया कि छात्र के परिवार को आर्थिक सहायता देने पर प्रबंधन विचार कर रहा है।















सरायकेला: ठाकुराणी दरबार में निशुल्क सेवा शिविर, श्रमदान से बना लकड़ी का पुल

सरायकेला प्रखंड अंतर्गत संजय नदी तट पर स्थित प्रसिद्ध शक्ति पीठ माता ठाकुराणी देवी के दरबार में मकर संक्रांति के अवसर पर जय मां ठाकुराणी सेवा संघ, गोविंदपुर की ओर से एक दिवसीय निशुल्क सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप खीर, खिचड़ी एवं चाय निःशुल्क वितरित की गई। सेवा समिति के कार्यकर्ता पूरे दिन श्रद्धालुओं की सेवा में तत्पर नजर आए।

इस सेवा कार्य में मृत्युंजय पति, राजेन मुर्मू, चित्रसेन मंडल, हेमंत मंडल, रूपबहन मंडल, सुबोध मंडल, विकास मंडल, संजीत मंडल, धनंजय मंडल, संजय मंडल, तापस मंडल, अमित मंडल, रंजीत मंडल, नरेश मंडल, आकाश मंडल, महावीर मंडल, सत्यवान मंडल सहित कई लोगों का सराहनीय सहयोग रहा।




श्रमदान से तैयार हुआ लकड़ी का पुल: संजय नदी में वर्षभर जल प्रवाह बने रहने के कारण श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी होती थी। इस समस्या के समाधान हेतु मुरुप गांव के फॉलोवर डेकोरेशन के संचालक किरण हो के नेतृत्व में युवाओं ने श्रमदान कर एक अस्थायी लकड़ी का पुल तैयार किया, जिससे श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिली। लोगों ने इस पहल की जमकर सराहना की।

बताया गया कि ठाकुराणी दरोह के समीप झारखंड सरकार द्वारा लगभग 8.15 करोड़ रुपये की लागत से स्थायी पुल का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।

लोगों ने जताया आभार: निशुल्क सेवा शिविर एवं श्रमदान से बने पुल को लेकर श्रद्धालुओं एवं स्थानीय लोगों ने सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। युवा सामाजिक कार्यकर्ता हेमसागर प्रधान सहित कई लोगों ने इस पुनीत कार्य के लिए सभी सेवा भावी युवाओं को धन्यवाद दिया।








मकर संक्रांति पर नटराज कलाकेंद्र ने खेलकूद प्रतियोगिता व सांस्कृतिक संध्या का भव्य आयोजनमकर संक्रांति के पावन

अवसर पर प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी नटराज कलाकेंद्र की ओर से पब्लिक दुर्गा पूजा मैदान, सरायकेला में सुबह से विभिन्न प्रकार की खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसके पश्चात संध्या में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में खेल व कला प्रेमी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सरायकेला के राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव एवं विशिष्ट अतिथि जलेश कबी, भोला महंती, विजया राज एवं रेखा देवी द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।


इस अवसर पर राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि मकर पर्व इस क्षेत्र का सबसे बड़ा पर्व है, जो हमारी पारंपरिक संस्कृति, सामुदायिक सौहार्द, आनंद और आध्यात्मिकता का संगम है। ऐसे आयोजन आने वाली पीढ़ियों को अपनी भाषा और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रेरित करते हैं।

विशिष्ट अतिथि जलेश कबी ने छोटे खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेलकूद शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रत्येक व्यक्ति को नियमित रूप से खेल और व्यायाम करना चाहिए, जिससे स्वस्थ समाज का निर्माण संभव हो सके।


भोला महंती ने आयोजकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि स्वास्थ्य से बड़ा कोई धन नहीं है, लेकिन मोबाइल युग और विलासितापूर्ण जीवनशैली बच्चों को खेल और सांस्कृतिक मूल्यों से दूर कर रही है, जो समाज के लिए चिंता का विषय है।

कार्यक्रम के दौरान कलाकेंद्र के नन्हे कलाकारों ने विभिन्न गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। खेल प्रतियोगिताओं में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम से पूर्व अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया।

मौके पर कलाकेंद्र के संस्थापक सदस्य विजया राज, रेखा देवी, निदेशक समर महंती, पप्पू सामंत, जदूरमई बागची, किरण मंडल सहित खुशी, छाया, कृष्णा, प्रियांशी, पीहू, नीतू, महिमा, शिवानी, सुहानी, ईशानी, रिहानी, प्रीति समेत सैकड़ों महिला-पुरुष एवं खेल-कला प्रेमी उपस्थित थे।












बुधवार, 14 जनवरी 2026

मकर संक्रांति पर एकादशी का संयोग, कब बनेगी खिचड़ी 14 या 15?

14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति का पावन पर्व इस बार विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन षटतिला एकादशी का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, कई वर्षों बाद ऐसा संयोग बना है, जिससे इस दिन किये गये दान-पुण्य, स्नान और पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। मकर संक्रांति को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का पर्व माना जाता है। इस दिन सूर्यदेव की उपासना, पवित्र नदियों में स्नान और दान करने की परंपरा है। लेकिन इस वर्ष एकादशी का संयोग होने के कारण कुछ नियमों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस साल षटतिला एकादशी के कारण मकर संक्रांति पर खिचड़ी का सेवन और चावल का दान वर्जित रहेगा, क्योंकि एकादशी पर चावल नहीं खाये जाते। ऐसे में खिचड़ी का दान और सेवन 15 जनवरी (द्वादशी) को करना शुभ माना गया है। हालांकि 14 जनवरी को तिल-गुड़ का सेवन और दान पूरी तरह शुभ रहेगा।



पुण्य काल व योग

सूर्य का मकर राशि में प्रवेश: दोपहर 3:13 बजे

महापुण्य काल: 3:13 से 5:20 बजे

एकादशी तिथि: सूर्योदय से शाम 5:52 बजे तक

सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 7:15 से दोपहर 3:03

अमृत सिद्धि योग: सुबह 7:15 से 3:03

स्नान मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:51 से 5:44

इस दिन गंगा स्नान, सूर्यदेव को अर्घ्य, विष्णु पूजा और दान-पुण्य से विशेष फल की प्राप्ति मानी गई है।

राँची: दावोस में झारखंड की आवाज बनेंगी कल्पना सोरेन

राँची : विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 में झारखंड पहली बार मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है। झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष और विधायक कल्पना सोरेन दावोस और यूनाइटेड किंगडम में महिला नेतृत्व, लैंगिक समानता और समावेशी विकास पर राज्य का पक्ष रखेंगी। उनका फोकस साफ है कि जब महिलायें नेतृत्व में होती हैं, तो विकास टिकाऊ और समाज अधिक मजबूत बनता है। कल्पना सोरेन BRICS महिला सशक्तिकरण पैनल, ET महिला सशक्तिकरण संवाद, ‘वी लीड’ मंच और भारत पवेलियन समेत कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झारखंड की नीतियों और उपलब्धियों को प्रस्तुत करेंगी। वे आदिवासी, ग्रामीण और वंचित समुदायों की महिलाओं की भागीदारी को राज्य के सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की असली ताकत बतायेंगी। 



झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) से जुड़ी 35 लाख से अधिक महिलाओं और 2.80 लाख स्वयं सहायता समूहों की कहानी भी दुनिया के सामने रखी जायेगी। हाल के वर्षों में ₹5000 करोड़ से अधिक ऋण, ‘लखपति दीदी’, ‘पलाश’, ‘जोहार’, ‘अदिवा’ जैसे कार्यक्रमों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार दी है। ‘पलाश’ ब्रांड का कारोबार 2026 तक ₹45 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं ‘मंईयां सम्मान योजना’ से महिलाओं को सालाना ₹17 हजार करोड़ की सहायता मिल रही है। दावोस के बाद कल्पना सोरेन यूके में शिक्षा, कौशल विकास, जलवायु परिवर्तन और सांस्कृतिक विरासत पर बैठकों में भाग लेंगी और मरांग गोमके स्कॉलरशिप के तहत पढ़ रहे झारखंडी छात्रों से मुलाकात करेंगी। यह दौरा भारत–यूके सहयोग को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

मोदी सरकार की नई योजना से 1.5 लाख का कैशलेस इलाज तुरंत

सड़क पर एक पल की चूक अब जिंदगी और मौत के बीच असहाय खड़ा नहीं करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई पहल अब सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को तुरंत इलाज और सीधी राहत देगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस योजना की जानकारी देते हुये कहा कि सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को 7 दिनों के भीतर 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। मकसद साफ है समय पर इलाज, कम मौतें।गडकरी ने कहा कि सड़क हादसों में मौत का बड़ा कारण इलाज में देरी और पैसों की चिंता होती है। अब अस्पताल ढूंढने की भागदौड़ नहीं रहेगी, पहले पैसे जमा करने की मजबूरी नहीं होगी, बिना कैश के तुरंत इलाज मिलेगा। इस योजना से हजारों जिंदगियां बचाने की उम्मीद है। 



इस योजना का पायलट 14 मार्च 2024 को चंडीगढ़ में शुरू किया गया था।अब तक के आंकड़े बताते हैं कि 5,480 लोग लाभान्वित हुये। 6,833 आवेदन प्राप्त हुये, 80% मामलों में तुरंत इलाज संभव है। ₹73.88 लाख का भुगतान हुआ। सबसे अहम बात यह योजना दोपहिया, चारपहिया, भारी वाहन, हर तरह की सड़क दुर्घटना पर लागू होगी। राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के सहयोग से घायलों को नजदीकी अस्पताल में तुरंत भर्ती कराया जायेगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से गंभीर चोटों का खतरा घटेगा। सड़क दुर्घटना में मौतों में कमी आयेगी। गरीब और मध्यम वर्ग को आर्थिक राहत मिलेगी।

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