संभल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कई विसंगतियां सामने आई हैं। घर पर मौजूद मतदाताओं को भी अनुपस्थित दर्शाया गया है, जिससे उनके नाम काटे जा रहे हैं।
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बुधवार, 7 जनवरी 2026
घरों पर मौजूद लोग भी SIR में अनुपस्थित, मतदाता सूची में गड़बड़ी मिली तो संभल डीएम ने कराई क्रॉस-चेकिंग
सरायकेला: जर्जर सड़क पर टोल वसूली का आरोप, विधायक प्रतिनिधि ने उपायुक्त से की टोल पर रोक की मांग
सरायकेला-खरसावां। सरायकेला विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत राज्य राजमार्ग पर अवैध रूप से टोल टैक्स वसूले जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में विधायक प्रतिनिधि संजय कुमार आचार्य ने उपायुक्त, सरायकेला–खरसावां को पत्र लिखकर कड़ी आपत्ति जताई है और सड़क की मरम्मत पूरी होने तक टोल टैक्स वसूली पर रोक लगाने की मांग की है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि चौका से चाईबासा मार्ग के बीच राज्य राजमार्ग पर निदीवेड़ा, कांडू और सांगाजाटा—तीन टोल ब्रिज स्थित हैं, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं और टोल टैक्स के रूप में भारी राशि वसूली जाती है। इसके बावजूद बरसात समाप्त होने के बाद भी संबंधित एजेंसी द्वारा सड़क की समुचित मरम्मत नहीं कराई गई है, जिससे सड़क की हालत अत्यंत जर्जर हो चुकी है।
खराब सड़कों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिसमें कई लोगों की जान जा चुकी है और अनेक परिवार प्रभावित हुए हैं। इस स्थिति को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है।
विधायक प्रतिनिधि संजय कुमार आचार्य ने पत्र में स्पष्ट किया है कि जब तक सड़क पूरी तरह दुरुस्त नहीं की जाती, तब तक टोल टैक्स की वसूली न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने उपायुक्त से आग्रह किया है कि पथ निर्माण विभाग को तत्काल सड़क मरम्मत का निर्देश दिया जाए और तब तक तीनों टोल ब्रिजों को टोल टैक्स मुक्त घोषित किया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब सड़क और टोल टैक्स की दोहरी मार से आम जनता परेशान है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या पर क्या कार्रवाई करता है और लोगों को कब राहत मिलती है।
चौका थाना क्षेत्र में अफीम की खेती के खिलाफ सघन अभियान, ड्रोन से हुआ खेतों का सत्यापन
“सरायकेला पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत के निर्देश पर चौका थाना क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती के खिलाफ सख्त अभियान चलाया गया।
बुधवार को ग्राम तानिसोया, रंका और टुरू में चौका थाना पुलिस और एसएसबी मतकमडीह के जवानों ने संयुक्त रूप से खेतों का भौतिक निरीक्षण किया, वहीं ड्रोन के माध्यम से भी व्यापक सत्यापन किया गया।
सत्यापन के दौरान अधिकांश भूमि परती पाई गई, जबकि कुछ खेतों में सरसों, मटर, आलू और चना जैसी वैध फसलों की खेती देखी गई।
अभियान के तहत चौका पुलिस द्वारा ग्रामीणों को अफीम की अवैध खेती और इसके दुष्परिणामों को लेकर जागरूक भी किया गया।
इसके साथ ही सामुदायिक पुलिसिंग के तहत जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल और बच्चों को पुस्तक, कलम एवं चॉकलेट का वितरण किया गया।
चौका पुलिस का यह अभियान नशा मुक्त समाज की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।”
नालसा के नशा मुक्त भारत योजना–2025 के तहत चलाया गया जन जागरूकता अभियान
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दुमका की ओर से नालसा के नशा मुक्त भारत योजना - 2025 के तहत जन जागरूकता को लेकर साप्ताहिक अभियान चलाया जा रहा है। डालसा अध्यक्ष सह पीडीजे, सुधांशु कुमार शशि एवं सचिव, उत्तम सागर राणा के निर्देश के आलोक में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों में पैरा लीगल वॉलिंटियर्स द्वारा गैर सरकारी संगठनों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता तथा पंचायत प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर नशा मुक्त भारत को लेकर सघन अभियान चलाया जा रहा है। जनसंपर्क कर लोगों को नशे की प्रारंभिक रोकथाम, परामर्श तथा पुनर्वास के बारे में जागरूक किया तथा युवाओं एवं आम नागरिकों को नशे की लत से दूर रहने हेतु सही जानकारी और मार्गदर्शन दिया एवं कहा कि भविष्य की पीढ़ी को सुरक्षित, स्वस्थ एवं सकारात्मक दिशा देने के लिए समाज के सभी वर्गों को जागरूक होना आवश्यक है। आगे बताते चले कि दुमका शहर के कानुपाडा में पैरा लीगल वोलेंटियर्स की टीम ने "जीवन को हाँ, नशे को ना" संदेश के साथ लोगों को नशा छोड़कर स्वस्थ जीवन जीने के बारे में जागरूक किया, जिसमें युवाओं एवं आम नागरिकों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया और नशे के खिलाफ एकजुटता का परिचय दिया। पारा लीगल वॉलिंटियर्स द्वारा नशीली दवाओं के दुरुपयोग के शिकार लोगों उनके परिवार और समाज की मदद के लिए राष्ट्रीय टोल फ्री नशा मुक्ति हेल्पलाइन नंबर 14446 एवं नशा मुक्ति के आधिकारिक वेबसाइट के बारे में विस्तृत जानकारी दिया तथा नशाखोरी के शिकार लोगों की मदद के लिए 24x7 राष्ट्रीय टोल फ्री नशा मुक्ति हेल्पलाइन नंबर 1800-11-0031 के बारे में समझाया।
Joe Root ने शतक ठोककर तोड़ा रिकी पोंटिंग का रिकॉर्ड, निशाने पर अब सचिन तेंदुलकर का कीर्तिमान*
एशेज सीरीज के पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच में जो रूट ने शानदार शतकीय पारी खेलकर ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज रिकी पोंटिंग की एक मामले में बराबरी कर ली है। ये शतक उनके टेस्ट करियर का 41वां शतक रहा। इस तरह वह स्ट क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में पोंटिंग के साथ संयुक्त रूप से तीसरा बैटर बन गए हैं।
बेंगलुरु: रथ यात्रा पर पत्थरबाजी, भक्तों ने पुलिस स्टेशन के बाहर किया प्रदर्शन; FIR दर्ज
बेंगलुरु के जगजीवन राम नगर में ओम शक्ति मंदिर की शोभायात्रा के दौरान रथ खींच रहे भक्तों पर कथित तौर पर पत्थर फेंके गए, जिसमें दो बच्चे घायल हो गए। घटना के बाद भक्तों ने जगजीवन राम नगर पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
जनवरी महीने में चार रोज बैंक रहेंगे बंद
जनवरी का आख़िरी सप्ताह देशभर के बैंक ग्राहकों के लिये इम्तिहान की घड़ी लेकर आ सकता है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बैनर तले बैंक कर्मचारियों ने 27 जनवरी को हड़ताल का ऐलान कर दिया है। मांग वही, जो लंबे वक्त से दिलों में धधक रही है, बैंकों में साप्ताहिक पांच दिन कामकाज। अगर यह हड़ताल होती है, तो सरकारी बैंकों की रफ्तार पर ब्रेक लगना तय है। अभी हालात यह हैं कि बैंक सिर्फ रविवार और महीने के दूसरे व चौथे शनिवार को बंद रहते हैं। मार्च 2024 के वेतन संशोधन समझौते में UFBU और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के बीच बाकी दो शनिवारों को भी छुट्टी देने पर सहमति बनी थी, लेकिन कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार की तरफ से अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।
चार दिन ठप रह सकता है बैंकिंग सिस्टम: इस बार मामला सिर्फ एक दिन की हड़ताल का नहीं है। 24 जनवरी चौथा शनिवार, 25 जनवरी रविवार, 26 जनवरी गणतंत्र दिवस, 27 जनवरी: प्रस्तावित हड़ताल, यानी अगर हड़ताल हुई, तो 23 जनवरी के बाद बैंक सीधे 28 जनवरी को खुलेंगे। चार दिन तक नकदी, चेक क्लियरेंस और शाखा से जुड़े कामकाज पर असर पड़ सकता है। UFBU ने भले ही कहा हो कि आम जनता पर असर सीमित रहेगा, लेकिन बैंकिंग विशेषज्ञों की सलाह साफ है, नकद निकासी, चेक जमा और क्लियरेंस, जरूरी लेन-देन, इन सबको 27 जनवरी से पहले निपटा लें, ताकि महीने के आख़िरी दिनों में परेशानी न झेलनी पड़े।
उत्तर प्रदेश: यूपी में इस साल चुनावी रण, हर मुकाबला देगा सत्ता का संकेत
UP : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भले ही 2027 में होने हों, लेकिन उससे पहले साल 2026 प्रदेश की सियासत के लिये सबसे अहम इम्तिहान साबित होने जा रहा है। राज्यसभा, विधान परिषद (एमएलसी), विधानसभा उपचुनाव और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, ये सभी मिलकर 2027 की जंग का सेमीफाइनल बनेंगे। इन चुनावों में मिली जीत या हार से ही यह तय होगा कि फाइनल में किसका पलड़ा भारी रहेगा। बीजेपी और समाजवादी पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियों में तेजी ला दी है, जबकि कांग्रेस और बसपा भी संगठन और रणनीति को धार देने में जुटी हैं। कुल मिलाकर 2026 का हर चुनाव, 2027 की दिशा तय करने वाला होगा। 2026 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटें खाली हो रही हैं। ये चुनाव अप्रैल से नवंबर के बीच अलग-अलग चरणों में होंगे। चूंकि राज्यसभा सदस्यों का चुनाव विधायक करते हैं और यूपी विधानसभा में 403 विधायक हैं, इसलिये यहां का अंकगणित बेहद निर्णायक है। इन सीटों पर जीत से संसद के ऊपरी सदन में पार्टियों की ताकत बढ़ेगी या घटेगी। देशभर में 75 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होंगे, जिनमें यूपी की 10 सीटें सबसे ज्यादा हैं। जिन प्रमुख नेताओं की सीटें 2026 में खाली होंगी, उनमें बृजलाल, डॉ. दिनेश शर्मा, गीता शाक्य, डॉ. हरदीप पुरी, रामजी गौतम, सीमा द्विवेदी, नीरज शेखर, अरुण सिंह, बी.एल. वर्मा और प्रो. रामगोपाल यादव शामिल हैं। उत्तर प्रदेश विधान परिषद में 11 एमएलसी सीटों पर 2026 में चुनाव होंगे। ये चुनाव स्नातक और शिक्षक मतदाता करते हैं। शिक्षक क्षेत्र में 6 सीटें और स्नातक क्षेत्र में 5 सीटें हैं। 100 सदस्यीय विधान परिषद में ये सीटें राजनीतिक संतुलन के लिहाज से अहम मानी जा रही हैं। पार्टियां शिक्षित वर्ग में अपनी पकड़ मजबूत करने की पूरी कोशिश करेंगी।
दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव: 2026 में यूपी विधानसभा की दो सीटों—बरेली की फरीदपुर और गाजीपुर की घोसी पर उपचुनाव होने हैं। संबंधित विधायकों के निधन के बाद ये सीटें खाली हुई हैं। भले ही संख्या कम हो, लेकिन नतीजे राजनीतिक संदेश बड़े देंगे। 2026 का सबसे बड़ा चुनाव होगा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, जो अप्रैल से जुलाई के बीच होने की संभावना है। ग्राम पंचायत करीब 58,000 ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत में हजारों सदस्य एवं जिला पंचायत में सदस्य और अध्यक्ष पद पर चुनाव होने वाले हैं। लाखों पदों पर होने वाले ये चुनाव ग्रामीण इलाकों में पार्टियों की असली ताकत दिखाएंगे। 2021 में बीजेपी और सपा ने अच्छा प्रदर्शन किया था, अब 2026 में यही चुनाव 2027 के लिए माहौल बनायेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग मतदाता सूची को अंतिम रूप दे रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में नये वोटर जुड़ रहे हैं।
भाजपा का एक दिवसीय महाधरना, निकाय चुनाव में देरी और EVM की मांग को लेकर सरकार पर निशाना
आदित्यपुर: राज्य सरकार द्वारा नगर निकाय चुनाव कराने में हो रही लगातार देरी तथा मतदान में ईवीएम के प्रयोग की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी की ओर से एक दिवसीय महाधरना आयोजित किया गया। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पूर्व सांसद श्रीमती गीता कोड़ा ने हेमंत सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य सरकार कहीं न कहीं अपने स्वार्थ में डूबी हुई है और जानबूझकर नगर निकाय चुनाव को बार-बार टाल रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव समय पर होना अनिवार्य है, लेकिन वर्तमान सरकार इससे बचने का प्रयास कर रही है।
श्रीमती कोड़ा ने स्पष्ट रूप से भाजपा की **तीन प्रमुख मांगें** रखते हुए कहा कि
1. नगर निकाय चुनाव शीघ्र कराए जाएं,
2. चुनाव राजनीतिक दलों के आधार पर कराए जाएं,
3. मतदान प्रक्रिया में ईवीएम का प्रयोग सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव से डर रही है क्योंकि उसे अपनी हार का आभास हो चुका है।
वहीं, जिला भाजपा अध्यक्ष उदय प्रताप सिंहदेव ने अपने संबोधन में कहा कि जैसे ही नगर निकाय चुनाव होंगे, राज्य में सत्ता की कमान भाजपा के हाथों में आ सकती है। इसी डर से सरकार बार-बार चुनाव कराने में आनाकानी कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से सरकार को जवाब देगी।
महाधरने के माध्यम से भाजपा ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही नगर निकाय चुनाव की घोषणा नहीं की गई, तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी।
सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन ने नववर्ष 2026 के उपलक्ष्य में “कलाकार मिलन सह वनभोज” का आयोजन किया।
सरायकेला: कार्यक्रम की शुरुआत कलाकारों द्वारा माँ झुमकेश्वरी की प्रार्थना से हुई। एसोसिएशन के संरक्षक सह कला के जानकार मनोज चौधरी ने सभी कलाकारों को नववर्ष की शुभकामनाएँ देते हुए कहा, 2026 हमारी विश्व‑ख्याति प्राप्त छऊ कला और कलाकारों के उत्थान का वर्ष होगा।
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