Telco कॉलोनी में रविवार की सुबह उस समय खास बन गई, जब कक्षा सात की एक छात्रा ने अपनी सूझबूझ और साहस से एक नन्हे उल्लू की जान बचा ली। यह प्रेरणादायक घटना भुवनेश्वरी मंदिर के पास की है।
विद्या भारती चिन्मिया विद्यालय की कक्षा सात की छात्रा शन्वी किरण महतो (12 वर्ष) सुबह अपने घर के पास खेल रही थी। इसी दौरान उसकी नजर कुछ कुत्तों की संदिग्ध गतिविधियों पर पड़ी। पास जाकर देखने पर उसने पाया कि कुत्ते एक नन्हे उल्लू को घेरकर उस पर हमला करने की कोशिश कर रहे हैं।
स्थिति को भांपते हुए शन्वी ने बिना घबराए कुत्तों को वहां से भगाया और डरे-सहमे उल्लू को सुरक्षित अपने हाथों में उठा लिया। उसने देखा कि उल्लू उड़ने में असमर्थ था। इसके बाद वह उसे घर ले गई, जहां उसे पानी पिलाया और खाने के लिए मांस दिया।
इसके बाद शन्वी ने तत्काल पूर्वी सिंहभूम के जिला वन पदाधिकारी (DFO) सबा आलम को फोन कर पूरे मामले की जानकारी दी। सूचना मिलने के करीब एक घंटे के भीतर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उल्लू की जांच की।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उल्लू वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अनुसूची-एक (Schedule–I) में संरक्षित पक्षी है। इसके बाद शन्वी ने उल्लू को विधिवत वन विभाग को सौंप दिया।
वन विभाग के अधिकारी उत्तम महतो ने बताया कि उल्लू को बेहतर इलाज के लिए टाटा जू ले जाया जाएगा और स्वस्थ होने के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा। उन्होंने छात्रा शन्वी किरण महतो की सराहना करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में वन्यजीव के प्रति संवेदनशीलता दिखाना बेहद सराहनीय है।
शन्वी की बहादुरी और करुणा ने यह साबित कर दिया कि जागरूकता और संवेदनशीलता से हर नागरिक वन्यजीव संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।












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