सरायकेला। सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन की ओर से नववर्ष 2026 के अवसर पर “कलाकार मिलन सह वनभोज” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कलाकारों द्वारा माँ झुमकेश्वरी की प्रार्थना के साथ हुई, जिसके बाद पूरे वातावरण में कला और उत्सव का रंग बिखर गया।
इस अवसर पर एसोसिएशन के संरक्षक सह कला विशेषज्ञ मनोज चौधरी ने सभी कलाकारों को नववर्ष की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि वर्ष 2026 विश्व-विख्यात सरायकेला छऊ कला एवं कलाकारों के उत्थान का वर्ष सिद्ध होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में कलाकारों के दिन अवश्य बहुरेंगे और छऊ कला को नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी।
वनभोज कार्यक्रम के दौरान बाल कलाकारों ने आकर्षक प्रणामी नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। इसके पश्चात राकेश कवि द्वारा आरती नृत्य, आध्यापदो साहू द्वारा चिरकुणी नृत्य एवं बाबू साहू द्वारा सरायकेला लड्डू नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी गई, जिसने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।
कार्यक्रम के दौरान सभी कलाकारों ने एक स्वर में छऊ कला के संरक्षण, संवर्धन एवं विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष भोला मोहंती, सचिव सुदीप कवि, एसएनआई अवार्डी बृजेंद्र पटनायक सहित सिद्धू दरोगा, मिहिर लाल महतो, अविनाश कवि, पंकज साहू, राकू कवि, ठाकुर सरदार, सानकु महतो, लालू महतो, आशीष कर, संतोष कर, निवारण महतो, अमन कर, अनिमेष कर, मनोरंजन साहू, तरुण भोल, अतुल महतो, गजेंद्र मोहंती, आध्यापदों साहू, मुन्ना लाल, महाराणा देवनारायण सिंह, शिवनाथ मिश्रा, रूपेश मिश्रा, पूर्ण सरदार, विजय सरदार, बाबू महाराणा, प्रदीप बसा, सनोज साहू, गणेश मोहंती, विजय दरोगा, काली प्रसन्न सरंगी, अमित साहू, ठुंगरु मुखी, गणेश महतो, नाथू महतो, कुना सामल, बाबूराम सरदार, शिव हेस्सा, प्रफुल्ल नायक, संजय कर्मकार, शिव शंकर साहू, गोप तांती, कामेश्वर भोल, नीरज पटनायक, देवेंद्र प्रधान समेत बड़ी संख्या में कलाकार उपस्थित रहे।
समारोह के अंत में उपस्थित सभी कलाकारों ने छऊ कला के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।











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