प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, कदमा शाखा में धनतेरस के पावन अवसर पर एक रूहानियत से भरपूर स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित भाई–बहनों ने पूरे भारतवर्ष और विश्व की शांति, सुख एवं समृद्धि के लिए सामूहिक योग साधना की, जिससे वातावरण में दिव्यता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।
कार्यक्रम के पश्चात कदमा शाखा प्रभारी ब्रह्माकुमारी संजू दीदी ने उपस्थित भाई बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि-दशहरे के बाद दीपावली और धनतेरस हमें यह स्मरण कराते हैं कि असली धन सोना–चांदी नहीं, बल्कि आत्मा के भीतर स्थित गुण, पवित्रता और ज्ञान का खजाना है। जब आत्मा अपने अंदर की अंधियारी इच्छाओं को मिटाकर शिव बाबा के ज्ञान दीप से प्रकाशित होती है, तब वही सच्ची धनतेरस मनाती है।”
दीदी ने आगे कहा कि दशहरा जहां अंदर के रावण रूपी विकारों के दहन का प्रतीक है, वहीं दीपावली और धनतेरस आत्मिक उजियारे और दिव्य सम्पन्नता का प्रतीक हैं। जब आत्मा तेरह इंद्रियों पर विजय पा लेती है, तब वह सच्चे अर्थों में धनवान आत्मा बन जाती है।
इस अवसर पर बच्चों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति, योग अनुभव साझा और दीप प्रज्वलन समारोह भी हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारीज के भाई–बहने उपस्थित थे। सभी ने इस आयोजन को शांति, शक्ति और सद्भाव का उत्सव बताया।


































