बिहार विधानसभा चुनाव की दस्तक से पहले सियासी पारा चढ़ गया है और इसी गरमाहट में जनता दल (यूनाइटेड) को एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी के प्रदेश सचिव बद्री भगत ने टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर 3,875 समर्थकों के साथ इस्तीफा दे दिया। बद्री भगत का कहना है कि “मेहनत हमारी और टिकट उन लोगों को, जो साजिश के जरिये पार्टी में हावी हैं। अब बहुत हो गया!” यहां याद दिला दें कि बीते 3 अक्टूबर को भगत ने CM नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। दावा किया गया था कि करगहर विधानसभा सीट से उन्हें टिकट मिलेगा। कुछ दिन बाद अचानक टिकट काट दिया गया। इसी से नाराज होकर उन्होंने और उनके समर्थकों ने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया।
बद्री भगत ने इल्जाम लगाया कि पार्टी में अब मेहनती कार्यकर्ताओं की जगह “साजिश रचने वालों” की चल रही है। उन्होंने कहा कि वो वर्षों से बूथ से लेकर ब्लॉक तक संगठन को मजबूत करने में लगे रहे, मगर टिकट बंटवारे में उनकी अनदेखी कर दी गई। इससे पहले भी जिले के कई वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री जयकुमार सिंह, पूर्व विधायक अशोक सिंह कुशवाहा और जिलाध्यक्ष अजय सिंह कुशवाहा टिकट से वंचित होने पर पार्टी छोड़ चुके हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बार-बार के ऐसे इस्तीफे चुनावी समीकरण को बिगाड़ सकते हैं। अगर नाराज नेताओं को नहीं मनाया गया, तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को करगहर सहित कई सीटों पर मुश्किलें बढ़ सकती हैं।






































