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Saubhagya Bharat News

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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बुधवार, 26 नवंबर 2025

सरायकेला–खरसावाँ में संविधान दिवस समारोह: सामूहिक प्रस्तावना वाचन के साथ उत्कृष्ट प्रशासन का संकल्प

सरायकेला–खरसावाँ: भारत के संविधान के लागू होने के 75वें वर्ष,अर्थात प्लैटिनम जुबिली वर्ष, के अवसर पर आज जिले में संविधान दिवस गरिमामय एवं शासकीय वातावरण में मनाया गया। इस उपलक्ष्य में जिला प्रशासन द्वारा समाहरणालय सभागार में एक विधिवत कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित हुए।






कार्यक्रम का आरम्भ उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह द्वारा भारतीय संविधान की प्रस्तावना के वाचन से हुआ। उनके नेतृत्व में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों ने प्रस्तावना का सामूहिक पाठ किया और संविधान में निहित मूल्यों के प्रति अपनी निष्ठा प्रकट की। अपने संबोधन में माननीय उपायुक्त ने कहा कि भारतीय संविधान मात्र एक विधिक दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह देश की लोकतांत्रिक शासन-व्यवस्था तथा प्रशासनिक मर्यादाओं का मूलाधार है। उन्होंने न्याय, स्वतंत्रता, समानता एवं बंधुता के संवैधानिक आदर्शों को शासन-प्रशासन की प्रत्येक प्रक्रिया में प्रतिबिंबित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं उत्तरदायी सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँ तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली को विधिसंगत, जनोन्मुखी तथा संवेदनशील बनाए रखने हेतु अपेक्षित सतर्कता बरती जाए। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान दिवस को केवल एक परंपरागत आयोजन न मानते हुए इसे उत्कृष्ट प्रशासन, कर्तव्यनिष्ठा एवं सेवा-भाव के प्रति नव-संकल्प दिवस के रूप में आत्मसात किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम में अपर उपायुक्त श्री जयवर्धन कुमार, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुरेन्द्र उरांव, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री गिरजा शंकर महतो, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री पुष्कर सिंह मुंडा सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन संविधान में निहित आदर्शों के अनुरूप कर्तव्य-पालन हेतु सामूहिक संकल्प के साथ किया गया।

उपायुक्त के निर्देशानुसार संविधान दिवस के उपलक्ष्य में जिले के सभी अनुमंडलों तथा अन्य जिला स्तरीय कार्यालयों में भी प्रस्तावना वाचन, शपथ-ग्रहण तथा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा संविधान के प्रति निष्ठा एवं कर्तव्यपालन का संकल्प व्यक्त किया गया।



नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन में कतरास के युवा कवि सचिन सिन्हा सम्मानित

कतरास :राष्ट्रीयता और मानवता के प्रतीक पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की 110वीं जयंती के उपलक्ष्य में देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में विश्व हिन्दी परिषद एवं भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद् के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय (21-22 नवंबर)अंतर्रष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन-2025 का आयोजन किया गय।



कुरुक्षेत्र: मुगलों ने साहिबजादों के साथ क्रूरता की', गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस कार्यक्रम में बोले पीएम मोदी

PM ने शहीदी दिवस पर सिक्का जारी किया:कुरुक्षेत्र में बोले- नया भारत न डरता है, न रुकता है, ऑपरेशन सिंदूर इसका सबसे बड़ा उदाहरण


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में कई महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिये.सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य शंख ‘पंचजन्य’ के सम्मान में नवनिर्मित स्मारक का भव्य लोकार्पण किया. यह स्मारक महाभारत काल की ऐतिहासिक विरासत और आध्यात्मिक महत्व को समर्पित है. समारोह के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहे.

इसके बाद पीएम नौवें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष समारोह में शामिल हुए हैं. 

पीएम ने कहा नशे की आदत ने हमारे अनेक नौजवानों के सपनों को, गहरी चुनौतियों में धकेल दिया है. सरकार इस समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए सारे प्रयास भी कर रही है. लेकिन यह समाज की, परिवार की भी लड़ाई है. और ऐसे समय में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब की शिक्षा हमारे लिए प्रेरणा भी है और समाधान भी है.प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गुरु तेग बहादुर साहिब जी की स्मृति हमें ये सिखाती है कि भारत की संस्कृति कितनी व्यापक, कितनी उदार और कितनी मानवता केंद्रीत रही है. उन्होंने 'सरबत दा भला' का मंत्र अपने जीवन से सिद्ध किया. आज का ये आयोजन सिर्फ इन स्मृतियों और सिखों के सम्मान का क्षण नहीं है. ये हमारे वर्तमान और भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण प्रेरणा भी है. गुरु साहब ने सिखाया है कि 'जो नर दुख में दुख नहिं माने, सो ही पूर्ण ज्ञानी' यानी जो विपरीत परिस्थितियों में भी अडिग रहता है, वही सच्चा ज्ञानी है, वही सच्चा साधक है.


*मैं इसे गुरुओं की विशेष कृपा मानता हूं- PM*


पीएम ने कहा कि पिछले महीने एक पावन यात्रा के रूप में गुरु महाराज के पावन ‘जोड़ा साहिब’ दिल्ली से पटना साहिब ले जाए गए. और वहां मुझे भी इन पवित्र ‘जोड़ा साहिब’ के सामने अपना शीश नवाने का अवसर मिला. मैं इसे गुरुओं की विशेष कृपा मानता हूं कि उन्होंने मुझे इस सेवा का, इस समर्पण का और इस पवित्र धरोहर से जुड़ने का अवसर दिया.उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि कैसे मुगलों ने वीर साहिबजादों के साथ भी क्रूरता की सारी सीमाएं पार कर दी थीं. वीर साहिबजादों ने दीवार में चुना जाना स्वीकार किया. लेकिन अपने कर्तव्य और धर्म का मार्ग नहीं छोड़ा. इन्हीं आदर्शों के सम्मान के लिए, अब हम हर साल 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाते हैं.

धनबाद: बरोरा थानाक्षेत्र के BCCL क्षेत्र में संदिग्ध वाहन पर CISF की लिखित शिकायत, थाना में केस दर्ज न होने से बढ़े सवाल

BCCL बरोरा एरिया-1 में एक संदिग्ध वाहन को लेकर CISF द्वारा उठाया गया मुद्दा अब चर्चा का विषय बन गया है। CISF ने इस संबंध में BCCL प्रबंधन को लिखित शिकायत सौंपी थी, लेकिन आरोप है कि BCCL अधिकारियों की ओर से बरोरा थाना में अब तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई।



सूत्रों के अनुसार, माइंस परिसर में संजय उद्योग कंपनी का एक वाहन संदिग्ध अवस्था में खड़ा मिला था। वाहन के पास जरूरी कागजात नहीं थे और न ही उसमें GPS सिस्टम लगा हुआ था, जो सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन माना जाता है। CISF ने इसे सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील मामला बताते हुए इसकी जानकारी BCCL प्रबंधन को लिखित आवेदन दी थी।

बरोरा थानाक्षेत्र में स्थित BCCL एरिया-1 होने के कारण स्थानीय थाना की जिम्मेदारी बनती है कि औपचारिक शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करे। लेकिन अब तक केस दर्ज न होने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि खदान क्षेत्र में बिना अनुमति और बिना दस्तावेज वाहन का पाया जाना गंभीर विषय है, जिसका प्रभाव उत्पादन और सुरक्षा दोनों पर पड़ सकता है।

स्थानीय स्तर पर उम्मीद जताई जा रही है कि BCCL प्रबंधन और पुलिस प्रशासन जल्द इस मामले में कार्रवाई कर स्थिति को स्पष्ट करेंगे।

चांडिल में बदहाल सफाई व्यवस्था: मुख्य सड़क किनारे नालियां जाम, सड़क पर बह रहा गंदा पानी

चांडिल: देशभर में स्वच्छता अभियान की चर्चा हो रही है, लेकिन चांडिल की तस्वीर इसके बिल्कुल विपरीत दिखाई देती है। कभी अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और पिकनिक स्थल के लिए मशहूर रहा चांडिल आज बदहाल सफाई व्यवस्था की मार झेल रहा है। मुख्य बाजार क्षेत्र से गुजरने वाली सड़क के दोनों किनारों की नालियां लंबे समय से जाम पड़ी हैं। नतीजा यह है कि घरों और दुकानों का गंदा पानी नालियों में जाने के बजाय सीधे सड़क पर बह रहा है। इससे स्थानीय लोगों का जीवन दिक्कतों से भर गया है।





फल विक्रेता एमडी आलम के अनुसार, सड़क पर फैल रहे नाली के दूषित पानी से स्कूल-कॉलेज के छात्र, पैदल चलने वाले लोग और दोपहिया वाहन चालक रोजाना परेशानी झेलते हैं। पानी और कचरे के कारण सड़क पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे कई छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसके अलावा गंदगी, मच्छर और बदबू के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है, जिससे बाजार में आवाजाही भी घटने लगी है।

वहीं स्थानीय मुखिया मनोहर सिंह सरदार ने बताया कि पिछले दो वर्षों से फंड उपलब्ध न होने के कारण नालियों की सफाई का काम रुका हुआ था। हालांकि अब प्रशासनिक बाधाएं दूर कर दी गई हैं और जैसे ही फंड प्राप्त होगा, सफाई कार्य शुरू करा दिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही स्थिति में सुधार लाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द कार्रवाई करे और नालियों की सफाई कराए, ताकि चांडिल की पहचान, सुंदरता और सुविधा दोबारा वापस लौट सके।















देश को मिले नये CJI, राष्ट्रपति ने दिलाई शपथ, समारोह हुआ कुछ खास

देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस सूर्यकांत ने आज राष्ट्रपति भवन में पद और गोपनीयता की शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें शपथ दिलाई। खास बात यह रही कि उन्होंने शपथ हिंदी में ली। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति, कई केंद्रीय मंत्री, देश-विदेश के शीर्ष न्यायाधीश मौजूद रहे। शपथ के तुरंत बाद पूर्व मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने एक अनोखी परंपरा शुरू की—उन्होंने अपनी आधिकारिक कार राष्ट्रपति भवन परिसर में ही छोड़ दी ताकि उनके उत्तराधिकारी जस्टिस सूर्यकांत सीधे उसी कार में सुप्रीम कोर्ट पहुंच सकें। मुख्य न्यायाधीश के पद से विदाई के इस विनम्र लहजे की देशभर में सराहना हो रही है।


जस्टिस सूर्यकांत बने देश के 53वें CJI, राष्ट्रपति मुर्मू ने दिलाई शपथ, 15 महीने का होगा कार्यकाल | Justice SuryaKant will become the 53rd CJI oath ceremony live updates

जस्टिस सूर्यकांत का शपथ ग्रहण समारोह ऐतिहासिक इसलिए भी रहा क्योंकि पहली बार छह देशों के मुख्य न्यायाधीश इस कार्यक्रम में शामिल हुये। शपथ के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में गांधीजी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और कोर्ट नंबर-1 में कामकाज संभालकर अपनी जिम्मेदारी की शुरुआत की।

जस्टिस सूर्यकांत बने नए CJI-राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिलाई शपथ

हरियाणा के एक साधारण गांव से निकलकर देश की सर्वोच्च न्यायिक कुर्सी तक का सफर तय करने वाले जस्टिस सूर्यकांत ईमानदारी, मेहनत और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। 2027 तक का उनका कार्यकाल कई महत्वपूर्ण फैसलों और न्यायपालिका के भविष्य की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।

आदित्यपुर: ब्रेन हेमरेज से पीड़ित मरीज की गंगोत्री हेल्थ केयर में सफल सर्जरी, तीन दिन बाद आया होश

ब्रेन हेमरेज़ के कारण पिछले तीन दिनों से बेहोश चल रहे एक मरीज की हालत अत्यंत गंभीर हो गई थी। बड़े अस्पतालों में न्यूरो ऑपरेशन का खर्च अधिक होने के कारण परिजन ऑपरेशन कराने में असमर्थ थे। इसी बीच किसी ने उन्हें सलाह दी कि गंगोत्री हेल्थ केयर में अनुभवी न्यूरो विशेषज्ञ उपलब्ध हैं।




इसके बाद परिजनों ने मरीज को तुरंत गंगोत्री हेल्थ केयर में भर्ती कराया, जहां न्यूरो सर्जन **डॉ. एस. नारायण** ने स्थिति का आकलन कर तुरंत ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। डॉक्टर नारायण ने जटिल परिस्थितियों के बावजूद सफलतापूर्वक सर्जरी की।



सर्जरी के बाद मरीज धीरे-धीरे होश में आया और बातचीत भी करने लगा। मरीज के स्वस्थ होने पर परिजन अत्यंत खुश नजर आए। उनका कहना है कि अन्य अस्पतालों की तुलना में यहाँ इलाज का खर्च भी काफी कम आया, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली।











रांची: 30 मार्च 2026 से पहले झारखंड में हो जाएंगे नगर निकाय चुनाव! राज्य निर्वाचन आयोग ने HC में दिया शपथ पत्र

राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव के लिए कोर्ट से मांगा समय, कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 30 मार्च मुक़र्रर की



रांची : झारखंड में लंबे समय से लंबित शहरी निकाय चुनाव नहीं होने पर रौशनी खलखो की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस आनंदा सेन की अदालत में सुनवाई हुई है. राज्य निर्वाचन आयोग ने कोर्ट को बताया है कि विस्तृत तैयारी के लिए 8 सप्ताह की जरुरत पड़ेगी. साथ ही चुनावी प्रक्रिया पूर्ण करने में अतिरिक्त 45 दिन लगेंगे. इस बाबत सीलबंद शपथ पत्र 22 नवंबर को ही दाखिल कर दिया गया था. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विनोद सिंह ने बताया कि सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 30 मार्च तय कर दी है.

 राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारी के लिए मांगा समय

प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता विनोद सिंह जबकि राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ने पक्ष रखा. वहीं राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अधिवक्ता सुमित गड़ोदिया ने दलील पेश की. महाधिवक्ता ने बताया कि चुनाव से जुड़े सभी निर्णयों की प्रतियां राज्य निर्वाचन आयोग को दे दी गई हैं. वहीं राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से कहा गया है कि चुनाव कराने को लेकर आयोग गंभीर है. लेकिन इसकी तैयारी के लिए 8 सप्ताह और चुनाव प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए 45 दिन लगेंगे. कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से दाखिल सीलबंद शपथ पत्र का अवलोकन करने के लिए सुनवाई की अगली तारीख 30 मार्च 2026 तय की है.

 9 नगर निगम जहां होने हैं चुनाव

रांची, हजारीबाग, मेदनीनगर, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, चास, आदित्यपुर और मानगो

 20 नगर परिषद जहां होने हैं चुनाव

गढ़वा, विश्रामपुर, चाईबासा, झुमरी तिलैया, चक्रधरपुर, चतरा, चिरकुंडा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा, गुमला, जुगसलाई, कपाली, लोहरदगा, सिमडेगा, मधुपुर, रामगढ़, साहिबगंज, फुसरो और मिहिजाम.

 19 नगर पंचायत जहां होने हैं चुनाव

बंशीधर नगर, मझिआंव, हुसैनाबाद, हरिहरगंज, छतरपुर, लातेहार, कोडरमा, डोमचांच, बड़की सरैया, धनवार, महगामा, राजमहल, बरहरवा, बासुकीनाथ, जामताड़ा, बुंडू, खूंटी, सरायकेला और चाकुलिया.

 क्या हुआ था पिछली सुनवाई के दौरान

पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने चुनाव की संभावित तारीख की मांग करते हुए सुनवाई के लिए 24 नवंबर की तारीख तय की थी. तब महाधिवक्ता राजीव रंजन की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि सरकार ने नगर निकाय चुनाव के लिए कराए गए ट्रिपल टेस्ट की रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप दी है. सीटों के आरक्षण, जनसंख्या सूची सहित कुछ बिंदुओं पर आयोग ने अतिरिक्त जानकारी मांगी है, जिसे जल्द मुहैया करा दिया जाएगा.

 वर्तमान वित्तीय वर्ष के भीतर चुनाव संभव

बता दें कि जून 2020 से 12 शहरी निकायों में चुनाव नहीं हुए हैं. इसके अलावा 27 अप्रैल 2023 के बाद से राज्य में कोई शहरी निकाय चुनाव नहीं हुआ है. इसमें नगर निगम, नगर परिषद और नगर निकायों की कुल संख्या 48 है. हाईकोर्ट ने 4 जनवरी 2024 को आदेश पारित कर तीन सप्ताह के भीतर चुनाव सुनिश्चित कराने को कहा था.

इस डेडलाइन के फेल होने पर अवमानना याचिका दायर हुई थी. अब राज्य निर्वाचन आयोग के रुख से स्पष्ट है कि झारखंड में अब 30 मार्च 2026 से पहले निकाय चुनाव का काम पूरा कर लिया जाएगा. उम्मीद जताई जा रही है कि फरवरी 2026 से मार्च 2026 के बीच चुनाव का कार्य पूरा करा लिया जाएगा.

मंगलवार, 25 नवंबर 2025

रांची: स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के बिगड़े बोल, कहा : बीएलओ एसआइआर करने आए तो बांधकर रखें

रांची :-झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने रविवार को ‘सेवा के अधिकार सप्ताह’ के दौरान स्टैंडर्डाइज्ड इंफॉर्मेशन रिपोर्ट को लेकर केंद्र सरकार और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि एसआइआर की आड़ में मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश रची जा रही है। अपने संबोधन में उन्होंने अत्यंत विवादित टिप्पणी करते हुए लोगों से कहा कि यदि बीएलओ घर पर एसआईआर के लिए जानकारी लेने आएं, तो उन्हें बांधकर रख दें.



राँची : सीएम हेमंत ने जनगणना 2027 को लेकर दिये सख्त निर्देश

राँची : सीएम हेमंत सोरेन ने राज्य में होने वाली जनगणना 2027 को ध्यान में रखते हुए एक अहम निर्देश जारी किया है। जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियम 1990 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि झारखंड की किसी भी प्रशासनिक इकाई की सीमा में अब बदलाव नहीं किया जाएगा।



01 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक रोक

निर्देश के अनुसार जिला, अनुमंडल, प्रखंड, नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत, छावनी परिषद, वार्ड, पंचायत और गांव जैसी सभी इकाइयों की सीमाओं में 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक कोई भी परिवर्तन नहीं होगा। सरकार का मानना है कि जनगणना के दौरान सीमा परिवर्तन से डेटा संग्रह में दिक्कतें आती हैं, इसलिए यह कदम जरूरी है।

31 दिसंबर 2025 तक किए गए बदलावों की जानकारी भेजने का आदेश

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि 31 दिसंबर 2025 तक जिन क्षेत्रों की सीमाओं में बदलाव किए गए हैं, उनकी पूरी जानकारी और संबंधित अधिसूचनाएं जनगणना निदेशालय, झारखंड, रांची को जल्द भेजी जाएं। इससे आगामी जनगणना की प्रक्रिया को सही ढंग से तैयार करने में मदद मिलेगी।

सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश

राज्य सरकार ने सभी विभागों को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि जनगणना से पहले प्रशासनिक इकाइयों की स्थिति पूरी तरह साफ हो सके। सरकार का लक्ष्य है कि 2027 की जनगणना बिना किसी बाधा के, सटीक और सुचारू रूप से पूरी की जा सके।

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