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सोमवार, 29 दिसंबर 2025

चतरा में TSPC के पूर्व टॉप कमांडर समेत दो की गोली मारकर हत्या, दो गंभीर घायल, इलाका पुलिस छावनी में तब्दील

चतरा जिले के कुंदा थाना क्षेत्र अंतर्गत गेंद्रा गांव में रविवार देर रात आपसी विवाद के दौरान हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से इलाके में सनसनी फैल गई। इस घटना में प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीएसपीसी के पूर्व टॉप कमांडर देवेंद्र गंझू और उसके साथी चुरामन गंझू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि श्याम भोक्ता और उसका साला गोपाल भोक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार की देर रात देवेंद्र गंझू अपने कुछ साथियों के साथ गेंद्रा गांव स्थित श्याम भोक्ता के घर पहुंचा था। बताया जा रहा है कि किसी पुराने विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई। विवाद इतना बढ़ गया कि घर के भीतर ही गोलीबारी शुरू हो गई। इस दौरान चली गोलियों में देवेंद्र गंझू और चुरामन गंझू की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि श्याम भोक्ता और गोपाल भोक्ता गंभीर रूप से जख्मी हो गए।

घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को पहले प्रतापपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें डाल्टनगंज भेजा गया। हालत गंभीर होने पर श्याम भोक्ता को बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर कर दिया गया, जबकि गोपाल भोक्ता को मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भी प्राथमिक उपचार दिया गया।

मृतक देवेंद्र गंझू टीएसपीसी का पूर्व टॉप कमांडर रह चुका था। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ झारखंड के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हत्या, रंगदारी, लेवी वसूली सहित 36 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। वहीं घायल श्याम भोक्ता भी पहले टीएसपीसी संगठन से जुड़ा रहा है और उस पर दर्ज एक मामले की जांच वर्तमान में एनआईए द्वारा की जा रही है। बताया जा रहा है कि वह हाल ही में जेल से बाहर आया था।

ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि बीते दिनों पलामू जिले के पांकी इलाके में टीएसपीसी के हथियार फैक्ट्री मामले का खुलासा हुआ था, जिसकी जांच एनआईए कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि अफीम की अवैध कमाई और पूर्व में ली गई लेवी की रकम के बंटवारे को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव चल रहा था, जो अंततः इस खूनी संघर्ष में बदल गया।

घटना की सूचना मिलते ही कुंदा थाना प्रभारी प्रिंस कुमार सिंह, इंस्पेक्टर सनोज कुमार चौधरी सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर साक्ष्य एकत्र किए और पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। सुरक्षा के मद्देनज़र क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

चतरा के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला आपसी विवाद का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि हर बिंदु पर गहन जांच की जा रही है और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।

राँची: झारखंड में पारा लुढ़का, पड़ा पाला, कबतक रहेगा ऐसा

राँची : झारखंड में ठंड ने अचानक तेवर तीखे कर लिये हैं। राजधानी रांची समेत कई जिलों में शीतलहर का असर साफ दिख रहा है। रांची का न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री कम है। हालात ऐसे हैं कि राज्य के कई हिस्सों में 14 दिनों का न्यूनतम पारा 10 डिग्री से नीचे चला गया है। दिन में भी ठंड से सुकून नहीं मिला, रांची का अधिकतम तापमान 22.2 डिग्री रहा, यानी धूप के बावजूद हल्की ठंडक बनी रही और मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। रांची के मौसम केंद्र के अनुसार, रांची के बाद सबसे ठंडा गुमला रहा। वहीं बोकारो, देवघर और कोडरमा में न्यूनतम तापमान 5 से 8 डिग्री के बीच रहा, जो सामान्य से नीचे है और कोल्ड वेव की स्थिति बनी हुई है।



खूंटी, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, सरायकेला समेत अन्य इलाकों में रात का तापमान 3 से 7 डिग्री के बीच रिकॉर्ड हुआ। खुले खेतों और बाहरी इलाकों में पाला पड़ने की खबरें हैं, जिससे ठंड का असर और तीखा महसूस हो रहा है। मौसम विभाग के दैनिक बुलेटिन के अनुसार, अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री तक और गिर सकता है। इसके बाद अगले 3 दिनों में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी संभव है। अचानक गिरे तापमान और कोल्ड वेव को देखते हुये बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

बिहार: अनंत सिंह के बेटे मिले CM नीतीश कुमार से, आगे क्या

बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल है, और इसकी धड़कन सीधे मोकामा से आ रही है। बाहुबली विधायक अनंत सिंह से जुड़ी एक अहम सियासी तस्वीर सामने आई है। मोकामा के मौजूदा विधायक और ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर अनंत सिंह की पूर्व विधायक पत्नी नीलम देवी, अपने दोनों बेटों के साथ CM नीतीश कुमार से मिलने पहुंची। इस मुलाकात के पीछे कोई बड़ा सियासी संकेत छिपा है, इसी सवाल ने मोकामा की राजनीति को गरमा दिया है। दरअसल, अनंत सिंह इन दिनों जेल की सलाखों के पीछे हैं। चुनाव के बीच पटना पुलिस ने उन्हें एक हत्याकांड में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया था। मामला अदालत में विचाराधीन है। इधर, मोकामा और आसपास के इलाकों में उनके समर्थक आज भी उसी उम्मीद के साथ बैठे हैं कि फैसला उनके नेता के हक में आयेगा और ‘छोटे सरकार’ फिर से पुराने रौब के साथ जनता के बीच लौटेंगे। फिलहाल, सबकी निगाहें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।



लेकिन इन सबके बीच मोकामा की राजनीति में जो नया रंग उभर रहा है, वह चौंकाने वाला है। सवाल उठ रहा है, क्या ‘छोटे सरकार’ की विरासत अब अगली पीढ़ी संभालने जा रही है? इन दिनों अनंत सिंह के दोनों बेटे, अंकित और अभिषेक, इलाके में खासे एक्टिव नजर आ रहे हैं। करीब 50 गाड़ियों के काफिले के साथ वे मोकामा विधानसभा क्षेत्र के गांव-गांव पहुंच रहे हैं। लोगों से मिलना, हालचाल पूछना, सुख-दुख बांटना और आशीर्वाद लेना, यह सब कुछ बिल्कुल उसी अंदाज में हो रहा है, जैसा सालों से अनंत सिंह करते आये हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों भाइयों का ठाठ, ठसक और आत्मविश्वास हूबहू अपने पिता जैसा दिख रहा है। यही वजह है कि मोकामा की गलियों में अब नारे भी बदलने लगे हैं। जहां कभी “छोटे सरकार जिंदाबाद” गूंजता था, वहीं अब “अंकित भैया जिंदाबाद” और “अभिषेक भैया जिंदाबाद” की आवाजें सुनाई देने लगी हैं।


इतना ही नहीं, अनंत सिंह के पुराने सिपहसालार, समर्थक और रणनीतिकार भी अब इन्हीं दोनों भाइयों के साथ कदमताल करते दिख रहे हैं। जहां-जहां उनका काफिला पहुंचता है, वहां भीड़, जोश और चर्चा—सब कुछ पुराने दिनों की याद दिला देता है। स्थानीय नेताओं से मुलाकात, कार्यकर्ताओं के साथ बैठक और आम जनता से सीधा संवाद, यह साफ इशारा कर रहा है कि अंकित और अभिषेक का राजनीति से रिश्ता अब सिर्फ नाम का नहीं रहा। गौर करने वाली बात यह भी है कि पिछले विधानसभा चुनाव में जब अनंत सिंह से उनके बेटों के राजनीतिक भविष्य पर सवाल पूछा गया था, तो बेबाक ‘छोटे सरकार’ उस वक्त गंभीर हो गये थे। उन्होंने कहा था,“अभी लड़कवा के उमर नय हय, अगिला बेरी हो जतय त लड़तय।”

यानी संकेत साफ था, आज नहीं, लेकिन कल जरूर।

राँची: राष्ट्रपति की सुरक्षा में चूक पर ट्रैफिक SP ये बोल गये

राँची : झारखंड की राजधानी रांची में उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई। रांची एयरपोर्ट से निकलने के बाद जैसे ही राष्ट्रपति का काफिला किशोरगंज चौक से गुजरा, तभी एक स्कूटी सवार अचानक सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुये काफिले के अंदर दाखिल हो गया। हालांकि, मौके पर तैनात सतर्क पुलिसकर्मियों ने फौरन हरकत में आते हुये स्कूटी सवार को काफिले से बाहर निकाला और हिरासत में ले लिया। इस दौरान राष्ट्रपति का काफिला बिना रुके आगे बढ़ता रहा, लेकिन घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं। तीन दिवसीय झारखंड दौरे पर आईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन को लेकर रांची एयरपोर्ट से लेकर लोक भवन तक के सभी रास्ते पूरी तरह सील थे। जगह-जगह बैरिकेडिंग, भारी पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी निगरानी के बावजूद स्कूटी सवार का काफिले में प्रवेश कर जाना, सुरक्षा चूक की कहानी खुद बयां कर रहा है। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि राष्ट्रपति का वाहन गुजरने के बाद काफिले की पांच-छह गाड़ियां निकल चुकी थीं। इसी बीच अचानक एक स्कूटी सवार काफिले के बीच आ जाता है। किशोरगंज चौक से पहले ही एक सुरक्षा कर्मी ने उसे रोक लिया और सड़क के किनारे ले जाकर हिरासत में ले लिया।


कुछ न्यूज चैनल और सोशल मीडिया पर रांची में माननीय राष्ट्रपति की सुरक्षा में चूक और उनके कारकेड के बीच एक स्कूटी सवार के घुसने की खबर चलाई जा रही है| रांची पुलिस यह स्पष्ट करना चाहती है कि इस तरह की बात आधारहीन है. वीडियो में साफ तौर पर देखा जा रहा है, कि जब राष्ट्रपति महोदया, महामहिम राज्यपाल और माननीय मुख्यमंत्री का कारकेड काफी दूर निकल चुका था तथा उसके बाद एयरपोर्ट पर प्रतिनियुक्त पदाधिकारी अपनी ड्यूटी से वापस लौट रहे थे तब पीछे पीछे एक स्कूटी सवार भी सड़क पर दिखता है जिसे प्रतिनियुक्त पुलिस कर्मी द्वारा एहतियातन रोका गया। जाँचोपरांत यह पाया गया कि वह विशेष शाखा का पुलिस कर्मी था जो आसूचना संकलन हेतु एयरपोर्ट पर प्रतिनियुक्त था तथा वो भी अन्य पदाधिकारियों की भांति अपने गंतव्य तक जा रहा था। यह पुनः स्पष्ट किया जाता है की वो गाड़िया किसी भी कारकेड का हिस्सा नहीं था. इसी को लेकर कुछ लोगों को संभवतः संशय हुआ कि काफिले की सुरक्षा में चूक हुई। रांची पुलिस के सभी कर्मी अपनी ड्यूटी हेतु सजग एवं प्रतिबद्ध हैं।


राँची: 85 हजार रुपये के चलते दोस्त बना कातिल, क्या बोले SP

खूंटी : जमीन की खरीद-बिक्री में हिस्सेदारी के 85 हजार रुपये को लेकर उपजा विवाद दोस्ती पर इस कदर भारी पड़ा कि मामला खून-खराबे तक पहुंच गया। खूंटी के कर्रा थाना क्षेत्र के गुयू गांव में कांग्रेस नेता सुमित तिग्गा की हत्या की गुत्थी को खूंटी पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल मृतक के दो दोस्तों संजय बालमुचू और दशरथ मुंडा को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी गुयू गांव के ही निवासी हैं। खूंटी SP मनीष टोप्पो ने मामले का खुलासा करते हुये बताया कि बीते 22 दिसंबर की शाम सुमित तिग्गा की गांव के पास जंगल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद से पुलिस लगातार सुराग की तलाश में जुटी थी। इसी क्रम में शनिवार को गुप्त सूचना मिली कि दोनों आरोपी अपने-अपने घरों में छिपे हुये हैं।



सूचना के आधार पर तोरपा ASP ख्रिस्टोफर केरकेट्टा के नेतृत्व में गठित छापेमारी दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुये दोनों आरोपियों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि जमीन बिक्री से मिले पैसों में सुमित तिग्गा ने उन्हें 85 हजार रुपये नहीं दिये थे। इसी रंजिश में उन्होंने हत्या की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक देसी पिस्तौल, एक जिंदा गोली और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है। वहीं, खूंटी पुलिस ने रनिया थाना क्षेत्र में हुई एक अन्य हत्या की गुत्थी भी सुलझा ली है। कोयल नदी के डोंगा घाट से 23 दिसंबर को बरामद अज्ञात शव की पहचान सिमडेगा जिले के रोमजोल गांव निवासी बीबीएल मड़की के रूप में की गई है। SP मनीष टोप्पो ने बताया कि जांच में सामने आया कि बीबीएल की हत्या उसी के परिचित नितिर मड़की उर्फ नितिन ने की थी। दोनों नदी पार कर रहे थे, इसी दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर नितिर ने बीबीएल को नदी के बीच जोर से धक्का दे दिया। धक्का लगने से बीबीएल पास की चट्टान से टकरा गया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसने भी अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।

लखनऊ: न्यू ईयर के जश्न से पहले टूटा भरोसा, इकाना स्टेडियम के नाम पर बड़ा फ्रॉड

लखनऊ : 31 दिसंबर की रात… साल के आखिरी दिन को खास बनाने की चाह हर किसी के दिल में होती है। लखनऊ में भी हजारों लोग न्यू ईयर पार्टी की तैयारी में थे। सोशल मीडिया और टिकट प्लेटफॉर्म पर इकाना स्टेडियम में होने वाली भव्य न्यू ईयर पार्टी के पोस्टर दिख रहे थे। बड़े नाम, लाइव म्यूजिक और जश्न का वादा किया जा रहा था। लोगों ने भरोसा किया। किसी ने दोस्तों के साथ पार्टी की योजना बनाई, तो किसी ने परिवार के लिए टिकट बुक किए। लेकिन यह जश्न शुरू होने से पहले ही एक फ्रॉड की कहानी बन गया।

जब एक कंपनी ने नाम के भरोसे हाथ मिलाया

ethersoftech कंपनी के मालिक लक्ष्मण मौर्य के लिए यह सिर्फ एक इवेंट नहीं था, बल्कि कंपनी की साख का सवाल था। Elite crew कंपनी के मालिक राज सोनी से 31 दिसंबर को इकाना स्टेडियम में न्यू ईयर पार्टी कराने का अनुबंध हुआ। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लगा।लक्ष्मण मौर्य बताते हैं कि उनकी टीम ने पूरे भरोसे के साथ इवेंट की ब्रांडिंग शुरू की। पोस्टर बने, प्रचार हुआ और टिकट बिक्री शुरू हुई। लेकिन अंदर ही अंदर कुछ ऐसा चल रहा था जिसकी भनक किसी को नहीं थी।



सच सामने आया तो हिल गई जमीन

कुछ जानकारियों ने कंपनी को चौकन्ना किया। जब इकाना स्टेडियम से सीधे जानकारी ली गई तो पता चला कि वहां ऐसा कोई कार्यक्रम तय ही नहीं है। न अनुमति थी और न ही कोई बुकिंग। यह वह पल था जब जश्न का सपना टूट गया। लक्ष्मण मौर्य के सामने दो रास्ते थे। या तो चुप रहकर आगे बढ़ जाएं या जनता को सच्चाई बताएं। उन्होंने दूसरा रास्ता चुना।

कंपनी ने उठाया जिम्मेदारी का बोझ

ethersoftech कंपनी ने तुरंत कार्यक्रम रद्द करने का फैसला लिया। BookMyShow के जरिए बिके सभी टिकटों का पैसा वापस कराया गया। टिकट की कीमत 1499 रुपये से लेकर 8999 रुपये तक थी। कंपनी का कहना है कि नुकसान भले ही उन्हें उठाना पड़ा, लेकिन लोगों का भरोसा टूटने नहीं दिया गया। यही वह फैसला था जिसने इस कहानी को एक फ्रॉड से आगे एक मानवीय मिसाल बना दिया।

कलाकार भी बने इस धोखे का शिकार

इस इवेंट में अवध के प्रसिद्ध गायक अनुराग पंडित को आमंत्रित किया गया था। वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे। उनके लिए भी यह सिर्फ एक शो नहीं था, बल्कि अपने श्रोताओं से जुड़ने का मौका था। इसके अलावा यूट्यूबर एलविश यादव के नाम का भी प्रचार किया गया था। बाद में साफ हुआ कि कलाकारों के साथ भी बिना जानकारी के उनके नाम का इस्तेमाल किया गया।

जनता से अपील और प्रशासन से न्याय की मांग

ethersoftech कंपनी ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत थाने और पुलिस कमिश्नर को दी है। कंपनी ने साफ कहा है कि 31 दिसंबर या 1 जनवरी को इकाना स्टेडियम में कोई न्यू ईयर कार्यक्रम नहीं होने वाला है। कंपनी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के भ्रामक प्रचार से सावधान रहें और बिना पुष्टि के टिकट न खरीदें।

जमशेदपुर: मिथिला परिषद का वार्षिक कैलेंडर व पंचांग का हुआ भव्य विमोचन

जमशेदपुर: स्थित मिथिला सांस्कृतिक परिषद द्वारा परिषद के वार्षिक कैलेंडर, मिथिला पंचांग एवं वार्षिक मुखपत्र ‘स्मारिका’ का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में परिषद के पूर्व अध्यक्ष विद्युत शाह समेत कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर मिथिला पंचांग के दाता मनोज ठाकुर सहित अन्य सहयोगियों को परिषद की ओर से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन भगवती वंदना और प्रसाद वितरण के साथ हुआ




सरायकेला: नगर पंचायत के उपाध्यक्ष एवं सक्रिय समाजसेवी मनोज कुमार चौधरी ने संजय कुमार महतो (IES) को बधाई दी

सरायकेला : सरायकेला नगर पंचायत के उपाध्यक्ष एवं क्षेत्र के सक्रिय समाजसेवी मनोज कुमार चौधरी ने आज अपने करीबी सहयोगी संतोष महतो के सुपुत्र, सिविल इंजीनियरिंग (IES) में 140वीं रैंक हासिल करने वाले संजय कुमार महतो को उनके आवास पर पहुंचकर व्यक्तिगत रूप से बधाई दी। बधाई देने में सरायकेला चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल भी थे, इस अवसर पर श्री चौधरी ने भावपूर्ण शब्दों में कहा, “मेहनत लग्न और निष्ठा से मंजिल पाई जा सकती है। UPSC सिविल इंजीनियरिंग जैसी देश की प्रतिष्ठित परीक्षा में 140वीं रैंक हासिल कर संजय ने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे गाँव‑समाज के लिए गौरव का विषय बना दिया है। उनकी यह अद्भुत सफलता यह सिद्ध करती है कि कड़ी मेहनत, सच्ची लगन और दृढ़ संकल्प से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।”



श्री चौधरी ने आगे कहा, “समाज में उपलब्धि प्राप्त करने वाले को प्रोत्साहित करना समाज का दायित्व है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संजय महतो की उपलब्धि न सिर्फ़ व्यक्तिगत जीत है, बल्कि समस्त क्षेत्र के युवाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। यह संदेश सभी को प्रेरित करेगा कि सही दिशा में निरंतर प्रयास करने से सफलता निश्चित है।






राष्ट्रपति के NIT सरायकेला आगमन को ऐतिहासिक बताया, मनोज चौधरी ने सरायकेला छऊ को सम्मान देने की उठाई मांग

सरायकेला :सरायकेला नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सरायकेला खरसावां जिले NIT में आगमन को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया, उनका दौरा क्षेत्र की विशेषता, संस्कृति, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढाँचा आदि सामाजिक‑आर्थिक पहलुओं के त्वरित कार्यान्वयन की दिशा में इतिहासिक कदम साबित होगा।




उन्होंने ने कहा कि यह हर्ष का विषय है कि हमारे क्षेत्र की एक सामान्य महिला देश के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति के रूप में कल 29 दिसंबर को हमारे जिले के राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित संस्थान NIT सरायकेला खरसावां के 15वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेकर राष्ट्रपति मेधावी छात्रों को डिग्रियां एवं स्वर्ण पदक प्रदान करेंगी, जिससे संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता राष्ट्रीय स्तर पर उजागर होगी और दो प्रतिष्ठित हस्तियों को मानद उपाधि दी जाएगी। यह दौरा झारखंड के औद्योगिक‑शैक्षणिक हब को राष्ट्रीय विकास की मुख्य धारा में लाने का संदेश देता है, देश में विकास के विज़न में NIT की प्रमुख भूमिका को रेखांकित करता है तथा स्थानीय युवाओं में तकनीकी शिक्षा के प्रति आकर्षण बढ़ाकर रोजगार व नवाचार को प्रोत्साहित करेगा।

सरायकेला‑खरसावां जिला प्रशासन ने गार्ड ऑफ़ ऑनर, नो‑फ़्लाई ज़ोन, पुख्ता पुलिस तैनाती और रूट‑इन्स्पेक्शन सहित व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की है; उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह व पुलिस अधीक्षक मुकेश लुनायत ने स्वयं सड़कों का निरीक्षण कर समन्वय सुनिश्चित किया है जो प्रशंसनीय है 

इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान जिला प्रशासन एवं क्षेत्र के दिग्गज जनप्रतिनिधियों को राष्ट्रपति महोदया को क्षेत्र की विशेषता, संस्कृति एवं लोक कलाओं से रुबरु कराकर उनके उत्थान का प्रयास करना चाहिए लेकिन अफसोस है कि पूरे आयोजन में विश्व प्रसिद्ध सरायकेला शैली के छऊ को नजरअंदाज किया जा रहा है सोशल मीडिया के माध्यम से अनुरोध है कि अंतिम समय पर जिला प्रशासन स्वविवेक का परिचय देते हुए सरायकेला छऊ शैली को उचित स्थान और सम्मान देने का काम करें।




























चांडिल:नारायण आईटीआई लुपुंगडीह, चांडिल में महान उद्योगपति रतन टाटा की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई ।

रतन टाटा सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रनिर्माण के प्रतीक :- जटाशंकर पांडे

उक्त बाते श्री जटाशंकर पांडे जी ने नारायण प्राइवेट आईटीआई, लुपुंगडीह, चांडिल में देश के महान उद्योगपति, समाजसेवी एवं टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष रतन टाटा की जयंती समारोह के अवसर पर कहा 

कि रतन टाटा सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रनिर्माण के प्रतीक थे। *उनके नेतृत्व में टाटा समूह ने देश ही नहीं बल्कि विश्व स्तर पर पहचान बनाई। टाटा नैनो, टाटा स्टील का अंतरराष्ट्रीय विस्तार, जगुआर-लैंड रोवर का अधिग्रहण जैसे ऐतिहासिक कार्य उनके दूरदर्शी नेतृत्व के उदाहरण हैं।* साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और आपदा राहत के क्षेत्र में उनके सामाजिक योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।

*डॉ. पांडे जी* ने कहा कि रतन टाटा का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और उनके आदर्शों को अपनाकर ही सशक्त भारत का निर्माण संभव है।



इस अवसर पर संस्थान के प्रशिक्षार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने रतन टाटा के विचारों और कार्यों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन श्रद्धांजलि के साथ किया गया ।

इस अवसर पर मुख्य रूप से मौजूद रहे प्राचार्य जयदीप पांडे, शांति राम महतो, प्रकाश महतो, देवाशीष मंडल, शुभम साहू, भगत लाल तेली, शशि प्रकाश महतो,संजीत महतो, पवन महतो, गौरव महतो, कृष्णा पद महतो,आदि मौजूद रहे ।






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