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Saubhagya Bharat News

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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सोमवार, 5 जनवरी 2026

दिल्ली ब्लास्ट मामले में बड़ा खुलासा: ड्यूल फोन व घोस्ट सिम..., पाक हैंडलरों से डॉक्टर नबी समेत आतंकी ऐसे करते थे बात

लाल किले आतंकी हमले की साजिश रचने वाले आतंकी डॉक्टर उमर नबी और व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल ने अपनी पहचान छिपाने के लिए सिम क्लोनिंग, घोस्ट सिम कार्ड और एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल किया।_


इंदौर के बाद यूपी के बिजनौर में नलों से आ रहा दूषित पानी, कई लोग बीमार

_बिजनौर में छोईया नदी के किनारे बसे गांवों में दूषित भूगर्भ जलस्तर के कारण नलों से पीला पानी आ रहा है। हादरपुर गांव में दूषित पानी पीने से 10 लोगों की कैंसर से मौत हो चुकी है, जबकि कई पीलिया से पीड़ित हैं।_


महाराष्ट्र को यूपी-बिहार बना रहे हैं', ठाकरे ब्रदर्स ने महायुति पर साधा निशाना

_उद्धव और राज ठाकरे ने बीएमसी चुनावों के लिए संयुक्त 'वचन नामा' जारी किया। उन्होंने महायुति पर महाराष्ट्र को यूपी-बिहार में बदलने और लोकतंत्र को भीड़तंत्र में बदलने का आरोप लगाया।_


जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी न होने से बढ़ी चिंता, गर्मियों में होगी बहुत दिक्कत; जल संकट का भी मंडराया खतरा

जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी न होना चिंता का विषय बन गया है, खासकर 'चिल्ले कलां' के दौरान। इससे गर्मियों में सिंचाई और पीने के पानी की कमी का खतरा है।_


शूट पर बेहद खराब थी Rajesh Khanna की हालत, एंबुलेंस से आकर करते थे शूटिंग

राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) अपने अंतिम दिनों में भी उतने ही पेशेवर और समर्पित थे जितने अपनी जवानी में। फिल्म निर्माता आर. बाल्की ने बताया कि उन्होंने राजेश खन्ना के आखिरी विज्ञापन (हैवेल्स फैन) का निर्देशन किया था। उस समय राजेश खन्ना बहुत बीमार थे, उन्हें व्हीलचेयर पर लाया जाता था और IV ड्रिप लगी होती थी।


IGI एयरपोर्ट पर कोहरे की मार! दिल्ली से रवाना होने वाली दो तिहाई फ्लाइट्स लेट, आठ उड़ानें रद

दिल्ली एयरपोर्ट पर रविवार को कोहरे के कारण उड़ानों पर गहरा असर पड़ा। लगभग दो-तिहाई उड़ानें विलंबित हुईं, जबकि आठ उड़ानें रद्द कर दी गईं। इनमें एलायंस एयर, एयर इंडिया और इंडिगो की उड़ानें शामिल थीं।_


जनवरी में घूमने का है प्लान? गुलमर्ग से लेकर कच्छ तक, ये जगहें बना देंगी आपकी ट्रिप को यादगार

_क्या आप जनवरी में कहीं घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं? अगर हां, तो इस मौसम में भारत की कई जगहें घूमने के लिए बिल्कुल परफेक्ट हैं। दरअसल, इस मौसम में इन जगहों का मौसम काफी सुहाना होता है और आप आइस स्केटिंग और स्नोर्कलिंग जैसी एक्टिविटीज भी कर सकते हैं।_


हनीट्रैप में फंसकर सेना की सूचनाएं देने वाला गिरफ्तार, कई महीनों से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था

_अंबाला में हनीट्रैप का शिकार होकर सेना की गोपनीय जानकारी पाकिस्तान को देने वाले सुनील कुमार को गिरफ्तार किया गया है। वह छह-सात महीने से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था।_


गाना रिजेक्ट होने पर रोने लगे थे आर डी बर्मन

_हिंदी सिनेमा के संगीत से सुरताज राहुल देव बर्मन यानी आर डी बर्मन की आज डेथ एनिवर्सरी मनाई जा रही है। इस दौरान हम आपको उनसे जुड़ा वह किस्सा बताने जा रहे हैं, जब गाना रिजेक्ट होने पर वह रोने लगे थे।_


अर्जुन मुंडा ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल, कहा- पेसा नियमावली से बदली आदिवासी पहचान

रांची: झारखंड सरकार की पेसा नियमावली को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने रविवार को कहा कि सरकार ने पेसा एक्ट की आत्मा पर ही कुठाराघात किया है. यह नियमावली पेसा एक्ट 1996 की मूल भावना के विपरीत है और आदिवासी समाज के साथ धोखाधड़ी की गई है.

अर्जुन मुंडा प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बात कर रहे थे. संवाददाता सम्मेलन में श्री मुंडा के साथ भाजपा के प्रदेश महामंत्री एवं सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा, मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक और प्रवक्ता राफिया नाज भी उपस्थित थे.

अर्जुन मुंडा ने कहा कि झारखंड में पेसा नियमावली लागू करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी. कई लोग न्यायालय भी गए. सरकार पर दबाव बना. फिर कैबिनेट से पास नियमावली सामने आई, लेकिन यह अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरती. 

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पेसा एक्ट वर्ष 1996 से लागू है और इसके बेहतर क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार को नियमावली बनाने का अधिकार जरूर है, लेकिन एक्ट की मूल भावना से छेड़छाड़ करने का अधिकार किसी सरकार को नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार ने नियमावली में एक्ट के मूल विषय का एक तरह से कोल्ड ब्लडेड मर्डर किया है.

अर्जुन मुंडा ने ग्राम सभा की परिभाषा को लेकर कहा कि किसी भी नियम में परिभाषा उसकी प्रस्तावना में स्पष्ट रूप से दी जाती है, जिससे उसके विस्तृत स्वरूप की दिशा तय होती है. झारखंड सरकार द्वारा घोषित पेसा नियमावली में ग्राम सभा की परिभाषा पेसा एक्ट 1996 से अलग और अस्पष्ट है. प्रस्तावना में केवल परंपरा का उल्लेख है, जबकि एक्ट में ग्राम सभा को रूढ़िजन्य विधि, धार्मिक प्रथा और परंपराओं के आधार पर परिभाषित किया गया है. 

अर्जुन मुंडा ने चेतावनी दी कि जब मूल भावना ही खत्म कर दी जाएगी तो इसके परिणाम गंभीर होंगे. यह नियमावली प्रशासन और संस्थाओं को मनमानी की छूट देगी और शासन तंत्र का संस्थागत विकास कमजोर होगा. उन्होंने कहा कि नियमावली भले ही पृष्ठों के हिसाब से बड़ी हो, लेकिन भावों के हिसाब से शून्य है. देर से बनी यह नियमावली दुरुस्त नहीं है और आदिवासी समाज के चारित्रिक स्वरूप को बदलने का प्रयास करती है.

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