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Saubhagya Bharat News

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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मंगलवार, 13 जनवरी 2026

अनिल अंबानी पर कार्रवाई की रोक के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे तीन सरकारी बैंक, सिंगल बेंच के आदेश को दी चुनौ

उद्योगपति अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस के खातों को फ्रॉड घोषित करने पर लगी रोक के खिलाफ तीन सरकारी बैंकों ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है। बैंकों ने दिसंबर 2025 में आए सिंगल बेंच के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें अनिल अंबानी और उनकी कंपनी को अंतरिम राहत दी गई थी। उस आदेश में अदालत ने कहा था कि बैंकों ने आरबीआई के अनिवार्य नियमों का पालन नहीं किया और कई साल बाद अचानक कार्रवाई शुरू की, जो गहरी नींद से जागने जैसा मामला है।


लल्लन टाॅप के सौरभ द्विवेदी का कॉलेज में शुरू हुआ प्यार, जाति की दीवार तोड़ रचाई शादी, कुछ ऐसी है उनकी लवस्टोरी

लल्लनटॉप छोड़ा है, वह सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं। उनके चाहनेवाले इंस्टाग्राम और ट्विटर पर उनकी नई पारी के बारे में सवाल कर रहे हैं।

साथ ही, उनकी निजी जिंदगी, पत्नी और लव स्टोरी भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है। गिरिजा ओक के साथ किए लंबे इंटरव्यू में उन्होंने पत्नी गुंजन के साथ अपने रिश्ते और प्यार की कहानी डिटेल में शेयर की थी। इसमें उन्होंने कहा था कि उनकी वाइफ ही सबसे अच्छी दोस्त और आलोचक हैं।

सौरभ द्विवेदी की लव स्टोरी टू स्टेट्स फिल्म की कहानी की तरह है। कॉलेज में साथ पढ़ते हुए प्यार हुआ और फिर जाति और दूसरी संस्कृति की सीमाओं के बंधन आखिरकार टूट ही गए। प्रवीण कुमार के साथ अपने इंटरव्यू में सौरभ ने कहा था कि उनकी पत्नी रोहतक की हैं और जाट हैं। अलग जाति की होने की वजह से उनके रिश्ते के लिए परिवार को मनाने में मुश्किल आई थी।

*कॉलेज में हुई दोस्ती, जल्द डूबे प्यार में*

गिरिजा ओक के साथ इंटरव्यू में सौरभ द्विवेदी ने बताया कि उनकी पत्नी गुंजन उनके साथ दिल्ली के आईआईएमसी में पढ़ती थीं। दोनों एक ही बैच में थे और यहीं दोस्ती हुई। इसके बाद यह दोस्ती जल्द प्यार में बदल गई। गुंजन और सौरभ दोनों के परिवार के लिए यह रिश्ता स्वीकार करना शुरू में मुश्किल था। गुंजन एक सैन्य परिवार से आती हैं और मूल रूप से हरियाणा की हैं, जबकि सौरभ का परिवार बुंदेलखंड का रहनेवाला है। हालांकि, 2010 में दोनों ने परिवार की रजामंदी के साथ शादी कर ली। सौरभ और गुंजन दोनों ने जेएनयू से भी पढ़ाई की है।

*पत्नी को मानते हैं अपना सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्टम*

सोशल मीडिया पर और अपने इंटरव्यू में भी सौरभ द्विवेदी कई बार कह चुके हैं कि उनकी पत्नी गुंजन ही उनका सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्टम हैं। दोनों एक-दूसरे के सबसे अच्छे दोस्त और गाइड भी हैं। गुंजन ने शुरुआती कुछ सा पत्रकारिता की नौकरी की और फिर जेएनयू से एमए और एमफिल किया। फिलहाल वह कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन की फील्ड में काम करती हैं।

सौरभ और गुंजन के रिश्ते में शुरुआत में भले ही कठिनाई आई हो, लेकिन वक्त के साथ यह पहले से मजबूत होता गया। लल्लनटॉप से अलग होने के बाद अब उनकी नई पारी को लेकर अटकलों का दौर जारी है। कहा जा रहा है कि वह जल्द फिल्मी दुनिया में स्क्रिप्ट राइटर और डॉयलॉग रायटर के तौर पर अपनी पारी शुरू कर सकते हैं

*जल्द शुरू कर सकते हैं नई पारी*

पत्रकारिता से ब्रेक लेने के बाद सौरभ सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं। इंस्टाग्राम पर वह अपनी तस्वीरें डालते रहते हैं और वहां भी उनके प्रशंसक एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि आगे कहां से अपनी पारी शुरू करने वाले हैं। सौरभ दिवाली या ऐसे दूसरे खास मौकों पर अपनी पत्नी के साथ तस्वीरें शेयर करते हैं।

दरभंगा राजघराने की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी का हुआ निधन,96 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, मिथिला की विरासत पर गम का साया

 दरभंगा : दरभंगा की सियासत, समाज और सांस्कृतिक तहज़ीब से जुड़ी एक अहम शख़्सियत आज खामोशी से इस संसार को विदा हो गई। दरभंगा राजघराने की अंतिम महारानी, स्वर्गीय महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह की धर्मपत्नी महारानी कामसुंदरी देवी ने 96 वर्ष की उम्र में इस नश्वर दुनिया को अलविदा कह दिया।

सोमवार को उन्होंने राज परिसर स्थित कल्याणी निवास में आख़िरी सांस ली। लंबे अरसे से बीमार रहने के कारण वे बिस्तर पर ही थीं। उनके निधन की ख़बर फैलते ही दरभंगा ही नहीं, बल्कि पूरे मिथिला क्षेत्र में मातम पसर गया।

महारानी कामसुंदरी देवी दरभंगा राजवंश की उस परंपरा की आख़िरी कड़ी थीं, जिसने कभी राजनीति, समाज और सत्ता की धुरी को दिशा दी थी। वे दरभंगा के अंतिम महाराजा कामेश्वर सिंह की तीसरी और अंतिम पत्नी थीं। दोनों का निकाह 1940 के दशक में हुआ था। महाराजा की पहली दो पत्नियां महारानी राजलक्ष्मी और महारानी कामेश्वरी प्रिया पहले ही दुनिया से रुख़्सत हो चुकी थीं। ऐसे में महारानी कामसुंदरी देवी राजपरिवार की सबसे वरिष्ठ और केंद्रीय शख़्सियत बनकर सामने आईं।

राजसी ठाठ बाट के बावजूद उनकी पहचान सिर्फ़ महल तक सीमित नहीं रही। वे सामाजिक सरोकार, परोपकार और ख़िदमत-ए-ख़ल्क़ के लिए जानी जाती थीं। अपने शौहर महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह की याद में उन्होंने 'महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन' की बुनियाद रखी। इस फाउंडेशन के ज़रिए तालीम, सेहत और समाजसेवा के कई काम अंजाम दिए गए, जिसने उन्हें जनता के दिलों में खास मक़ाम दिलाया।


उनके निधन को मिथिला की सामाजिक राजनीतिक विरासत के एक अहम दौर के ख़ात्मे के तौर पर देखा जा रहा है। राजशाही भले ही इतिहास के पन्नों में सिमट चुकी हो, लेकिन महारानी कामसुंदरी देवी जैसी शख़्सियतें आज भी जनमानस में इज़्ज़त और आदर के साथ याद की जाती हैं।

फिलहाल दरभंगा महाराज के वंशज और ट्रस्टी कपिलेश्वर सिंह दिल्ली में हैं। उनके दरभंगा पहुंचने के बाद महारानी का अंतिम संस्कार प्रसिद्ध श्यामा माई कैंपस में पूरे राजकीय और पारंपरिक सम्मान के साथ किया जाएगा। महारानी के निधन से मिथिला की राजनीति और समाज के एक युग का ख़ामोश अंत हो गया है

न प्याज, न लहसुन और न ही पानी. तीन घंटे में ऐसे तैयार होता है देवघर का 'अट्ठे मटन'; अब मिलेगा GI टैग

 देवघर :* झारखंड के देवघर का प्रसिद्ध व्यंजन ‘अट्ठे मटन’ को इंटरनेशनल पहचान दिलवाने के लिए जीआई टैग की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है. जीआई टैग मिल जाने के यह डिश ग्लोबल ब्रांड बन जाएगी.

इस डिश की खास बात यह है कि इसे बिना पानी के तीन घंटे तक पकाया है. ‘अट्ठे मटन’ की डिश सामान्य तौर पर बनने वाले मटन से बिल्कुल अलग है. इसका स्वाद और सुगंध भी अपने आप काफी लाजवाब होता है.

सबसे खास बात यह है कि इस मटन की डिश में प्याज, लहसुन और पानी का उपयोग बिल्कुल नहीं होता है और इसे खास तौर पर लोहे की कड़ाही में पकाया जाता है. शुद्ध घी में लगभग 3 घंटे धीमी आंच में पकने के बाद ‘अट्ठे मटन’ बनकर तैयार होता है. इसकी खुशबू और टेस्ट बिल्कुल ही खास होती है, जो कि मटन खाने के शौकीन लोगों की पहली पसंद है. इसे विशेष तौर पर मिट्टी के बर्तन (कुल्हड़) में ही परोसा जाता है.

अट्ठे मटन को मिलेगा GI टैग

रांची में देवघर की प्रसिद्ध ‘अट्ठे मटन’ बनाने वाले होटल संचालक राहुल ने बताया कि देवघर में बनने वाले अट्ठे मटन का स्वाद अब देश के अन्य राज्यों के साथ-साथ विदेशों तक पहुंच रहा है.अट्ठे मटन की खास रेसिपी की शुरूआत देवघर से हुई थी, जो अपने लजाबव स्वाद के चलते देश-दूनिया में एक अलग ही पहचान बना रही है. देश-दुनिया में इसे खूब पसंद किया जा रहा है. हालांकि, देवघर पहुंचने वाले लोग अट्ठे मटन खाना बिल्कुल भी नहीं भूलते हैं.

1 किलो अट्ठे मटन बनाने में लगता 400 ग्राम घी

इसे खाने के लिए लोग दूर-दूर से यहां पहुंचते हैं. इतना ही नहीं, वह जाते-जाते खानसामा से रेसिपी जरूर पूछते हैं. अट्ठे मटन को लोहे की कढ़ाई में पकाया जाता है. प्रति एक किलो अट्ठे मटन को बनाने में करीब 300 से 400 ग्राम घी लगता है. बता दें कि झारखंड राज्य गठन के बाद सिर्फ सोहराई पेंटिंग को ही जीआई टैग मिल पाया है. अब झारखण्ड सरकार के साथ ही साथ राष्ट्रीय कृषि एवम भूमि विकास बैंक ने झारखंड के नौ बेहतरीन प्रोडक्ट्स के लिए जीआई टैग हासिल करने की लगभग सारी प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है.

*जानें क्या-क्या है लिस्ट में शामिल*

इस लिस्ट में देवघर का प्रसिद्ध अट्ठे मटन भी शामिल है. इसके साथ ही झारखंड के सरायकेला जिला में मिलने वाली खास तरह की ‘कुचाई हल्दी’, सिमडेगा जिला में विशेष तौर पर तैयार किया जाने वाला ‘बीरू गमछा’, सिमडेगा की मीठी इमली और खूंटी जिले की ‘करणी शॉल’ सहित अन्य शामिल है.

पटना एयरपोर्ट पर यात्री की मौत? 40 मिनट तक तड़पती रही महिला, अस्पताल में दम तोडा़

पटना :* बेगुसराय के साहेबपुर कमाल की रहने वाली 61 वर्षीय निर्मला देवी स्पाइसजेट की फ्लाइट (SG-337) से मुंबई जाने वाली थीं। वह दोपहर 3:00 बजे ही एयरपोर्ट पहुंच गई थीं। शाम करीब 4:30 बजे प्रस्थान क्षेत्र में अचानक उन्हें बेचैनी हुई और वह फर्श पर गिरकर छटपटाने लगीं।

हैरानी की बात यह है कि उस समय एयरपोर्ट टर्मिनल पर कोई डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी तैनात नहीं था। स्थिति को बिगड़ता देख एयरपोर्ट प्रशासन ने लाउडस्पीकर पर अनाउंसमेंट किया और यात्रियों में से किसी डॉक्टर को मदद के लिए बुलाया। काफी देर बाद एक यात्री डॉक्टर ने आगे आकर महिला को सीपीआर (CPR) दिया, लेकिन तब तक स्थिति नाजुक हो चुकी थी।

एयरपोर्ट निदेशक चंद्र प्रताप द्विवेदी के अनुसार, महिला 4:40 बजे बेहोश हुई थीं, लेकिन एम्बुलेंस 10 मिनट बाद 4:50 बजे मौके पर पहुंची। इसके बाद उन्हें राजाबाजार स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ शाम 5:13 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यात्रियों का आरोप है कि समय पर प्राथमिक उपचार मिलता तो जान बच सकती थी।

एयरपोर्ट निदेशक ने स्वीकार किया कि उस समय मेडिकल टीम की तैनाती नहीं थी। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट का पिछला चिकित्सा करार खत्म हो चुका है और नया करार मेदांता अस्पताल के साथ किया गया है। हालांकि, मेदांता ने अब तक डॉक्टरों की तैनाती शुरू नहीं की है, जिसके कारण यह शून्य स्थिति पैदा हुई।


पटना जैसा व्यस्त हवाई अड्डा, जहाँ से प्रतिदिन हजारों यात्री सफर करते हैं, वहाँ एक प्राथमिक चिकित्सा दल का न होना सुरक्षा में बड़ी चूक है। एक तरफ जहां अंतरराष्ट्रीय मानक हवाई यात्रा को सुरक्षित बनाने का दावा करते हैं, वहीं राजधानी के मुख्य एयरपोर्ट पर चिकित्सा के नाम पर 'सन्नाटा' पसरा मिला।

इस घटना ने यात्रियों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। पीड़ित परिवार और अन्य यात्रियों ने सवाल उठाया है कि मेदांता के साथ करार होने के बावजूद ड्यूटी पर डॉक्टर क्यों नहीं थे? क्या एयरपोर्ट प्रशासन केवल कागजी खानापूर्ति में व्यस्त था और यात्रियों की जान को जोखिम में छोड़ दिया गया था?

निर्मला देवी की मौत की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव साहेबपुर कमाल में मातम छा गया है। पति चंद्रशेखर सहनी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का कहना है कि उन्होंने हवाई यात्रा इसलिए चुनी थी कि सफर सुरक्षित और आरामदायक होगा, लेकिन उन्हें क्या पता था कि एयरपोर्ट की लापरवाही उनकी जान ले लेगी।

18 जनवरी को पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी, धनबाद को मिलेगी हावड़ा-आनंद विहार अमृत भारत एक्सप्रेस, दो ट्रेन छीन जाने के दर्द पर अमृत भारत एक्सप्रेस लगापायेगी मरहम

 धनबाद : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव-2026 से पहले रेल की राजनीति सरपट दौड़ रही है। इसका फायदा प.बंगाल के साथ ही झारखंड को भी मिल रहा है।

18 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल से एक साथ तीन नई अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इनमें एक हावड़ा-आनंद विहार अमृत भारत एक्सप्रेस धनबाद होकर चलेगी।

तीन अमृत भारत ट्रेनों में- सियालदह- बनारस, संतरागाछी- तंबाराम और हावड़ा- आनंद विहार अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। इसका साथ ही एक पैसेंजर ट्रेन भी शामिल है। हावड़ा से आनंद विहार के बीच चलने वाली अमृत भारत ट्रेन का लाभ धनबाद के यात्रियों को भी मिलेगा। इस ट्रेन के चलने से धनबाद वालों को दिल्ली की एक और साप्ताहिक ट्रेन मिल जाएगी।

हावड़ा आनंद विहार अमृत भारत एक्सप्रेस 27 घंटे 40 मिनट में हावड़ा से आनंद विहार पहुंचाएगी। वापसी में 29 घंटे 15 मिनट में आनंद विहार से हावड़ा पहुंचेगी। धनबाद से आनंदविहार पहुंचने में 22 घंटे 50 मिनट तो वापसी में 24 घंटे 20 मिनट का समय लेगी।

हावड़ा दिल्ली के बीच अधिकतर ट्रेन प्रयागराज और कानपुर होकर चलती हैं। अमृत भारत एक्सप्रेस वाराणसी, लखनऊ, सुल्तानपुर और बरेली के रास्ते आनंद विहार तक चलेगी। 18 को उद्घाटन स्पेशल ट्रेन के रूप में चलने के बाद साप्ताहिक ट्रेन के रूप में चलने की आधिकारिक तिथि की घोषणा की जाएगी।

*धनबाद से छीनी दो ट्रेनों के दर्द पर अमृत भारत लगाएगी मरहम*

धनबाद से दिल्ली के लिए दो स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थी। इनमें एक स्लीपर स्पेशल तो दूसरी एक स्पेशल ट्रेन थी। यात्रियों के शानदार रिस्पांस के बाद भी दोनों ट्रेन छीन गई। दो ट्रेन छीन जाने के दर्द पर अमृत भारत एक्सप्रेस मरहम लगाएगी।

⏱️ हावड़ा-आनंद विहार अमृत भारत एक्सप्रेस का टाइम टेबल

ट्रेन संख्या 13065 (हावड़ा → आनंद विहार)

प्रस्थान: प्रत्येक गुरुवार, हावड़ा से रात 11:10 बजे

धनबाद आगमन: अगले दिन सुबह 3:55 बजे

आनंद विहार आगमन: अगले दिन रात 2:50 बजे

ट्रेन संख्या 13066 (आनंद विहार → हावड़ा)

प्रस्थान: प्रत्येक शनिवार, आनंद विहार से सुबह 5:15 बजे

धनबाद आगमन: अगले दिन सुबह 5:35 बजे

हावड़ा आगमन: दिन में 10:50 बजे

*स्टेशन ठहराव (हावड़ा से आनंद विहार तक)*

हावड़ा-आनंद विहार अमृत भारत एक्सप्रेस निम्नलिखित स्टेशनों पर रुकेगी- बैंडेल, बर्धमान, दुर्गापुर, आसनसोल, धनबाद, गोमो, पारसनाथ, कोडरमा, गया, अनुग्रह नारायण रोड, डेहरी ऑन सोन, सासाराम, भभुआ रोड, डीडीयू (पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन), वाराणसी, जौनपुर सिटी, सुल्तानपुर, निहालगढ़, लखनऊ, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, गजरौला, हापुड़ एवं गाजियाबाद।

केंद्रीय आम बजट रविवार, 1 फरवरी को पेश किया जायेगा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की घोषणा

बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी से की जायेगी

पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा

दूसरा चरण  9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा

दिल्ली:  केंद्रीय आम बजट इस साल रविवार, 1 फरवरी को पेश किया जायेगा. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज सोमवार को इसकी औपचारिक घोषणा की.  अहम बात यह है कि संसदीय इतिहास में पहली बार रविवार को केंद्रीय बजट पेश होगा.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में बजट पेश करेंगी. अपना 9वां बजट बजट पेश करते ही निर्मला सीतारमण मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड के नजदीक पहुंच जायेगी. बता दें कि पूर्व पीएम मोरारजी देसाई के नाम वित्त मंत्री के रूप में  कुल 10 बजट पेश किये जाने की रिकार्ड है.  

बजट सत्र का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के का अभिभाषण  से होगा. वह लोकसभा कक्ष में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी.  राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद  वित्त मंत्री संसद के दोनों सदनों में आर्थिक सर्वेक्षण पेश कर सकती हैं.  संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पूर्व में बता चुके हैं कि बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा, जो 2 अप्रैल तक चलेगा. सत्र को दो चरणों में चलेगा

पहला चरण 28 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा. 13 फरवरी के बाद सत्र स्थगित रहेगा. सत्र 9 मार्च को दोबारा शुरू होगा. दूसरा चरण  9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा.

रामगढ़ः बरकाकाना स्टेशन पर ट्रेन से 79.7 किलो गांजा बरामद, एक तस्कर गिरफ्तार

रामगढ़ : आरपीएफ की टीम ने बरकाकाना रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान शक्तिपुंज एक्सप्रेस ट्रेन की जेनरल बोगी से 79 किला 700 ग्राम गांजा के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है. घटना रविवार रात की है. ट्रेन रात करीब 21.57 बजे जैसे की प्लेटफार्म नंबर 4 पर पहुंची आरपीएफ टीम ने रामगढ इंड के पास जनरल कोच में एक संदिग्ध व्यक्ति को पुराने कपड़े की गठरी को चढाते हुए दिखा. पास जाने पर गठरी से कुछ गंध आ रही थी. शंका होने पर टीम उस ओर बढ़ी, यह देख उक्त यात्री भागने लया. टीम ने उसे दौड़कर पकड़ लिया और बोगी से कपड़े की गठरी को उतार लिया.


तलाशी लेने पर गठरी से 79 पैकेटों में करीब 79 किलो 700 ग्राम गांजा बरामद किया गया. पकड़े गए व्यक्ति से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम जिलोन बताया. वह मध्य प्रदेश के कटनी के बरही थाना क्षेत्र के खेरेनी गांव का रहने वाला है. आरपीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया और आरपीएफ पोस्ट ले गई. इसकी सूचना तुरंत रेलवे के सहायक सुरक्षा आयुक्त मनोज कुमार श्रीवास्तव व पतरातू इंस्पेक्टर अजय कुमार सिंह को दी गई.

आरपीएफ टीम ने पकड़े गए व्यक्ति के खिलाफ जीआरपी थाना में मामाला दर्ज कराकर उसे जीआरपी थाना को सौंप दिया गया. बरामद गांजा की बाजार कीमत करीब 39,85,000 रुपये आंकी गई. छापेमारी में आरपीएफ बरकाकाना पोस्ट के उप निरीक्षक केपी मीना, आरक्षी कपिल देव यादव, स्टेशन गार्डिंग स्टाफ आरक्षी महेश यादव समेत अन्य शामिल थे.

रामगढ़ः बंद फैक्ट्री में अपराधियों का धावा, गार्डों को बंधक बना तांबा-पीतल के पार्ट्स ले गए

झारखंड : रामगढ़ जिले के छत्तमांडू के समीप बंद पड़ी दयाल एलाय एंड स्टील कास्टिंग्स फैक्ट्री में रविवार देर रात हथियारबंद अपराधियों ने बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दिया. रात करीब ढाई बजे आठ से नौ की संख्या में पहुंचे अपराधियों ने फैक्ट्री की पिछली दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया और फैक्ट्री में नाइट शिफ्ट में तैनात सुरक्षा गार्डों को हथियार के बल पर अपने कब्जे में ले लिया. उस समय फैक्ट्री में आठ-नौ सुरक्षा गार्ड तैनात थे.

अपराधियों ने सभी सुरक्षा गार्डों के मोबाइल फोन छीन लिए और उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया. इसके बाद उनलोगों एक मालवाहक पिकअप वाहन फैक्ट्री परिसर में मंगाया और वहां रखे तांबा व पीतल के कीमती कल-पुर्जों को वाहन में लोड करना शुरू किया. करीब एक घंटे तक अपराधी फैक्ट्री परिसर में बेखौफ होकर सामान लोड करते रहे और सामान लेकर फरार हो गए.

झारखंड

रामगढ़ः बरकाकाना स्टेशन पर ट्रेन से 79.7 किलो गांजा बरामद, एक तस्कर गिरफ्तार

झारखंड न्यूज़

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निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान जल्द, 28 फरवरी तक चुनावी प्रक्रिया होगी पूरी!

झारखंड न्यूज़

निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान जल्द, 28 फरवरी तक चुनावी प्रक्रिया होगी पूरी!फैक्ट्री से जुड़े लोगों और देखरेख करने वाले प्रबंधन के अनुसार, अपराधी लगभग 25 से 30 लाख रुपये मूल्य के तांबा व पीतल के पार्ट्स ले गए हैं. जिस तरीके से केवल कीमती धातुओं को निशाना बनाया गया, उससे आशंका जताई जा रही है कि अपराधियों को पहले से फैक्ट्री के बारे में जानकारी थी. अपराधियों ने फैक्ट्री परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर बॉक्स भी अपने साथ ले गए. अपराधियों के जाने के बाद सुरक्षा गार्ड किसी तरह कमरे से बाहर निकले और फैक्ट्री प्रबंधन व रामगढ़ थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी. रामगढ़ थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल की.

निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान जल्द, 28 फरवरी तक चुनावी प्रक्रिया होगी पू

 राँची: झारखंड में लंबे समय से लंबित निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान जल्द होने वाला है. राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम का प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसके अनुसार 28 फरवरी तक चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी.

जानकारी के अनुसार, राज्यपाल ने 18 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र और निकाय चुनाव पर सहमति दे दी है. अब राज्य सरकार निकाय चुनाव से संबंधित प्रस्ताव को राज्य निर्वाचन आयोग को भेज देगी. इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव की प्रक्रिया शुरू करेगी. इससे पहले राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने पिछले दिनों उच्चस्तरीय बैठक में चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की थी.

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