सरायकेला नगर क्षेत्र के वार्ड पार्षद संख्या 10 को आदिवासियों के लिए आरक्षित सीट बनाए रखने की मांग को लेकर आदिवासी हो समाज महासभा ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठन के नेता मनोज कुमार सोय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि आदिवासी आरक्षित सीट के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई तो समाज चुप नहीं बैठेगा।
उन्होंने कहा कि वार्ड पार्षद संख्या 10 आदिवासियों के लिए आरक्षित सीट है और जिला प्रशासन को इसे यथावत रखना चाहिए। आदिवासी आरक्षण को समाप्त करने की साजिश और क्षेत्र में अशांति फैलाने का प्रयास कुछ षड्यंत्रकारी एवं आदिवासी विरोधी तत्वों द्वारा किया जा रहा है, जिसे समाज किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा। ऐसे लोगों को समाज चिन्हित कर रहा है और आवश्यकता पड़ने पर उनके खिलाफ न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया जाएगा।
मनोज कुमार सोय ने कहा कि आरक्षण का मूल उद्देश्य समझने की जरूरत है। संविधान में आदिवासियों को आरक्षण इसलिए दिया गया है क्योंकि वे आज भी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से पिछड़े हुए हैं। आदिवासियों को समानता नहीं बल्कि समता की आवश्यकता है।
उन्होंने 4 जनवरी 2026 को अखबार में प्रकाशित उस खबर का खंडन किया, जिसमें सानंद कुमार आचार्य के नेतृत्व में शुभम दास, विकास साहू, चंदन साहू, दुखु साहू, रंजीत साहू सहित अन्य लोगों द्वारा आदिवासी आरक्षित सीट को समाप्त करने की मांग की गई थी।
इस मुद्दे को लेकर आदिवासी हो समाज महासभा की एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही उपायुक्त से मिलकर इस विषय पर चर्चा की जाएगी।
बैठक में प्रखंड अध्यक्ष रामलाल हेंब्रम, सालेन सोय, नागेन सोय, अरविंद कुमार सोय, श्याम सोय, सूरज सोय, विजय दीग्गी, मानसिंह बांकीरा, पंकज सोय सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।


























