झारखंड: जिस मिट्टी से पहचान थी, उसी मिट्टी ने खून मांग लिया। आदिवासी समाज के सम्मानित पड़हा राजा सह नेता सोमा मुंडा की हत्या जमीन विवाद की साजिश निकली। खूंटी पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में अब तक 7 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। SP मनीष टोप्पो ने खुलासा करते हुये कहा कि हत्या के पीछे भू-माफियाओं का खेल था। SP के मुताबिक, जियारप्पा गांव में 3.16 एकड़ जमीन को लेकर विवाद था। इसी जमीन पर हर साल पड़हा मेला लगता था। 20 से 27 नवंबर के बीच भू-माफियाओं ने जमीन समतल कर बाउंड्री वॉल की तैयारी शुरू की। जमीन पर कब्जे की भनक लगते ही पड़हा समिति हरकत में आई। बीते 3 जनवरी को सोमा मुंडा के नेतृत्व में जमीन पर पत्थलगड़ी की गई। यहीं से भू-माफियाओं को लगा कि उनकी साजिश पर पानी फिर सकता है और उन्होंने सोमा मुंडा की हत्या की साजिश रच दी।
खूंटी SP मनीष टोप्पो ने मीडिया से कहा कि हत्या में कई और लोग शामिल हैं। शूटर अभी फरार है, लेकिन जल्द गिरफ्त में होगा। हत्या की परतें खोलने के लिये तोरपा SDPO के नेतृत्व में SIT गठित की गई थी। लगातार छापेमारी के बाद
पुलिस ने 7 संदेही गुनहगारों को दबोचा। इनके नाम बाहा मुंडा (जियारप्पा), देवा पाहन (जियारप्पा), अनिश मुंडा, रविया पाहन उर्फ रवि, रमेश्वर संगा उर्फ रमेश, पंकज कुमार शर्मा उर्फ पंडित (बिकुवादाग), देवव्रत नाथ शाहदेव (किशोरगंज, रांची) बताये गये। SP ने बताया कि देवव्रत नाथ शाहदेव पालकोट राजा परिवार से जुड़ा हुआ है। इससे पहले भी रांची के कांके थाना में क्षेत्र में हुई अनिल टाईगर हत्याकांड में उसका नाम उछला था। उसके खिलाफ कांके थाना में मामला दर्ज है। सूत्रों का कहना है कि देवव्रत नाथ शाहदेव रसूखदार और दबंग प्रवृति का है। अगर उसकी भूमिका पर गहराई से जांच की गई तो कई चौंकाने वाले बातें सामने आ सकती है। कई सफेदपोश भी बेनकाब हो सकते हैं।



































