सरायकेला प्रखंड अंतर्गत मुरुप और गोविंदपुर गांव के बीच संजय नदी तट स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल “ठाकुराणी दरोह” में मकर संक्रांति के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था पूर्वक मकर स्नान किया। अहले सुबह से ही श्रद्धालु नदी में डुबकी लगाने पहुंचे और माता ठाकुराणी देवी के दरबार में परिवार की सुख-शांति, समृद्धि एवं मंगलकामना के लिए पूजा-अर्चना की।
हर मनोकामना होती है पूर्ण
ठाकुराणी शक्तिपीठ के मुख्य पुजारी शुक्रा सरदार ने बताया कि सच्चे मन से माता की आराधना करने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के चलते दूर-दराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे।
सेल्फी पॉइंट बना आकर्षण का केंद्र
ठाकुराणी दरोह पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्राकृतिक सौंदर्य से सजे सेल्फी पॉइंट पर जमकर तस्वीरें लीं। हरियाली, चट्टानों और नदी की मनोरम छटा को लोगों ने अपने कैमरों में कैद किया।
निशुल्क सेवा शिविर का आयोजन
मकर संक्रांति के अवसर पर जय मां ठाकुराणी सेवा संघ, गोविंदपुर द्वारा निशुल्क सेवा शिविर लगाया गया। श्रद्धालुओं को खीर, खिचड़ी एवं चाय का वितरण किया गया। शिविर को सफल बनाने में मृत्युंजय पति, हेमंत मंडल, रूपबहन मंडल, सुबोध मंडल, चित्रसेन मंडल, विकास मंडल, संजीत मंडल, धनंजय मंडल, संजय मंडल, तापस मंडल, अमित मंडल, रंजीत मंडल, नरेश मंडल, आकाश मंडल, महावीर मंडल, सत्यवान मंडल सहित कई कार्यकर्ताओं का सराहनीय योगदान रहा।
पर्यटन स्थल बनाने की मांग
स्थानीय युवा सामाजिक कार्यकर्ता हेमसागर प्रधान ने ठाकुराणी शक्तिपीठ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र का विकास होगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे
ठाकुराणी शक्तिपीठ की प्रमुख विशेषताएं
संजय नदी का अनवरत प्रवाह: गर्मियों में भी नदी में जल प्रवाह बना रहता है — मृत्युंजय पति
निर्मल जलाशय: वर्षभर स्वच्छ और समान जल स्तर — चित्रसेन मंडल
प्राकृतिक सौंदर्य: चट्टानों और हरियाली से घिरा रमणीय स्थल — किरण हो
धार्मिक महत्व: आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम — राजेन मुर्मू














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