UP : यूपी में पहली बार महिला पुलिस टीम द्वारा किये गये चर्चित एनकाउंटर की चेहरा बनी दारोगा भुवनेश्वरी सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह बहादुरी नहीं, बल्कि 45 हजार की रिश्वत है। मंगलवार को मेरठ एंटी करप्शन टीम ने गाजियाबाद महिला थाने की रिपोर्टिंग चौकी प्रभारी दारोगा भुवनेश्वरी सिंह को 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इल्जाम है कि दहेज उत्पीड़न के एक मामले में आरोपी पक्ष से नाम न बढ़ाने के एवज में वह घूस मांग रही थीं। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने पूरा जाल बिछाया। रिश्वत लेते ही दारोगा को दबोच लिया गया। इससे पहले भी साल 2022 में कानपुर पुलिस ने उन्हें देह व्यापार के मामले में रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। तब मामला कुछ यूं था, एक होटल में दो भाइयों को युवतियों के साथ पकड़कर थाने ले जाया गया। छोड़ने के बदले 15 लाख रुपये की मांग की गई। बात 50 हजार पर आई। आरोप है कि रुपयों के साथ चेन, अंगूठी और अन्य सामान भी ले लिया गया। पीड़ितों ने जॉइंट सीपी से शिकायत की, जांच हुई और महिला दारोगा गिरफ्तार हुईं। उस वक्त भुवनेश्वरी सिंह कानपुर ADCP पूर्वी कार्यालय में तैनात थीं।
कंधे पर अपराधी, सोशल मीडिया पर तारीफ: साल 2025, नवरात्रि का पहला दिन। महिला थाने की टीम ने छिनतई के आरोपियों का एनकाउंटर किया था। उस ऑपरेशन में घायल बदमाशों को कंधे पर उठाकर गाड़ी तक ले जाने वाली महिला दारोगा भुवनेश्वरी सिंह की तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी। तब कमिश्नर जे. रविंद्र गौड़ ने पूरी टीम को सम्मानित किया था। वर्दी पर गर्व था, और लोगों की नजरों में सम्मान। आज वही वर्दी दागदार हो गई।







0 Comments:
एक टिप्पणी भेजें