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Saubhagya Bharat News

हम सौभाग्य भारत देश और दुनिया की महत्वपूर्ण एवं पुष्ट खबरें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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The Saubhagya Bharat

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मंगलवार, 30 दिसंबर 2025

राष्ट्रपति ने ओल चिकी लिपि की शताब्दी समारोह को बना दिया यादगार

जमशेदपुर के करनडीह स्थित दिशोम जाहेरथान प्रांगण में सोमवार को आयोजित 22वें संताली ‘परसी माहा’ एवं ओल चिकी लिपि शताब्दी समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संथाली भाषा में गीत गाकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत लगभग तीन मिनट तक “जोहार जोहार आयो…” गीत से की, जिसे सुनकर कार्यक्रम में मौजूद लोग मंत्रमुग्ध हो गए।

संथाली भाषा और ओल चिकी लिपि का महत्व

राष्ट्रपति ने अपने जीवन संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि समाज के प्रेम और इष्टदेवों के आशीर्वाद ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। उन्होंने ओल चिकी लिपि को संथाली समाज की पहचान, आत्मसम्मान और एकता का आधार बताया। राष्ट्रपति ने संविधान में संथाली अनुवाद का महत्व बताते हुए कहा कि जब कानून और अधिकारों की जानकारी मातृभाषा में होगी तो समाज सशक्त बनेगा और निर्दोष लोग न्याय से वंचित नहीं होंगे।

साहित्य और संस्कृति के संरक्षण में योगदान

राष्ट्रपति ने ऑल इंडिया संताली राइटर्स एसोसिएशन के योगदान की सराहना की और भरोसा जताया कि वे ओल चिकी लिपि और संथाली समाज के संरक्षण व विकास के लिए लगातार प्रयास करेंगी। समारोह में साहित्यकारों, शिक्षकों और साधकों को सम्मानित भी किया गया।

यह आयोजन जनजातीय संस्कृति की जीवंतता और गर्व का प्रतीक : राज्यपाल

समारोह में मौजूद प्रदेश के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि यह आयोजन केवल सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि जनजातीय संस्कृति की जीवंतता और गर्व का प्रतीक है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के जीवन संघर्ष को पूरे आदिवासी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया और जमशेदपुर को सांप्रदायिक सौहार्द और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक शहर बताया। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में संथाली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया था और ओल चिकी लिपि हमारी अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर है। राज्यपाल ने कहा कि राज्यपाल भवन जनजातीय भाषाओं और संस्कृतियों के संरक्षण के लिए हमेशा सक्रिय रहेगा।

जनजातीय भाषाओं और संस्कृति के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत है राज्य सरकार : सीएम

सीएम हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संथाली भाषा और ओल चिकी लिपि के विकास में योगदान ऐतिहासिक महत्व का है। उन्होंने संविधान के संथाली अनुवाद को समाज के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि


गुरु गोमके पंडित रघुनाथ मुर्मू ने संथाली समाज को लिपि देकर जो पहचान दी, उसके लिए पूरा समाज उनका आभारी है। सीएम ने यह भी कहा कि राज्य सरकार जनजातीय भाषाओं और संस्कृति के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत है।

इन्हें मिला सम्मान

समारोह के समापन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संथाली साहित्य और ओल चिकी लिपि को समृद्ध करने वाले साहित्यकारों, शिक्षकों और साधकों को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में शोभनाथ बेसरा, पद्मश्री डॉ. दमयंती बेसरा, मुचीराम हेम्ब्रॉम, भीमवार मुर्मू, साखी मुर्मू, रामदास मुर्मू, चुंडा सोरेन सिपाही, छोतराय बास्के, निरंजन हंसदा, बी.बी. सुंदरमन, सौरव, शिव शंकर कंडेयांग, सी.आर. माझी सहित कई अन्य नाम शामिल रहे।

बांग्लादेश : पूर्व PM खालिदा जिया का 80 साल की उम्र में निधन, आज सुबह अस्पताल में ली अंतिम सांस

नई दिल्ली/ढाका : बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का निधन हो गया है। उन्होंने 80 साल की उम्र में 30 दिसंबर को तड़के ढाका के एवरकेयर अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह पिछले एक महीने से अस्पताल में भर्ती थीं। लेकिन पिछली रात उनकी हालत बहुत खराब हो गई। उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने से ढाका के एवरकेयर अस्पताल में हलचल बढ़ गई। खालिदा जिया की गिरती सेहत की खबर मिलते ही अस्पताल के बाहर BNP समर्थकों और नेताओं का जमावड़ा शुरू हो गया था।



बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वेरिफाइड फेसबुक पेज पर एक पोस्ट में कहा गया, “खालिदा जिया का फज्र की नमाज के ठीक बाद सुबह करीब 6 बजे निधन हो गया।”

बांग्लादेश की पहली महिला PM थीं खालिदा जिया : बता दें कि खालिदा जिया बांग्लादेश की पहली महिला पीएम थीं। वह BNP यानी एवं बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की प्रमुख भी थीं। बीएनपी मीडिया सेल के आधिकारिक फेसबुक पेज पर उनके निधन की जानकारी दी गई।

राष्ट्रपति का गुमला दौरा : कारकेड रिहर्सल से DC-SP ने की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा*

झारखंड

गुमला: राष्ट्रपति के प्रस्तावित गुमला दौरे से पहले जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। डीसी प्रेरणा दीक्षित और एसपी हारिस बिन जमां ने संयुक्त रूप से सुरक्षा काफिले का कारकेड रिहर्सल कर सुरक्षा व्यवस्था और लॉजिस्टिक तैयारियों का परीक्षण किया। रिहर्सल में राष्ट्रपति के आगमन और प्रस्थान मार्ग, वैकल्पिक रूट, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा घेरा और एस्कॉर्ट व्यवस्था की समीक्षा की गई। साथ ही संचार प्रणाली और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता को भी परखा गया। इसका मकसद था कि कार्यक्रम के दौरान सभी व्यवस्था निर्बाध और सुरक्षित रहे।

अधिकारियों को दिए गए निर्देश

डीसी प्रेरणा दीक्षित ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा, प्रशासनिक और लॉजिस्टिक व्यवस्था में शून्य त्रुटि सुनिश्चित हो। सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करें।

पुलिस की समीक्षा और सतर्कता

पुलिस अधीक्षक ने रूट लाइन, बैरिकेडिंग, चेकिंग प्वाइंट्स, फील्ड ड्यूटी में तैनात बलों की जिम्मेदारियों और कंटिंजेंसी प्लान की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कर्मी अपनी जिम्मेदारी पूरी सतर्कता और अनुशासन के साथ निभाए।

कार्यक्रम का समय और मार्ग

राष्ट्रपति महोदया कल सुबह 10:50 बजे जशपुर हवाई अड्डे पहुंचेंगी। वहां से सड़क मार्ग द्वारा गुमला के रायडीह प्रखंड स्थित शंख मोड़ मांझाटोली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय जन संस्कृति समागम – कार्तिक जतरा 2025 में शामिल होंगी। कार्यक्रम का संभावित समापन दोपहर 12:20 बजे होगा, उसके बाद राष्ट्रपति सड़क मार्ग से जशपुर हवाई अड्डे लौटेंगी।

अधिकारियों की मॉनिटरिंग और अंतिम ब्रीफिंग

कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए डीसी और एसपी समय-समय पर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अंतिम जॉइंट ब्रीफिंग शाम को आयोजित की जाएगी। इस दौरान जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।

मोबाइल स्क्रीन से शुरू हुई कहानी ले ली एक किशोरी की जान

कोडरमा: एक मोबाइल फोन, कुछ व्हाट्सएप मैसेज और एक किशोरी की टूटी हुई दुनिया। झुमरीतिलैया के गांधी स्कूल रोड के एक घर में बीते कल एक नाबालिग लड़की की बॉडी फंदे पर लटकती हालत में मिली। नेहा कुमारी, उम्र सिर्फ 17 साल। कक्षा 12 की छात्रा। जब उसका शव कमरे में फंदे से लटका मिला, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। लेकिन कहानी तब सामने आई, जब परिजनों ने उसका मोबाइल फोन खोला। स्क्रीन पर व्हाट्सएप चैट थी। सामने नाम था अंकित यादव, जयनगर थाना क्षेत्र का रहने वाला युवक। मैसेज में वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी थी। डराने वाले शब्द थे। फंसाने की बात थी। यह वही पल था, जब परिवार को समझ में आया कि नेहा शायद अंदर ही अंदर किस डर से जूझ रही थी।

घर से बाहर गए थे परिजन, कमरे में अकेली रह गई नेहा

मृतका के मामा लक्ष्मण यादव बताते हैं कि रविवार दोपहर वह और नेहा की मां गुड़िया देवी किसी काम से बाहर गए थे। नेहा घर में अकेली थी। रात को जब दोनों लौटे, तो अंदर का कमरा बंद था। दरवाजा खोला गया तो नेहा कुर्सी के सहारे साड़ी से बने फंदे पर छत में लगे हुक से लटकी हुई मिली। परिजनों ने उसे तुरंत नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।

गांव की पढ़ाई, शहर के सपने और अधूरी सुरक्षा

नेहा का पैतृक गांव जयनगर प्रखंड का चंद्रपुर है। उसने 10वीं तक की पढ़ाई पास के सतडीहा गांव से की थी। वहीं किसी समय उसकी दोस्ती अंकित से हुई होगी, ऐसा परिजनों को शक है। बाद में वह झुमरीतिलैया में रहकर इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रही थी।

पिता परिवार के साथ नहीं रहते थे। मां और मामा ही उसकी दुनिया थे। पढ़ाई पूरी कर कुछ बनने का सपना था, लेकिन एक डर ने सब कुछ तोड़ दिया।

खामोश रहती थी नेहा, दर्द किसी से नहीं कहा

परिजन बताते हैं कि नेहा हाल के दिनों में कम बोलने लगी थी। मोबाइल पर ज्यादा समय बिताती थी, लेकिन कभी किसी से कोई शिकायत नहीं की। शायद उसे डर था। शायद बदनामी का। शायद किसी वीडियो के नाम पर दी जा रही धमकी का।

पुलिस जांच में जुटी, मोबाइल बना अहम कड़ी

घटना की सूचना मिलते ही तिलैया पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल कोडरमा भेजा गया। पुलिस ने नेहा का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। फिलहाल पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है और चैट में सामने आए तथ्यों को गंभीरता से खंगाल रही है।

झारखंड: ठंड से जूझता झारखंड, इस इलाके का पारा 1 डिग्री से नीचे

झारखंड में सर्दी ने लोगों को कंबल ओढ़ने पर मजबूर कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के ज्यादातर जिलों में सुबह हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहेगा, जबकि दिन में आसमान साफ रहने की उम्मीद है। यह स्थिति 2 जनवरी तक जारी रह सकती है। उत्तरी झारखंड के कुछ इलाकों में घना कोहरा पड़ने से सड़क और रेल यात्रा प्रभावित हो सकती है। वाहन चालकों को सुबह के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के करीब और न्यूनतम तापमान 9 से 11 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है।



पलामू, लातेहार जैसे उत्तरी और पश्चिमी जिलों में शीतलहर का असर बना हुआ है। सोमवार सुबह उत्तरी हिस्सों में घना कोहरा छाया रहा, जबकि रांची में ठंड बढ़ने से कनकनी महसूस की गई। मैक्लुस्कीगंज में न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री तक गिर गया, वहीं कांके में 5.2 डिग्री दर्ज किया गया। कोहरे ने हवाई यात्रा को भी प्रभावित किया। रांची एयरपोर्ट से चार उड़ानें रद्द हुईं, जबकि कई फ्लाइट्स एक से दो घंटे देरी से चलीं। इंडिगो की कोलकाता-रांची और दिल्ली-रांची फ्लाइट्स मुख्य रूप से प्रभावित रहीं।

मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे पारा 10 डिग्री के आसपास पहुंच जाएगा। नए साल के जश्न में लोगों को कुछ राहत मिलेगी, क्योंकि पांच दिनों तक मौसम सामान्य रहेगा। हालांकि, लातेहार, गुमला और लोहरदगा में शीतलहर बनी रह सकती है। जमशेदपुर में तापमान 14 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है, जबकि 4 जनवरी से फिर ठंड बढ़ सकती है।

कुंदा की रात खू’न से लाल, TSPC गुटों की आपसी जंग में दो ढेर*

झारखंड

च त रा  : कुंदा थाना क्षेत्र का छोटा सा गांव गेंद्रा रविवार की रात उस वक्त दहल उठा, जब TSPC नक्सली संगठन से जुड़े दो गुटों के बीच पुराना विवाद अचानक हिंसक टकराव में बदल गया। देर रात की खामोशी गोलियों की आवाज से टूट गई और कुछ ही मिनटों में गांव की गलियां खून से लाल हो गईं।

घर तक पहुंचा विवाद, शुरू हुई फायरिंग

प्रत्यक्ष सूत्रों के मुताबिक, रविवार देर रात देवेंद्र गंझु अपने कुछ साथियों के साथ श्याम भोक्ता के घर पहुंचा। दोनों के बीच पहले से चला आ रहा आपसी विवाद फिर उभर आया। बात बढ़ी तो घर के भीतर ही गोलियां चलने लगीं। अचानक हुए इस हमले में श्याम भोक्ता और उसका साला गोपाल भोक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए।

दो की मौके पर मौत, गांव में मची अफरातफरी

गोलीबारी के दौरान हालात पलट गए। देवेंद्र गंझु और उसका एक साथी चूरामन गंझु वहीं ढेर हो गए। दोनों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। गोलियों की आवाज सुनकर गांव में अफरातफरी मच गई। लोग घरों में दुबक गए और पूरा इलाका सहम गया।

घायलों को रांची किया गया रेफर

घायल श्याम भोक्ता और गोपाल भोक्ता को पहले प्रतापपुर और फिर डाल्टनगंज ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर दोनों को रिम्स रांची रेफर कर दिया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

पुराना नक्सली कनेक्शन आया सामने

जांच में सामने आया है कि दोनों पक्ष TSPC नक्सली संगठन से जुड़े रहे हैं। देवेंद्र गंझु संगठन का पूर्व सदस्य था, जिस पर 36 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं श्याम भोक्ता भी टीएसपीसी से जुड़ा रहा है और एनआईए के एक मामले में अभियुक्त है। पुलिस मान रही है कि यह वारदात किसी बड़े नक्सली ऑपरेशन से ज्यादा आपसी रंजिश का नतीजा है।

घटना के बाद फरार आरोपी, पुलिस पर दबाव

घटना के बाद से इसमें शामिल अन्य लोग फरार हैं। कुंदा थाना पुलिस ने इलाके में छापेमारी शुरू कर दी है। बोकारो आईजी सुनील भास्कर पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने चतरा एसपी को साफ निर्देश दिया है कि सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो।

गांव में दहशत, पुलिस तैनात

दो नक्सलियों की मौत के बाद गेंद्रा गांव और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल है। एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ग्रामीणों के लिए यह रात सिर्फ एक वारदात नहीं, बल्कि उस डर की याद बन गई है जो सालों से नक्सल हिंसा के साथ इस इलाके में मौजूद है।

रांची: कम खर्च में बेहतर इलाज की ओर झारखंड

रांची : झारखंड सरकार राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने की तैयारी कर रही है। इसके तहत प्रदेश में जल्द ही आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। साथ ही, राज्य की सभी पंचायतों में हेल्थ कॉटेज और प्रत्येक सदर अस्पताल में हाईटेक जापानी लैबोरेट्री विकसित करने की योजना बनाई गई है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।



इस योजना को लेकर हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने केंद्रीय आयुष एवं स्वास्थ्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रताप राव जाधव से मुलाकात की थी। बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार से विस्तृत योजना भेजने को कहा, जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने का निर्देश दिया है।

सरकार का कहना है कि पंचायत स्तर पर हेल्थ कॉटेज स्थापित होने से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उनके घर के पास ही मिल सकेंगी। राज्य सरकार के अनुसार, आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय और हेल्थ कॉटेज के निर्माण के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध है।

वहीं, रिम्स सहित सभी सदर अस्पतालों में हाईटेक जापानी लैब लगाने के लिए जरूरी आधारभूत संरचना पहले से मौजूद है, जिससे इस योजना को जल्द लागू किया जा सकेगा।

आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय की स्थापना से राज्य में कुशल आयुष चिकित्सकों की संख्या बढ़ेगी। इसके साथ ही चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। सरकार का मानना है कि इस पहल से लोगों को आधुनिक और समग्र इलाज की सुविधा कम खर्च में उपलब्ध होगी, विशेषकर ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह पूरी योजना झारखंड के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

भीगे बादाम या अखरोट? दिल, दिमाग और पाचन के लिए कौन ज्यादा असरदार*

 बादाम और अखरोट दो सबसे पॉपुलर मेवे हैं, जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। दोनों में पोषक तत्व भरपूर होते हैं और इन्हें भिगोकर खाने से इनके फायदे और भी बढ़ जाते हैं। भीगाने से इनमें मौजूद फाइटिक एसिड कम हो जाता है, जिससे ये आसानी से पच जाते हैं।

भीगे हुए बादाम के फायदे

भीगे हुए बादाम में विटामिन E, मैग्नीशियम, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। इन्हें भिगोने से बाहरी छिलका उतर जाता है, जिससे एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में आसानी से अवशोषित हो जाते हैं। आयुर्वेद में भीगे बादाम को ब्रेन टॉनिक माना जाता है, क्योंकि ये दिमाग की कार्यप्रणाली, याददाश्त और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करते हैं। साथ ही, इनमें मौजूद मैग्नीशियम नसों को शांत करता है और तनाव कम करता है।

भीगे हुए अखरोट के फायदे

अखरोट ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं और हृदय स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद माने जाते हैं। ये दिमाग के लिए भी अच्छे हैं और उम्र बढ़ने पर मानसिक सेहत बनाए रखने में मदद करते हैं। रात भर भिगोकर खाने से अखरोट की कड़वाहट कम होती है और पाचन आसान हो जाता है।

पाचन के लिए कौन बेहतर

भीगे हुए बादाम और अखरोट दोनों ही आसानी से पचते हैं। हालांकि, बादाम थोड़े जल्दी पचते हैं, जबकि अखरोट लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराते हैं। भीगे बादाम और अखरोट खाने से पेट में भारीपन और सूजन की समस्या कम हो जाती है।

दिल और दिमाग की सेहत

अखरोट दिल की सेहत के लिए बेहतर हैं, क्योंकि इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड और न्यूरोप्रोटेक्टिव कंपाउंड्स होते हैं। वहीं, बादाम ब्लड शुगर को कंट्रोल करने, हड्डियों को मजबूत बनाने और मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं।

कौन सा बेहतर है

दोनों में अपने-अपने फायदे हैं। अगर आप दिल और दिमाग की सुरक्षा चाहते हैं तो अखरोट खाएं, जबकि रोज़मर्रा की ऊर्जा, पाचन और वजन कंट्रोल के लिए बादाम बेहतर हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि दोनों को साथ में खाना सबसे फायदेमंद रहता है – जैसे 4 भीगे बादाम के साथ 1 भीगा अखरोट।

पटना: नए साल पर पटना जू में एंट्री तीन गुना महंगी, कई सुविधाएं भी बंद

पटना : नए साल के मौके पर पटना जू में बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है। इसे देखते हुए जू प्रशासन ने खास तैयारियां की हैं। 1 जनवरी को वयस्कों के लिए टिकट 50 रुपये की बजाय 150 रुपये और 5 से 12 साल के बच्चों के लिए 20 रुपये की बजाय 60 रुपये कर दी गई है। हालांकि दिव्यांग लोगों के लिए प्रवेश पूरी तरह मुफ्त रहेगा। भीड़ को संभालने के लिए दोनों गेट पर 10 अतिरिक्त टिकट काउंटर लगाए जाएंगे।



लगाए गए 25 से ज्यादा हीटर : ठंड बढ़ने के कारण जानवरों की देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शीतलहर से बचाने के लिए 25 से ज्यादा हीटर लगाए गए हैं। शेर और बाघ के नाइट हाउस में लकड़ी के प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं ताकि वे ठंडे फर्श पर न बैठें। सांपों के केज में कंबल और हाई वोल्टेज बल्ब लगाए गए हैं। जानवरों के खान-पान में भी बदलाव किया गया है। बाघों को रोजाना करीब 70 किलो मांस दिया जा रहा है, जबकि सामान्य दिनों में यह 50 किलो होता है। हाथियों को सरसों के तेल से मालिश दी जा रही है और उन्हें गन्ना, फल व उबला धान खिलाया जा रहा है। चिंपांजी को च्यवनप्राश, शहद, गुड़ की खीर और फल दिए जा रहे हैं। भालू के आहार में शहद, अंडा और गन्ना शामिल है। बंदर, लंगूर और गिब्बन को कंबल दिए गए हैं। पक्षियों को मूंगफली, चना, लहसुन और गाजर खिलाई जा रही हैं।

कुछ सुविधाएं रहेंगी बंद : जानवरों के पीने और नहाने के लिए हल्का गर्म पानी दिया जा रहा है। नाइट हाउस की खिड़कियों को पुआल और बांस से ढका गया है और सभी जानवरों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। नए साल के दिन कुछ सुविधाएं बंद रहेंगी। मॉर्निंग वॉक, बोटिंग, बैटरी गाड़ी, मछली घर, निशाचर घर और 3D थिएटर 1 जनवरी को बंद रहेंगे। जू सुबह 7 बजे से शाम 4:30 बजे तक खुला रहेगा और पास से प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, टिकट दिखाना अनिवार्य है।

बिहार में सितम ढा रहा शीतलहर, मधुबनी समेत इन जिलों में कोल्ड डे अलर्ट

बिहार में ठंड लगातार लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। पछुआ हवा के चलते कनकनी बढ़ गई है। सुबह से शाम तक घना कोहरा छाया हुआ है। सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई है, जिससे आम लोगों के साथ वाहन चालकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

कई जिलों में कोल्ड डे का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने राज्य के कई जिलों में कोल्ड डे का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार एक जनवरी तक ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। सोमवार को पटना सहित पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, छपरा, शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, मधुबनी, दरभंगा, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, शेखपुरा, बक्सर, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, भभुआ, रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा और नालंदा में कोल्ड डे जैसे हालात बने रहने की संभावना है।

बर्फीली हवा से दिन और रात दोनों ठंडे

बर्फीली हवा के कारण दिन के समय भी ठंड का असर बना हुआ है। रात में तापमान और गिरने से लोगों की कंपकंपी बढ़ रही है। खुले इलाकों में ठंड ज्यादा महसूस की जा रही है।

राजगीर सबसे ठंडा, कई जिलों में तापमान 10 डिग्री से नीचे

राज्य में सबसे ठंडा स्थान राजगीर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पटना का न्यूनतम तापमान 10.9 डिग्री सेल्सियस रहा। राज्य में न्यूनतम तापमान 6.8 से 13.4 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। छपरा, फारबिसगंज, बक्सर, औरंगाबाद, अरवल और जहानाबाद में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया।

कोहरे से दृश्यता बेहद कम

राजधानी पटना में सुबह के समय दृश्यता करीब 100 मीटर दर्ज की गई। गया में यह और भी कम रही, जहां केवल 50 मीटर तक दृश्यता देखी गई। कोहरे के कारण ट्रेन और सड़क यातायात पर भी असर पड़ा।

अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी

पटना का अधिकतम तापमान 16.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शेखपुरा में राज्य का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 18.7 डिग्री सेल्सियस रहा। पटना के अलावा सासाराम, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, मुंगेर, भागलपुर, सबौर, समस्तीपुर, जिरादेई, छपरा और किशनगंज में अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी गई।

प्रमुख शहरों का तापमान

रविवार को पटना में अधिकतम तापमान 16.0 और न्यूनतम 10.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मुजफ्फरपुर में अधिकतम 13.2 और न्यूनतम 12.1 डिग्री, भागलपुर में अधिकतम 17.2 और न्यूनतम 10.2 डिग्री रहा। गया में अधिकतम तापमान 17.0 और न्यूनतम 7.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

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